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डीआईओएस कार्यालय पर शिक्षकों का जोरदार प्रदर्शन, मुख्यमंत्री को भेजा 25 सूत्रीय ज्ञापन अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक शिक्षक महासभा के बैनर तले जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के समक्ष जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। जिलाध्यक्ष डॉ. अमर सिंह और महामंत्री राम सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित 25 सूत्रीय ज्ञापन प्रभारी डीआईओएस अनिल कुमार को सौंपा गया।
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डीआईओएस कार्यालय पर शिक्षकों का जोरदार प्रदर्शन, मुख्यमंत्री को भेजा 25 सूत्रीय ज्ञापन अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक शिक्षक महासभा के बैनर तले जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के समक्ष जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। जिलाध्यक्ष डॉ. अमर सिंह और महामंत्री राम सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित 25 सूत्रीय ज्ञापन प्रभारी डीआईओएस अनिल कुमार को सौंपा गया।
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- अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक शिक्षक महासभा की ओर से जिलाध्यक्ष डॉ अमर सिंह एवं महामंत्री राम सिंह के नेतृत्व में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित 25 सूत्रीय ज्ञापन पत्र प्रभारी डीआईओएस अनिल कुमार को सौंपा गया। पदों में आरक्षण का प्रावधान समेत रखी कई मांगे शिक्षक महासभा ने किया धरना-प्रदर्शन शााहजहांपुर। अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक शिक्षक महासभा की ओर से जिलाध्यक्ष डॉ अमर सिंह एवं महामंत्री राम सिंह के नेतृत्व में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित 25 सूत्रीय ज्ञापन पत्र प्रभारी डीआईओएस अनिल कुमार को सौंपा गया। ज्ञापन पत्र में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग 2023 में संशोधन करते हुए शिक्षा सेवा नियमावली, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड 1982 की धारा 12, 18 एवं 21 के प्रावधानों को सम्मिलित किये जाने, अप्रैल 2005 से नियुक्त अध्यापकों को पुरानी पेंशन प्रणाली लागू किया जाने, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का राजकीयकरण करने, आगामी प्रधानाचार्य भर्ती के पदों में आरक्षण का प्रावधान किये जाने, प्रधानाचार्य के पदों में बीपीएड को भी बीएड के समकक्ष ही माने जाने, प्रधानाचार्य / प्रधानाध्यापक के पदों की शैक्षिक योग्यता में 50 प्रतिशत अंकों की बाध्यता को समाप्त किये जाने, आरक्षण के निर्धारण 1.99 को एक पद मानने के आदेश दिनांक को विधानसभा कैबीनेट से निरस्त कराते हुए 1.99 को 02 (दो) पद मानने, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में अध्यापकों की वरिष्ठता सूची, पदोन्नति, वेतनवृद्धि, चयन वेतनमान, पदोन्नति वेतनमान का निर्धारण ऑनलाइन किये जाने, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों में आरक्षण का प्रावधान किये जाने, प्रत्येक शिक्षक को एनपीएस पासबुक जारी किये जाने, तदर्थ प्रधानाचार्यों को स्थायी किये जाने, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रबंधतंत्र का नियोक्ता पद समाप्त करते हुए आयोग के नियोक्ता बनाने, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त आरक्षित वर्ग के प्रवक्ता / सहायक अध्यापक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी संवर्ग एवं प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों के पदों को तत्काल अनुसूचित जाति/जनजाति एवं अन्य पिछड़ी जातियों द्वारा ही पूर्ण किया किये जाने, चयनित प्रधानाचार्य, प्रवक्ता, सहायक अध्यापकों का नियुक्ति पत्र आयोग द्वारा जारी करते हुए 15 दिन के अन्दर विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण कराने, आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए तदर्थ अध्यापकों / प्रधानाचार्यों का विनियमितीकरण करने, नई शिक्षा नीति के अनुसार विद्यालयों में एक घण्टा अतिरिक्त शिक्षण कार्य और सप्ताह में पांच दिन कक्षायें चलाने की नीति को लागू करने, प्रधानाचार्य / प्रधानाध्यापक के पदों में स्नातक आनर्स शिक्षकों को भी सम्मिलित करने, वित्तविहिन माध्यमिक विद्यालयों में आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए नियुक्त शिक्षकों को उचित मानदेय देने, उप्र संस्कृत बोर्ड द्वारा संचालित संस्कृत विद्यालयों में विज्ञापित प्रधानाचार्य , प्रवक्ता , सहायक अध्यापक पदों में अनुसूचित जाति,जनजाति, अन्य पिछड़ी जातियों हेतु आरक्षण लागू किये जाने, मूल्याकंन पारिश्रमिक एवं परीक्षा ड्यूटी पारिश्रमिक सी.बी.एस.