हजारीबाग के सदर प्रखंड स्थित कोर्रा चौक क्षेत्र में बुधवार को प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की, जहाँ ऑर्चर्ड लीज की जमीन पर विकसित की जा रही कथित अवैध कॉलोनी के खिलाफ बुलडोजर चलाकर कई निर्माणाधीन भवनों को ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई से केवल ईंट-पत्थर की दीवारें ही नहीं गिरीं, बल्कि दर्जनों परिवारों के सपनों के आशियाने भी मलबे में तब्दील हो गए। जूनियर डीएवी स्कूल के समीप लगभग 2 एकड़ 2 डिसमिल ऑर्चर्ड लीज भूमि पर आवासीय निर्माण किए जा रहे थे, जबकि नियमों के अनुसार ऐसी जमीन का उपयोग केवल बागवानी और हरित विकास के लिए ही किया जा सकता है। शिकायतों के बाद प्रशासन ने जांच कर इन निर्माणों को नियमों के विरुद्ध पाया, जिसके बाद यह बुलडोजर कार्रवाई की गई। हालांकि, कार्रवाई के बाद सबसे अधिक चर्चा उन लोगों की हो रही है जिन्होंने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी लगाकर यहाँ जमीन खरीदी और मकान बनाए, क्योंकि स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकांश खरीदारों को यह जानकारी ही नहीं थी कि जमीन ऑर्चर्ड लीज की है और उस पर आवासीय निर्माण कानूनी रूप से मान्य नहीं है। अब इस मामले में कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं: यदि यह निर्माण अवैध था, तो वर्षों तक यह सब चलता कैसे रहा? प्लॉटों की बिक्री कैसे हुई? क्या संबंधित लीजधारक अभिजीत लहरी की भूमिका की जांच की जाएगी? और क्या इतने बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य के दौरान प्रशासनिक स्तर पर किसी लापरवाही या मिलीभगत की भी पड़ताल होगी? इन सवालों के जवाब फिलहाल लोगों को नहीं मिले हैं, हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई जारी रहेगी। मलबे के बीच खड़े परिवारों के लिए यह मामला केवल अवैध निर्माण का नहीं, बल्कि उनकी जीवनभर की कमाई और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा है। लोग अब इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि क्या जांच की आंच केवल ध्वस्त किए गए मकानों तक सीमित रहेगी या फिर उन लोगों तक भी पहुंचेगी जिन्होंने इस पूरी व्यवस्था को संभव बनाया, और यही इस कार्रवाई की असली परीक्षा होगी।
हजारीबाग के सदर प्रखंड स्थित कोर्रा चौक क्षेत्र में बुधवार को प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की, जहाँ ऑर्चर्ड लीज की जमीन पर विकसित की जा रही कथित अवैध कॉलोनी के खिलाफ बुलडोजर चलाकर कई निर्माणाधीन भवनों को ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई से केवल ईंट-पत्थर की दीवारें ही नहीं गिरीं, बल्कि दर्जनों परिवारों के सपनों के आशियाने भी मलबे में तब्दील हो गए। जूनियर डीएवी स्कूल के समीप लगभग 2 एकड़ 2 डिसमिल ऑर्चर्ड लीज भूमि पर आवासीय निर्माण किए जा रहे थे, जबकि नियमों के अनुसार ऐसी जमीन का उपयोग केवल बागवानी और हरित विकास के लिए ही किया जा सकता है। शिकायतों के बाद प्रशासन ने जांच कर इन निर्माणों को नियमों के विरुद्ध पाया, जिसके बाद यह बुलडोजर कार्रवाई की गई। हालांकि, कार्रवाई के बाद सबसे अधिक चर्चा उन लोगों की हो रही है जिन्होंने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी लगाकर यहाँ जमीन खरीदी और मकान बनाए, क्योंकि स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकांश खरीदारों को यह जानकारी ही नहीं थी कि जमीन ऑर्चर्ड
