ओबीसी जनगणना में अलग कॉलम और ड्रॉपडाउन सूची की मांग, कांग्रेस ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन रविन्द्र गौतम् ✍️ उरई। जनगणना-2027 में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पृथक कॉलम जोड़ने और जातियों की पूर्व निर्धारित ड्रॉपडाउन सूची उपलब्ध कराने की मांग को लेकर कांग्रेस पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपर जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन सौंपते हुए जिलाध्यक्ष दुलीचंद विश्वकर्मा ने कहा कि लोकसभा चुनाव-2024 के दौरान ओबीसी वर्ग की जातिगत जनगणना कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन 14 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम का प्रावधान न करते हुए ओपन-एंडेड प्रश्न की व्यवस्था की गई है। नेताओं ने चिंता जताई कि ओपन-एंडेड व्यवस्था से जातियों के नाम अलग-अलग रूपों में दर्ज होंगे, जिससे आंकड़ों के बिखरने और ओबीसी सहित अन्य वंचित वर्गों की वास्तविक सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक स्थिति के सटीक आकलन के प्रभावित होने की पूरी संभावना है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि जनगणना-2027 में व्यवस्थित और विश्वसनीय आंकड़े जुटाने के लिए ओबीसी का अलग कॉलम जोड़ा जाए और पूर्व निर्धारित ड्रॉपडाउन सूची लागू की जाए, ताकि सटीक आंकड़ों के आधार पर वंचित वर्गों के लिए प्रभावी कल्याणकारी नीतियां बनाई जा सकें। इस दौरान ओबीसी प्रदेश महासचिव नरेंद्र प्रजापति, शहर अध्यक्ष प्रमोद राजपूत, कमल दोहरे, जमुनादास अहिरवार, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरविंद सेंगर और शहर अध्यक्ष राजकुमार पिपरिया सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
ओबीसी जनगणना में अलग कॉलम और ड्रॉपडाउन सूची की मांग, कांग्रेस ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन रविन्द्र गौतम् ✍️ उरई। जनगणना-2027 में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पृथक कॉलम जोड़ने और जातियों की पूर्व निर्धारित ड्रॉपडाउन सूची उपलब्ध कराने की मांग को लेकर कांग्रेस पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपर जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन सौंपते हुए जिलाध्यक्ष दुलीचंद विश्वकर्मा ने कहा कि लोकसभा चुनाव-2024 के दौरान ओबीसी वर्ग की जातिगत जनगणना कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन 14 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम का प्रावधान न करते हुए ओपन-एंडेड प्रश्न की व्यवस्था की गई है। नेताओं ने चिंता जताई कि ओपन-एंडेड व्यवस्था से जातियों के नाम अलग-अलग रूपों में दर्ज होंगे, जिससे आंकड़ों के बिखरने और ओबीसी सहित अन्य वंचित वर्गों की वास्तविक सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक स्थिति के सटीक आकलन के प्रभावित होने की पूरी संभावना है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि जनगणना-2027 में व्यवस्थित और विश्वसनीय आंकड़े जुटाने के लिए ओबीसी का अलग कॉलम जोड़ा जाए और पूर्व निर्धारित ड्रॉपडाउन सूची लागू की जाए, ताकि सटीक आंकड़ों के आधार पर वंचित वर्गों के लिए प्रभावी कल्याणकारी नीतियां बनाई जा सकें। इस दौरान ओबीसी प्रदेश महासचिव नरेंद्र प्रजापति, शहर अध्यक्ष प्रमोद राजपूत, कमल दोहरे, जमुनादास अहिरवार, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरविंद सेंगर और शहर अध्यक्ष राजकुमार पिपरिया सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- कालपी रिपोर्ट कार्ड: विधायक विनोद चतुर्वेदी के 4 साल का हिसाब, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण पर जोर1
- Lucknow - ODOP योजना से यूपी बना रहा मजबूत ग्लोबल पहचान लखनऊ। उत्तर प्रदेश की एक जिला, एक उत्पाद (ODOP) योजना प्रदेश के स्थानीय और पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान दिला रही है। योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को ग्लोबल बाजार तक पहुंच मिली है, वहीं महिला उद्यमियों और कारीगरों की आत्मनिर्भरता को भी नई मजबूती मिली है। ODOP के जरिए यूपी आज अपने विशिष्ट उत्पादों के साथ मजबूत वैश्विक पहचान बना रहा है।1
