मोहनपुर-दिबरा पुल निर्माण में बड़ा खेल: आधे मटीरियल में 'आधी मिट्टी का तड़का, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही ग्रामीणों की सुरक्षा सहरसा जिला के नौहट्टा प्रखंड मे मोहनपुर से दिबरा को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण पुल के निर्माण में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जिस पुल को इलाके की लाइफलाइन बनना था, ठेकेदार और विभाग की मिलीभगत से वह अब भ्रष्टाचार का जीता-जागता नमूना बनता जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पुल बनाने में कंक्रीट और सीमेंट से ज्यादा 'मिट्टी' का इस्तेमाल किया जा रहा है। बालू की जगह मिट्टी का प्रयोग निर्माण स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि मसाले में सीमेंट की मात्रा न के बराबर है। पत्थर और बालू के नाम पर घटिया दर्जे का 'मटेरियल' और भारी मात्रा में मिट्टी मिलाई जा रही है। देखने में यह पुल लग रहा है, लेकिन असल में यह बालू और मिट्टी का महल है। पहली बारिश की एक ही लहर में इस पुल का ताश के पत्तों की तरह ढहना तय है कंक्रीट के घोल में निर्धारित अनुपात के बजाय मिट्टी युक्त बालू का उपयोग। निर्माण के समय विभागीय इंजीनियर का मौके से नदारद रहना। यह पुल भारी वाहनों के लिए बनाया जा रहा है, लेकिन घटिया मटेरियल इसकी उम्र और मजबूती पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग पुल की बदहाली को देख मोहनपुर और दिबरा के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही जिला प्रशासन और संबंधित विभाग ने इस पर संज्ञान नहीं लिया, तो वे काम रोककर उग्र प्रदर्शन करेंगे। जनता के टैक्स के पैसे से बन रहा यह पुल विकास के नाम पर 'विनाश' की नींव रख रहा है।
मोहनपुर-दिबरा पुल निर्माण में बड़ा खेल: आधे मटीरियल में 'आधी मिट्टी का तड़का, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही ग्रामीणों की सुरक्षा सहरसा जिला के नौहट्टा प्रखंड मे मोहनपुर से दिबरा को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण पुल के निर्माण में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जिस पुल को इलाके की लाइफलाइन बनना था, ठेकेदार और विभाग की मिलीभगत से वह अब भ्रष्टाचार का जीता-जागता नमूना बनता जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पुल बनाने में कंक्रीट और सीमेंट से ज्यादा 'मिट्टी' का इस्तेमाल किया जा रहा है। बालू की जगह मिट्टी का प्रयोग निर्माण स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि मसाले में सीमेंट की मात्रा न के बराबर है। पत्थर और बालू के नाम पर घटिया दर्जे का 'मटेरियल' और भारी मात्रा में मिट्टी मिलाई जा रही है। देखने में यह पुल लग रहा है, लेकिन असल में यह बालू और मिट्टी का महल है। पहली बारिश की एक ही लहर में इस पुल का ताश के पत्तों की तरह ढहना तय है कंक्रीट के घोल में निर्धारित अनुपात के बजाय मिट्टी युक्त बालू का उपयोग। निर्माण के समय विभागीय इंजीनियर का मौके से नदारद रहना। यह पुल भारी वाहनों के लिए बनाया जा रहा है, लेकिन घटिया मटेरियल इसकी उम्र और मजबूती पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग पुल की बदहाली को देख मोहनपुर और दिबरा के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही जिला प्रशासन और संबंधित विभाग ने इस पर संज्ञान नहीं लिया, तो वे काम रोककर उग्र प्रदर्शन करेंगे। जनता के टैक्स के पैसे से बन रहा यह पुल विकास के नाम पर 'विनाश' की नींव रख रहा है।
- Post by HTk Today1
- Post by Press mankhush kumar1
- सहरसा जिला के नौहट्टा प्रखंड मे मोहनपुर से दिबरा को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण पुल के निर्माण में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जिस पुल को इलाके की लाइफलाइन बनना था, ठेकेदार और विभाग की मिलीभगत से वह अब भ्रष्टाचार का जीता-जागता नमूना बनता जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पुल बनाने में कंक्रीट और सीमेंट से ज्यादा 'मिट्टी' का इस्तेमाल किया जा रहा है। बालू की जगह मिट्टी का प्रयोग निर्माण स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि मसाले में सीमेंट की मात्रा न के बराबर है। पत्थर और बालू के नाम पर घटिया दर्जे का 