आज़मगढ़ जिले के रौनापार थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव से जुड़ा एक कथित वायरल वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर विवाद का विषय बन गया है। इस वायरल वीडियो पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि गांव के प्रधान जितेंद्र पासवान ने भगवान श्रीराम के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ता इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं और कह रहे हैं कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, इस वायरल वीडियो की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, और न ही पुलिस या प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में यह वीडियो सही पाया जाता है और किसी भी प्रकार का आपत्तिजनक कृत्य सामने आता है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
आज़मगढ़ जिले के रौनापार थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव से जुड़ा एक कथित वायरल वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर विवाद का विषय बन गया है। इस वायरल वीडियो पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि गांव के प्रधान जितेंद्र पासवान ने भगवान श्रीराम के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ता इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं और कह रहे हैं कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, इस वायरल वीडियो की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, और न ही पुलिस या प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में यह वीडियो सही पाया जाता है और किसी भी प्रकार का आपत्तिजनक कृत्य सामने आता है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
- आजमगढ़ के बरही, भुजही निवासी श्री प्रवेश चौहान ने 07 जुलाई को अपने जन्मदिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल की है। उन्होंने युग सृजन ट्रस्ट के वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान को ₹1100 (ग्यारह सौ रुपये) का आर्थिक सहयोग प्रदान किया। युग सृजन ट्रस्ट ने इस योगदान का स्वागत करते हुए कहा कि यदि लोग अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ या अन्य शुभ अवसरों को वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यों से जोड़ें, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। ट्रस्ट ने जोर दिया कि ऐसे छोटे-छोटे प्रयास भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ट्रस्ट के अध्यक्ष शत्रुघ्न देवपुरिया ने प्रवेश चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यह सहयोग अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने जीवन के विशेष अवसरों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं। युग सृजन ट्रस्ट ने प्रवेश चौहान को उनके जन्मदिवस की शुभकामनाएँ देते हुए उनके स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना भी की।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में समाधान दिवस के अवसर पर एक दरोगा साहब को फ़िल्म देखने का 'बुखार' चढ़ गया। इस पूरी घटना में उनकी टोपी को भी 'गुनाहगार' ठहराया गया है।1
- आजमगढ़ में रौनापार पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक हिंदू देवता के प्रति कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी कर धार्मिक भावनाएं आहत करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। मामले में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई रजादुर निवासी मठाधीश रितिसागर भारती की तहरीर पर की गई। भारती ने रौनापार थाने में आरोप लगाया था कि ओढ़रा सलेमपुर निवासी जितेंद्र पासवान ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में हिंदू देवता के प्रति आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। इस कृत्य से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द व शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हो गई थी। इस तहरीर के आधार पर 8 जुलाई को थाना रौनापार में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299 और 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान, पुलिस ने आरोपी जितेंद्र पासवान (48) को हिरासत में लिया और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 170/126/135 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर किसी भी धर्म, देवी-देवता अथवा धार्मिक आस्था के विरुद्ध आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इसके साथ ही, नागरिकों से यह अपील भी की गई है कि वे सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें और किसी भी प्रकार की भड़काऊ अथवा आपत्तिजनक सामग्री को साझा करने से बचें।2
- उत्तर प्रदेश के मुहम्मदाबाद गोहना में पूर्व मंत्री श्रीराम सोनकर के एक बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली है। कार्यकर्ताओं ने शहीद चौक पर बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर इस बयान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि पूर्व मंत्री श्रीराम सोनकर ने भाजपा नेता छोटू प्रसाद के संबंध में जो टिप्पणी की है, वह अनुचित है और इससे पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने मांग की कि पूर्व मंत्री श्रीराम सोनकर अपना बयान तुरंत वापस लें। उन्होंने पार्टी के भीतर आपसी सम्मान और संगठनात्मक मर्यादा को बनाए रखने पर भी जोर दिया। इस पर भाजपा नेता छोटू प्रसाद ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह होते हैं, लेकिन किसी कार्यकर्ता या नेता के सम्मान पर सार्वजनिक मंच से टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की मजबूती के लिए समर्पित है और सभी का सम्मान किया जाना चाहिए। इस विरोध प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष रामसरन चौहान, मंडल अध्यक्ष जनार्दन शर्मा, मंडल महामंत्री अंकित सरोज, पूर्व मंडल अध्यक्ष ओमकार सिंह और प्रद्युम्न प्रताप सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से इस पूरे मामले का संज्ञान लेने की मांग की है।1
