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राजस्थान के गंगापुर सिटी में नेम नोटिंग पॉलिसी वापस न लेने पर वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन ने आंदोलन करने की चेतावनी दी है। यूनियन का कहना है कि यदि इस पॉलिसी को वापस नहीं लिया गया, तो उनके द्वारा आंदोलन किया जाएगा।
Anil Kumar journalist
राजस्थान के गंगापुर सिटी में नेम नोटिंग पॉलिसी वापस न लेने पर वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन ने आंदोलन करने की चेतावनी दी है। यूनियन का कहना है कि यदि इस पॉलिसी को वापस नहीं लिया गया, तो उनके द्वारा आंदोलन किया जाएगा।
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- माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 17 जुलाई 2026 को जालंधर (पंजाब) से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के 20 राज्यों में स्थित 75 पुनर्विकसित अमृत भारत स्टेशनों का एक साथ उद्घाटन करेंगे। लगभग 1,570 करोड़ रुपये की भारी लागत से विकसित ये स्टेशन विश्व के सबसे बड़े स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रमों में शामिल हैं। इस भव्य उद्घाटन समारोह में पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल का प्रमुख और व्यस्त गंगापुर सिटी जंक्शन स्टेशन भी शामिल है, जो अब यात्रियों की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं जनसम्पर्क अधिकारी श्री सौरभ जैन के अनुसार, गंगापुर सिटी जंक्शन स्टेशन का पुनर्विकास 'विरासत भी, विकास भी' की भावना के साथ लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है। पश्चिम मध्य रेलवे के अंतर्गत कुल 133 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकसित 6 स्टेशन इस समारोह का हिस्सा हैं। इनमें मध्य प्रदेश के ब्योहारी (₹20 करोड़), साँची (₹15 करोड़), विदिशा (₹29 करोड़), अशोकनगर (₹22 करोड़) एवं शिवपुरी (₹22 करोड़) के साथ राजस्थान का गंगापुर सिटी जंक्शन शामिल हैं। मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा ने बताया कि स्टेशन का नया स्वरूप स्थानीय संस्कृति और आधुनिक वास्तुकला का बेजोड़ समन्वय है। स्टेशन के पुनर्विकास के तहत लगभग 555 वर्गमीटर क्षेत्र में मुख्य भवन का विस्तार और नवीनीकरण किया गया है। यात्रियों की सुविधाओं के लिए 3 नए वातानुकूलित प्रतीक्षालय, 4 आधुनिक शौचालय ब्लॉक, 10,000 वर्गमीटर का सर्कुलेटिंग एरिया और सुव्यवस्थित पार्किंग बनाई गई है। इसके साथ ही, 12 मीटर चौड़ा आधुनिक फुट ओवर ब्रिज, लिफ्ट, एस्केलेटर, 960 वर्गमीटर के नए प्लेटफॉर्म शेल्टर और 12,000 वर्गमीटर में प्लेटफॉर्म सरफेसिंग का काम पूरा किया गया है। डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली, कोच पोजिशन डिस्प्ले बोर्ड, ऊर्जा दक्ष एलईडी प्रकाश व्यवस्था और दिव्यांगजनों के अनुकूल रैंप, टैक्टाइल पाथ जैसी सुविधाएं भी स्टेशन पर उपलब्ध कराई गई हैं। गंगापुर सिटी जंक्शन स्टेशन परिसर में 17 जुलाई 2026 को एक भव्य स्थानीय समारोह भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, रेलवे अधिकारी, छात्र और आम नागरिक उपस्थित रहेंगे। इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और लघु फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा। मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा ने इस आधुनिकीकरण को कोटा मंडल की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह स्टेशन अब केवल यात्री सुविधाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्षेत्रीय पर्यटन, व्यापार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक-आर्थिक विकास के एक नए केंद्र के रूप में उभरेगा।2
- राजस्थान के गंगापुर सिटी में ऐबीवीपी के विद्यालय सदस्यता अभियान का आगाज हो गया है। इस अभियान के तहत संगठन द्वारा कुल 5000 छात्रों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।1