लीज की है और उस पर आवासीय निर्माण कानूनी रूप से मान्य नहीं है। अब इस मामले में कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं: यदि यह निर्माण अवैध था, तो वर्षों तक यह सब चलता कैसे रहा? प्लॉटों की बिक्री कैसे हुई? क्या संबंधित लीजधारक अभिजीत लहरी की भूमिका की जांच की जाएगी? और क्या इतने बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य के दौरान प्रशासनिक स्तर पर किसी लापरवाही या मिलीभगत की भी पड़ताल होगी? इन सवालों के जवाब फिलहाल लोगों को नहीं मिले हैं, हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई जारी रहेगी। मलबे के बीच खड़े परिवारों के लिए यह मामला केवल अवैध निर्माण का नहीं, बल्कि उनकी जीवनभर की कमाई और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा है। लोग अब इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि क्या जांच की आंच केवल ध्वस्त किए गए मकानों तक सीमित रहेगी या फिर उन लोगों तक भी पहुंचेगी जिन्होंने इस पूरी व्यवस्था को संभव बनाया, और यही इस कार्रवाई की असली परीक्षा होगी।
- हजारीबाग के सदर प्रखंड स्थित कोर्रा चौक क्षेत्र में बुधवार को प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की, जहाँ ऑर्चर्ड लीज की जमीन पर विकसित की जा रही कथित अवैध कॉलोनी के खिलाफ बुलडोजर चलाकर कई निर्माणाधीन भवनों को ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई से केवल ईंट-पत्थर की दीवारें ही नहीं गिरीं, बल्कि दर्जनों परिवारों के सपनों के आशियाने भी मलबे में तब्दील हो गए। जूनियर डीएवी स्कूल के समीप लगभग 2 एकड़ 2 डिसमिल ऑर्चर्ड लीज भूमि पर आवासीय निर्माण किए जा रहे थे, जबकि नियमों के अनुसार ऐसी जमीन का उपयोग केवल बागवानी और हरित विकास के लिए ही किया जा सकता है। शिकायतों के बाद प्रशासन ने जांच कर इन निर्माणों को नियमों के विरुद्ध पाया, जिसके बाद यह बुलडोजर कार्रवाई की गई। हालांकि, कार्रवाई के बाद सबसे अधिक चर्चा उन लोगों की हो रही है जिन्होंने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी लगाकर यहाँ जमीन खरीदी और मकान बनाए, क्योंकि स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकांश खरीदारों को यह जानकारी ही नहीं थी कि जमीन ऑर्चर्ड लीज की है और उस पर आवासीय निर्माण कानूनी रूप से मान्य नहीं है। अब इस मामले में कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं: यदि यह निर्माण अवैध था, तो वर्षों तक यह सब चलता कैसे रहा? प्लॉटों की बिक्री कैसे हुई? क्या संबंधित लीजधारक अभिजीत लहरी की भूमिका की जांच की जाएगी? और क्या इतने बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य के दौरान प्रशासनिक स्तर पर किसी लापरवाही या मिलीभगत की भी पड़ताल होगी? इन सवालों के जवाब फिलहाल लोगों को नहीं मिले हैं, हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई जारी रहेगी। मलबे के बीच खड़े परिवारों के लिए यह मामला केवल अवैध निर्माण का नहीं, बल्कि उनकी जीवनभर की कमाई और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा है। लोग अब इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि क्या जांच की आंच केवल ध्वस्त किए गए मकानों तक सीमित रहेगी या फिर उन लोगों तक भी पहुंचेगी जिन्होंने इस पूरी व्यवस्था को संभव बनाया, और यही इस कार्रवाई की असली परीक्षा होगी।2
- झारखंड में ईंधन की कीमतों में वृद्धि के बाद बस किराए में लगभग 18 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का सीधा असर अब हजारीबाग टाउन रेलवे स्टेशन पर दिखाई दे रहा है। बस संचालकों द्वारा किराए में की गई इस वृद्धि के चलते बड़ी संख्या में यात्री रेल यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप स्टेशन पर यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। यात्रियों का कहना है कि रेल यात्रा न केवल किफायती है बल्कि सुविधाजनक भी साबित हो रही है। उदाहरण के तौर पर, हजारीबाग से रांची तक ट्रेन का किराया जहां मात्र 65 रुपये है, वहीं बस से सफर करने पर यात्रियों को 220 से 250 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। इसी तरह, बरकाकाना और कोडरमा समेत अन्य प्रमुख गंतव्यों के लिए भी रेलवे का किराया बस की तुलना में काफी कम है। स्टेशन पर पहुंचे यात्रियों ने बताया कि बढ़ते यात्रा खर्च के इस दौर में रेलवे आम लोगों के लिए राहत का माध्यम बनकर उभरा है। कम किराया, सुरक्षित यात्रा और समय की बचत जैसे कारणों से लोगों का झुकाव लगातार रेल सेवाओं की ओर बढ़ रहा है। रेलवे स्टेशन पर बढ़ती भीड़ इस बदलते रुझान की स्पष्ट तस्वीर पेश कर रही है।1
