आंगनबाड़ी बहनों के मानदेय में बढ़ोतरी करवाई है, वैसे ही हम स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बहनों के हक की लड़ाई भी लड़ेंगे। आज धरातल पर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी माता-बहनों को सबसे ज्यादा शोषण का शिकार होना पड़ रहा है। 12-12 घंटे काम करने के बाद भी समूह कार्यकर्ताओं से लेकर स्टेट मैनेजर, डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, ब्लॉक मैनेजर, कंप्यूटर ऑपरेटर और स्वयं सहायता समूहों से जुड़े प्रत्येक सदस्य की नौकरी न पक्की है, न बीमा है, न नियमितीकरण है और न ही वेतन वृद्धि होती है। हम सब जानते हैं कि समूह सखी, बैंक सखी, कृषि सखी आदि सभी गांव-गांव में सरकार की योजनाओं को पहुंचाने का काम करती हैं। इसके बावजूद सरकार इन्हें सम्मान नहीं देना चाहती, बल्कि इन पर दबाव बनाकर अपनी रैलियों में बुलाकर भीड़ जुटाना चाहती है। हम आपको जिम्मेदारी के साथ कहना चाहते हैं कि जैसे हमारे संघर्ष से हमने उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी बहनों के मानदेय में बढ़ोतरी करवाई है, वैसे ही हम स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बहनों के हक की लड़ाई भी लड़ेंगे। 2027 में सरकार बनने पर आपकी कुछ मांगों को जरूर पूरा करेंगे। इस बात का भी मैं आपको विश्वास दिलाता हूं।
आंगनबाड़ी बहनों के मानदेय में बढ़ोतरी करवाई है, वैसे ही हम स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बहनों के हक की लड़ाई भी लड़ेंगे। आज धरातल पर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी माता-बहनों को सबसे ज्यादा शोषण का शिकार होना पड़ रहा है। 12-12 घंटे काम करने के बाद भी समूह कार्यकर्ताओं से लेकर स्टेट मैनेजर, डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, ब्लॉक मैनेजर, कंप्यूटर ऑपरेटर और स्वयं सहायता समूहों से जुड़े प्रत्येक सदस्य की नौकरी न पक्की है, न बीमा है, न नियमितीकरण है और न ही वेतन वृद्धि होती है। हम सब जानते हैं कि समूह सखी, बैंक सखी, कृषि सखी आदि सभी गांव-गांव में सरकार की योजनाओं को पहुंचाने का काम करती हैं। इसके बावजूद सरकार इन्हें सम्मान नहीं देना चाहती, बल्कि इन पर दबाव बनाकर अपनी रैलियों में बुलाकर भीड़ जुटाना चाहती है। हम आपको जिम्मेदारी के साथ कहना चाहते हैं कि जैसे हमारे संघर्ष से हमने उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी बहनों के मानदेय में बढ़ोतरी करवाई है, वैसे ही हम स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बहनों के हक की लड़ाई भी लड़ेंगे। 2027 में सरकार बनने पर आपकी कुछ मांगों को जरूर पूरा करेंगे। इस बात का भी मैं आपको विश्वास दिलाता हूं।
- आंगनबाड़ी बहनों के मानदेय में बढ़ोतरी करवाई है, वैसे ही हम स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बहनों के हक की लड़ाई भी लड़ेंगे। आज धरातल पर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी माता-बहनों को सबसे ज्यादा शोषण का शिकार होना पड़ रहा है। 12-12 घंटे काम करने के बाद भी समूह कार्यकर्ताओं से लेकर स्टेट मैनेजर, डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, ब्लॉक मैनेजर, कंप्यूटर ऑपरेटर और स्वयं सहायता समूहों से जुड़े प्रत्येक सदस्य की नौकरी न पक्की है, न बीमा है, न नियमितीकरण है और न ही वेतन वृद्धि होती है। हम सब जानते हैं कि समूह सखी, बैंक सखी, कृषि सखी आदि सभी गांव-गांव में सरकार की योजनाओं को पहुंचाने का काम करती हैं। इसके बावजूद सरकार इन्हें सम्मान नहीं देना चाहती, बल्कि इन पर दबाव बनाकर अपनी रैलियों में बुलाकर भीड़ जुटाना चाहती है। हम आपको जिम्मेदारी के साथ कहना चाहते हैं कि जैसे हमारे संघर्ष से हमने उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी बहनों के मानदेय में बढ़ोतरी करवाई है, वैसे ही हम स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बहनों के हक की लड़ाई भी लड़ेंगे। 2027 में सरकार बनने पर आपकी कुछ मांगों को जरूर पूरा करेंगे। इस बात का भी मैं आपको विश्वास दिलाता हूं।1