- ओबीसी जनगणना में अलग कॉलम और ड्रॉपडाउन सूची की मांग, कांग्रेस ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन रविन्द्र गौतम् ✍️ उरई। जनगणना-2027 में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पृथक कॉलम जोड़ने और जातियों की पूर्व निर्धारित ड्रॉपडाउन सूची उपलब्ध कराने की मांग को लेकर कांग्रेस पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपर जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन सौंपते हुए जिलाध्यक्ष दुलीचंद विश्वकर्मा ने कहा कि लोकसभा चुनाव-2024 के दौरान ओबीसी वर्ग की जातिगत जनगणना कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन 14 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम का प्रावधान न करते हुए ओपन-एंडेड प्रश्न की व्यवस्था की गई है। नेताओं ने चिंता जताई कि ओपन-एंडेड व्यवस्था से जातियों के नाम अलग-अलग रूपों में दर्ज होंगे, जिससे आंकड़ों के बिखरने और ओबीसी सहित अन्य वंचित वर्गों की वास्तविक सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक स्थिति के सटीक आकलन के प्रभावित होने की पूरी संभावना है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि जनगणना-2027 में व्यवस्थित और विश्वसनीय आंकड़े जुटाने के लिए ओबीसी का अलग कॉलम जोड़ा जाए और पूर्व निर्धारित ड्रॉपडाउन सूची लागू की जाए, ताकि सटीक आंकड़ों के आधार पर वंचित वर्गों के लिए प्रभावी कल्याणकारी नीतियां बनाई जा सकें। इस दौरान ओबीसी प्रदेश महासचिव नरेंद्र प्रजापति, शहर अध्यक्ष प्रमोद राजपूत, कमल दोहरे, जमुनादास अहिरवार, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरविंद सेंगर और शहर अध्यक्ष राजकुमार पिपरिया सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- जेल रोड पर ब्लैक बक कैफे की आड़ में कथित हुक्का बार! जेल चौकी से चंद कदमों की दूरी पर नशे का खेल? उरई कोतवाली क्षेत्र के जेल रोड स्थित ईशा बैंक्वेट के बगल में ब्लैक बक कैफे में अवैध रूप से हुक्का परोसे जाने के आरोप सामने आए हैं। वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों के दावों के मुताबिक, कैफे में युवाओं के साथ किशोरों की मौजूदगी भी बताई जा रही है। सबसे बड़ा सवाल—जेल चौकी से चंद कदम दूर कथित हुक्का बार आखिर किसकी नजर से बचकर चल रहा था? क्या स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी नहीं थी, या फिर कार्रवाई में देरी क्यों हुई? बताया जा रहा है कि उरई में पहले भी कैफे और रेस्टोरेंट की आड़ में हुक्का परोसने के मामलों में कार्रवाई हुई है। इसके बावजूद ऐसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक क्यों नहीं लग पा रही? यह खबर वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित कैफे संचालक और पुलिस का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। आपकी राय क्या है? कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं—जिम्मेदार कौन?1
- सैदनगर के तालाब में दिखा मगरमच्छ, कड़ी मशक्कत के बाद किया गया रेस्क्यू जालौन जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामन आइ हा कोटरा थाना क्षेत्र के सैदनगर गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गांव के तालाब में एक मगरमच्छ दिखाई दिया। तालाब में मगरमच्छ होने की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड जमा हो गई। जानकारी के मुताबिक, कोटरा थाना क्षेत्र के सैदनगर गांव स्थित तालाब में ग्रामीणों को मगरमच्छ दिखाई दिया। मगरमच्छ को देखते ही लोगों में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों और रेस्क्यू टीम को दी। मौके पर पहुंची टीम ने मगरमच्छ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। मगरमच्छ को काबू में करना आसान नहीं था और टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। काफी प्रयास के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया गया। मगरमच्छ के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। गनीमत रही कि इस दौरान किसी तरह की जनहानि की सूचना सामने नही आई। तालाब मे मगरमच्छ मित भी चर्चा का माहौल है। आसपास के क्षेत्र मे सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतने की बात कही है।3