- करौली जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, शिशुओं और बच्चों को विभिन्न स्वास्थ्य व पोषण सेवाएं प्रदान की गईं। सीएमएचओ डॉ. सतीश चंद मीणा ने बताया कि जिलेभर में गर्भवती महिलाओं की सघन स्क्रीनिंग के लिए 5 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत लाभार्थियों से सीधा संवाद भी किया गया। इस अभियान के तहत आयोजित सत्रों का निरीक्षण करने और फीडबैक लेने के लिए राज्य स्तर से संयुक्त निदेशक डॉ. रामनिवास मीणा ने करौली, सपोटरा और मंडरायल ब्लॉक का दौरा किया। इसके साथ ही जिला स्तर से आरसीएचओ डॉ. दीपका मीणा, डीपीओ आशुतोष पांडे, डीएनओ रूप सिंह धाकड़, डीपीसी-आशा विश्वेंद्र शर्मा और डीपीसी-आईईसी लखन सिंह लोधा ने भी विभिन्न सत्र स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान लाभार्थियों को मिल रही सेवाओं, आवश्यक दवाओं, जांचों की उपलब्धता, टीकाकरण और रिकॉर्ड संधारण की गुणवत्ता को आंका गया। सत्र स्थलों पर गर्भावस्था का पंजीकरण, रक्तचाप, वजन, हीमोग्लोबिन, रक्त शर्करा, मूत्र और रक्त समूह की जांच की गई। इसके अलावा उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की समय पर पहचान कर उन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर करने, टिटनेस-डिप्थीरिया का टीका लगाने और आयरन-फोलिक एसिड व कैल्शियम की दवाएं बांटने का काम किया गया। साथ ही महिलाओं को पौष्टिक आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता, प्रसव की तैयारी और नवजात की देखभाल के संबंध में परामर्श भी दिया गया।1
- करौली के नादोती क्षेत्र के कुंजेला गांव में आज भगवान जगदीश की कलश यात्रा निकाली गई है। इस यात्रा को पूरे गांव में घुमाने के बाद भगवान की प्रतिमा को स्थापित किया जाएगा। गांव में चल रहे कुछ मतभेदों के बीच ही कुंजेला गांव में भगवान जगदीश की इस स्थापना के कार्यक्रम को पूरा किया जा रहा है, जिसे देखने के लिए सभी भाइयों को आमंत्रित किया गया है।1
- Post by शालिम खान1
- दौसा जिले के लालसोट में विधायक रामविलास मीणा और उपखंड अधिकारी विजेंद्र कुमार मीणा ने निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज भवन का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में तकनीकी कमियां और गुणवत्ता संबंधी अनियमितताओं की आशंका सामने आने पर विधायक ने तुरंत प्रभाव से निर्माण कार्य रुकवा दिया है। निर्माण कार्य की निष्पक्ष और तकनीकी जांच के लिए तहसीलदार लालसोट की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। इस समिति में सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिशासी अभियंता सहित संबंधित तकनीकी अधिकारियों को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। समिति को विस्तृत तकनीकी परीक्षण कर निर्धारित समय सीमा में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यदि गुणवत्ता संबंधी दोष या अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो जिम्मेदार एजेंसी और व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपखंड अधिकारी विजेंद्र कुमार मीणा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण में स्वीकृत तकनीकी विशिष्टताओं का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- राजस्थान के गंगापुर सिटी में नेम नोटिंग पॉलिसी वापस न लेने पर वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन ने आंदोलन करने की चेतावनी दी है। यूनियन का कहना है कि यदि इस पॉलिसी को वापस नहीं लिया गया, तो उनके द्वारा आंदोलन किया जाएगा।1
- करौली के सूरौठ क्षेत्र के मदनपुर इलाके में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जहाँ पुलिस टीम पर बिना किसी वारंट या अग्रिम नोटिस के रामबाबू गुर्जर के घर में जबरन घुसने का प्रयास करने का आरोप लगा है। पीड़ित परिवार और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने घर के बाहर खड़े होकर जबरन भीतर घुसने की कोशिश की, तोड़फोड़ की और सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर भी अपने साथ खोलकर ले गए। इसके अलावा, रात के समय पुलिसकर्मियों द्वारा घर की महिलाओं के साथ बेहद आपत्तिजनक और गलत भाषा का प्रयोग करते हुए बदसलूकी करने का भी गंभीर आरोप है। पीड़ित परिवार ने पुलिस की इस कार्रवाई को सीधे तौर पर 'दादागिरी' और 'गुंडागर्दी' करार दिया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है। जब इस पूरे घटनाक्रम और वायरल वीडियो को लेकर सूरौठ पुलिस थाना इंचार्ज से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने मामले पर कोई संतोषजनक जवाब देने के बजाय गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाया। उन्होंने सीधे तौर पर कह दिया कि वायरल वीडियो पूरी तरह से एडिटिंग किया हुआ यानी फर्जी है, और इसके तुरंत बाद बिना पूरी बात सुने रिपोर्टर का फोन काट दिया। पुलिस के इस अड़ियल और संदेहास्पद रवैये के बाद पीड़ित पक्ष और जागरूक नागरिकों ने उच्च अधिकारियों से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।1