बाढ़ उमानाथ गंगा घाट पर सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। घाट पर लगे सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बंद पड़े हैं, जिसके कारण चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी की शिकायतें सामने आ रही हैं। हाल ही में, नालंदा जिले से अपनी चाची के अंतिम संस्कार के लिए घाट पर पहुँचे एक व्यक्ति के 4 हजार रुपये चोरी हो गए। पीड़ित ने बताया कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने के बाद वह गंगा स्नान करने के लिए उमानाथ घाट पर गया। उसने अपनी पैंट, जिसमें 4 हजार रुपये रखे थे, एक चौकी पर रख दी और स्नान करने चला गया। जब वह वापस लौटा, तो उसकी पैंट और उसमें रखे पैसे दोनों गायब थे। इस घटना को किसी अज्ञात चोर ने अंजाम दिया। हालांकि, घटना के समय घाट पर प्रशासन की टीम मौजूद थी, लेकिन इस चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया गया कि पीड़ित प्रतिबंधित घाट पर स्नान करने गया था। उमानाथ मंदिर के स्थानीय महंत ने पुष्टि की है कि घाट पर लगे सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से खराब पड़े हैं, उनके तार टूटे हुए हैं और उनकी मरम्मत नहीं की गई है। महंत के अनुसार, कैमरों के बंद होने के बाद से चोरी की घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है। पीड़ित के परिजनों ने इस घटना में किसी महिला की भूमिका होने की आशंका जताई है, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत सीसीटीवी कैमरों को चालू करने और घाट पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।
बाढ़ उमानाथ गंगा घाट पर सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। घाट पर लगे सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बंद पड़े हैं, जिसके कारण चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी की शिकायतें सामने आ रही हैं। हाल ही में, नालंदा जिले से अपनी चाची के अंतिम संस्कार के लिए घाट पर पहुँचे एक व्यक्ति के 4 हजार रुपये चोरी हो गए। पीड़ित ने बताया कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने के बाद वह गंगा स्नान करने के लिए उमानाथ घाट पर गया। उसने अपनी पैंट, जिसमें 4 हजार रुपये रखे थे, एक चौकी पर रख दी और स्नान करने चला गया। जब वह वापस लौटा, तो उसकी पैंट और उसमें रखे पैसे दोनों गायब थे। इस घटना को किसी अज्ञात चोर ने अंजाम दिया। हालांकि, घटना के समय घाट पर प्रशासन की टीम मौजूद थी, लेकिन इस चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया गया कि पीड़ित प्रतिबंधित घाट पर स्नान करने गया था। उमानाथ मंदिर के स्थानीय महंत ने पुष्टि की है कि घाट पर लगे सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से खराब पड़े हैं, उनके तार टूटे हुए हैं और उनकी मरम्मत नहीं की गई है। महंत के अनुसार, कैमरों के बंद होने के बाद से चोरी की घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है। पीड़ित के परिजनों ने इस घटना में किसी महिला की भूमिका होने की आशंका जताई है, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत सीसीटीवी कैमरों को चालू करने और घाट पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।
- पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित बाढ़ थाना क्षेत्र के पोस्ट ऑफिस घाट पर गुरुवार को गंगा स्नान के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें विकास और रोहित नामक दो युवक गंगा की तेज धारा में लापता हो गए। जानकारी के अनुसार, विकास और रोहित सहित कुल पांच युवक, जिनकी उम्र लगभग 18 से 20 वर्ष बताई जा रही है, गंगा में स्नान करने पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि स्नान के दौरान ये युवक आपस में मस्ती और खेल-कूद कर रहे थे, और इसी क्रम में वे अनजाने में गंगा की तेज धारा की ओर बढ़ गए, जिससे वे पानी के बहाव में फंस गए। आसपास मौजूद लोगों और उनके अन्य साथियों की तत्परता से तीन युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन विकास और रोहित तेज धारा में बह गए और अब तक उनका कोई पता नहीं चल सका है। घटना की सूचना मिलते ही पोस्ट ऑफिस घाट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जहाँ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन मौके पर पहुंच गए हैं। विशेष रूप से मसूद बीघा गांव के निवासी और आसपास के क्षेत्र के लोग घाट पर जुटे हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल द्वारा लापता दोनों युवकों की तलाश लगातार जारी है, और इस घटना को लेकर पूरे इलाके में चिंता का माहौल है।1
