logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

तेज बारिश से रंका के जोलंगा में दो महिलाओं के घर गिरे, बाल-बाल बचे परिवार रंका प्रखंड के तमगा पंचायत अंतर्गत जोलंगा गांव में तेज बारिश के कारण दो ग्रामीण महिलाओं के कच्चे मकान अचानक धराशायी हो गए। गनीमत रही कि घटना के समय परिवार के सभी सदस्य घर से बाहर थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घर गिरने के बाद दोनों परिवारों के सामने अब रहने और सिर छुपाने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। इस संबंध में मंगलवार को दोपहर करीब 3 बजे पीड़ित रुबीया देवी ने बताया कि तेज बारिश के दौरान वह अपने परिवार के साथ घर से बाहर थीं। इसी दौरान अचानक उनका घर भरभरा कर गिर गया। उन्होंने कहा कि यदि परिवार के सदस्य उस समय घर के अंदर होते तो मलबे में दबकर जान जाने की आशंका थी। इसी तरह चंद्रावती देवी का घर भी बारिश के कारण गिर गया। घटना के बाद दोनों परिवारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और फिलहाल दूसरे लोगों के घर में रहने को मजबूर हैं। पीड़ित परिवारों ने आवास की मांग को लेकर पंचायत के मुखिया से भी मुलाकात की। मुखिया ने जल्द ही आवास उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। वहीं दक्षिणी भाजपा महामंत्री मनोज कुमार ठाकुर ने भी दोनों पीड़ित महिलाओं को भरोसा दिलाया कि उन्हें जल्द प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रयास किया जाएगा, ताकि दोनों परिवारों को सुरक्षित छत मिल सके और वे अपने घर में सम्मानपूर्वक रह सकें।

18 hrs ago
user_Sunil singh
Sunil singh
रंका, गढ़वा, झारखंड•
18 hrs ago

तेज बारिश से रंका के जोलंगा में दो महिलाओं के घर गिरे, बाल-बाल बचे परिवार रंका प्रखंड के तमगा पंचायत अंतर्गत जोलंगा गांव में तेज बारिश के कारण दो ग्रामीण महिलाओं के कच्चे मकान अचानक धराशायी हो गए। गनीमत रही कि घटना के समय परिवार के सभी सदस्य घर से बाहर थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घर गिरने के बाद दोनों परिवारों के सामने अब रहने और सिर छुपाने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। इस संबंध में मंगलवार को दोपहर करीब 3 बजे पीड़ित रुबीया देवी ने बताया कि तेज बारिश के दौरान वह अपने परिवार के साथ घर से बाहर थीं। इसी दौरान अचानक उनका घर भरभरा कर गिर गया। उन्होंने कहा कि यदि परिवार के सदस्य उस समय घर के अंदर होते तो मलबे में दबकर जान जाने की आशंका थी। इसी तरह चंद्रावती देवी का घर भी बारिश के कारण गिर गया। घटना के बाद दोनों परिवारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और फिलहाल दूसरे लोगों के घर में रहने को मजबूर हैं। पीड़ित परिवारों ने आवास की मांग को लेकर पंचायत के मुखिया से भी मुलाकात की। मुखिया ने जल्द ही आवास उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। वहीं दक्षिणी भाजपा महामंत्री मनोज कुमार ठाकुर ने भी दोनों पीड़ित महिलाओं को भरोसा दिलाया कि उन्हें जल्द प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रयास किया जाएगा, ताकि दोनों परिवारों को सुरक्षित छत मिल सके और वे अपने घर में सम्मानपूर्वक रह सकें।

