सोहना में छात्राओं की बसों को लेकर हड़कंप, क्षमता और सुरक्षा मानकों की जांच की मांग सोहना / डॉ. भगवान सिंह राघव सोहना में सरकारी गर्ल्स स्कूल की छात्राओं के आवागमन के लिए लगाई गई बसों में कथित तौर पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामला सामने आया है। शुक्रवार को बसों में छात्राओं की संख्या अधिक होने और उन्हें निर्धारित सीटिंग व्यवस्था के अनुरूप नहीं बैठाए जाने की स्थिति देखने को मिली। इससे छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया गया कि यह पहली बार नहीं है, बल्कि इससे पहले भी इन बसों के संचालन में कथित लापरवाही देखी गई है। बताया गया कि कुछ बसों में छात्राओं को क्षमता के अनुरूप बैठाने के बजाय अधिक संख्या में ले जाया जा रहा है। ऐसी स्थिति में अचानक ब्रेक लगने, दुर्घटना होने अथवा आपात स्थिति उत्पन्न होने पर विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। मामले में यह भी जांच का विषय है कि संबंधित बसों में अटेंडेंट अथवा परिचालक, फर्स्ट-एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास, स्पीड गवर्नर और अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुसार उपलब्ध हैं या नहीं। बसों में CCTV कैमरों की उपलब्धता और उनकी कार्यशील स्थिति की भी जांच की जानी चाहिए। हरियाणा की Safe School Vehicle Policy तथा मोटर वाहन नियमों के तहत स्कूल बच्चों को ले जाने वाले वाहनों के लिए फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रशिक्षित चालक, आवश्यक सुरक्षा उपकरण तथा बच्चों की निर्धारित बैठने की क्षमता सहित कई सुरक्षा प्रावधान लागू हैं। इसलिए प्रत्येक बस की registered seating capacity के आधार पर यह जांचना आवश्यक है कि उसमें कितने विद्यार्थी बैठाए जा रहे हैं। डॉ. भगवान सिंह राघव ने पुलिस प्रशासन, परिवहन विभाग तथा शिक्षा विभाग से मांग की है कि सोहना में छात्राओं के लिए संचालित सभी बसों का तत्काल संयुक्त निरीक्षण कराया जाए। प्रत्येक वाहन के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा, चालक के लाइसेंस एवं अनुभव, अटेंडेंट/परिचालक की व्यवस्था, CCTV, फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट-एड बॉक्स, स्पीड गवर्नर और आपातकालीन निकास की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय संभावित लापरवाही को पहले ही रोकना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि जांच में निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
सोहना में छात्राओं की बसों को लेकर हड़कंप, क्षमता और सुरक्षा मानकों की जांच की मांग सोहना / डॉ. भगवान सिंह राघव सोहना में सरकारी गर्ल्स स्कूल की छात्राओं के आवागमन के लिए लगाई गई बसों में कथित तौर पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामला सामने आया है। शुक्रवार को बसों में छात्राओं की संख्या अधिक होने और उन्हें निर्धारित सीटिंग व्यवस्था के अनुरूप नहीं बैठाए जाने की स्थिति देखने को मिली। इससे छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया गया कि यह पहली बार नहीं है, बल्कि इससे पहले भी इन बसों के संचालन में कथित लापरवाही देखी गई है। बताया गया कि कुछ बसों में छात्राओं को क्षमता के अनुरूप बैठाने के बजाय अधिक संख्या में ले जाया जा रहा है। ऐसी स्थिति में अचानक ब्रेक लगने, दुर्घटना होने अथवा आपात स्थिति उत्पन्न होने पर विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। मामले में यह भी जांच का विषय है कि संबंधित बसों में अटेंडेंट अथवा परिचालक, फर्स्ट-एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास, स्पीड गवर्नर और अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुसार उपलब्ध हैं या नहीं। बसों में CCTV कैमरों की उपलब्धता और उनकी कार्यशील स्थिति