- केतन अग्रवाल के साथ सात फेरे लेने वाली लड़की पर अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगा है। बताया गया है कि इस वारदात से पहले भी हत्या का एक असफल प्रयास किया गया था। आखिरकार, लोहगढ़ किले पर जो घटना हुई, उसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस पूरे मामले में, इंस्टाग्राम पर शोक जताने वाली मंगेतर की सच्चाई कॉल रिकॉर्डिंग और डिजिटल सबूतों के सामने आने के बाद बेनकाब हो गई। यह घटना प्यार थी या एक सुनियोजित साजिश, यह सवाल बना हुआ है।1
- भारतीय रेल के समस्तीपुर मंडल में तैनात लोको पायलटों और सहायक लोको पायलटों ने अपनी सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तीन अलग-अलग घटनाओं में कई अमूल्य मानव जीवन बचाए हैं। मंडल रेल प्रबंधक ज्योति प्रकाश मिश्रा ने इन सभी रेलकर्मियों की तत्परता और उनके मानवीय दृष्टिकोण की सराहना करते हुए उन्हें प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया है। पहली घटना 22 जून, 2026 को सामने आई, जब ट्रेन नंबर 63346 (समस्तीपुर - सहरसा सवारी गाड़ी) सहरसा की ओर जा रही थी। सलौना और इमली स्टेशनों के बीच लोको पायलट अभय कुमार और सहायक लोको पायलट जय प्रकाश कुमार को पटरी पर एक महिला अपने बच्चे के साथ लेटी दिखाई दी। उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को सुरक्षित दूरी पर रोका, महिला और बच्चे को समझा-बुझाकर ट्रैक से हटाया और ग्रामीणों के सुरक्षित हाथों में सौंपने के बाद ही ट्रेन को आगे बढ़ाया। इससे पहले, 1 मई, 2026 को ट्रेन नंबर 75230 (रक्सौल - दरभंगा सवारी गाड़ी) रक्सौल से दरभंगा की ओर जा रही थी। ढेंग और रीगा स्टेशनों के बीच चालक दल को अचानक ट्रैक पर एक लड़का लेटा हुआ दिखा। लोको पायलट पंकज कुमार और सहायक लोको पायलट श्रवण कुमार शर्मा ने अपनी सूझबूझ और तत्परता से आपातकालीन ब्रेक लगाए, जिससे बच्चे की जान बाल-बाल बच गई। समस्तीपुर रेल मंडल ने उनके इस सराहनीय कार्य की विशेष सराहना की है। इसी तरह की एक और गंभीर घटना 22 मई, 2026 को घटी, जब लोको पायलट मनोज कुमार और सहायक लोको पायलट मनी भूषण कुमार एक मालगाड़ी लेकर जा रहे थे। ट्रैक पर एक महिला को सोता हुआ देखकर, भारी-भरकम मालगाड़ी होने के बावजूद, उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर उसे रोक लिया। दोनों रेलकर्मियों ने महिला को समझा-बुझाकर ट्रैक से दूर किया, उसे ग्रामीणों को सौंपा और ट्रैक सुरक्षित होने की पुष्टि के बाद ही मालगाड़ी को आगे बढ़ाया। रेलवे प्रशासन ने कहा है कि इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि रेलकर्मी सिर्फ तकनीकी कर्तव्यों का पालन ही नहीं करते, बल्कि उनमें समाज के प्रति गहरी मानवीय संवेदना भी है, जिसके कारण कई परिवार उजड़ने से बच गए।1
- एनएच-122 पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक युवक की जान चली गई। यह दुर्घटना एक अज्ञात वाहन की टक्कर के कारण हुई।1
- समस्तीपुर के उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत रामचंद्रपुर अंधैल पंचायत के चंदौली वार्ड संख्या-12 में समाजसेवी राजू सहनी ने स्वर्गीय उपेंद्र सहनी की पत्नी इसावती देवी की सबसे छोटी पुत्री नमिता कुमारी के विवाह में सहयोग का हाथ बढ़ाकर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है। इसावती देवी एक गरीब विधवा महिला हैं जो अत्यंत कठिन परिस्थितियों में अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। उनकी तीन पुत्रियों में सबसे छोटी नमिता कुमारी का विवाह 24 जून 2026 को निर्धारित था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण परिवार शादी की आवश्यक सामग्री जुटाने में असमर्थ था, जिससे विवाह को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ था। इस बीच, गरीब