- कोंच में गणेश उत्सव को लेकर प्रशासन अलर्ट, एसडीएम-सीओ ने गणेश पंडालों का किया निरीक्षण, सुरक्षा और व्यवस्था के दिए निर्देश जालौन के कोंच में गणेशोत्सव को लेकर प्रशासन सतर्क है। सोमवार देर शाम एसडीएम अभिनव कुमार और सीओ परमेश्वर प्रसाद ने नगर में स्थापित गणेश पंडालों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा और आयोजन से जुड़ी तैयारियों को देखा। इस दौरान उन्होंने गणेशोत्सव समितियों के आयोजकों से बातचीत कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने आयोजकों से कहा कि गणेश पंडालों में भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम रखे जाएं। पंडाल के आसपास किसी प्रकार की अव्यवस्था न होने दी जाए और श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए रास्ता सुचारु रखा जाए। साथ ही बिजली के तारों और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए। एसडीएम अभिनव कुमार और सीओ परमेश्वर प्रसाद ने आयोजकों से कहा कि गणेशोत्सव के दौरान प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्थिति में कानून व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने समितियों से अपील की कि आयोजन को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने में प्रशासन का सहयोग करें। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पंडालों में मौजूद आयोजकों से व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी भी ली और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। प्रशासनिक अधिकारियों के नगर में पंडाल निरीक्षण से गणेशोत्सव को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सक्रियता नजर आई। इस मौके पर सदर लेखपाल दिग्विजय सिंह सहित पुलिस बल मौजूद रहा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गणेशोत्सव के दौरान नगर की सुरक्षा व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जाएगी।1
- जालौन के मंगरौल ग्राम पंचायत के नवलपुरा स्कूल में लापरवाही सामने आई है। सोमवार सुबह 11:30 बजे तक स्कूल बंद रहा। इंतजार करते-करते छात्र-छात्राएं अपने घर लौट गए। शिक्षा विभाग का कोई भी अध्यापक या कर्मचारी स्कूल खोलने नहीं पहुंचा। आमतौर पर शिक्षक अपने छात्रों को नैतिक शिक्षा और नियमों का पाठ पढ़ाते हैं। लेकिन नवलपुरा स्कूल में शिक्षक ही अपने कर्तव्य से भटक गए। यह लापरवाही पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। इस स्कूल में कोई स्थायी प्रधानाचार्य नहीं है। अध्यापिका लक्ष्मी देवी प्रधानाचार्य का काम संभाल रही हैं। इस मामले में अध्यापिका लक्ष्मी देवी ने बताया कि हरितालिका व्रत होने के कारण महिला स्टाफ छुट्टी पर था। इसलिए जालौन के मंगरौल ग्राम पंचायत के नवलपुरा स्कूल में लापरवाही सामने आई है। सोमवार सुबह 11:30 बजे तक स्कूल बंद रहा। इंतजार करते-करते छात्र-छात्राएं अपने घर लौट गए। शिक्षा विभाग का कोई भी अध्यापक या कर्मचारी स्कूल खोलने नहीं पहुंचा। आमतौर पर शिक्षक अपने छात्रों को नैतिक शिक्षा और नियमों का पाठ पढ़ाते हैं। लेकिन नवलपुरा स्कूल में शिक्षक ही अपने कर्तव्य से भटक गए। यह लापरवाही पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। इस स्कूल में कोई स्थायी प्रधानाचार्य नहीं है। अध्यापिका लक्ष्मी देवी प्रधानाचार्य का काम संभाल रही हैं। इस मामले में अध्यापिका लक्ष्मी देवी ने बताया कि हरितालिका व्रत होने के कारण महिला स्टाफ छुट्टी पर था। इसलिए1
- मोदी सरकार में पारदर्शिता को बढ़ावा, अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा योजनाओं का लाभ नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का दावा है कि डिजिटल माध्यमों और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) जैसी व्यवस्थाओं के जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे जरूरतमंदों को योजनाओं का लाभ सीधे और अधिक पारदर्शी तरीके से मिलने में मदद मिल रही है।1