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केन्द्रीय श्रम संगठनों के देशव्यापी आह्वान पर सोमवार दोपहर करीब 12 बजे भारतीय ट्रेड यूनियन सीटू (CITU) सहित अन्य श्रमिक संगठनों के नेतृत्व में श्रमिकों ने मुखर्जी पार्क से एक विशाल रैली निकाली। यह रैली कलेक्ट्रेट पहुंची, जहाँ श्रमिकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार की श्रम नीतियों, निजीकरण और लगातार बढ़ती महंगाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई, जिसके बाद प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को 12 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा गया। सभा को संबोधित करते हुए श्रमिक नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार श्रम संहिताएं (लेबर कोड) लागू की हैं, जो मजदूरों के हितों के बजाय बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचा रही हैं। वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि बैंक, बीमा, रेलवे, एयरलाइंस, कोयला और स्टील जैसे सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण कर उन्हें देशी-विदेशी कॉर्पोरेट घरानों के हवाले किया जा रहा है, जिसका देशभर के मजदूर और कर्मचारी संगठन लगातार विरोध कर रहे हैं। श्रमिक नेताओं ने कहा कि संगठित संघर्षों के कारण केंद्र सरकार को कई बार अपने फैसलों पर पुनर्विचार करना पड़ा है, और वे आगे भी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। ज्ञापन में रखी गई 12 प्रमुख मांगों में मजदूर विरोधी बताए जा रहे चारों लेबर कोड को तत्काल वापस लेना, सरकारी संपत्तियों के निजीकरण पर रोक लगाना तथा नई पेंशन योजना (NPS) को समाप्त करना शामिल है। श्रमिकों ने संयुक्त किसान मोर्चा के छह सूत्रीय मांग पत्र को स्वीकार करने और कृषि उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, सभी श्रमिकों, जिनमें योजना कर्मी भी शामिल हैं, के लिए न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने, सभी को रोजगार की गारंटी देने और बेरोजगारों को 5 हजार रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने की अपील की गई। मनरेगा में 200 दिन रोजगार और 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने के साथ-साथ शहरी बेरोजगारों को भी इस योजना के दायरे में लाने की मांग रखी गई। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण तथा उत्पाद शुल्क में कटौती की भी बात कही गई। ज्ञापन में ठेका एवं योजना कर्मियों को स्थायी करने, समान काम के लिए समान वेतन लागू करने, तथा वृद्धजन, विधवा एवं दिव्यांगजन पेंशन बढ़ाकर 5 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई। मजदूर आंदोलनों में पुलिस-प्रशासन के हस्तक्षेप पर रोक लगाने और आठ घंटे कार्य दिवस को सख्ती से लागू कर ओवरटाइम का दोगुना भुगतान व सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिक, कर्मचारी और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। श्रमिक नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।

1 hr ago
user_Puneet jain
Puneet jain
भीलवाड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
1 hr ago

केन्द्रीय श्रम संगठनों के देशव्यापी आह्वान पर सोमवार दोपहर करीब 12 बजे भारतीय ट्रेड यूनियन सीटू (CITU) सहित अन्य श्रमिक संगठनों के नेतृत्व में श्रमिकों ने मुखर्जी पार्क से एक विशाल रैली निकाली। यह रैली कलेक्ट्रेट पहुंची, जहाँ श्रमिकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार की श्रम नीतियों, निजीकरण और लगातार बढ़ती महंगाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई, जिसके बाद प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को 12 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा गया। सभा को संबोधित करते हुए श्रमिक नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार श्रम संहिताएं (लेबर कोड) लागू की हैं, जो मजदूरों के हितों के बजाय बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचा रही हैं। वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि बैंक, बीमा, रेलवे, एयरलाइंस, कोयला और स्टील जैसे सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण कर उन्हें देशी-विदेशी कॉर्पोरेट घरानों के हवाले किया जा रहा है, जिसका देशभर के मजदूर और कर्मचारी संगठन लगातार विरोध कर रहे हैं। श्रमिक नेताओं ने कहा कि संगठित संघर्षों के कारण केंद्र सरकार को कई बार अपने