ई. बोर्ड के समान दिये जाने, कला, संगीत व व्यायाम शिक्षकों को प्रवक्ता पदनाम दिया जाने, आयोग से सामान्य वर्ग में चयनित आरक्षित श्रेणी के अध्यापकों को विद्यालय में आरक्षण की श्रेणी में निर्धारण न करते हुए सामान्य श्रेणी में निर्धारित किये जाने, अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में सृजित कुल प्रवक्ता के पद 50 प्रतिशत पदोन्नति द्वारा भरा जाता है, ऐसी स्थिति में आरक्षण का निर्धारण कुल पदों पर किये जाने, अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में अनुसूचित जाति जनजाति और अन्य पिछड़ी जातियों की पदोन्नति सामान्य वर्ग होने पर उन्हें सामान्य वर्ग में ही रखने, व्यावसायिक एवं तकनीकि अनुदेशक शिक्षक भर्ती में आरक्षण व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। इस अवसर पर सत्यपाल सिंह विनोद कुमार, ज्वाला प्रसाद, केके सिंह, बुधपाल सिंह, विवेक गंगवार, रामकुमार वर्मा, पंकज कुमार, राकेश कुमार वर्मा, मनोज वर्मा, सीएल प्रभाकर, विवेक यादव, अतुल गंगवार राजेश वर्मा, रामफल सिंह, दीपांकर सिंह, विनोद कुमार कश्यप, नरेंद्र मौर्य, नीरज कटियार आदि बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।1
- नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने के मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार शाहजहांपुर। थाना मिर्जापुर नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने के मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार शाहजहांपुर। थाना मिर्जापुर पुलिस ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाकर ले जाने के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार 18 अगस्त 2026 को वादी की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान मामले में अन्य धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस टीम ने बुधवार, 9 सितंबर को वांछित आरोपी मिशाल उर्फ विशाल पुत्र हरीदल, उम्र 20 वर्ष, निवासी हरैवा, थाना जलालाबाद को नखासे तिराहे के पास से करीब 11:40 बजे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक बन्टी कुमार, मुख्य आरक्षी धर्मेन्दर सिंह और आरक्षी प्रभात मलिक शामिल रहे।1
- क्रेन फेल चेन फेल हनुमान जी के आगे विज्ञान भी हुआ फेल 😱😱 मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की जद में आए प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। विक्रम विश्वविद्यालय के पुरातत्व विशेषज्ञों ने इस प्रतिमा के राजा भोज के शासनकाल से जुड़े होने की संभावना जताई है। इस दावे के सामने आने के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच इस ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कंठाल चौराहे से छत्री चौक तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के चलते मंदिर का भवन पहले ही तोड़ा जा चुका है। प्रशासन पिछले कई दिनों से हनुमान जी की प्राचीन प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से विस्थापित करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, फिलहाल प्रतिमा अपने मूल स्थान पर ही सुरक्षित है। इसे धूप और बारिश से बचाने के लिए ऊपर कैनोपी टेंट भी लगाया गया है। विक्रम विश्वविद्यालय के पुरातत्व विशेषज्ञ प्रो. डॉ. रमण सोलंकी के मुताबिक, प्रतिमा मालवा क्षेत्र में पाए जाने वाले मजबूत बेसाल्ट पत्थर से तराशी गई है। उनके अनुसार, परमार वंश और राजा भोज के शासनकाल में इसी तरह के बेसाल्ट पत्थरों पर कलाकृतियां उकेरने की परंपरा रही है। हालांकि, प्रतिमा पर लंबे समय से चढ़ी सिंदूर की मोटी परत के कारण इसकी मूल बनावट और भाव-भंगिमा स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में इसके वास्तविक काल का निर्धारण केवल मौजूदा स्वरूप के आधार पर करना मुश्किल है। पुरातत्व विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिमा वास्तव में कितनी पुरानी है और इसकी स्थापना कब हुई थी, इसका सटीक पता लगाने के लिए वैज्ञानिक जांच जरूरी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बिना उचित पुरातात्विक अध्ययन और तकनीकी सलाह के जल्दबाजी में प्रतिमा को हटाने या स्थानांतरित करने का कदम उज्जैन की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक विरासत को नुकसान पहुंचा सकता है। #ujjain #MadhyaPradesh #hanumantemple #historicalplaces #fbpost4