More news from झारखंड and nearby areas
  • तेज बारिश से रंका के जोलंगा में दो महिलाओं के घर गिरे, बाल-बाल बचे परिवार रंका प्रखंड के तमगा पंचायत अंतर्गत जोलंगा गांव में तेज बारिश के कारण दो ग्रामीण महिलाओं के कच्चे मकान अचानक धराशायी हो गए। गनीमत रही कि घटना के समय परिवार के सभी सदस्य घर से बाहर थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घर गिरने के बाद दोनों परिवारों के सामने अब रहने और सिर छुपाने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। इस संबंध में मंगलवार को दोपहर करीब 3 बजे पीड़ित रुबीया देवी ने बताया कि तेज बारिश के दौरान वह अपने परिवार के साथ घर से बाहर थीं। इसी दौरान अचानक उनका घर भरभरा कर गिर गया। उन्होंने कहा कि यदि परिवार के सदस्य उस समय घर के अंदर होते तो मलबे में दबकर जान जाने की आशंका थी। इसी तरह चंद्रावती देवी का घर भी बारिश के कारण गिर गया। घटना के बाद दोनों परिवारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और फिलहाल दूसरे लोगों के घर में रहने को मजबूर हैं। पीड़ित परिवारों ने आवास की मांग को लेकर पंचायत के मुखिया से भी मुलाकात की। मुखिया ने जल्द ही आवास उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। वहीं दक्षिणी भाजपा महामंत्री मनोज कुमार ठाकुर ने भी दोनों पीड़ित महिलाओं को भरोसा दिलाया कि उन्हें जल्द प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रयास किया जाएगा, ताकि दोनों परिवारों को सुरक्षित छत मिल सके और वे अपने घर में सम्मानपूर्वक रह सकें।
    1
    तेज बारिश से रंका के जोलंगा में दो महिलाओं के घर गिरे, बाल-बाल बचे परिवार