फैसलों पर पुनर्विचार करना पड़ा है, और वे आगे भी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। ज्ञापन में रखी गई 12 प्रमुख मांगों में मजदूर विरोधी बताए जा रहे चारों लेबर कोड को तत्काल वापस लेना, सरकारी संपत्तियों के निजीकरण पर रोक लगाना तथा नई पेंशन योजना (NPS) को समाप्त करना शामिल है। श्रमिकों ने संयुक्त किसान मोर्चा के छह सूत्रीय मांग पत्र को स्वीकार करने और कृषि उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, सभी श्रमिकों, जिनमें योजना कर्मी भी शामिल हैं, के लिए न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने, सभी को रोजगार की गारंटी देने और बेरोजगारों को 5 हजार रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने की अपील की गई। मनरेगा में 200 दिन रोजगार और 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने के साथ-साथ शहरी बेरोजगारों को भी इस योजना के दायरे में लाने की मांग रखी गई। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण तथा उत्पाद शुल्क में कटौती की भी बात कही गई। ज्ञापन में ठेका एवं योजना कर्मियों को स्थायी करने, समान काम के लिए समान वेतन लागू करने, तथा वृद्धजन, विधवा एवं दिव्यांगजन पेंशन बढ़ाकर 5 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई। मजदूर आंदोलनों में पुलिस-प्रशासन के हस्तक्षेप पर रोक लगाने और आठ घंटे कार्य दिवस को सख्ती से लागू कर ओवरटाइम का दोगुना भुगतान व सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिक, कर्मचारी और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। श्रमिक नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।

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  • भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में चयनित होने के बाद अपना प्रशिक्षण पूर्ण कर पहली बार अपने पैतृक गांव गेणोली लौटे अग्निवीर जवान दिनेश माली का ग्रामीणों ने बड़े उत्साह और गौरव के साथ भव्य स्वागत किया। भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ स्थित उनके गांव गेणोली में जवान के सम्मान में पूरे क्षेत्र में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला, जहां जगह-जगह पुष्पवर्षा कर उनका अभिवादन किया गया। गेणोली निवासी किसान कालूलाल माली के बेटे दिनेश माली का मांडलगढ़ चौराहे पर पहुंचते ही ग्रामीणों ने 'भारत माता के जयकारों' के साथ अभिनंदन किया। इसके उपरांत गांव में ढोल नगाड़े और डीजे पर एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें फूल मालाएं पहनाकर और साफ़ बांधकर उनका सम्मान किया गया, जिससे पूरा गांव देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। ग्रामीणों ने इस अवसर पर कहा कि दिनेश माली की यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं को सेना में भर्ती होकर देश सेवा के लिए प्रेरित करेगी। इस भव्य स्वागत समारोह में युवाओं से लेकर बड़े बुजुर्गों तक ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और जवान के उज्जवल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता किशन माली, दुर्गा माली, भूरालाल माली, देव माली, गणपत माली, नाथू माली, लादू माली, जगदीश माली सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
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    भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में चयनित होने के बाद अपना प्रशिक्षण पूर्ण कर पहली बार अपने पैतृक गांव गेणोली लौटे अग्निवीर जवान दिनेश माली का ग्रामीणों ने बड़े उत्साह और गौरव के साथ भव्य स्वागत किया। भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ स्थित उनके गांव गेणोली में जवान के सम्मान में पूरे क्षेत्र में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला, जहां जगह-जगह पुष्पवर्षा कर उनका अभिवादन किया गया। गेणोली निवासी किसान कालूलाल माली के बेटे दिनेश माली का मांडलगढ़ चौराहे पर पहुंचते ही ग्रामीणों ने 'भारत माता के जयकारों' के साथ अभिनंदन किया। इसके उपरांत गांव में ढोल नगाड़े और डीजे पर एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें फूल मालाएं पहनाकर और साफ़ बांधकर उनका सम्मान किया गया, जिससे पूरा गांव देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।

