उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के सकलडीहा अंतर्गत कमालपुर कस्बा के रहने वाले प्रमोद रस्तोगी के 16 वर्षीय पुत्र राधे कृष्ण रस्तोगी ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक अनोखी पहल की है। जहां आमतौर पर इस उम्र के छात्र केवल पढ़ाई और करियर की तैयारी में जुटे रहते हैं, वहीं राधे कृष्ण ने इमरजेंसी के दौरान अस्पताल और एम्बुलेंस के बीच त्वरित तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से एक हेल्थटेक MVP (न्यूनतम व्यवहार्य उत्पाद) 'ApkaBachav by (Lifenerula)' तैयार किया है। इस तकनीक को विकसित करने के पीछे राधे कृष्ण रस्तोगी का मुख्य उद्देश्य अस्पताल और एम्बुलेंस के बीच त्वरित सूचना के आदान-प्रदान को मजबूत करना है। इसके लिए अलग-अलग डैशबोर्ड बनाए गए हैं, ताकि दोनों पक्ष अपनी जरूरत और भूमिका के अनुसार इस सिस्टम का कुशलतापूर्वक उपयोग कर सकें। राधे कृष्ण ने बताया कि उन्हें इस प्रोजेक्ट का विचार अपने ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियों और लोगों को समय पर एम्बुलेंस न मिल पाने के संघर्ष को देखकर आया। उनका लक्ष्य एक आसान समाधान बनाना है, ताकि दूर-दराज के इलाकों में भी कोई मरीज समय पर इलाज से वंचित न रहे। फिलहाल यह प्रोजेक्ट अपने शुरुआती तकनीकी चरण में है, और उनका अगला कदम स्थानीय अस्पतालों और एम्बुलेंस सेवाओं के साथ मिलकर इसका ट्रायल रन (पायलट प्रोजेक्ट) शुरू करना है। इस ट्रायल से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर सिस्टम को भविष्य में और बेहतर किया जाएगा। भविष्य में इस सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जोड़ने की भी योजना है, जिससे गंभीर स्थिति के अनुसार सिस्टम खुद सही अस्पताल का चुनाव कर सके। इसके सफल ट्रायल के बाद इसे बनारस, लखनऊ और दिल्ली जैसे बड़े शहरों के मेडिकल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। कमालपुर के ग्रामीण माहौल से निकलकर तकनीकी क्षेत्र में किया गया उनका यह प्रयास क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बन गया है।
उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के सकलडीहा अंतर्गत कमालपुर कस्बा के रहने वाले प्रमोद रस्तोगी के 16 वर्षीय पुत्र राधे कृष्ण रस्तोगी ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक अनोखी पहल की है। जहां आमतौर पर इस उम्र के छात्र केवल पढ़ाई और करियर की तैयारी में जुटे रहते हैं, वहीं राधे कृष्ण ने इमरजेंसी के दौरान अस्पताल और एम्बुलेंस के बीच त्वरित तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से एक हेल्थटेक MVP (न्यूनतम व्यवहार्य उत्पाद) 'ApkaBachav by (Lifenerula)' तैयार किया है। इस तकनीक को विकसित करने के पीछे राधे कृष्ण रस्तोगी का मुख्य उद्देश्य अस्पताल और एम्बुलेंस के बीच
त्वरित सूचना के आदान-प्रदान को मजबूत करना है। इसके लिए अलग-अलग डैशबोर्ड बनाए गए हैं, ताकि दोनों पक्ष अपनी जरूरत और भूमिका के अनुसार इस सिस्टम का कुशलतापूर्वक उपयोग कर सकें। राधे कृष्ण ने बताया कि उन्हें इस प्रोजेक्ट का विचार अपने ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियों और लोगों को समय पर एम्बुलेंस न मिल पाने के संघर्ष को देखकर आया। उनका लक्ष्य एक आसान समाधान बनाना है, ताकि दूर-दराज के इलाकों में भी कोई मरीज समय पर इलाज से वंचित न रहे। फिलहाल यह प्रोजेक्ट अपने शुरुआती तकनीकी चरण में है, और उनका अगला कदम स्थानीय अस्पतालों और एम्बुलेंस
सेवाओं के साथ मिलकर इसका ट्रायल रन (पायलट प्रोजेक्ट) शुरू करना है। इस ट्रायल से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर सिस्टम को भविष्य में और बेहतर किया जाएगा। भविष्य में इस सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जोड़ने की भी योजना है, जिससे गंभीर स्थिति के अनुसार सिस्टम खुद सही अस्पताल का चुनाव कर सके। इसके सफल ट्रायल के बाद इसे बनारस, लखनऊ और दिल्ली जैसे बड़े शहरों के मेडिकल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। कमालपुर के ग्रामीण माहौल से निकलकर तकनीकी क्षेत्र में किया गया उनका यह प्रयास क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बन गया है।
