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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हज़रतगंज थाना क्षेत्र स्थित लोकभवन के गेट नंबर 9 के सामने दो दलितों ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। आत्मदाह का यह कदम उठाने से पहले ही वहां तैनात सचिवालय के सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते तत्परता दिखाते हुए दोनों को दबोच लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आत्मदाह की कोशिश करने वाले पीड़ितों की पहचान दुबग्गा थाना क्षेत्र के निवासी दलित राम गणेश और सतीश कुमार गौतम के रूप में हुई है। पीड़ितों का कहना है कि उनकी जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है और लगातार शिकायतों के बावजूद इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। इसी अनदेखी और उत्पीड़न से आहत होकर उन्होंने लोकभवन के सामने पहुंचकर आत्मदाह का प्रयास किया।
Journalist prabhat kashyap
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हज़रतगंज थाना क्षेत्र स्थित लोकभवन के गेट नंबर 9 के सामने दो दलितों ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। आत्मदाह का यह कदम उठाने से पहले ही वहां तैनात सचिवालय के सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते तत्परता दिखाते हुए दोनों को दबोच लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आत्मदाह की कोशिश करने वाले पीड़ितों की पहचान दुबग्गा थाना क्षेत्र के निवासी दलित राम गणेश और सतीश कुमार गौतम के रूप में हुई है। पीड़ितों का कहना है कि उनकी जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है और लगातार शिकायतों के बावजूद इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। इसी अनदेखी और उत्पीड़न से आहत होकर उन्होंने लोकभवन के सामने पहुंचकर आत्मदाह का प्रयास किया।
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- लखनऊ के थाना सआदतगंज प्रकरण के संबंध में पुलिस उपायुक्त, पश्चिमी, श्री कमलेश दीक्षित द्वारा बयान जारी किया गया है।1
- लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना के बाद पुलिस प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। मामले को लेकर पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) कमलेश दीक्षित ने बयान जारी करते हुए बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल पहुंचाया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं, जो लगातार दबिश दे रही हैं। DCP पश्चिम के अनुसार, पुलिस इस मामले की सभी पहलुओं पर गहन जांच कर रही है।1
- देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक CAT 2003 का पेपर लीक मामला 23 साल बीत जाने के बावजूद आज भी न्याय के इंतजार में है। इस केस में अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं आ सका है, जो न्याय व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े करता है। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले का अब तक लंबित रहना एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। यह मामला न केवल परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि बड़े मामलों में आखिर न्याय मिलने में इतनी देरी क्यों होती है।1
- प्रदर्शन के दौरान बिहार के छात्रों का अनोखा अंदाज़ देखने को मिला है, जहाँ छात्र पुलिसकर्मियों की तैयारियों और कार्रवाई का मज़ाक उड़ाते नज़र आए। प्रदर्शन स्थल पर छात्र पुलिस से सवाल पूछ रहे हैं कि "सर टियर गैस की व्यवस्था नहीं है? क्या व्यवस्था किए हैं जी? कुछ भी व्यवस्था नहीं किए हैं, खाली वाटर कैनन? और नहीं करना चाहिए था जी?" इसी दौरान एक बंदा पुलिस वाले के पास जाकर कहता है कि "कल कैसी लाठी मारे हैं, ठीक से लगी ही नहीं। एक और मारिए तनिक कायदे से, आप लोग काम ही पूरा नहीं कर रहे हैं।" पुलिस की कार्रवाई पर छात्रों के इस तंज को 'ग़ज़ब बेइज्जती' करार दिया जा रहा है। (रिपोर्टर व एडिटर: मो. ज़ुनैद)1
- संसद के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने NEET व पेपर लीक विवाद को लेकर जारी छात्रों के आंदोलन और उन पर हुई पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार के साथ-साथ मीडिया पर भी तीखा हमला बोला है। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए मीडिया को नसीहत दी कि उन्हें विपक्ष से सवाल करने के बजाय सरकार से सवाल पूछने चाहिए। प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि क्या मीडिया ने कभी सरकार से पूछा कि इस सब से देश के युवाओं का भविष्य किस तरह प्रभावित हो रहा है। आंदोलनकारी छात्रों का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र कोई "आतंकवादी" नहीं हैं जिनके खिलाफ आंसू गैस के गोले छोड़े जाएं, लाठीचार्ज किया जाए या इंटरनेट बंद किया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब वह देश की हर बड़ी उपलब्धि और अंतरिक्ष मिशनों का श्रेय लेते हैं, तो अब पेपर लीक और युवाओं के साथ हो रहे इस व्यवहार की जिम्मेदारी भी उन्हें ही लेनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने संसद में बहस न होने देने और विपक्ष की आवाज़ दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है।1
- लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना को लेकर पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) कमलेश दीक्षित ने बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घायल को अस्पताल पहुंचाया और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा मामले के सभी पहलुओं पर गहनता से जांच की जा रही है। वहीं आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।1
- सुलतानपुर जिले की थाना दोस्तपुर पुलिस ने हत्या के प्रयास, अपहरण और मारपीट के मामले में वांछित चल रहे अभियुक्त अभिषेक यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी कादीपुर के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत उपनिरीक्षक जगदीश सिंह और कांस्टेबल वीरेन्द्र यादव की टीम ने यह कार्रवाई की। मामला भूमि विवाद से जुड़ा है। वादी द्वारा 17 जून 2026 को दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, अभियुक्त ने पूर्व में हुए भूमि एग्रीमेंट को निरस्त कराने का दबाव बनाया था। विरोध करने पर अभियुक्त ने जान से मारने की नीयत से फायर किया, जो मिस हो गया। इसके बाद अभियुक्त ने लोहे की रॉड से वादी के सिर पर हमला किया और जबरन वाहन में बैठाकर अपहरण कर लिया। कादीपुर चीनी मिल के पास खेत में लाठी-डंडों तथा लात-घूंसों से मारपीट करने के बाद उसे सराय समोखपुर क्षेत्र में छोड़ दिया गया था। इस घटना के संबंध में थाना दोस्तपुर पर मु0अ0सं0 134/2026, धारा 109/140(1)/115(2)/3(5) बीएनएस के तहत मामला पंजीकृत किया गया था। पुलिस ने 24 जुलाई 2026 को मोहल्ला बभनइया पूरब, कस्बा व थाना दोस्तपुर निवासी 22 वर्षीय अभिषेक यादव (पुत्र महेन्द्र यादव) को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए न्यायालय सुलतानपुर के समक्ष प्रस्तुत किया। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध थाना दोस्तपुर में पहले से भी तीन आपराधिक मामले (मु0अ0सं0 279/2022, 352/2022 और 130/2023) दर्ज हैं।1