- CM धामी रेखा आर्य के बचाव में उतरे गैरसैण में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मंत्री रेखा आर्य का खुला समर्थन किया। गिरधारी साहू प्रकरण पर बोलते हुए उन्होंने कहा: “22 साल शादीशुदा रहे। जब मंत्री ने गलत करने से मन कर दिया तो अचानक गलत-गलत आरोप लगने लगे।” धामी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि “सबसे बड़े घोटालेबाज कांग्रेस वाले ही हैं।1
- ज्ञानेश कुमार हटाव मार्च’ अब ना कोई बहाना होगा ज्ञानेश तुमको जाना होगा! मुंबई मे ज्ञानेश कुमाक के खिलाफ प्रदर्शन ‘ज्ञानेश कुमार हटाव मार्च’ अब ना कोई बहाना होगा ज्ञानेश तुमको जाना होगा! मुंबई मे ज्ञानेश कुमाक के खिलाफ प्रदर्शन1
- ये हैं गौरव कुमार - जो हरियाणा महिला कांग्रेस की पूर्व जनरल सेक्रेटरी के पति हैं। वह गांधी परिवार के खिलाफ प्रोटेस्ट कर रहे हैं, उनका आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी के लिए लोकसभा टिकट के लिए प्रियंका वाड्रा को सीधे ₹7 करोड़ दिए, लेकिन पेमेंट के बावजूद उन्हें टिकट नहीं दिया गया। ये हैं गौरव कुमार - जो हरियाणा महिला कांग्रेस की पूर्व जनरल सेक्रेटरी के पति हैं। वह गांधी परिवार के खिलाफ प्रोटेस्ट कर रहे हैं, उनका आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी के लिए लोकसभा टिकट के लिए प्रियंका वाड्रा को सीधे ₹7 करोड़ दिए, लेकिन पेमेंट के बावजूद उन्हें टिकट नहीं दिया गया। अब वह अपने पूरे पैसे वापस मांग रहे हैं। गौरव कुमार पहले भी इन्हीं आरोपों को चलते चर्चा में आ चुके हैं आज 28 अक्टूबर को गौरव ने दिल्ली में 10 जनपथ के बाहर फिर से प्रदर्शन किया है1
- उत्तराखंड विधानसभा के सामने लगे सारे बैरिकेड्स विपक्ष ने तोड़ डाले1
- मानसा (पंजाब): 32 वर्षीय दलजीत सिंह का शव कब्जे में लेने के दौरान पुलिस और परिजनों में झड़प; सिख प्रदर्शनकारी की दस्तार (पगड़ी) उतरने और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण। मानसा, पंजाब: मानसा के भम्मे कलां निवासी 32 वर्षीय दलजीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु (परिजनों के अनुसार नशे की ओवरडोज) के बाद, उनके शव को नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के 'इंसाफ मोर्चा' धरना स्थल ले जाने का प्रयास कर रहे परिजनों और ग्रामीणों को रोकने के लिए पंजाब पुलिस ने भारी बैरीकेडिंग की। पुलिस द्वारा एम्बुलेंस से शव को कब्जे में लेने के दौरान हुई धक्का-मुक्की में एक सिख प्रदर्शनकारी को सड़क पर घसीटे जाने से उसकी दस्तार (पगड़ी) नीचे गिर गई, और पुलिस ने विरोध कर रहे परिजनों तथा प्रदर्शनकारियों को हिरासत (detained) में ले लिया।3
- इजरायल चुनाव का एक्जिट पोल नेतनयाहू को बहुमत में नहीं दिखा रहा है। इजरायल चुनाव का एक्जिट पोल नेतनयाहू को बहुमत में नहीं दिखा रहा है। चुनाव परिणाम से ठीक पहले नेतनयाहू नेशनल राइट विंग सरकार बनाने के वकालत करते नज़र आ रहे हैं।1
- नॉर्थ वेस्ट दिल्ली में बुकी साहिल जैन उर्फ गूगल के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग हुई।बाइक सवार दो बदमाश आए और कुल 6 राउंड गोलियां चलाईं। गोलियां दीवार और बाहर खड़ी कार पर लगीं। कोई घायल नहीं हुआ नॉर्थ वेस्ट दिल्ली में बुकी साहिल जैन उर्फ गूगल के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग हुई।बाइक सवार दो बदमाश आए और कुल 6 राउंड गोलियां चलाईं। गोलियां दीवार और बाहर खड़ी कार पर लगीं। कोई घायल नहीं हुआ। साहिल जैन दिल्ली और देश के बड़े बुकी में गिने जाते हैं। उन पर अवैध कॉल सेंटर के कारोबार का आरोप भी है। साल 2021 में लॉरेंस बिश्नोई ने खुद कॉल करके धमकी दी थी ‘तुझे और तेरे परिवार को कच्चा चबा जाऊँगा’। उस धमकी का ऑडियो वायरल हुआ था।1