सीहोर निवासी श्रीमती दीपिका माहावर के परिवार को मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के तहत पति के निधन के बाद ₹2 लाख की अनुग्रह सहायता राशि प्राप्त हुई है। यह सहायता राशि इस कठिन समय में परिवार के लिए केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं, बल्कि नई आशा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना का मुख्य उद्देश्य असंगठित श्रमिक परिवारों को विपरीत परिस्थितियों में वित्तीय सुरक्षा देना है, ताकि संकट की घड़ी में भी परिवार सम्मान के साथ अपना जीवन यापन कर सके। यह समय पर मिली सहायता किसी भी परिवार के जीवन में नया विश्वास जगाने, नई शुरुआत करने और एक बेहतर भविष्य की राह खोलने में सक्षम है। योजना का लक्ष्य सुरक्षित श्रमिक, सशक्त परिवार और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण करना है, जैसा कि इस मामले में श्रीमती दीपिका माहावर के परिवार को मिली मदद से स्पष्ट होता है।
सीहोर निवासी श्रीमती दीपिका माहावर के परिवार को मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के तहत पति के निधन के बाद ₹2 लाख की अनुग्रह सहायता राशि प्राप्त हुई है। यह सहायता राशि इस कठिन समय में परिवार के लिए केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं, बल्कि नई आशा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना का मुख्य उद्देश्य असंगठित श्रमिक परिवारों को विपरीत परिस्थितियों में वित्तीय सुरक्षा देना है, ताकि संकट की घड़ी में भी परिवार सम्मान के साथ अपना जीवन यापन कर सके। यह समय पर मिली सहायता किसी भी परिवार के जीवन में नया विश्वास जगाने, नई शुरुआत करने और एक बेहतर भविष्य की राह खोलने में सक्षम है। योजना का लक्ष्य सुरक्षित श्रमिक, सशक्त परिवार और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण करना है, जैसा कि इस मामले में श्रीमती दीपिका माहावर के परिवार को मिली मदद से स्पष्ट होता है।
- सीहोर निवासी श्रीमती दीपिका माहावर के परिवार को मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के तहत पति के निधन के बाद ₹2 लाख की अनुग्रह सहायता राशि प्राप्त हुई है। यह सहायता राशि इस कठिन समय में परिवार के लिए केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं, बल्कि नई आशा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना का मुख्य उद्देश्य असंगठित श्रमिक परिवारों को विपरीत परिस्थितियों में वित्तीय सुरक्षा देना है, ताकि संकट की घड़ी में भी परिवार सम्मान के साथ अपना जीवन यापन कर सके। यह समय पर मिली सहायता किसी भी परिवार के जीवन में नया विश्वास जगाने, नई शुरुआत करने और एक बेहतर भविष्य की राह खोलने में सक्षम है। योजना का लक्ष्य सुरक्षित श्रमिक, सशक्त परिवार और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण करना है, जैसा कि इस मामले में श्रीमती दीपिका माहावर के परिवार को मिली मदद से स्पष्ट होता है।1
- देवास जिले के सोनकच्छ में 365 वर्षों की अपनी ऐतिहासिक परंपरा के तहत आस्था का अद्भुत सैलाब देखने को मिला। इस अवसर पर पूरा नगर 'या हुसैन' के नारों से गूंज उठा, जिसने इस धार्मिक आयोजन में उमड़े जनसमूह की श्रद्धा और भक्ति को प्रदर्शित किया।1
- कालापीपल में क्षेत्रीय विधायक घनश्याम चंद्रवंशी द्वारा एक अनोखी आम पार्टी का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस आयोजन में, उपस्थित जनसमूह ने आम की विभिन्न प्रजातियों का स्वाद चखा और अपने बचपन की मधुर यादों को ताजा किया, जिससे कार्यक्रम में एक विशेष रंग भर गया। इसी अवसर पर, "एक पेड़ माँ के नाम" और "हरा-भरा कालापीपल" नामक अभियानों के तहत पौधारोपण भी किया गया, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश प्रसारित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने भी लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने का हार्दिक आग्रह किया, जिससे कालापीपल में हरियाली के संकल्प को और मजबूती मिली।1