- हजारीबाग में आयोजित मुहर्रम के जुलूसों में अकीदतमंदों ने जगह-जगह पारंपरिक खेल और विभिन्न करतबों का शानदार प्रदर्शन किया, जो दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।1
- मुहर्रम के पवित्र अवसर पर दारू प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पर्व के दौरान शांति व्यवस्था बनी रहे, जिसके चलते हर चौक-चौराहे पर पुलिस की कड़ी और पैनी नजर रखी जा रही है।1
- आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से हजारीबाग जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी क्रम में बुधवार को हजारीबाग कंट्रोल रूम से जिला प्रशासन और पुलिस बल द्वारा संयुक्त रूप से फ्लैग मार्च निकाला गया। यह फ्लैग मार्च शहर के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों से गुजरा, जहाँ लोगों को शांति और भाईचारे का संदेश दिया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मोहर्रम के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी, साथ ही सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की। वहीं, उपायुक्त ने जानकारी दी कि मोहर्रम के सफल आयोजन हेतु सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जुलूस मार्ग का चयन भी कर लिया गया है, और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने नागरिकों से आपसी सद्भाव बनाए रखते हुए पर्व को सादगीपूर्ण तरीके से मनाने का आग्रह किया।4
- खीरगांव के तीनों खलीफा हजरात का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया गया है। संबोधन में कहा गया कि उन्हें जो मान-सम्मान और मोहब्बत बख्शी गई है, उसके लिए वे हमेशा शुक्रगुजार रहेंगे। वक्ता ने अल्लाह से सभी को हमेशा खुश और सलामत रखने की दुआ भी माँगी और अपना बहुत-बहुत धन्यवाद व्यक्त किया।1
- मोहर्रम की आठवीं तारीख को कटकम सांडी (हजारीबाग) में छड़वा मोहर्रम मेला शुरू हुआ, जिसमें तेरह गावों का एक भव्य जुलूस अपने आकाश छूते निशानों के साथ छड़वा मोहर्रम मैदान पहुँचा। इस दौरान अकीदतमंदों ने पारंपरिक औजारों का उपयोग कर खेल का अद्भुत प्रदर्शन किया, जो दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा। बुधवार को खुटरा, सुलमी, हेदलाग, बलियंद, गदोखर वन, गदोखर टु, पबरा, लुपूंग, पिचरी, रोमी, डाड़, सारूगाड़ु और नवादा गांव के जुलूस अपने आखड़ों के साथ दोपहर 12 बजे छड़वा मैदान में प्रवेश किया। इस विशाल आयोजन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस और छड़वा मोहर्रम कमिटी के लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रखंड विकास पदाधिकारी पूजा कुमारी, अंचल अधिकारी अनिल कुमार गुप्ता, और पेलावल ओपी के थाना प्रभारी बिट्टू रजक ने मौके पर पहुँचकर मेले का जायजा लिया। इस अवसर पर छड़वा मोहर्रम कमिटी के नवनियुक्त अध्यक्ष नौशाद खान उर्फ डिस्को, उपाध्यक्ष बाबर अंसारी, सचिव कमालउद्दीन इराकी, अजमल अंसारी, कोषाध्यक्ष शेख इंत्तेफाक, प्रवक्ता निसार खान, संरक्षक अनवारूल हक, अंतू साव, मिस्बाहुल हक, साजिद अली खान, मोहम्मद रब्बानी, सहित मोहम्मद सिराजुद्दीन, कलाम अंसारी, असलम खान जैसे आखाड़ाधारी और राजा मोहम्मद, फिरोज खान, महबूब अंसारी, जमशेद खान, महमूद अंसारी सहित सैकड़ों गण्यमान्य समाजसेवी और लोग उपस्थित थे।4
- हजारीबाग पुलिस ने मोहर्रम के त्योहार से पहले एक बड़ा अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने हजारों लीटर जावा महुआ नष्ट किया। यह अभियान हजारीबाग जिले में संपन्न हुआ।1