मध्य प्रदेश के सिवनी मालवा नगर में तहसील कार्यालय के सामने संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले पिछले सात दिनों से जारी किसानों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन बुधवार शाम को समाप्त हो गया। धरना समाप्त करने से पहले किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रतीकात्मक पुतले को फांसी के फंदे पर लटकाकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रतीकात्मक पुतला लटकाए जाने की सूचना मिलते ही सिवनी मालवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और फंदे से लटकाए गए पुतले को उतारकर अपने कब्जे में ले लिया। इस कार्रवाई के दौरान धरना स्थल पर कुछ देर तक विरोध-प्रदर्शन का दौर चलता रहा, हालांकि वहां स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राकेश गौर ने इस प्रदर्शन पर बात करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री का पुतला किसानों की मौजूदा दयनीय स्थिति का प्रतीक है, क्योंकि आज का किसान आर्थिक संकट और सरकारी नीतियों के कारण खुद को पूरी तरह असहाय महसूस कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही फिलहाल तहसील कार्यालय के सामने चल रहा धरना समाप्त किया जा रहा है, लेकिन किसानों की मांगों को लेकर यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी सहित उनकी अन्य मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो संयुक्त किसान मोर्चा आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप देगा।
मध्य प्रदेश के सिवनी मालवा नगर में तहसील कार्यालय के सामने संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले पिछले सात दिनों से जारी किसानों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन बुधवार शाम को समाप्त हो गया। धरना समाप्त करने से पहले किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रतीकात्मक पुतले को फांसी के फंदे पर लटकाकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रतीकात्मक पुतला लटकाए जाने की सूचना मिलते ही सिवनी मालवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और फंदे से लटकाए गए पुतले को उतारकर अपने कब्जे में ले लिया। इस कार्रवाई के दौरान धरना स्थल पर कुछ देर तक विरोध-प्रदर्शन का दौर चलता रहा, हालांकि वहां स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राकेश गौर ने इस प्रदर्शन पर बात करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री का पुतला किसानों की मौजूदा दयनीय स्थिति का प्रतीक है, क्योंकि आज का किसान आर्थिक संकट और सरकारी नीतियों के कारण खुद को पूरी तरह असहाय महसूस कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही फिलहाल तहसील कार्यालय के सामने चल रहा धरना समाप्त किया जा रहा है, लेकिन किसानों की मांगों को लेकर यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी सहित उनकी अन्य मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो संयुक्त किसान मोर्चा आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप देगा।
- मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम की सिवनी मालवा तहसील में मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी और अन्य लंबित मांगों को लेकर बुधवार दोपहर करीब 3 बजे सैकड़ों किसान संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले क्षेत्रीय विधायक प्रेमशंकर वर्मा के गृह ग्राम बघवाड़ा पहुंचे। किसानों और विधायक के बीच करीब एक घंटे तक विस्तृत चर्चा हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। बातचीत बेनतीजा रहने से नाराज किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद किसानों ने विधायक निवास के सामने स्थित सतवासा मोड़ पर नर्मदापुरम-हरदा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे करीब 30 मिनट तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित रही। बाद में संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों की समझाइश पर चक्काजाम समाप्त हुआ। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पटवारे ने विधायक से कोई सकारात्मक जवाब न मिलने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि विधायक का यह कहना कि वे सरकार को पहले ही पत्र लिख चुके हैं, किसानों के सामने यह सवाल खड़ा करता है कि वे अब अपनी समस्या लेकर किसके पास जाएं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों पर किसानों की समस्याओं को सरकार तक प्रभावी ढंग से न पहुंचाने और धरातल पर कोई लाभ न देने का आरोप लगाया। इसी के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा ने आगामी 27 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास और मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव करने की बड़ी घोषणा की है। दूसरी ओर, क्षेत्रीय विधायक प्रेमशंकर वर्मा ने चक्काजाम की घटना से पूरी तरह इनकार किया है। उन्होंने दावा किया कि किसान केवल ज्ञापन देने आए थे, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। विधायक ने कहा कि किसानों की मुख्य मांग मूंग की खरीदी से जुड़ी है और इस विषय पर जिले के चारों विधायक जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर किसानों की मांगों पर चर्चा करेंगे।1
- मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी न होने से नाराज किसानों ने विधायक के लाचार रवैये के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आंदोलन को भोपाल ले जाने की चेतावनी दी है। अपनी समस्याओं को लेकर जब किसानों ने विधायक महोदय को अवगत कराया, तो विधायक ने कह दिया कि वह इसमें कुछ नहीं कर सकते और केवल उनका आवेदन मुख्यमंत्री तक पहुंचा देंगे। इस पर आक्रोशित होकर किसान संगठन के लोगों ने दोटूक कहा है कि जब तक मूंग की खरीदी शुरू नहीं होगी, तब तक वे आंदोलन को थामने वाले नहीं हैं और इसे भोपाल की तरफ ले जाएंगे। इसी कड़ी में सरकार को जगाने के लिए आज संयुक्त मोर्चा के तत्वाधान में प्रेम शंकर वर्मा जी के घर के सामने लगभग आधे घंटे के लिए चक्का जाम किया गया। संयुक्त किसान मोर्चा के सभी सदस्यों ने किसानों को आश्वासन देकर एकजुट होकर भोपाल चलने की अपील की है।2
- इटारसी के जाने-माने समाजसेवी और अधिवक्ता सिद्धार्थ महेश आर्य जी ने फिजूलखर्ची और शोर-शराबे से दूर रहकर सेवा और सादगी की मिसाल पेश करते हुए अनोखे अंदाज में अपना जन्मदिन मनाया है। उन्होंने अपने इस खास दिन को सिर्फ एक तारीख न मानकर इसे समाज में बदलाव लाने का जरिया बनाया और अपनी खुशियों को बच्चों, बुजुर्गों व प्रकृति के बीच जाकर साझा किया। सिद्धार्थ जी ने अपने जन्मदिन की शुरुआत आंगनवाड़ी केंद्र से की, जहाँ उन्होंने नन्हीं कन्याओं का पूजन किया, बच्चों के साथ केक काटा और उन्हें कॉपियां-पेंसिल जैसी शैक्षणिक सामग्री बांटी। इस दौरान उन्होंने बच्चों और अभिभावकों को नियमित स्कूल जाने के लिए प्रेरित करते हुए शिक्षा का महत्व भी समझाया। इसके बाद, वे वृद्धाश्रम पहुँचे जहाँ उन्होंने बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया और उनके साथ अपनों जैसा वक्त बिताया। वहाँ से वे अनाथालय गए और अनाथ बच्चों के साथ खुशियाँ बांटकर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरी। प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभाते हुए उन्होंने इस अवसर पर वृक्षारोपण भी किया ताकि आने वाली पीढ़ी को हरा-भरा और स्वच्छ पर्यावरण मिल सके। इस अवसर पर सिद्धार्थ जी का कहना है कि जन्मदिन का असली जश्न वही है, जब हम समाज के हर वर्ग और प्रकृति के चेहरे पर मुस्कान ला सकें। शिक्षा, सेवा, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण का यह अनूठा संगम वाकई हर युवा के लिए बेहद प्रेरणादायक है।1
- मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में समर्थन मूल्य पर शत-प्रतिशत मूंग खरीदी की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले बगवाड़ा गांव में 200 से अधिक किसानों ने सड़क पर चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। किसानों की प्रमुख मांगों में शत-प्रतिशत मूंग की सरकारी खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त करना और समय पर बिजली उपलब्ध कराना शामिल है। सड़क जाम करने के बाद किसानों ने नर्मदापुरम-हरदा मार्ग पर स्थित सिवनी मालवा के विधायक प्रेमशंकर वर्मा के निवास का घेराव किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। चक्का जाम के कारण यातायात प्रभावित होने पर पुलिस ने वाहनों को धरमकुंडी मार्ग और हस्तिनापुर रोड की तरफ डायवर्ट किया, जबकि मौके पर सुरक्षा के लिए एसडीएम, एसडीओपी और पुलिस बल तैनात रहा। इस प्रदर्शन के दौरान विधायक प्रेमशंकर वर्मा और किसानों के बीच हुई बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में विधायक किसानों से यह कहते नजर आ रहे हैं कि "प्रदेश में हमारी सरकार है... आपको जो करना है, वह कीजिए।" इस बयान के सामने आने के बाद आंदोलनकारी किसानों ने गहरी नाराजगी जताई और संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने इसे किसानों की मांगों के प्रति अत्यंत निराशाजनक रवैया करार दिया। हालांकि, हंगामे के बीच विधायक ने प्रदर्शनकारियों के पास पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं और ज्ञापन स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि ये मांगें राज्य शासन के स्तर की हैं और वे इन्हें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष प्रमुखता से रखकर समाधान का हरसंभव प्रयास करेंगे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद किसानों ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों को स्वीकार कर शत-प्रतिशत मूंग खरीदी की घोषणा नहीं की गई, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेंगे और राजधानी भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे।1
- हरदा के कृषि विज्ञान केंद्र में बुधवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा आयोजित किसान सारथी ऐप की जानकारी का सजीव प्रसारण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संध्या मुरे ने किसानों को इस ऐप की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसान सारथी ऐप के जरिए फसलों से जुड़ी सभी प्रकार की समस्याओं, जैसे पोषक तत्व प्रबंधन, रोग और कीट-व्याधि नियंत्रण आदि के समाधान की जानकारी आसानी से हासिल की जा सकती है। किसान इस ऐप पर अपनी समस्या दर्ज करके सीधे विशेषज्ञों से समाधान प्राप्त कर सकते हैं। डॉ. मुरे ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे kisansarthi.farmer से किसान सारथी ऐप डाउनलोड कर अपना पंजीयन कराएं और अपनी समस्याओं का त्वरित निदान पाएं।1
- नर्मदापुरम के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व अंतर्गत तवा बफर क्षेत्र में वित्तीय अनियमितता और शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में रेंजर अमित सिंह चौहान और चार वनरक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। इन अधिकारियों पर वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बिना इको सेंसेटिव जोन में होम स्टे निर्माण कराने का गंभीर आरोप है, जिसे रोकने में रेंजर पूरी तरह विफल रहे। इसके साथ ही, तालाब निर्माण और गहरीकरण कार्यों में स्वीकृत मात्रा से कम काम किए जाने के बावजूद पूरा भुगतान निकाल लेने की शिकायतें भी सामने आई हैं। इस पूरे मामले में वित्तीय गड़बड़ियों और लापरवाही के दोषियों का पता लगाने के लिए अब विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।1
- बैतूल के सारनी में पुलिस ने गौवंश की हत्या करने वाले आरोपी के खिलाफ बड़ी कार्यवाही की है। पुलिस ने पाटा खेड़ा शनि मंदिर निवासी आरोपी सुभाष बिंझाडे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी सुभाष ने अपने घर के पीछे बछड़े को मार डाला था। इस बड़ी कार्यवाही के दौरान पुलिस ने मौके से बछड़े की खाल और वारदात में इस्तेमाल की गई छूरी को भी जब्त कर लिया है।1
- मध्य प्रदेश के सिवनी मालवा नगर में तहसील कार्यालय के सामने संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले पिछले सात दिनों से जारी किसानों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन बुधवार शाम को समाप्त हो गया। धरना समाप्त करने से पहले किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रतीकात्मक पुतले को फांसी के फंदे पर लटकाकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रतीकात्मक पुतला लटकाए जाने की सूचना मिलते ही सिवनी मालवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और फंदे से लटकाए गए पुतले को उतारकर अपने कब्जे में ले लिया। इस कार्रवाई के दौरान धरना स्थल पर कुछ देर तक विरोध-प्रदर्शन का दौर चलता रहा, हालांकि वहां स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राकेश गौर ने इस प्रदर्शन पर बात करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री का पुतला किसानों की मौजूदा दयनीय स्थिति का प्रतीक है, क्योंकि आज का किसान आर्थिक संकट और सरकारी नीतियों के कारण खुद को पूरी तरह असहाय महसूस कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही फिलहाल तहसील कार्यालय के सामने चल रहा धरना समाप्त किया जा रहा है, लेकिन किसानों की मांगों को लेकर यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी सहित उनकी अन्य मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो संयुक्त किसान मोर्चा आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप देगा।1