'मटेरियल' और भारी मात्रा में मिट्टी मिलाई जा रही है। देखने में यह पुल लग रहा है, लेकिन असल में यह बालू और मिट्टी का महल है। पहली बारिश की एक ही लहर में इस पुल का ताश के पत्तों की तरह ढहना तय है कंक्रीट के घोल में निर्धारित अनुपात के बजाय मिट्टी युक्त बालू का उपयोग। निर्माण के समय विभागीय इंजीनियर का मौके से नदारद रहना। यह पुल भारी वाहनों के लिए बनाया जा रहा है, लेकिन घटिया मटेरियल इसकी उम्र और मजबूती पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग पुल की बदहाली को देख मोहनपुर और दिबरा के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही जिला प्रशासन और संबंधित विभाग ने इस पर संज्ञान नहीं लिया, तो वे काम रोककर उग्र प्रदर्शन करेंगे। जनता के टैक्स के पैसे से बन रहा यह पुल विकास के नाम पर 'विनाश' की नींव रख रहा है।1
- Post by Shit Kumar Shit kumar1
- सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड में शाहपुर मंझौल के बीच हुआ हदसा हुआ.....1
- सहरसा से एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसे सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे। इंसानियत को शर्मसार करने वाली इस घटना में एक इट-भट्ठा मालिक पर मजदूर की पत्नी और उसकी नाबालिग बेटी के साथ जबरन अशोभनीय हरकत करने का आरोप लगा है। विरोध करने पर महिला को गोली मार दी गई। इस पूरे मामले ने इलामामला सहरसा सदर थाना क्षेत्र का है, जहां 29 मार्च 2026 की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि एक इट-भट्ठा पर काम करने वाले मजदूर के परिवार के साथ गंभीर अत्याचार किया गया है। आरोप है कि भट्ठा मालिक मोहम्मद ओवैसी करनी उर्फ चुन्नू मुखिया लगातार मजदूर की पत्नी और उसकी नाबालिग बेटी पर गलत नज़र रखता था और जबरन अशोभनीय हरकत करने की कोशिश करता था। बताया जा रहा है कि जब महिला ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उसे गोली मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया। साक्ष्य जुटाए गए और ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी के साथ-साथ भट्ठा के मुंशी अमित कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। लेकिन इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ, जब पुलिस ने भट्ठा परिसर से 7 नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बरामद किया। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह पहली घटना नहीं थी—आरोपी पहले भी भट्ठा पर काम करने वाली महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के साथ छेड़खानी और दुर्व्यवहार करता रहा है।के में सनसनी फैला दी है।सदर एसडीपीओ आलोक कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही कई संगीन मामले दर्ज हैं और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।1
- आज दिनांक 30.03.2026 (सोमवार) को कार्यालय कक्ष में श्री सावन कुमार, भा0प्र0से0, जिलाधिकारी, सुपौल द्वारा उर्वरक उपलब्धता संबंध में समीक्षात्मक बैठक की गई । वर्तमान में जिला अंतर्गत यूरिया 6747 MT, डीएपी 5192 MT, एम ओ पी 1524 MT, एन पी के 7567 MT उर्वरक उपलब्ध हैं। जिलाधिकारी, सुपौल द्वारा सभी को निदेश दिया गया कि सभी अपने कार्य क्षेत्र में सतत भ्रमण करेंगे, अनियमिता पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। उक्त बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी उपस्थित हुए।3
- नवहट्टा जिला परिषद भाग संख्या 02, नवहट्टा पूर्वी में चुनावी सरगर्मी और क्षेत्र के विकास को लेकर जनसंपर्क अभियान जोरों पर है। इसी क्रम में बैजनाथ शहनी उर्फ बी.एन. शहनी ने अपने समर्थकों के साथ क्षेत्र का सघन भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का भरोसा दिलाया।सहरसा जिले के नवहट्टा पूर्वी स्थित जिला परिषद भाग संख्या 02 में चुनावी हलचल तेज हो गई है। यहाँ बैजनाथ शहनी उर्फ बी.एन. शहनी लगातार क्षेत्र भ्रमण कर जनता की नब्ज टटोल रहे हैं। आज भ्रमण के दौरान उन्होंने गांव-गांव जाकर बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया और युवाओं से क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा की। समर्थकों का कहना है कि बी.एन. शहनी की सक्रियता से क्षेत्र में नया उत्साह दिख रहा है।"1