- भगवान राम पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में जितेंद्र पासवान को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने एक बड़ा बयान जारी किया है।1
- मोहम्मदाबाद गोहाना विधानसभा 355 में बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने जेके आजाद को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। पार्टी द्वारा प्रत्याशी की इस घोषणा के दौरान मोहम्मदाबाद गोहाना में भारी जन सैलाब उमड़ पड़ा, जो इस अवसर पर लोगों के उत्साह को दर्शाता है।1
- मऊ के रानीपुर विकास खंड अंतर्गत अस्सिभवन भरवा ग्रामसभा में बुधवार को विकास कार्यों में भेदभाव और 20 वर्षों से अधिक समय से जर्जर मुख्य संपर्क मार्ग की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने गांव की मुख्य सड़क पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका सीधा आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या पर चुप्पी साधे हुए हैं और वे दो दशकों से भी अधिक समय से इस कीचड़युक्त रास्ते से निकलने को मजबूर हैं। इस दौरान ग्रामीणों ने वर्तमान ग्राम प्रधान की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए उन पर जातिवाद और पक्षपात करने का आरोप भी लगाया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ग्रामीण शैलेश पाल, लालबहादुर पाल, जनार्दन पाल और शंकर पाल ने बताया कि गांव की यह लगभग 200 मीटर की कच्ची सड़क पूरी तरह गड्ढों में बदल चुकी है। उन्होंने जानकारी दी कि पूर्व में इस सड़क का कुछ हिस्सा अधूरा बनाकर छोड़ दिया गया था, जो अब पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। जलजमाव के कारण रास्ते की हालत इतनी बदतर हो गई है कि लोगों को कीचड़ और मलबे से गुजरते समय अपने जूते-चप्पल हाथ में लेने पड़ते हैं। यह मार्ग स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहद खतरनाक हो चुका है, जिससे आए दिन लोग यहां गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर तीखा हमला करते हुए कहा कि इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल से लेकर स्थानीय अधिकारियों तक कई बार लिखित गुहार लगाई गई। उनका आरोप है कि ग्राम प्रधान ने राजनीतिक और जातीय द्वेष के चलते इस मुख्य मार्ग को जानबूझकर उपेक्षित रखा है, जबकि अपनी जाति के विशेष टोलों और घरों तक पक्की सड़कों का निर्माण करवा दिया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का स्थायी निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो वे तहसील मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरने के लिए बाध्य होंगे। इस पूरे प्रकरण पर खंड विकास अधिकारी (BDO) रमाकांत ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और ग्रामीणों द्वारा उठाए गए सभी बिंदु गंभीर हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सड़क निर्माण के लिए तकनीकी आकलन कराकर जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। BDO ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रामीणों के प्रदर्शन और सड़क की बदहाली के साथ-साथ ग्राम प्रधान पर लगाए गए पक्षपात के आरोपों को गंभीरता से लिया गया है। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एक टीम गठित की जा रही है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और प्राथमिकता के आधार पर सड़क निर्माण का कार्य शुरू कराया जाएगा।2
- आजमगढ़ में 'परिवार परामर्श प्रकोष्ठ/नई किरण' की पहल ने एक बार फिर दो बिखरते परिवारों के लिए नई उम्मीद जगाई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में बुधवार को कोतवाली परिसर स्थित परिवार परामर्श प्रकोष्ठ में आयोजित काउंसलिंग के दौरान दो पारिवारिक मामलों का सफलतापूर्वक आपसी समझौते के साथ निस्तारण कराया गया। बैठक में कुल छह प्रकरणों के दोनों पक्षों को बुलाया गया था, जिनमें से लंबी बातचीत, समझाइश और मध्यस्थता के बाद दो मामलों में पति-पत्नी के बीच के मतभेद दूर हुए और वे साथ रहने पर सहमत हुए। काउंसलिंग के दौरान सामने आए एक मामले में दहेज की मांग और ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ना के आरोप थे, जबकि दूसरे मामले में पति पर शराब के नशे में मारपीट करने और दूसरों के बहकावे में आकर व्यवहार करने की शिकायत की गई थी। प्रकोष्ठ की टीम ने दोनों पक्षों को संवाद, आपसी विश्वास, सहनशीलता और पारिवारिक मूल्यों का महत्व समझाया, जिसके फलस्वरूप उनके विवाद सुलझ गए। इस काउंसलिंग प्रक्रिया में प्रभारी परिवार परामर्श प्रकोष्ठ उपनिरीक्षक महेन्द्र प्रसाद तिवारी, आरक्षी सुनील कुमार गुप्ता और महिला आरक्षी नेहा सिंह उपस्थित रहे। पुलिस के अनुसार, 'नई किरण' परियोजना का मुख्य उद्देश्य पारिवारिक विघटन को रोकना, बिखरते रिश्तों को पुनर्जीवित करना और परिवारों में आपसी सामंजस्य स्थापित करना है। यह महत्वपूर्ण पहल न केवल परिवारों को एक नई दिशा प्रदान कर रही है, बल्कि पारिवारिक न्यायालयों पर बढ़ते कार्यभार को कम करने में भी अहम भूमिका निभा रही है।2