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Gautam Kumar
More news from बिहार and nearby areas
- Post by N.k.choudhary1
- Post by Gautam Kumar1
- -भागलपुर के सुलतानगंज थाना क्षेत्र में हत्या की योजना बनाई गई दो अपराधी को हत्या के पूर्व गिरफ्तार कर लिया गया है। भागलपुर के सुलतानगंज थाना में प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी सायम रजा ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि सुलतानगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत नवादा के हीरालाल यादव की हत्या करने की गुप्त सूचना मिली थी जिसकी कार्रवाई के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक पुलिस टीम गठित की गई जहां पुलिस टीम द्वारा छापेमारी की गई जिसमें सुलतानगंज थाना क्षेत्र के नवादा बहियार से दो अपराधी मणि कुमार उर्फ सिटु यादव एवं सोनू कुमार को एक देशी कट्टा,एक देशी मास्केट,नौ जिंदा कारतूस,दो खोखा एवं एक बैडोरियल के साथ गिरफ्तार कर हत्या की साज़िश को नकाम कर दिया गया। जबकि हत्या की योजना में शामिल अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए1
- बिहार बांका ब्रेकिंग: “गरीबों की लड़ाई लड़ने वाला नेता अब नहीं रहा!” — CPM नेताओं ने नम आंखों से दी श्रद्धांजलि बांका में आज CPM जिला कमेटी द्वारा पूर्व जिला सचिव स्वर्गीय कामरेड जमील अहमद के आवास पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान विधायक अजय कुमार, केंद्रीय कमेटी सदस्य अवधेश कुमार और जिला सचिव इंजीनियर आशिक सिद्दीकी सहित कई नेताओं ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि जमील अहमद जीवनभर गरीब, पिछड़े और वंचितों के हक की लड़ाई लड़ते रहे और अपने संघर्ष से बांका में एक अलग पहचान बनाई। कार्यकर्ताओं ने उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प भी दोहराया। इस मौके पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे और भावुक माहौल में अपने नेता को अंतिम नमन किया।1
- kya harkat kam kar raha hai neta sab naukari ke chakkar mein ladkiyon ke barbad kar raha hai aurat sabko ya apna bataiye jitna public log ho iska kya Saja mil sakta hai ki nahin mil sakta hai sirf comment mein likhkar bolna dhanyvad1
- Post by Ajay Sharma4
- मेला देखने निकले थे… मौत बनकर आई कार! अमरपुर में खौफनाक सड़क हादसा 😱 अमरपुर (बांका): ढाका मोर मेला में रात के कलाकारों का कार्यक्रम देखने जा रहे तीन युवकों का सफर उस वक्त खौफनाक हादसे में बदल गया, जब अमरपुर-बांका मुख्य मार्ग पर फतेहपुर यूको बैंक के समीप एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों युवक—मुकेश कुमार, सावन कुमार और ओम कुमार—खून से लथपथ सड़क पर तड़पते रहे। मौके पर मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष राकेश कुमार के निर्देश पर दरोगा राकेश कुमार, मुकेश कुमार, सदन कुमार पुलिस बल के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने बिना समय गंवाए अपने वाहन से ही तीनों घायलों को रेफरल अस्पताल अमरपुर पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टर रोहित चंचल की देखरेख में तीनों का प्राथमिक उपचार किया गया। डॉक्टर ने बताया कि मुकेश कुमार के पैर में गंभीर चोट लगी है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। तीनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें मायागंज अस्पताल, भागलपुर रेफर कर दिया गया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में सन्नाटा और डर का माहौल है। लोग तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1
- जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर शनिवार को बांका जिले में पहुंचे। वे ‘बिहार नवनिर्माण अभियान’ के तहत राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान वे हर जिले में संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं। इसी क्रम में वे आज बांका पहुंचे, जहां उन्होंने सर्किट हाउस के पास स्थित होटल मधुवन विहार में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इस दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि अप्रैल, मई, जून इन आने वाले 3 महीनों में जन सुराज राज्य भर में संगठन को फिर से पुनर्गठित करेगा। वहीं जुलाई से राज्य भर में बड़े पैमाने पर सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। वहीं प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव परिणाम के बाद जन सुराज के नेताओं ने पश्चिम चंपारण स्थित गांधी भितिहरवा आश्रम में एक दिन का उपवास रखा था। उस समय जन सुराज की ओर से यह घोषणा की गई थी कि बिहार में बनी नई सरकार को अपने वादों को पूरा करने के लिए 6 महीने का समय दिया जाएगा। प्रशांत किशोर ने कहा कि इसके बाद ‘बिहार नवनिर्माण अभियान’ के तहत जन सुराज के कार्यकर्ता घर-घर जाकर जनता के बीच अपनी बात रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान को अगले पांच वर्षों तक प्रभावी ढंग से चलाने के लिए वे हर जिले में जाकर संगठन को पुनर्गठित कर रहे हैं। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर प्रशांत किशोर ने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव में सरकार ने हर विधानसभा क्षेत्र में 60 से 70 करोड़ रुपये खर्च कर वोट खरीदे हैं। उन्होंने कहा कि इसका परिणाम यह है कि 202 विधायकों के समर्थन के बावजूद नीतीश कुमार को 3 महीने में ही मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह जीत नीतीश कुमार या एनडीए की लोकप्रियता की जीत नहीं है, बल्कि पैसे और चुनाव आयोग की मदद का परिणाम है। इस मैन्युफैक्चर्ड परिणाम के कारण ही उन्हें सीएम पद छोड़ना पड़ रहा है। बिहार के नए मुख्यमंत्री को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार का मुख्यमंत्री कोई भी बने, नीतीश कुमार के बाद बिहार चलाने वाले लोग के लिए बिहार से ज्यादा गुजरात की चिंता होगी। उन्होंने आगे कहा कि नए मुख्यमंत्री की चिंता यह होगी कि गुजरात की फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों की कमी न हो।1