रामपुरा में तुलसी विवाह महोत्सव के तहत भगवान शालिग्राम एवं सांवरिया सेठ की भव्य बारात निकाली गई। इस धार्मिक उल्लास और भक्ति भाव से सराबोर आयोजन में नगरवासियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जिनमें बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी बाराती बनकर भजन-कीर्तन पर श्रद्धा भाव से झूमते नजर आए। भगवान शालिग्राम एवं सांवरिया सेठ की यह बारात कल्याण राय मंदिर से प्रारंभ होकर बड़ा बाजार, शिवाजी चौराहा और लालबाग सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः कल्याण राय मंदिर पहुँची। बारात में सजे-धजे हाथी और घोड़े विशेष आकर्षण का केंद्र रहे, जहाँ भगवान शालिग्राम स्वयं हाथी पर विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले। मार्गभर उनके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। बारात के दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं एवं सामाजिक संगठनों द्वारा भगवान की बिंदोली का पुष्पवर्षा एवं आरती के साथ भव्य स्वागत किया गया, तथा जगह-जगह स्वागत मंच सजाए गए और प्रसाद वितरण भी किया गया। भक्तिमय वातावरण में गूंजते भजनों और जयकारों से पूरा नगर धर्ममय हो उठा, जहाँ श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। आयोजन समिति के अनुसार, कल तुलसी विवाह का मुख्य धार्मिक आयोजन संपन्न होगा, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शालिग्राम और माता तुलसी का विवाह संस्कार संपन्न कराया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उपस्थित रहने की संभावना है।
रामपुरा में तुलसी विवाह महोत्सव के तहत भगवान शालिग्राम एवं सांवरिया सेठ की भव्य बारात निकाली गई। इस धार्मिक उल्लास और भक्ति भाव से सराबोर आयोजन में नगरवासियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जिनमें बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी बाराती बनकर भजन-कीर्तन पर श्रद्धा भाव से झूमते नजर आए। भगवान शालिग्राम एवं सांवरिया सेठ
की यह बारात कल्याण राय मंदिर से प्रारंभ होकर बड़ा बाजार, शिवाजी चौराहा और लालबाग सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः कल्याण राय मंदिर पहुँची। बारात में सजे-धजे हाथी और घोड़े विशेष आकर्षण का केंद्र रहे, जहाँ भगवान शालिग्राम स्वयं हाथी पर विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले। मार्गभर उनके दर्शन के लिए
श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। बारात के दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं एवं सामाजिक संगठनों द्वारा भगवान की बिंदोली का पुष्पवर्षा एवं आरती के साथ भव्य स्वागत किया गया, तथा जगह-जगह स्वागत मंच सजाए गए और प्रसाद वितरण भी किया गया। भक्तिमय वातावरण में गूंजते भजनों और जयकारों से पूरा नगर धर्ममय हो उठा, जहाँ
श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। आयोजन समिति के अनुसार, कल तुलसी विवाह का मुख्य धार्मिक आयोजन संपन्न होगा, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शालिग्राम और माता तुलसी का विवाह संस्कार संपन्न कराया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उपस्थित रहने की संभावना है।
- रामपुरा में तुलसी विवाह महोत्सव के तहत भगवान शालिग्राम एवं सांवरिया सेठ की भव्य बारात निकाली गई। इस धार्मिक उल्लास और भक्ति भाव से सराबोर आयोजन में नगरवासियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जिनमें बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी बाराती बनकर भजन-कीर्तन पर श्रद्धा भाव से झूमते नजर आए। भगवान शालिग्राम एवं सांवरिया सेठ की यह बारात कल्याण राय मंदिर से प्रारंभ होकर बड़ा बाजार, शिवाजी चौराहा और लालबाग सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः कल्याण राय मंदिर पहुँची। बारात में सजे-धजे हाथी और घोड़े विशेष आकर्षण का केंद्र रहे, जहाँ भगवान शालिग्राम स्वयं हाथी पर विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले। मार्गभर उनके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। बारात के दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं एवं सामाजिक संगठनों द्वारा भगवान की बिंदोली का पुष्पवर्षा एवं आरती के साथ भव्य स्वागत किया गया, तथा जगह-जगह स्वागत मंच सजाए गए और प्रसाद वितरण भी किया गया। भक्तिमय वातावरण में गूंजते भजनों और जयकारों से पूरा नगर धर्ममय हो उठा, जहाँ श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। आयोजन समिति के अनुसार, कल तुलसी विवाह का मुख्य धार्मिक आयोजन संपन्न होगा, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शालिग्राम और माता तुलसी का विवाह संस्कार संपन्न कराया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उपस्थित रहने की संभावना है।4
- छोटी सादड़ी निंबाहेड़ा तहसील के बड़ी ग्राम में स्थित चमत्कारिक शनिदेव मंदिर पर हर शनिवार को भक्तों का भारी जमावड़ा रहता है। यहाँ श्रद्धालु भजन संध्या में शामिल होते हैं, नवग्रह की परिक्रमा करते हैं और दर्शन के लिए आते-जाते हैं। यह मंदिर लगभग 1000 परिवारों की आजीविका का स्रोत भी है। वर्तमान में मंदिर का निर्माण कार्य बहुत तेजी से चल रहा है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 10 से 11 करोड़ रुपए बताई गई है।4
