देश के यशस्वी और ओजस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक कार्यक्रम "मन की बात" के 135वें संस्करण को गया में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा के आवास पर कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य लोगों के साथ सामूहिक रूप से देखा और सुना गया। इस अवसर पर डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री का "मन की बात" केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह देशवासियों को जोड़ने वाला एक जन-आंदोलन बन चुका है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से देश के विभिन्न ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों की जानकारी निरंतर प्राप्त होती है। डॉ. मिश्रा ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण के महत्व पर विशेष बल देते हुए "बूंद-बूंद पानी बचाओ" का संदेश दिया, जिसे उन्होंने वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री ने नालंदा यूनिवर्सिटी की गौरवशाली विरासत, मेघालय की प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों की प्रेरणादायक उपलब्धियों का जिक्र कर भारत की समृद्ध संस्कृति और विरासत से देशवासियों को परिचित कराया। डॉ. मिश्रा के अनुसार, ऐसे विषय समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सभ्यता एवं संस्कृति पर गर्व करने की प्रेरणा देते हैं। डॉ. मिश्रा ने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रधानमंत्री प्रत्येक "मन की बात" के माध्यम से जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, नवाचार, आत्मनिर्भरता तथा राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों का मार्गदर्शन करते हैं। उनका मानना है कि यह कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करता है। अंत में, डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने गया की पावन धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इसी प्रकार प्रत्येक "मन की बात" के माध्यम से देशवासियों के साथ प्रेरणादायक विचार साझा करते रहें और विकसित भारत के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करते रहें। इस कार्यक्रम को सुनने वालों में भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता संतोष ठाकुर, गोपाल प्रसाद यादव, दीपक पांडे, महेश यादव और कुंदन सिंह सहित कई अन्य लोग शामिल थे।
देश के यशस्वी और ओजस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक कार्यक्रम "मन की बात" के 135वें संस्करण को गया में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा के आवास पर कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य लोगों के साथ सामूहिक रूप से देखा और सुना गया। इस अवसर पर डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री का "मन की बात" केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह देशवासियों को जोड़ने वाला एक जन-आंदोलन बन चुका है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से देश के विभिन्न ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों की जानकारी निरंतर प्राप्त होती है। डॉ. मिश्रा ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण के महत्व पर विशेष बल देते हुए "बूंद-बूंद पानी बचाओ" का संदेश दिया, जिसे उन्होंने वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री ने नालंदा यूनिवर्सिटी की गौरवशाली विरासत, मेघालय की प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों की प्रेरणादायक उपलब्धियों का जिक्र कर भारत की समृद्ध संस्कृति और विरासत से देशवासियों को परिचित कराया। डॉ. मिश्रा के अनुसार, ऐसे विषय समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सभ्यता एवं संस्कृति पर गर्व करने की प्रेरणा देते हैं। डॉ. मिश्रा ने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रधानमंत्री प्रत्येक "मन की बात" के माध्यम से जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, नवाचार, आत्मनिर्भरता तथा राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों का मार्गदर्शन करते हैं। उनका मानना है कि यह कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करता है। अंत में, डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने गया की पावन धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इसी प्रकार प्रत्येक "मन की बात" के माध्यम से देशवासियों के साथ प्रेरणादायक विचार साझा करते रहें और विकसित भारत के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करते रहें। इस कार्यक्रम को सुनने वालों में भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता संतोष ठाकुर, गोपाल प्रसाद यादव, दीपक पांडे, महेश यादव और कुंदन सिंह सहित कई अन्य लोग शामिल थे।
- देश के यशस्वी और ओजस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक कार्यक्रम "मन की बात" के 135वें संस्करण को गया में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा के आवास पर कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य लोगों के साथ सामूहिक रूप से देखा और सुना गया। इस अवसर पर डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री का "मन की बात" केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह देशवासियों को जोड़ने वाला एक जन-आंदोलन बन चुका है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से देश के विभिन्न ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों की जानकारी निरंतर प्राप्त होती है। डॉ. मिश्रा ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण के महत्व पर विशेष बल देते हुए "बूंद-बूंद पानी बचाओ" का संदेश दिया, जिसे उन्होंने वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री ने नालंदा यूनिवर्सिटी की गौरवशाली विरासत, मेघालय की प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों की प्रेरणादायक उपलब्धियों का जिक्र कर भारत की