की भी जांच की जानी चाहिए। हरियाणा की Safe School Vehicle Policy तथा मोटर वाहन नियमों के तहत स्कूल बच्चों को ले जाने वाले वाहनों के लिए फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रशिक्षित चालक, आवश्यक सुरक्षा उपकरण तथा बच्चों की निर्धारित बैठने की क्षमता सहित कई सुरक्षा प्रावधान लागू हैं। इसलिए प्रत्येक बस की registered seating capacity के आधार पर यह जांचना आवश्यक है कि उसमें कितने विद्यार्थी बैठाए जा रहे हैं। डॉ. भगवान सिंह राघव ने पुलिस प्रशासन, परिवहन विभाग तथा शिक्षा विभाग से मांग की है कि सोहना में छात्राओं के लिए संचालित सभी बसों का तत्काल संयुक्त निरीक्षण कराया जाए। प्रत्येक वाहन के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा, चालक के लाइसेंस एवं अनुभव, अटेंडेंट/परिचालक की व्यवस्था, CCTV, फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट-एड बॉक्स, स्पीड गवर्नर और आपातकालीन निकास की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय संभावित लापरवाही को पहले ही रोकना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि जांच में निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
- सोहना में छात्राओं की बसों को लेकर हड़कंप, क्षमता और सुरक्षा मानकों की जांच की मांग सोहना / डॉ. भगवान सिंह राघव सोहना में सरकारी गर्ल्स स्कूल की छात्राओं के आवागमन के लिए लगाई गई बसों में कथित तौर पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामला सामने आया है। शुक्रवार को बसों में छात्राओं की संख्या अधिक होने और उन्हें निर्धारित सीटिंग व्यवस्था के अनुरूप नहीं बैठाए जाने की स्थिति देखने को मिली। इससे छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया गया कि यह पहली बार नहीं है, बल्कि इससे पहले भी इन बसों के संचालन में कथित लापरवाही देखी गई है। बताया गया कि कुछ बसों में छात्राओं को क्षमता के अनुरूप बैठाने के बजाय अधिक संख्या में ले जाया जा रहा है। ऐसी स्थिति में अचानक ब्रेक लगने, दुर्घटना होने अथवा आपात स्थिति उत्पन्न होने पर विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। मामले में यह भी जांच का विषय है कि संबंधित बसों में अटेंडेंट अथवा परिचालक, फर्स्ट-एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास, स्पीड गवर्नर और अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुसार उपलब्ध हैं या नहीं। बसों में CCTV कैमरों की उपलब्धता और उनकी कार्यशील स्थिति की भी जांच की जानी चाहिए। हरियाणा की Safe School Vehicle Policy तथा मोटर वाहन नियमों के तहत स्कूल बच्चों को ले जाने वाले वाहनों के लिए फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रशिक्षित चालक, आवश्यक सुरक्षा उपकरण तथा बच्चों की निर्धारित बैठने की क्षमता सहित कई सुरक्षा प्रावधान लागू हैं। इसलिए प्रत्येक बस की registered seating capacity के आधार पर यह जांचना आवश्यक है कि उसमें कितने विद्यार्थी बैठाए जा रहे हैं। डॉ. भगवान सिंह राघव ने पुलिस प्रशासन, परिवहन विभाग तथा शिक्षा विभाग से मांग की है कि सोहना में छात्राओं के लिए संचालित सभी बसों का तत्काल संयुक्त निरीक्षण कराया जाए। प्रत्येक वाहन के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा, चालक के लाइसेंस एवं अनुभव, अटेंडेंट/परिचालक की व्यवस्था, CCTV, फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट-एड बॉक्स, स्पीड गवर्नर और आपातकालीन निकास की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय संभावित लापरवाही को पहले ही रोकना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि जांच में निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।1
- कासन मेले में ₹3000 की मिल रही साइकिल जिसको लेना है कसम मंदिर मेले में जाए1