- ग्राम बरखेड़ा हसन में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शुक्रवार को मुहर्रम पर्व शांतिपूर्वक मनाया गया। इस दौरान अली अखाड़े के पहलवानों ने अपने हैरतअंगेज कर्तव्य दिखाकर सभी का मन मोह लिया। यह प्रदर्शन हसन हुसैन की याद में निकाले गए ताज़ियों के साथ हुआ। इन हैरतअंगेज प्रदर्शनों में बरखेड़ा हसन के अली अखाड़ा, अहमदपुर के चमन अखाड़ा और पीलूखेड़ी के पहलवान शामिल थे। पर्व के अवसर पर, अखाड़े के पहलवानों द्वारा चौकी इमामबाड़ा से एक जुलूस निकाला गया, जो जामा मस्जिद के सामने देर रात तक अखाड़ा खेलने के बाद आगे बढ़ा। इसके बाद, यह जुलूस जामा मस्जिद से लालाजी चौक की ओर रवाना हुआ, जहाँ पहलवानों ने एक बार फिर अपने हैरतअंगेज कर्तव्य दिखाए। इस दौरान अहमदपुर से आए इस्लामी अखाड़े के उस्ताद और पहलवानों का साफा व माला पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया; विशेष रूप से अहमदपुर चमन अखाड़ा के उस्ताद का इस्तकबाल किया गया। अखाड़ा देर रात तक चलता रहा और अंततः यह जुलूस करवला पर जाकर समाप्त हुआ। इस पूरे आयोजन में बरखेड़ा हसन में एक बार फिर एकता की मिसाल देखने को मिली, जहाँ मोहर्रम के मौके पर सभी वर्ग के लोगों ने इस जुलूस में उत्साहपूर्वक भाग लिया।3
- आज, 27 जून 2026 को मोहर्रम की 11 तारीख पर शुजालपुर सिटी में एक भव्य जुलूस निकाला गया। यह जुलूस ताजियों और बैंड के साथ शुजालपुर सिटी बस स्टैंड से होकर गुजरा।1
- सीहोर स्थित भारत मल्टी हॉस्पिटल में शाहजहांपुर जिले के ग्राम आनंदीखेड़ी निवासी मरीज अमन मीना की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में इंजेक्शन लगाए जाने के तुरंत बाद ही अमन मीना की तबीयत अचानक बिगड़ी और उनकी मौत हो गई। अमन मीना को पुलिया से गिरने के बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और आरोप लगाया कि गलत इंजेक्शन तथा कथित लापरवाही के कारण मरीज की जान गई है। परिजनों की मांग है कि यदि समय पर सही उपचार मिलता और कोई लापरवाही न होती, तो अमन मीना की जान बच सकती थी। वे दोषी डॉक्टर और संबंधित स्टाफ के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।2
- देवास जिले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजनी जेम्स बेक ने जानकारी दी है कि 28 से 30 जून 2026 तक पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत जिले में जन्म से 05 वर्ष तक के कुल 01 लाख 86 हजार 252 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। अभियान के सुचारु संचालन के लिए कुल 1800 बूथ बनाए गए हैं, जिनमें 1248 बी टाइप और 552 सी टाइप बूथ शामिल हैं। इसके साथ ही, 35 ट्रांजिट टीम और 27 मोबाईल टीम भी गठित की गई हैं। अभियान में 3600 वैक्सीनेटर और 201 सुपरवाइजर्स को ड्यूटी पर लगाया गया है। दवा पिलाने की प्रक्रिया पहले दिन बूथों पर होगी, जबकि दूसरे और तीसरे दिन उन बच्चों को घर-घर जाकर दवा पिलाई जाएगी जो पहले दिन दवा पीने से वंचित रह गए थे। अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान किए जा रहे हैं। इन प्रशिक्षणों में वैक्सीन का रखरखाव, दवा पिलाने का सही तरीका, वीवीएम (वैक्सीन वायल मॉनिटर) की जानकारी, घरों पर मार्कर से निशान लगाना और बूथ व घर-घर भ्रमण के दौरान ए.एफ.पी. (एक्यूट फ्लेसिड पैरालिसिस) और मीजल्स (खसरा) के मामलों की जानकारी लेने और उनकी रिपोर्टिंग करने के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। जिले में शतप्रतिशत बच्चों को पोलियो की दवा पिलवाने के निर्देश दिए गए हैं।1
- देवास जिले की हाटपीपल्या तहसील के बढ़िया मांडू गांव में तेज बारिश और हवा के कारण एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। सचिन मालवी, जो देवकरण मालवीय के पुत्र हैं, के मकान के टीन शेड उड़ गए और घर का सारा खाने-पीने का सामान भी खराब हो गया। घटना के समय बच्चे मकान के अंदर ही थे, जो इस हादसे में बाल-बाल बच गए। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।3