ग्रामीणों ने इस अवसर पर कहा कि दिनेश माली की यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं को सेना में भर्ती होकर देश सेवा के लिए प्रेरित करेगी। इस भव्य स्वागत समारोह में युवाओं से लेकर बड़े बुजुर्गों तक ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और जवान के उज्जवल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता किशन माली, दुर्गा माली, भूरालाल माली, देव माली, गणपत माली, नाथू माली, लादू माली, जगदीश माली सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
    user_राजकुमार गोयल
    राजकुमार गोयल
    Local News Reporter Bhilwara, Rajasthan•
    44 min ago
  • केन्द्रीय श्रम संगठनों के देशव्यापी आह्वान पर सोमवार दोपहर करीब 12 बजे भारतीय ट्रेड यूनियन सीटू (CITU) सहित अन्य श्रमिक संगठनों के नेतृत्व में श्रमिकों ने मुखर्जी पार्क से एक विशाल रैली निकाली। यह रैली कलेक्ट्रेट पहुंची, जहाँ श्रमिकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार की श्रम नीतियों, निजीकरण और लगातार बढ़ती महंगाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई, जिसके बाद प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को 12 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा गया। सभा को संबोधित करते हुए श्रमिक नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार श्रम संहिताएं (लेबर कोड) लागू की हैं, जो मजदूरों के हितों के बजाय बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचा रही हैं। वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि बैंक, बीमा, रेलवे, एयरलाइंस, कोयला और स्टील जैसे सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण कर उन्हें देशी-विदेशी कॉर्पोरेट घरानों के हवाले किया जा रहा है, जिसका देशभर के मजदूर और कर्मचारी संगठन लगातार विरोध कर रहे हैं। श्रमिक नेताओं ने कहा कि संगठित संघर्षों के कारण केंद्र सरकार को कई बार अपने फैसलों पर पुनर्विचार करना पड़ा है, और वे आगे भी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। ज्ञापन में रखी गई 12 प्रमुख मांगों में मजदूर विरोधी बताए जा रहे चारों लेबर कोड को तत्काल वापस लेना, सरकारी संपत्तियों के निजीकरण पर रोक लगाना तथा नई पेंशन योजना (NPS) को समाप्त करना शामिल है। श्रमिकों ने संयुक्त किसान मोर्चा के छह सूत्रीय मांग पत्र को स्वीकार करने और कृषि उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, सभी श्रमिकों, जिनमें योजना कर्मी भी शामिल हैं, के लिए न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने, सभी को रोजगार की गारंटी देने और बेरोजगारों को 5 हजार रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने की अपील की गई। मनरेगा में 200 दिन रोजगार और 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने के साथ-साथ शहरी बेरोजगारों को भी इस योजना के दायरे में लाने की मांग रखी गई। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण तथा उत्पाद शुल्क में कटौती की भी बात कही गई। ज्ञापन में ठेका एवं योजना कर्मियों को स्थायी करने, समान काम के लिए समान वेतन लागू करने, तथा वृद्धजन, विधवा एवं दिव्यांगजन पेंशन बढ़ाकर 5 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई। मजदूर आंदोलनों में पुलिस-प्रशासन के हस्तक्षेप पर रोक लगाने और आठ घंटे कार्य दिवस को सख्ती से लागू कर ओवरटाइम का दोगुना भुगतान व सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिक, कर्मचारी और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। श्रमिक नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।
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    केन्द्रीय श्रम संगठनों के देशव्यापी आह्वान पर सोमवार दोपहर करीब 12 बजे भारतीय ट्रेड यूनियन सीटू (CITU) सहित अन्य श्रमिक संगठनों के नेतृत्व में श्रमिकों ने मुखर्जी पार्क से एक विशाल रैली निकाली। यह रैली कलेक्ट्रेट पहुंची, जहाँ श्रमिकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार की श्रम नीतियों, निजीकरण और लगातार बढ़ती महंगाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई, जिसके बाद प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को 12 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा गया।

