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लेखपाल की मृत्यु के बाद परिवार रजिस्टर बना विवाद की जड़, युवती के वैवाहिक दर्जे पर सवाल अम्बेडकरनगर। विकास खंड रामनगर की ग्राम सभा शेखपुर मलपुरा में परिवार रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टियों को लेकर उठा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। स्वर्गीय सत्यनारायण, जो राजस्व विभाग में लेखपाल पद पर कार्यरत रह चुके थे, की मृत्यु के बाद उनकी पुत्री अर्चना के वैवाहिक दर्जे को लेकर गांव और प्रशासन के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अर्चना का आरोप है कि पिता की मृत्यु के बाद गांव की एक महिला ने स्वयं को सत्यनारायण की पत्नी बताते हुए परिवार रजिस्टर में अपना नाम दर्ज करा लिया, जबकि इसका कोई वैधानिक आधार नहीं है। इसी कथित गलत प्रविष्टि के बाद सत्यनारायण की चल-अचल संपत्ति को लेकर विवाद लगातार गहराता चला गया। वैवाहिक स्थिति बनी विवाद की धुरी अर्चना के वैवाहिक होने या न होने को लेकर गांव में दो स्पष्ट धड़े बन चुके हैं। एक पक्ष में ग्राम सभा के वर्तमान प्रधान, पूर्व प्रधान और अर्चना के मामा सहित 13 लोग शामिल हैं, जो अर्चना को विवाहित बता रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, गांव में आयोजित खुली बैठक में 26 ग्रामीणों ने अर्चना को अविवाहित बताते हुए समर्थन दिया, जिससे पूरे मामले में विरोधाभास सामने आया है। तीन वर्षों से नहीं सुलझ सका मामला अर्चना का कहना है कि वह पिछले तीन वर्षों से अपना नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज कराने के लिए ग्राम पंचायत से लेकर विकास खंड कार्यालय तक के चक्कर काट रही है। हर बार जांच और विचार का आश्वासन तो मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया। अर्चना का तर्क है कि यदि उसे विवाहित बताया जा रहा है तो संबंधित पक्ष को विवाह से जुड़े प्रमाण—जैसे विवाह पंजीकरण, पति का विवरण या अन्य वैधानिक दस्तावेज—प्रस्तुत करने चाहिए। उसका दावा है कि आज तक ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आ सका है। नियमों की अनदेखी का आरोप पंचायत और राजस्व नियमों के अनुसार परिवार रजिस्टर में किसी भी नाम को जोड़ने या संशोधित करने से पहले दस्तावेजी साक्ष्य और विधिवत सत्यापन आवश्यक होता है। ऐसे में बिना स्पष्ट प्रमाण के प्रविष्टि किए जाने के आरोप प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। संपत्ति विवाद से जुड़ा मामला जानकारों के अनुसार, सत्यनारायण के पास सरकारी सेवा के साथ-साथ पर्याप्त चल और अचल संपत्ति थी। परिवार रजिस्टर में प्रविष्टियों के आधार पर ही संपत्ति के उत्तराधिकार का निर्धारण होता है, इसलिए यह विवाद अब कानूनी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गंभीर हो गया है। निष्पक्ष जांच की मांग गांव के लोगों और अर्चना ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दस्तावेजों के आधार पर निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होगी, तब तक न केवल परिवार रजिस्टर बल्कि संपत्ति संबंधी विवाद भी सुलझ नहीं पाएगा। फिलहाल यह मामला ग्राम सभा की सीमाओं से निकलकर प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता और महिला के अधिकारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी कब तक नियमों के अनुसार कार्रवाई कर इस विवाद पर विराम लगाते हैं।

1 hr ago
user_Anubhavi Aankhen
Anubhavi Aankhen
Journalist अल्लापुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

लेखपाल की मृत्यु के बाद परिवार रजिस्टर बना विवाद की जड़, युवती के वैवाहिक दर्जे पर सवाल अम्बेडकरनगर। विकास खंड रामनगर की ग्राम सभा शेखपुर मलपुरा में परिवार रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टियों को लेकर उठा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। स्वर्गीय सत्यनारायण, जो राजस्व विभाग में लेखपाल पद पर कार्यरत रह चुके थे, की मृत्यु के बाद उनकी पुत्री अर्चना के वैवाहिक दर्जे को लेकर गांव और प्रशासन के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अर्चना का आरोप है कि पिता की मृत्यु के बाद गांव की एक महिला ने स्वयं को सत्यनारायण की पत्नी बताते हुए परिवार रजिस्टर में अपना नाम दर्ज करा लिया, जबकि इसका कोई वैधानिक आधार नहीं है। इसी