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संजना भारती को एक साल बीत जाने के बाद भी न्याय नहीं मिल सका है। इस मामले में आरोपी के वकील ने सच्चाई सामने रखते हुए बताया है कि एक साल का समय बीत जाने के बावजूद संजना भारती को अब तक न्याय क्यों नहीं मिल पाया है।
बिहार दैनिक पंचायत रणधीर सिंह
संजना भारती को एक साल बीत जाने के बाद भी न्याय नहीं मिल सका है। इस मामले में आरोपी के वकील ने सच्चाई सामने रखते हुए बताया है कि एक साल का समय बीत जाने के बावजूद संजना भारती को अब तक न्याय क्यों नहीं मिल पाया है।
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- दिल्ली में नीट छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ पटना के गांधी मैदान में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में लोग गांधी मैदान में एकत्र हुए और इस लाठीचार्ज के खिलाफ अपना कड़ा विरोध जताया।1
- जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में पार्टी के सात सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर आचार संहिता के उल्लंघन और पार्टी कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा परेशान किए जाने की गंभीर शिकायतें दर्ज कराई हैं। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग करके पटना और बिहार के अन्य इलाकों में बिना किसी कारण या एफआईआर के कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया जा रहा है। पुलिस बिना वजह कार्यकर्ताओं के घर पहुंचकर उन्हें परेशान कर रही है और उनके खिलाफ गलत संदेश देने का प्रयास कर रही है। मनोज भारती ने पुलिस की कार्रवाई के उदाहरण देते हुए बताया कि पीरबहोर थाने की पुलिस ने जन सुराज की सभा से घर लौट रहे एक कार्यकर्ता को आधी रात को परेशान किया। 21 जुलाई को बिना किसी कारण के अफरोज अहमद और तौसिफ को थाने में बिठाकर रखा गया। इसी तरह बुद्ध कॉलोनी थाने की पुलिस ने मध्य रात्रि में प्रदेश सचिव रवि नारायण के घर जाकर उन्हें परेशान किया, जबकि सीवान में पार्टी नेता शाहनवाज आलम के घर रात को 7-8 गाड़ियों से पुलिस टीम पहुंची और पूछताछ के नाम पर उत्पीड़न किया। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से इन सभी कार्रवाइयों की जांच कराकर सरकार के खिलाफ निर्देश देने की मांग की है। जन सुराज ने यह भी शिकायत की है कि बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी और एनडीए के 202 विधायक, 45 विधानपार्षद, 33 मंत्री, 30 सांसद के अलावा पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक अपनी सुरक्षा टीमों के साथ जाकर मतदाताओं को डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा प्रशासन के जरिए बांकीपुर के व्यापारियों को आईटी और जीएसटी की रेड करवाने की धमकी दी जा रही है। प्रतिनिधिमंडल में एमएलसी अफाक अहमद, पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना, राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ, सिद्धनाथ राय और ललन यादव भी मौजूद थे।1
- बिहार के पटना स्थित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर चुनावी माहौल गर्मा गया है और क्षेत्र में प्रचार अभियान चरम पर पहुंच गया है। इसी सिलसिले में आनंदपुरी में भाजपा की टीम ने उतरकर प्रचार किया और स्थानीय मतदाताओं से भाजपा प्रत्याशी नीरज भारती को जिताने की अपील की।1
- बिहार के पटना सिटी स्थित प्राचीन धरोहर गुरु गोविंद सिंह अस्पताल को नया रूप देते हुए नवनिर्मित गुरु गोविंद सिंह मॉडल अस्पताल का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने करोड़ों की लागत से बने इस अस्पताल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर पटना साहिब विधानसभा के विधायक और विधानसभा सचेतक रत्नेश कुशवाहा भी मौजूद रहे। अस्पताल में मरीजों के उपचार के लिए डायलिसिस की विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे काफी मरीजों को राहत मिलेगी। पूर्व में इस गुरु गोविंद सिंह अस्पताल का शिलान्यास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने किया था। उद्घाटन के बाद अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट ने कहा कि यहाँ डायलिसिस समेत तमाम इलाज और सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी। वहीं स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सरकार सभी तरह की सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण भी किया ताकि किसी भी मरीज को किसी तरह की तकलीफ न हो।1
- दिल्ली में संजय सिंह ने नीट छात्रों के समर्थन में सरकार के खिलाफ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। इस दौरान उन्होंने नीट अभ्यर्थियों के पक्ष में आवाज उठाते हुए सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताया।1
- बिहार की राजधानी पटना में भारी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए हैं और जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से चारों तरफ से एक ही आवाज उठ रही है कि धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। सड़कों पर उतरे छात्रों के इस आक्रामक रुख से हर ओर सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की ही माँग गूँज रही है।1
- पटना में अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन उस समय उग्र हो गया जब बड़ी संख्या में छात्र पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समय पर परीक्षाएं कराने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। इस उग्र प्रदर्शन के कारण कई प्रमुख सड़कों पर यातायात बाधित हो गया। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया, जिसके बाद कई छात्रों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। मौके पर हालात पर काबू पाने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक, भर्ती में हो रही देरी और अनिश्चितता के कारण उनका भविष्य दांव पर लग गया है। दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी को भी शांति भंग करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।1