सभा को संबोधित करते हुए श्रमिक नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार श्रम संहिताएं (लेबर कोड) लागू की हैं, जो मजदूरों के हितों के बजाय बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचा रही हैं। वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि बैंक, बीमा, रेलवे, एयरलाइंस, कोयला और स्टील जैसे सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण कर उन्हें देशी-विदेशी कॉर्पोरेट घरानों के हवाले किया जा रहा है, जिसका देशभर के मजदूर और कर्मचारी संगठन लगातार विरोध कर रहे हैं। श्रमिक नेताओं ने कहा कि संगठित संघर्षों के कारण केंद्र सरकार को कई बार अपने फैसलों पर पुनर्विचार करना पड़ा है, और वे आगे भी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

ज्ञापन में रखी गई 12 प्रमुख मांगों में मजदूर विरोधी बताए जा रहे चारों लेबर कोड को तत्काल वापस लेना, सरकारी संपत्तियों के निजीकरण पर रोक लगाना तथा नई पेंशन योजना (NPS) को समाप्त करना शामिल है। श्रमिकों ने संयुक्त किसान मोर्चा के छह सूत्रीय मांग पत्र को स्वीकार करने और कृषि उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, सभी श्रमिकों, जिनमें योजना कर्मी भी शामिल हैं, के लिए न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने, सभी को रोजगार की गारंटी देने और बेरोजगारों को 5 हजार रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने की अपील की गई। मनरेगा में 200 दिन रोजगार और 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने के साथ-साथ शहरी बेरोजगारों को भी इस योजना के दायरे में लाने की मांग रखी गई। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण तथा उत्पाद शुल्क में कटौती की भी बात कही गई। ज्ञापन में ठेका एवं योजना कर्मियों को स्थायी करने, समान काम के लिए समान वेतन लागू करने, तथा वृद्धजन, विधवा एवं दिव्यांगजन पेंशन बढ़ाकर 5 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई। मजदूर आंदोलनों में पुलिस-प्रशासन के हस्तक्षेप पर रोक लगाने और आठ घंटे कार्य दिवस को सख्ती से लागू कर ओवरटाइम का दोगुना भुगतान व सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिक, कर्मचारी और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। श्रमिक नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।
    user_Puneet jain
    Puneet jain
    भीलवाड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • मांडल में योग दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें विधायक उदयलाल भड़ाना, तहसीलदार, एसडीएम और अन्य गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
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    मांडल में योग दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें विधायक उदयलाल भड़ाना, तहसीलदार, एसडीएम और अन्य गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
    user_SURAJ RAO
    SURAJ RAO
    Local Politician मंडल, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • NEET परीक्षा के दौरान योगी की पुलिस ने एक सराहनीय कार्य किया है। जानकारी के अनुसार, एक छात्रा गलती से किसी और परीक्षा केंद्र पर पहुँच गई थी। इस स्थिति में, पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे अपनी कार में बिठाकर सही परीक्षा केंद्र तक पहुँचाया। इतना ही नहीं, छात्रा को देरी होने के बावजूद परीक्षा में बैठने दिया गया और उसने अपना एग्जाम सफलतापूर्वक दिया।
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    NEET परीक्षा के दौरान योगी की पुलिस ने एक सराहनीय कार्य किया है। जानकारी के अनुसार, एक छात्रा गलती से किसी और परीक्षा केंद्र पर पहुँच गई थी। इस स्थिति में, पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे अपनी कार में बिठाकर सही परीक्षा केंद्र तक पहुँचाया। इतना ही नहीं, छात्रा को देरी होने के बावजूद परीक्षा में बैठने दिया गया और उसने अपना एग्जाम सफलतापूर्वक दिया।
    user_Amrit Rajpurohit
    Amrit Rajpurohit
    Iron & Steel Store Begun, Chittorgarh•
    1 hr ago
  • महेश नवमी के अवसर पर निकलने वाली भव्य शोभायात्रा की तैयारियों में मातृशक्ति पूरे उत्साह के साथ जुटी हुई है। इस शोभायात्रा के लिए मातृशक्ति ने ढोल-नगाड़ों के साथ परेड अभ्यास किया, जिसमें उत्सव का माहौल स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
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    महेश नवमी के अवसर पर निकलने वाली भव्य शोभायात्रा की तैयारियों में मातृशक्ति पूरे उत्साह के साथ जुटी हुई है। इस शोभायात्रा के लिए मातृशक्ति ने ढोल-नगाड़ों के साथ परेड अभ्यास किया, जिसमें उत्सव का माहौल स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