कथित गलत प्रविष्टि के बाद सत्यनारायण की चल-अचल संपत्ति को लेकर विवाद लगातार गहराता चला गया। वैवाहिक स्थिति बनी विवाद की धुरी अर्चना के वैवाहिक होने या न होने को लेकर गांव में दो स्पष्ट धड़े बन चुके हैं। एक पक्ष में ग्राम सभा के वर्तमान प्रधान, पूर्व प्रधान और अर्चना के मामा सहित 13 लोग शामिल हैं, जो अर्चना को विवाहित बता रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, गांव में आयोजित खुली बैठक में 26 ग्रामीणों ने अर्चना को अविवाहित बताते हुए समर्थन दिया, जिससे पूरे मामले में विरोधाभास सामने आया है। तीन वर्षों से नहीं सुलझ सका मामला अर्चना का कहना है कि वह पिछले तीन वर्षों से अपना नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज कराने के लिए ग्राम पंचायत से लेकर विकास खंड कार्यालय तक के चक्कर काट रही है। हर बार जांच और विचार का आश्वासन तो मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया। अर्चना का तर्क है कि यदि उसे विवाहित बताया जा रहा है तो संबंधित पक्ष को विवाह से जुड़े प्रमाण—जैसे विवाह पंजीकरण, पति का विवरण या अन्य वैधानिक दस्तावेज—प्रस्तुत करने चाहिए। उसका दावा है कि आज तक ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आ सका है। नियमों की अनदेखी का आरोप पंचायत और राजस्व नियमों के अनुसार परिवार रजिस्टर में किसी भी नाम को जोड़ने या संशोधित करने से पहले दस्तावेजी साक्ष्य और विधिवत सत्यापन आवश्यक होता है। ऐसे में बिना स्पष्ट प्रमाण के प्रविष्टि किए जाने के आरोप प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। संपत्ति विवाद से जुड़ा मामला जानकारों के अनुसार, सत्यनारायण के पास सरकारी सेवा के साथ-साथ पर्याप्त चल और अचल संपत्ति थी। परिवार रजिस्टर में प्रविष्टियों के आधार पर ही संपत्ति के उत्तराधिकार का निर्धारण होता है, इसलिए यह विवाद अब कानूनी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गंभीर हो गया है। निष्पक्ष जांच की मांग गांव के लोगों और अर्चना ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दस्तावेजों के आधार पर निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होगी, तब तक न केवल परिवार रजिस्टर बल्कि संपत्ति संबंधी विवाद भी सुलझ नहीं पाएगा। फिलहाल यह मामला ग्राम सभा की सीमाओं से निकलकर प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता और महिला के अधिकारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी कब तक नियमों के अनुसार कार्रवाई कर इस विवाद पर विराम लगाते हैं।

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  • लेखपाल की मृत्यु के बाद परिवार रजिस्टर बना विवाद की जड़, युवती के वैवाहिक दर्जे पर सवाल अम्बेडकरनगर। विकास खंड रामनगर की ग्राम सभा शेखपुर मलपुरा में परिवार रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टियों को लेकर उठा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। स्वर्गीय सत्यनारायण, जो राजस्व विभाग में लेखपाल पद पर कार्यरत रह चुके थे, की मृत्यु के बाद उनकी पुत्री अर्चना के वैवाहिक दर्जे को लेकर गांव और प्रशासन के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अर्चना का आरोप है कि पिता की मृत्यु के बाद गांव की एक महिला ने स्वयं को सत्यनारायण की पत्नी बताते हुए परिवार रजिस्टर में अपना नाम दर्ज करा लिया, जबकि इसका कोई वैधानिक आधार नहीं है। इसी कथित गलत प्रविष्टि के बाद सत्यनारायण की चल-अचल संपत्ति को लेकर विवाद लगातार गहराता चला गया। वैवाहिक स्थिति बनी विवाद की धुरी अर्चना के वैवाहिक होने या न होने को लेकर गांव में दो स्पष्ट धड़े बन चुके हैं। एक पक्ष में ग्राम सभा के वर्तमान प्रधान, पूर्व प्रधान और अर्चना के मामा सहित 13 लोग शामिल हैं, जो अर्चना को विवाहित बता रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, गांव में आयोजित खुली बैठक में 26 ग्रामीणों ने अर्चना को अविवाहित बताते हुए समर्थन दिया, जिससे पूरे मामले में विरोधाभास सामने आया है। तीन वर्षों से नहीं सुलझ सका मामला अर्चना का कहना है कि वह पिछले तीन वर्षों से अपना नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज कराने के लिए ग्राम पंचायत से लेकर विकास खंड कार्यालय तक के चक्कर काट रही है। हर बार जांच और विचार का आश्वासन तो मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया। अर्चना का तर्क है कि यदि उसे विवाहित बताया जा रहा है तो संबंधित पक्ष को विवाह से जुड़े प्रमाण—जैसे विवाह पंजीकरण, पति का विवरण या अन्य वैधानिक दस्तावेज—प्रस्तुत करने चाहिए। उसका दावा है कि आज तक ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आ सका है। नियमों की अनदेखी का आरोप पंचायत और राजस्व नियमों के अनुसार परिवार रजिस्टर में किसी भी नाम को जोड़ने या संशोधित करने से पहले दस्तावेजी साक्ष्य और विधिवत सत्यापन आवश्यक होता है। ऐसे में बिना स्पष्ट प्रमाण के प्रविष्टि किए जाने के आरोप प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। संपत्ति विवाद से जुड़ा मामला जानकारों के अनुसार, सत्यनारायण के पास सरकारी सेवा के साथ-साथ पर्याप्त चल और अचल संपत्ति थी। परिवार रजिस्टर में प्रविष्टियों के आधार पर ही संपत्ति के उत्तराधिकार का निर्धारण होता है, इसलिए यह विवाद अब कानूनी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गंभीर हो गया है। निष्पक्ष जांच की मांग गांव के लोगों और अर्चना ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दस्तावेजों के आधार पर निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होगी, तब तक न केवल परिवार रजिस्टर बल्कि संपत्ति संबंधी विवाद भी सुलझ नहीं पाएगा। फिलहाल यह मामला ग्राम सभा की सीमाओं से निकलकर प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता और महिला के अधिकारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी कब तक नियमों के अनुसार कार्रवाई कर इस विवाद पर विराम लगाते हैं।
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    लेखपाल की मृत्यु के बाद परिवार रजिस्टर बना विवाद की जड़, युवती के वैवाहिक दर्जे पर सवाल
अम्बेडकरनगर।
विकास खंड रामनगर की ग्राम सभा शेखपुर मलपुरा में परिवार रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टियों को लेकर उठा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। स्वर्गीय सत्यनारायण, जो राजस्व विभाग में लेखपाल पद पर कार्यरत रह चुके थे, की मृत्यु के बाद उनकी पुत्री अर्चना के वैवाहिक दर्जे को लेकर गांव और प्रशासन के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
अर्चना का आरोप है कि पिता की मृत्यु के बाद गांव की एक महिला ने स्वयं को सत्यनारायण की पत्नी बताते हुए परिवार रजिस्टर में अपना नाम दर्ज करा लिया, जबकि इसका कोई वैधानिक आधार नहीं है। इसी कथित गलत प्रविष्टि के बाद सत्यनारायण की चल-अचल संपत्ति को लेकर विवाद लगातार गहराता चला गया।
वैवाहिक स्थिति बनी विवाद की धुरी
अर्चना के वैवाहिक होने या न होने को लेकर गांव में दो स्पष्ट धड़े बन चुके हैं।
एक पक्ष में ग्राम सभा के वर्तमान प्रधान, पूर्व प्रधान और अर्चना के मामा  सहित 13 लोग शामिल हैं, जो अर्चना को विवाहित बता रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर, गांव में आयोजित खुली बैठक में 26 ग्रामीणों ने अर्चना को अविवाहित बताते हुए समर्थन दिया, जिससे पूरे मामले में विरोधाभास सामने आया है।
तीन वर्षों से नहीं सुलझ सका मामला
अर्चना का कहना है कि वह पिछले तीन वर्षों से अपना नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज कराने के लिए ग्राम पंचायत से लेकर विकास खंड कार्यालय तक के चक्कर काट रही है। हर बार जांच और विचार का आश्वासन तो मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया।
अर्चना का तर्क है कि यदि उसे विवाहित बताया जा रहा है तो संबंधित पक्ष को विवाह से जुड़े प्रमाण—जैसे विवाह पंजीकरण, पति का विवरण या अन्य वैधानिक दस्तावेज—प्रस्तुत करने चाहिए। उसका दावा है कि आज तक ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आ सका है।
नियमों की अनदेखी का आरोप
पंचायत और राजस्व नियमों के अनुसार परिवार रजिस्टर में किसी भी नाम को जोड़ने या संशोधित करने से पहले दस्तावेजी साक्ष्य और विधिवत सत्यापन आवश्यक होता है। ऐसे में बिना स्पष्ट प्रमाण के प्रविष्टि किए जाने के आरोप प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
संपत्ति विवाद से जुड़ा मामला
जानकारों के अनुसार, सत्यनारायण के पास सरकारी सेवा के साथ-साथ पर्याप्त चल और अचल संपत्ति थी। परिवार रजिस्टर में प्रविष्टियों के आधार पर ही संपत्ति के उत्तराधिकार का निर्धारण होता है, इसलिए यह विवाद अब कानूनी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गंभीर हो गया है।