- सेवा संकल्प अभियान के तहत पिनंगवा में स्वच्छता अभियान, राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा होंगे मुख्य अतिथि पिनंगवा। सेवा संकल्प अभियान के तहत पिनंगवा कस्बे में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान सफाई कर्मचारियों द्वारा कस्बे के विभिन्न स्थानों पर साफ-सफाई की जा रही है। इस अवसर पर आगामी 26 सितंबर को राजीव गांधी खेल परिसर, पिनंगवा में आयोजित स्वच्छता एवं पौधारोपण कार्यक्रम में माननीय राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम के माध्यम से स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। वीडियो कैप्शन :- सफाई कर्मचारी सफाई करते हुए1
- चंडीगढ़ में आज कांग्रेस के प्रदर्शन में जिला नूंह से कांग्रेस नेत्री रजिया बानो पहलवान ने भी हिस्सा लिया। रजिया बानो पहलवान ने प्रदर्शन में मजबूती से भागीदारी करते हुए वोटों में कथित गड़बड़ी और मतदाता सूची के मुद्दे को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस की ओर से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर सवाल उठाए गए। चंडीगढ़ में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान चुनाव प्रक्रिया और वोटर लिस्ट के मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया गया।1
- मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जनसंवाद पोर्टल पर जनता द्वारा भेजी गई जनसमस्याओं एवं सार्वजनिक हित से जुड़ी मांगों की समीक्षा की। उन्होंने प्रशासनिक सचिवों को आमजन की समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनता के काम में किसी भी स्तर पर कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। #HaryanaCM #NayabSinghSaini1
- Faridkot Panjab Ka Mela1
- पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की 113वीं जयंती के अवसर पर जननायक जनता पार्टी की पलवल जिला इकाई द्वारा ताऊ देवीलाल पार्क में चौधरी देवीलाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने ताऊ देवीलाल अमर रहे के नारे लगाए पार्टी के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र सौरोत ने कहा कि ताऊ देवीलाल किसानों के मसीहा थे। ताऊ देवीलाल ने किसानों,गरीबों सहित सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्य किया था। उन्होंने कहा कि ताऊ देवीलाल ने बुजुर्गों को सम्मान देते हुए वृद्धा पेंशन स्कीम लागू की। आज बुजुर्गों को हर महीने पेंशन दी जा रही है वह ताऊ देवीलाल की देन है। ताऊ देवीलाल ने किसानों का ऋण माफ किया। ताऊ देवीलाल पूरा देश ताऊ के नाम से जानता है। पलवल पूर्व जिला अध्यक्ष देवेंद्र सौरोत ने कहा कि ताऊ देवीलाल युग पुरुष थे। जो उप प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचे। ताऊ देवीलाल जन जन के प्रिय थे और संघर्ष की मूर्ती थे। ताऊ देवीलाल ने राजनीति में नए आयाम स्थापित किए। हमें उनके आदर्शों को जीवन में अपनाना चाहिए।4
- नूंह के किसानों के लिए आर्थिक संबल बनी PM किसान सम्मान निधि, 23 किस्तों में ₹355 करोड़ से ज्यादा की राशि वितरित नूंह। सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना नूंह के किसानों के लिए खेती-किसानी में आर्थिक मददगार साबित हो रही है। योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6 हजार रुपये तीन किस्तों में सीधे बैंक खातों में दिए जाते हैं। नूंह जिले में अब तक 23 किस्तों के जरिए 3 अरब 55 करोड़ 98 लाख 88 हजार रुपये से ज्यादा की राशि किसानों तक पहुंचाई जा चुकी है। 23वीं किस्त में जिले के 38,341 किसानों को 7 करोड़ 66 लाख 82 हजार रुपये मिले। किसानों का कहना है कि इस राशि से उन्हें खाद और बीज खरीदने में मदद मिलती है और छोटे किसानों को खेती की जरूरतों के लिए उधार लेने से राहत मिलती है।1