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उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में समाधान दिवस के अवसर पर एक दरोगा साहब को फ़िल्म देखने का 'बुखार' चढ़ गया। इस पूरी घटना में उनकी टोपी को भी 'गुनाहगार' ठहराया गया है।
Dharmendra Kasaudhan
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में समाधान दिवस के अवसर पर एक दरोगा साहब को फ़िल्म देखने का 'बुखार' चढ़ गया। इस पूरी घटना में उनकी टोपी को भी 'गुनाहगार' ठहराया गया है।
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- आज़मगढ़ जिले के रौनापार थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव से जुड़ा एक कथित वायरल वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर विवाद का विषय बन गया है। इस वायरल वीडियो पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि गांव के प्रधान जितेंद्र पासवान ने भगवान श्रीराम के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ता इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं और कह रहे हैं कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, इस वायरल वीडियो की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, और न ही पुलिस या प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में यह वीडियो सही पाया जाता है और किसी भी प्रकार का आपत्तिजनक कृत्य सामने आता है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- आजमगढ़ के अतरौलिया से विधायक डॉ. संग्राम यादव ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पाँच गंभीर मरीजों को कुल ₹7.70 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की है। इस दौरान उन्होंने विधानसभा बजट के मुद्दों पर सरकार को निशाने पर लेते हुए उसकी नीतियों की आलोचना की।1
- हाल ही में कप्तानगंज में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ एक महिला ओवरब्रिज के डिवाइडर के बीच बनी खुली जगह से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना ने सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। यह मामला केवल एक दुर्घटना तक सीमित नहीं है, क्योंकि आजमगढ़ के भंवरनाथ–तहबरपुर मार्ग सहित कई अन्य ओवरब्रिजों पर भी डिवाइडर के बीच इसी तरह की खुली जगहें देखी जा सकती हैं। स्थानीय लोग लगातार सुरक्षा की दृष्टि से इन स्थानों पर मजबूत जाली, रेलिंग या अन्य सुरक्षात्मक व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। इस मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करने के लिए एक वीडियो भी साझा किया जा रहा है, जिसमें संबंधित विभाग से ऐसे स्थानों का तत्काल निरीक्षण करने और आवश्यक सुरक्षा उपायों पर विचार करने की अपेक्षा की गई है। यह आह्वान किया गया है कि यदि लोगों को भी लगता है कि सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए, तो वे इस वीडियो को अधिक से अधिक शेयर करें और अपनी राय कमेंट बॉक्स में लिखें। अंत में, यह भी दोहराया गया है कि सड़क सुरक्षा हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।1
- एक व्यक्ति अपनी शिकायत के लिए व्यापक और दूरगामी समर्थन की अपील कर रहा है। उनका आग्रह है कि उनकी आवाज़ को अधिक से अधिक लोगों तक और बहुत दूर-दूर तक पहुँचाया जाए ताकि उनकी बात सुनी जा सके।1
- मऊ जिले में ब्राह्मण विकास परिषद ने शीतला माता की मूर्ति को विस्थापित किए जाने के विरोध में जिला प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। इस संबंध में परिषद ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मूर्ति के प्रस्तावित विस्थापन के प्रति अपने कड़े विरोध को व्यक्त किया गया है।1
- बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तहत मुख्यमंत्री शिक्षा कैशलेस चिकित्सा योजना कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। इसे प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की दोहरी सौगात के रूप में वर्णित किया गया है। इस योजना का उद्घाटन नगर विकास ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने किया।1
- एक व्यक्ति ने अपनी गंभीर परेशानी बताते हुए अधिकारियों और लोगों से मदद की गुहार लगाई है। पीड़ित का कहना है कि कुछ लोग उन्हें अपना घर नहीं बनाने दे रहे हैं, जिसके कारण वे बहुत परेशान हैं और लगातार सहायता के लिए अपील कर रहे हैं।1
- Post by RISHI RAI1
- E20 पेट्रोल को लेकर एक बड़ा सवाल उठाया गया है, जिसके बाद अब ऑटो कंपनियों और सरकार से लिखित गारंटी की मांग की जा रही है। कहा गया है कि सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद सभी ऑटो कंपनियों को पत्र लिखकर उनसे यह मांग की जाएगी कि वे अपने ग्राहकों को लिखित आश्वासन दें। इस आश्वासन के तहत, यदि E20 पेट्रोल के उपयोग से गाड़ी का माइलेज 10% से ज़्यादा घटता है, तो कंपनी उसकी भरपाई करे। इसके अतिरिक्त, अगर E20 के इस्तेमाल से गाड़ी का कोई भी पार्ट खराब होता है, तो उसे कंपनी मुफ्त में बदलकर दे। इन मांगों के साथ ही, अगले हफ्ते प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखने की बात कही गई है। उस पत्र में स्पष्ट रूप से पूछा जाएगा कि यदि E20 पेट्रोल के कारण किसी वाहन में कोई नुकसान होता है, तो उसका मुआवज़ा सरकार देगी या संबंधित ऑटो कंपनी। फिलहाल, इस महत्वपूर्ण और सीधे सवाल पर सरकार और वाहन कंपनियों का क्या जवाब आता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1