महिला ने अपनी समस्या पूर्व मुखिया उमेश प्रसाद सहनी के समक्ष रखी। पूर्व मुखिया ने दूरभाष के माध्यम से इस मामले की जानकारी समाजसेवी राजू सहनी को दी, जो गरीबों के मसीहा के रूप में जाने जाते हैं। सूचना मिलते ही राजू सहनी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए विवाह के लिए आवश्यक फर्नीचर एवं अन्य सामग्री उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। शादी के अवसर पर राजू सहनी की ओर से फर्नीचर सेट के तहत कोच, पलंग, कुर्सी, टेबल, रजाई, गद्दा, ट्रंक और कपड़े सहित आर्थिक सहायता प्रदान की गई। उनके इस सहयोग से गरीब परिवार की बड़ी चिंता दूर हुई और विवाह समारोह खुशी एवं सम्मान के साथ संपन्न हो सका। राजू सहनी द्वारा की गई इस मदद की ग्रामीणों ने जमकर सराहना की। इस दौरान पूर्व मुखिया उमेश प्रसाद सहनी, महेश सहनी, बैजनाथ सहनी, सत्यदेव सहनी एवं पूर्व मुखिया राजन देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने राजू सहनी के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि राजू सहनी लगातार जरूरतमंद, असहाय एवं गरीब परिवारों की सहायता कर समाज सेवा का उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं और उन्होंने समाज के अन्य सक्षम लोगों से भी आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की, ताकि किसी गरीब परिवार की बेटी की शादी आर्थिक अभाव के कारण प्रभावित न हो। ग्रामीणों ने राजू सहनी के इस मानवीय प्रयास को न केवल एक परिवार के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता का प्रेरणादायक संदेश देने वाला भी बताया।1
- बाढ़ उमानाथ गंगा घाट पर सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। घाट पर लगे सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बंद पड़े हैं, जिसके कारण चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी की शिकायतें सामने आ रही हैं। हाल ही में, नालंदा जिले से अपनी चाची के अंतिम संस्कार के लिए घाट पर पहुँचे एक व्यक्ति के 4 हजार रुपये चोरी हो गए। पीड़ित ने बताया कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने के बाद वह गंगा स्नान करने के लिए उमानाथ घाट पर गया। उसने अपनी पैंट, जिसमें 4 हजार रुपये रखे थे, एक चौकी पर रख दी और स्नान करने चला गया। जब वह वापस लौटा, तो उसकी पैंट और उसमें रखे पैसे दोनों गायब थे। इस घटना को किसी अज्ञात चोर ने अंजाम दिया। हालांकि, घटना के समय घाट पर प्रशासन की टीम मौजूद थी, लेकिन इस चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया गया कि पीड़ित प्रतिबंधित घाट पर स्नान करने गया था। उमानाथ मंदिर के स्थानीय महंत ने पुष्टि की है कि घाट पर लगे सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से खराब पड़े हैं, उनके तार टूटे हुए हैं और उनकी मरम्मत नहीं की गई है। महंत के अनुसार, कैमरों के बंद होने के बाद से चोरी की घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है। पीड़ित के परिजनों ने इस घटना में किसी महिला की भूमिका होने की आशंका जताई है, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत सीसीटीवी कैमरों को चालू करने और घाट पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।1
- पटना जिले के बख्तियारपुर में एक चलती ट्रेन से स्वास्थ्यकर्मी के अचानक नीचे गिरने की घटना ने सभी को चौंका दिया है। फतुहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत कुंदन कुमार देर शाम ड्यूटी खत्म कर भागलपुर इंटरसिटी से अपने घर बाढ़ लौट रहे थे। यह घटना तब हुई जब ट्रेन बख्तियारपुर स्टेशन से खुलकर राघोपुर गुमटी के पास पहुंची। घायल कुंदन कुमार ने आरोप लगाया है कि वह ट्रेन के गेट के पास खड़े थे, तभी किसी अज्ञात व्यक्ति ने डंडे से उन पर हमला कर उनका मोबाइल छीनने की कोशिश की। इसी कोशिश के दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रेन से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही बख्तियारपुर थाना की गश्ती टीम मौके पर पहुंची और घायल कुंदन कुमार को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और घटना के सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।1