- चन्दौली जिले के सकलडीहा में स्टेडियम और खेल के मैदान को लेकर तहसील दिवस पर एक ज्ञापन सौंपा गया है। यह ज्ञापन किसान नेता मणि देव चतुर्वेदी द्वारा दिया गया है, जिसमें सकलडीहा स्टेडियम व खेल के मैदान के विषय को उठाया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के सकलडीहा अंतर्गत कमालपुर कस्बा के रहने वाले प्रमोद रस्तोगी के 16 वर्षीय पुत्र राधे कृष्ण रस्तोगी ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक अनोखी पहल की है। जहां आमतौर पर इस उम्र के छात्र केवल पढ़ाई और करियर की तैयारी में जुटे रहते हैं, वहीं राधे कृष्ण ने इमरजेंसी के दौरान अस्पताल और एम्बुलेंस के बीच त्वरित तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से एक हेल्थटेक MVP (न्यूनतम व्यवहार्य उत्पाद) 'ApkaBachav by (Lifenerula)' तैयार किया है। इस तकनीक को विकसित करने के पीछे राधे कृष्ण रस्तोगी का मुख्य उद्देश्य अस्पताल और एम्बुलेंस के बीच त्वरित सूचना के आदान-प्रदान को मजबूत करना है। इसके लिए अलग-अलग डैशबोर्ड बनाए गए हैं, ताकि दोनों पक्ष अपनी जरूरत और भूमिका के अनुसार इस सिस्टम का कुशलतापूर्वक उपयोग कर सकें। राधे कृष्ण ने बताया कि उन्हें इस प्रोजेक्ट का विचार अपने ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियों और लोगों को समय पर एम्बुलेंस न मिल पाने के संघर्ष को देखकर आया। उनका लक्ष्य एक आसान समाधान बनाना है, ताकि दूर-दराज के इलाकों में भी कोई मरीज समय पर इलाज से वंचित न रहे। फिलहाल यह प्रोजेक्ट अपने शुरुआती तकनीकी चरण में है, और उनका अगला कदम स्थानीय अस्पतालों और एम्बुलेंस सेवाओं के साथ मिलकर इसका ट्रायल रन (पायलट प्रोजेक्ट) शुरू करना है। इस ट्रायल से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर सिस्टम को भविष्य में और बेहतर किया जाएगा। भविष्य में इस सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जोड़ने की भी योजना है, जिससे गंभीर स्थिति के अनुसार सिस्टम खुद सही अस्पताल का चुनाव कर सके। इसके सफल ट्रायल के बाद इसे बनारस, लखनऊ और दिल्ली जैसे बड़े शहरों के मेडिकल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। कमालपुर के ग्रामीण माहौल से निकलकर तकनीकी क्षेत्र में किया गया उनका यह प्रयास क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बन गया है।3
- वाराणसी के जगन्नाथ बाबा की रथयात्रा मेले में भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिल रहा है, जहां भारी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। न्यूज टू इंडिया के उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की रिपोर्ट के अनुसार, इस पावन अवसर पर जगन्नाथ बाबा की भव्य आरती की जा रही है। ढोल-नगाड़ों और शंख की गूंजती ध्वनि के बीच भक्त अपने हाथों में दीप लेकर पूरी श्रद्धा के साथ बाबा की आरती में लीन नजर आ रहे हैं। पूरा मेला परिसर 'जय जगन्नाथ' के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा है। इस अवसर पर मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें भी सजाई गई हैं, जहां श्रद्धालु बाबा का प्रसाद ग्रहण कर और आरती में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा मेले में सुरक्षा और साफ-सफाई के विशेष एवं कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।1
- जंतर-मंतर पर आमरण अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को 18 जुलाई की सुबह दिल्ली पुलिस ने सफेद चादरों की ओट में वहां से हटाकर अस्पताल पहुंचाया। इस पुलिसिया कार्रवाई के वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहे हैं। आवाज-ए-भारत के लिए चौधरी हसन की इस रिपोर्ट में उपलब्ध बयानों और रिपोर्टों के आधार पर इस पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन और तथ्यों को प्रस्तुत किया गया है। इसमें इस बात का ब्योरा दिया गया है कि आखिर पुलिस कब और किस तरह से वहां पहुंची और कार्रवाई के वक्त सफेद चादरों का इस्तेमाल क्यों किया गया। इसके साथ ही, पुलिस का आधिकारिक पक्ष, प्रदर्शनकारियों के आरोप, इस मामले में हाई कोर्ट की भूमिका और फिलहाल सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति कैसी है, इन सभी सवालों के जवाब तथ्यों के साथ सामने रखे गए हैं।1
- जनता न्यूज़ टीवी के ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय के अनुसार, चंदौलीक्षेत्र पंचायत की बैठक में 5 करोड़ की विकास योजनाओं का खाका तैयार किया गया है। इन योजनाओं में मुख्य रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क निर्माण पर फोकस रहेगा।1
- वाराणसी के कैथी स्थित प्रसिद्ध मार्कण्डेय धाम में भक्तिमय भजन-कीर्तन के बीच महिला शक्ति का सम्मान किया गया। इस पावन अवसर पर धाम में आयोजित भजन-कीर्तन के मधुर स्वरों के बीच उपस्थित लोगों ने नारी शक्ति के प्रति आदर और सम्मान व्यक्त किया।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में सकलडीहा तहसील दिवस के अवसर पर किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव ने बिजली और पानी की समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है।1
- उत्तर प्रदेश के वाराणसी में चौबेपुर थाना परिसर के अंदर एक महिला दरोगा द्वारा शिकायत लेकर आई महिला के साथ मारपीट की गई है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला दरोगा रोशनी सिंह फरियादी शिकायतकर्ता पर थप्पड़ बरसाती हुई दिखाई दे रही हैं। थाने के भीतर हुई इस घटना के बाद अब थाना और पुलिस विभाग की कार्यशैली को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।1