- मंदसौर जिले की पुलिस ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए सूचना के आधार पर घेराबंदी कर एक कार से 20k ब्राउन शुगर जब्त की है। जब्त की गई इस ब्राउन शुगर की बाजार में कीमत लगभग 40 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई में पुलिस ने पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया।4
- कनौज के नवाबपुरा क्षेत्र में 11 केवी क्षमता की बिजली की तारें पेड़ों से छूकर जल रही हैं, जिससे लगातार खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि बिजली विभाग द्वारा इन तारों की न तो कोई सफाई की जा रही है और न ही इनकी देखरेख के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौजूद है। यह स्थिति क्षेत्र में बिजली के तारों की गंभीर अनदेखी को दर्शाती है।1
- एक मार्मिक चेतावनी जारी करते हुए, यह संदेश उन पुरुषों को संबोधित करता है जो जीवन में कठिन दौर से गुजर रहे हैं, खासकर जब पत्नी छोड़कर चली गई हो, झूठे आरोप लगे हों, रिश्ता टूट गया हो, या समाज से ताने मिल रहे हों। पोस्ट दृढ़ता से कहता है कि इन परिस्थितियों में अपनी जिंदगी खत्म कर देना कोई समाधान नहीं है, क्योंकि जिस जीवन को बनाने में माता-पिता ने वर्षों का समय दिया, उसे किसी एक व्यक्ति के व्यवहार या रिश्ते की वजह से समाप्त कर देना अनुचित है। संदेश इस बात पर जोर देता है कि लोग भले ही हँसें या ताने दें, लेकिन वे अंततः आपकी चिता पर दो मिनट खड़े होकर अगले ही दिन सब भूल जाएंगे। इसलिए, किसी के चले जाने पर खुद को नहीं खोना चाहिए; जिसने साथ छोड़ा है उसे छोड़ दें, जिसने धोखा दिया है उससे सबक लें, लेकिन अपनी जिंदगी से हार कभी न मानें। यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि एक पुरुष की कीमत किसी रिश्ते से तय नहीं होती, बल्कि उसकी पहचान उसके संघर्ष, आत्मसम्मान और हिम्मत से बनती है। पोस्ट इस बात को दोहराता है कि आत्महत्या भले ही कायरता न हो, पर यह समाधान तो बिल्कुल नहीं है। सच्चा समाधान तो लड़ना, आगे बढ़ना, सफल होना और खुद को इतना मजबूत बनाना है कि कल वही लोग आपकी मिसाल दें। अंत में, यह संदेश सभी से खुद को खत्म करने के बजाय खुद को साबित करने का आह्वान करता है, यह रेखांकित करते हुए कि #बेटे_हैं_कोई_खिलौना_नहीं और #पुरुषों_की_जिंदगी_भी_महत्वपूर्ण_है, क्योंकि #आत्महत्या_समाधान_नहीं है।1
- रामपुरा के सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का पूर्णाहुति और महाप्रसादी कार्यक्रम के साथ भव्य समापन हुआ। भीषण गर्मी के बावजूद कथा स्थल पर श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री योगेन्द्र कुमार फरक्या (शिक्षक) की 41 वर्ष की शासकीय सेवा पूर्ण होने पर उनकी सेवानिवृत्ति के उपलक्ष्य में यह धार्मिक आयोजन किया गया था। समापन अवसर पर कथा पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। अंतिम दिन पूर्णाहुति यज्ञ, हवन, पूजा-अर्चना और महाआरती के साथ पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया, और वैदिक मंत्रोच्चार तथा भगवान श्रीकृष्ण के जयघोषों से समूचा क्षेत्र गुंजायमान रहा। प्रसिद्ध भागवत आचार्य पंडित सोनू जी शास्त्री मौलकी वाले ने श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों, खासकर भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भक्तों के प्रति उनकी करुणा, धर्म और मानव जीवन के आदर्श मूल्यों का अत्यंत मार्मिक एवं भावपूर्ण वर्णन किया। उनके प्रवचनों से श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। आयोजक परिवार द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की गई थीं। प्रचंड गर्मी को देखते हुए शीतल पेयजल, छायादार पंडाल, पंखों और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। महाप्रसादी वितरण के भी सुव्यवस्थित प्रबंध थे, जिससे हजारों श्रद्धालुओं को कोई असुविधा नहीं हुई। पूर्णाहुति के अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और आसपास के गांवों से आए श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस आयोजन के सफल संचालन में समाजजनों और सेवाभावी कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजक परिवार ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगकर्ताओं और सेवाभावी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग और भगवान की कृपा से यह धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। महाआरती और महाप्रसादी वितरण के साथ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत समापन हुआ।4
- जनता ने सड़क निर्माण में सुरक्षा इंतजामों की घोर अनदेखी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। बताया गया है कि जहां भी सड़कों का निर्माण हो रहा है, वहां कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। ऐसी ही लापरवाही के कारण एक ट्रक दोनों सड़कों के बीच बने डिवाइडर में उतर गया, जहां डिवाइडर पर सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था। जनता इसे ठेकेदार की लापरवाही मान रही है और अधिकारियों पर भी आरोप लगा रही है कि वे आंखें बंद कर बैठे हैं और उन्हें किसी की जान की परवाह नहीं है। सवाल उठाया जा रहा है कि लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद, सड़क के दोनों तरफ सुरक्षा के नाम पर कोई उपाय क्यों नहीं किए जाते हैं और यह कैसा कानून है।1