    user_Hello Chittorgarh News
    Hello Chittorgarh News
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • एक टूर्नामेंट में नए प्लेयर बैजेस को लेकर खूब चर्चा हो रही है। ये बैजेस इस समय टूर्नामेंट से संबंधित बातचीत का मुख्य विषय बन गए हैं।
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    एक टूर्नामेंट में नए प्लेयर बैजेस को लेकर खूब चर्चा हो रही है। ये बैजेस इस समय टूर्नामेंट से संबंधित बातचीत का मुख्य विषय बन गए हैं।
    user_Neeraj Sharma
    Neeraj Sharma
    Content Creator (YouTuber) चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • आज, 22 जून 2026 को चित्तौड़गढ़ स्थित श्रीसांवलिया सेठ के लाइव श्रंगार दर्शन उपलब्ध हैं, जिसके लिए 'जय हो!' का उद्घोष किया गया है। इसके अतिरिक्त, उपयोगकर्ताओं को सूचित किया गया है कि वे अपने क्षेत्र की सभी खबरें देखने और उन्हें साझा करके कमाई करने हेतु शुरू ऐप डाउनलोड कर सकते हैं।
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    आज, 22 जून 2026 को चित्तौड़गढ़ स्थित श्रीसांवलिया सेठ के लाइव श्रंगार दर्शन उपलब्ध हैं, जिसके लिए 'जय हो!' का उद्घोष किया गया है। इसके अतिरिक्त, उपयोगकर्ताओं को सूचित किया गया है कि वे अपने क्षेत्र की सभी खबरें देखने और उन्हें साझा करके कमाई करने हेतु शुरू ऐप डाउनलोड कर सकते हैं।
    user_Kalu Lal Oad
    Kalu Lal Oad
    बेगूं, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • मांडलगढ़ में महेश जयंती समारोह के उपलक्ष्य में, राजकुमार गोयल तहसील माहेश्वरी सभा मांडलगढ़ द्वारा एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर रविवार को नगर अम्बा बावड़ी पर आयोजित हुआ और स्वर्गीय श्रीमती लक्ष्मी देवी सोमानी की मुख्य स्मृति को समर्पित था। शिविर का शुभारंभ भगवान महेश की तस्वीर पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया, जिसमें विधायक गोपाल खंडेलवाल, नगर पालिका अध्यक्ष संजय डांगी, विधायक प्रतिनिधि मनोज सनाढ्य, पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष अर्जुन ब्रह्म भट्ट, और अशोक जीनगर सहित कई गणमान्य समाजजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर मांडलगढ़ के पूर्व प्रधान जितेंद्र मुंदड़ा, पूर्व पालिका अध्यक्ष विनोद ओस्तवाल, तहसील अध्यक्ष ओमप्रकाश मुंदड़ा, मंत्री ओमप्रकाश मुंदड़ा, ओमप्रकाश लढ़ा, नगर अध्यक्ष रमेश सोमानी, मंत्री भगवान मुंदड़ा, पूर्व अध्यक्ष गोवर्धन झंवर, मानसिंह मुंदड़ा, तहसील प्रतिनिधि महावीर लढ़ा, और महिला अध्यक्ष अल्का अढां जैसे प्रतिष्ठित व्यक्ति भी मौजूद थे। इस रक्तदान शिविर में युवा युवतियों और युवक युवकों ने बड़े उत्साह के साथ अपनी भागीदारी सुनिश्चित की, जिसके परिणामस्वरूप कुल 125 यूनिट रक्तदान का संग्रह हुआ।
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    मांडलगढ़ में महेश जयंती समारोह के उपलक्ष्य में, राजकुमार गोयल तहसील माहेश्वरी सभा मांडलगढ़ द्वारा एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर रविवार को नगर अम्बा बावड़ी पर आयोजित हुआ और स्वर्गीय श्रीमती लक्ष्मी देवी सोमानी की मुख्य स्मृति को समर्पित था।

शिविर का शुभारंभ भगवान महेश की तस्वीर पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया, जिसमें विधायक गोपाल खंडेलवाल, नगर पालिका अध्यक्ष संजय डांगी, विधायक प्रतिनिधि मनोज सनाढ्य, पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष अर्जुन ब्रह्म भट्ट, और अशोक जीनगर सहित कई गणमान्य समाजजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर मांडलगढ़ के पूर्व प्रधान जितेंद्र मुंदड़ा, पूर्व पालिका अध्यक्ष विनोद ओस्तवाल, तहसील अध्यक्ष ओमप्रकाश मुंदड़ा, मंत्री ओमप्रकाश मुंदड़ा, ओमप्रकाश लढ़ा, नगर अध्यक्ष रमेश सोमानी, मंत्री भगवान मुंदड़ा, पूर्व अध्यक्ष गोवर्धन झंवर, मानसिंह मुंदड़ा, तहसील प्रतिनिधि महावीर लढ़ा, और महिला अध्यक्ष अल्का अढां जैसे प्रतिष्ठित व्यक्ति भी मौजूद थे।

इस रक्तदान शिविर में युवा युवतियों और युवक युवकों ने बड़े उत्साह के साथ अपनी भागीदारी सुनिश्चित की, जिसके परिणामस्वरूप कुल 125 यूनिट रक्तदान का संग्रह हुआ।
    user_राजकुमार गोयल
    राजकुमार गोयल
    Local News Reporter Bhilwara, Rajasthan•
    6 hrs ago
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