- अधिवक्ताओं के आंदोलन को मिली धार, अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा के नेतृत्व में महासचिव राजेश अवस्थी के समर्थन में उतरी तहसील बार शाहजहांपुर: तहसील सदर में उप जिलाधिकारी (SDM) सदर अतुल कुमार के रवैये के खिलाफ अधिवक्ताओं का गुस्सा अब व्यापक आंदोलन का रूप ले चुका है। धरना-प्रदर्शन के दूसरे दिन तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा के सशक्त नेतृत्व में भारी संख्या में अधिवक्ताओं ने हुंकार भरी। धरना-प्रदर्शन के दौरान सेंट्रल बार एसोसिएशन शाहजहांपुर के महासचिव राजेश अवस्थी ने अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा कि सेंट्रल बार पूरी मजबूती के साथ तहसील सदर के अधिवक्ताओं के साथ खड़ी है। उन्होंने घोषणा की कि तहसील सदर के वकीलों के मान-सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और यह लड़ाई आर-पार लड़ी जाएगी। तहसील अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा ने भी समर्थन दोहराते हुए कहा कि उप जिलाधिकारी सदर द्वारा अधिवक्ताओं के साथ किया गया दुर्व्यवहार पूरे अधिवक्ता समाज की गरिमा पर हमला है। धरना स्थल पर लगातार दूसरे दिन अधिकारियों की अनुपस्थिति से अधिवक्ताओं का आक्रोश और बढ़ गया। महासचिव राजेश अवस्थी और अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा के संयुक्त आह्वान पर अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार जारी रखा, जिससे तहसील का न्यायिक व प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह ठप रहा। वकीलों ने चेतावनी दी है कि जब तक उप जिलाधिकारी सदर खेद प्रकट नहीं करते, आंदोलन जारी रहेगा।1
- आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों व महिला कल्याण विभाग की लाभार्थियों को किया सम्मानित, 29.11 करोड़ रुपये खातों में हस्तांतरित आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों व महिला कल्याण विभाग की लाभार्थियों को किया सम्मानित, 29.11 करोड़ रुपये खातों में हस्तांतरित1
- उज्जैन से हनुमान जी के आगे साइंस के उपकरण भी फैल जय बजरंग बली1
- नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने का आरोपी गिरफ्तार, 👉 पॉक्सो एक्ट में भी बढ़ी धाराएं शाहजहांपुर। मिर्जापुर थाना पुलिस ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने के मामले में वांछित चल रहे 20 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक 18 अगस्त को दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान मामले में धारा 65(1) बीएनएस और 3/4(2) पॉक्सो एक्ट की बढ़ोतरी की गई थी। बुधवार को पुलिस टीम ने नखासे तिराहे के पास से करीब 11:40 बजे मिशाल उर्फ विशाल पुत्र हरीदल, निवासी हरैवा, थाना जलालाबाद को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम: उपनिरीक्षक बन्टी कुमार, मुख्य आरक्षी धर्मेन्दर सिंह और आरक्षी प्रभात मलिक।1
- #लखीमपुरखीरी में मासूम से दरिंदगी के आरोपी खलील के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, राजस्व टीम की पैमाइश के बाद हुई कार्रवाई उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के सिंगाही थाना क्षेत्र में चार वर्षीय मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में प्रशासन ने बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। ग्रामीणों एवं स्थानीय संगठनों के विरोध-प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक और राजस्व टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी खलील के अवैध मकान को बुलडोजर से पूरी तरह ध्वस्त कर जमींदोज कर दिया। खलिहान की जमीन पर बना था अवैध निर्माण रविवार को घटी इस घिनौनी वारदात के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त था। ग्रामीणों का आरोप था कि आरोपी खलील ने गांव की सार्वजनिक उपयोग की खलिहान/सरकारी भूमि पर अवैध रूप से अपना मकान और बाड़ा बना रखा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में स्थल की पैमाइश की। पैमाइश में मकान के सरकारी/सार्वजनिक जमीन पर बने होने की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने तुरंत बुलडोजर मंगवाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई पूरी की। ₹05 का लालच देकर की थी हैवानियत उल्लेखनीय है कि सिंगाही थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार सुबह 4 वर्षीय मासूम बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। पड़ोस के 65 वर्षीय खलील ने बच्ची को ₹5 और टॉफी देने का झांसा देकर अपने घर बुलाया और बकरियां बांधने वाले बाड़े में ले जाकर उसके साथ हैवानियत की। बच्ची खून से लथपथ हालत में घर पहुँची और अपनी मां को आपबीती बताकर बेहोश हो गई। आरोपी जेल में, बच्ची का लखनऊ में इलाज जारी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी खलील को गिरफ्तार कर लिया और पॉक्सो एक्ट समेत संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया। वहीं, गंभीर हालत में मासूम को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल और फिर बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया था। प्रशासन के इस सख्त बुलडोजर ऐक्शन के बाद क्षेत्र में तनाव कम हुआ है और अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को Fast-Track Court के जरिए कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।3