समृद्ध संस्कृति और विरासत से देशवासियों को परिचित कराया। डॉ. मिश्रा के अनुसार, ऐसे विषय समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सभ्यता एवं संस्कृति पर गर्व करने की प्रेरणा देते हैं। डॉ. मिश्रा ने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रधानमंत्री प्रत्येक "मन की बात" के माध्यम से जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, नवाचार, आत्मनिर्भरता तथा राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों का मार्गदर्शन करते हैं। उनका मानना है कि यह कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करता है। अंत में, डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने गया की पावन धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इसी प्रकार प्रत्येक "मन की बात" के माध्यम से देशवासियों के साथ प्रेरणादायक विचार साझा करते रहें और विकसित भारत के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करते रहें। इस कार्यक्रम को सुनने वालों में भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता संतोष ठाकुर, गोपाल प्रसाद यादव, दीपक पांडे, महेश यादव और कुंदन सिंह सहित कई अन्य लोग शामिल थे।1
- सीताचक गांव में 11000 वोल्ट की बिजली लाइन के कारण ग्रामीणों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस लाइन से खेती करने और सामान का बोझ ले जाने में खासी दिक्कत आ रही है। ग्रामीणों के अनुसार, इस लाइन की वजह से कई लोगों को बिजली के झटके भी लग चुके हैं। स्थानीय लोग इस गंभीर समस्या के शीघ्र समाधान की गुहार लगा रहे हैं।3
- रफीगंज प्रखंड मुख्यालय में उत्तर कोयल नहर परियोजना के अधूरे कार्यों को पूरा कराने और किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाने की मांग को लेकर किसानों का धरना 530 दिनों से लगातार जारी है। इस लंबे समय से चल रहे आंदोलन में पूर्व जिला पार्षद अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. संजय यादव ने धरनार्थियों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया। धरना की अध्यक्षता कर रहे अहमद रजा खां उर्फ लड्डू खां सहित डॉ. तुलसी यादव, पूर्व पैक्स अध्यक्ष सत्येंद्र यादव, सिद्धि यादव, डॉ. शिवनन्दन यादव, विसुन देव यादव, रंजीत कुमार, भीम बिहारी विश्वकर्मा, राजनंदन यादव, टुन-टुन खां, विरेंद्र यादव, संतोष गिरी, भोलानाथ वर्मा, महेश यादव, ब्रह्मदेव, प्रमोद साव और जयप्रकाश प्रजापति को फूल माला एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। डॉ. संजय यादव ने इस आंदोलन को क्षेत्र के किसानों की लगातार दृढ़ता का प्रतीक बताया, जो अपनी मांगों पर डटे हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह क्षेत्र कृषि प्रधान है, लेकिन किसानों को मूलभूत सुविधाएँ नदारद हैं। आजादी के बाद से जनप्रतिनिधियों ने केवल वोट के लिए यहाँ के किसानों को ठगने का काम किया है। किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले पिछले लगभग दो दशकों से उत्तर कोयल नहर का पानी और कुटकु डैम में फाटक लगाने की मांग को लेकर किसान विभिन्न माध्यमों से लगातार आंदोलनरत हैं। प्रखंड परिसर में लगातार 530 दिनों से धरना देना अत्यंत सराहनीय है। डॉ. तुलसी यादव ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासनिक अधिकारियों ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो किसान शीघ्र ही उग्र आंदोलन करेंगे और सड़क जाम कर देंगे। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के किसानों ने एक स्वर में कहा है कि जब तक उत्तर कोयल नहर के कुटकु मंडल डैम में फाटक नहीं लगाया जाता और अंगरा, कोटवारा तथा चेई नावादा ब्रांच नहरों में कार्य शुरू नहीं होता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।1
- ग्राम पंचायत विकास दिवस के अवसर पर हुलासगंज प्रखंड की सभी पंचायतों में ग्राम सभा का आयोजन किया गया।1
- शराब और अफीम से जुड़ी जानकारी मिलने के बाद, दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है।1
- सोनभद्र बंशी सूर्यपुर प्रखंड के माली ग्राम पंचायत में जल अनुरक्षक अपने लंबित मानदेय और भुगतान का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। ये जल अनुरक्षक गांव में पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन लगातार मेहनत के बावजूद भुगतान न मिलने से उनमें गहरी चिंता है। एक वीडियो के माध्यम से अरवल जिला प्रशासन और सोनभद्र बंशी सूर्यपुर प्रखंड प्रशासन से यह अपील की गई है कि माली पंचायत के जल अनुरक्षकों का बकाया भुगतान जल्द से जल्द जारी किया जाए। इस मांग का मुख्य उद्देश्य उनके परिवारों को आर्थिक राहत प्रदान करना है, क्योंकि जल व्यवस्था संभालने वालों को उनका वाजिब अधिकार मिलना चाहिए।1
- महावीर सिनियर सिटिजन हॉस्पिटल के चिकित्सकों द्वारा चीरी में एक निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के माध्यम से हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कीं।1
- पंचायत विकास दिवस के कार्यक्रम के दौरान गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने अपना संबोधन दिया।1
- औरंगाबाद जिले के रफीगंज-भादवा पथ पर भोला बिगहा गांव के समीप एक बाइक सवार के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। यह घटना शनिवार रात को उस समय हुई जब रफीगंज थाना क्षेत्र के दरमियां गांव निवासी पवन कुमार सिंह रजोई से सब्जी खरीदकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान चार लोगों ने उन्हें रोककर मारपीट की। घायल पवन कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि एक आरोपी को संदेह था कि उन्होंने ही शराब से जुड़े किसी मामले में पुलिस को सूचना दी थी, और इसी रंजिश के चलते इस घटना को अंजाम दिया गया। मारपीट में घायल हुए पवन कुमार सिंह को उनके परिजनों ने इलाज के लिए रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। रफीगंज थानाध्यक्ष ने रविवार शाम करीब 5 बजे बताया कि मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1