निष्पक्ष जांच की मांग
गांव के लोगों और अर्चना ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दस्तावेजों के आधार पर निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होगी, तब तक न केवल परिवार रजिस्टर बल्कि संपत्ति संबंधी विवाद भी सुलझ नहीं पाएगा।
फिलहाल यह मामला ग्राम सभा की सीमाओं से निकलकर प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता और महिला के अधिकारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी कब तक नियमों के अनुसार कार्रवाई कर इस विवाद पर विराम लगाते हैं।
    user_Anubhavi Aankhen
    Anubhavi Aankhen
    Journalist अल्लापुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • bewafa pakori center bhatpar.khlilabaad sarkari school bhatpar bahut hi lajawab swedest
    1
    bewafa pakori center  bhatpar.khlilabaad sarkari school bhatpar bahut hi lajawab swedest
    user_SAMEER MALIK
    SAMEER MALIK
    Voice of people खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • ये महिला आजमगढ़ निजामाबाद थाना क्षेत्र के गांधोई की है इसको इसके गांव वाले क्यों मारना चाहते हैं....
    1
    ये महिला आजमगढ़ निजामाबाद थाना क्षेत्र के गांधोई की है इसको इसके गांव वाले क्यों मारना चाहते हैं....
    user_Journalist Arshad Jamal  Khan
    Journalist Arshad Jamal Khan
    Video Creator निजामाबाद, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Sant kabir nagar गेहूं सरसों की खेती
    1
    Sant kabir nagar गेहूं सरसों की खेती
    user_Divakar kumar gautam
    Divakar kumar gautam
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • यूपी के फतेहपुर में हाईप्रोफाइल मर्डर से मचा हड़कंप!! फतेहपुर जिले के बड़े जमीदार है जयराज मान सिंह!! जनपद में सैकड़ों बीघा जमीन के मालिक थे जयराज मान सिंह!! धारदार हथियार से गला काटकर की हत्या!! हत्यायुक्त शव मिलने से इलाके में मचा हड़कंप!! सूचना पर CO सिटी समेत भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद!! पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम भेज मामले की जांच पड़ताल में जुटी!! सदर कोतवाली क्षेत्र के महर्षि कॉलोनी के समीप की घटना!! एसपी फतेहपुर का बयान...!!
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    यूपी के फतेहपुर में हाईप्रोफाइल मर्डर से मचा हड़कंप!!
फतेहपुर जिले के बड़े जमीदार है जयराज मान सिंह!!
जनपद में सैकड़ों बीघा जमीन के मालिक थे जयराज मान सिंह!!
धारदार हथियार से गला काटकर की हत्या!!
हत्यायुक्त शव मिलने से इलाके में मचा हड़कंप!!
सूचना पर CO सिटी समेत भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद!!
पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम भेज मामले की जांच पड़ताल में जुटी!!
सदर कोतवाली क्षेत्र के महर्षि कॉलोनी के समीप की घटना!!
एसपी फतेहपुर का बयान...!!
    user_MAKKI TV NEWS
    MAKKI TV NEWS
    Journalist Bhiti, Ambedkar Nagar•
    3 hrs ago
  • Pramod Kumar Goswami. 22/01/2026
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    Pramod Kumar Goswami.              22/01/2026
    user_Pramod Kumar Goswami
    Pramod Kumar Goswami
    हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • काशी मणिकर्णिका घाट पर मंदिर ध्वस्तीकरण | आस्था पर हमला या विकास? | ज़फर अमीन डक्कू का बड़ा बयान
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    काशी मणिकर्णिका घाट पर मंदिर ध्वस्तीकरण | आस्था पर हमला या विकास? | ज़फर अमीन डक्कू का बड़ा बयान
    user_EN Daily National
    EN Daily National
    Journalist वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    46 min ago
  • road khrab ho gaya hai belahwa bhatpar ke beech
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    road khrab ho gaya hai belahwa bhatpar ke beech
    user_SAMEER MALIK
    SAMEER MALIK
    Voice of people खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
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