रंका प्रखंड के तमगा पंचायत अंतर्गत जोलंगा गांव में तेज बारिश के कारण दो ग्रामीण महिलाओं के कच्चे मकान अचानक धराशायी हो गए। गनीमत रही कि घटना के समय परिवार के सभी सदस्य घर से बाहर थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घर गिरने के बाद दोनों परिवारों के सामने अब रहने और सिर छुपाने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।
इस संबंध में मंगलवार को दोपहर करीब 3 बजे पीड़ित रुबीया देवी ने बताया कि तेज बारिश के दौरान वह अपने परिवार के साथ घर से बाहर थीं। इसी दौरान अचानक उनका घर भरभरा कर गिर गया। उन्होंने कहा कि यदि परिवार के सदस्य उस समय घर के अंदर होते तो मलबे में दबकर जान जाने की आशंका थी। इसी तरह चंद्रावती देवी का घर भी बारिश के कारण गिर गया। घटना के बाद दोनों परिवारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और फिलहाल दूसरे लोगों के घर में रहने को मजबूर हैं।
पीड़ित परिवारों ने आवास की मांग को लेकर पंचायत के मुखिया से भी मुलाकात की। मुखिया ने जल्द ही आवास उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। वहीं दक्षिणी भाजपा महामंत्री मनोज कुमार ठाकुर ने भी दोनों पीड़ित महिलाओं को भरोसा दिलाया कि उन्हें जल्द प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रयास किया जाएगा, ताकि दोनों परिवारों को सुरक्षित छत मिल सके और वे अपने घर में सम्मानपूर्वक रह सकें।
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    18 hrs ago
  • सलोनी कुमारी का सबसे पहला नशा मुक्ति (शराबबंदी) से जुड़ा गाना सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बोल "नशा छोड़ के ना... दारू ना पीना भैया" (2) वायरल गर्ल सलोनी कुमारी (Viral Girl Saloni Kumari) का दूसरा सबसे ज्यादा चर्चा में आया और वायरल हुआ गीत "पापा के पगड़िया" (Gire Mat Diha Beti, Papa Ke Pagadiya) है। वायरल होने की कहानी स्कूली जीवन: बिहार के रोहतास जिले की रहने वाली सलोनी कुमारी सबसे पहले अपने सरकारी स्कूल में सुरीली आवाज़ में सामाजिक और नशा-मुक्ति गीत गाकर चर्चा में आई थीं। पहला वीडियो: उनका स्कूल और स्थानीय परिवेश में गाया गया नशा-मुक्ति गीत लोगों को बहुत पसंद आया और वह रातों-रात इंटरनेट पर वायरल हो गईं। अन्य प्रसिद्ध गीत: इसके बाद उनके अन्य गीत जैसे "गिरे मत दिहा बेटी, पापा के पगड़िया" ने भी बहुत लोकप्रियता हासिल की। (2) गीत की मुख्य जानकारीगीत का नाम: पापा के पगड़िया (Papa Ke Pagadiya)गायक: सलोनी कुमारीगीतकार: समुंदर सिंहविषय: यह गीत बेटियों को समाज में संभलकर चलने और पिता की पगड़ी (इज्जत) का हमेशा मान रखने का संदेश देता है।
    1
    सलोनी कुमारी का सबसे पहला नशा मुक्ति (शराबबंदी) से जुड़ा गाना सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बोल "नशा छोड़ के ना... दारू ना पीना भैया" 
(2) वायरल गर्ल सलोनी कुमारी (Viral Girl Saloni Kumari) का दूसरा सबसे ज्यादा चर्चा में आया और वायरल हुआ गीत "पापा के पगड़िया" (Gire Mat Diha Beti, Papa Ke Pagadiya) है।
वायरल होने की कहानी
स्कूली जीवन: बिहार के रोहतास जिले की रहने वाली सलोनी कुमारी सबसे पहले अपने सरकारी स्कूल में सुरीली आवाज़ में सामाजिक और नशा-मुक्ति गीत गाकर चर्चा में आई थीं।
पहला वीडियो: उनका स्कूल और स्थानीय परिवेश में गाया गया नशा-मुक्ति गीत लोगों को बहुत पसंद आया और वह रातों-रात इंटरनेट पर वायरल हो गईं।
अन्य प्रसिद्ध गीत: इसके बाद उनके अन्य गीत जैसे "गिरे मत दिहा बेटी, पापा के पगड़िया" ने भी बहुत लोकप्रियता हासिल की। 
(2)  गीत की मुख्य जानकारीगीत का नाम: पापा के पगड़िया (Papa Ke Pagadiya)गायक: सलोनी कुमारीगीतकार: समुंदर सिंहविषय: यह गीत बेटियों को समाज में संभलकर चलने और पिता की पगड़ी (इज्जत) का हमेशा मान रखने का संदेश देता है।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Communications central गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    13 hrs ago
  • भीषण सड़क हादसा: बिजली पोल से टकराई बाइक, दो बच्चे गंभीर हेमंत कुमारकी रिपोर्ट चिनिया थाना क्षेत्र के चिनिया-रंका मुख्य सड़क पर बड़का नाला से कुछ दूरी ऊपर मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे भीषण मोटरसाइकिल दुर्घटना में दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार डंडई थाना क्षेत्र के बालेखाड़ गांव निवासी दयाशंकर सिंह अपने बहनोई चिनिया थाना क्षेत्र के सरोइदोहर निवासी सुरेश सिंह और अपने भांजे के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बिजली के पोल से जा टकराई। हादसे में बाइक सवार सभी लोग घायल हो गए, जबकि दो बच्चे मनीष कुमार उम्र 4 वर्ष तथा अंशु कुमारी 3 वर्ष की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, दोनों के सर पर गंभीर चोटे आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को चिनिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों बच्चों को बेहतर इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही चिनिया थाना प्रभारी विकु कुमार रजक के निर्देश पर एएसआई काशी भूषण पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और घायलों को बेहतर इलाज के लिए गढ़वा भेजने में सहयोग किया।
    1
    भीषण सड़क हादसा: बिजली पोल से टकराई बाइक, दो बच्चे गंभीर
हेमंत कुमारकी रिपोर्ट
चिनिया थाना क्षेत्र के चिनिया-रंका मुख्य सड़क पर बड़का नाला से कुछ दूरी ऊपर मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे भीषण मोटरसाइकिल दुर्घटना में दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार डंडई थाना क्षेत्र के बालेखाड़ गांव निवासी दयाशंकर सिंह अपने बहनोई चिनिया थाना क्षेत्र के सरोइदोहर निवासी सुरेश सिंह और अपने भांजे के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बिजली के पोल से जा टकराई।
हादसे में बाइक सवार सभी लोग घायल हो गए, जबकि दो बच्चे मनीष कुमार उम्र 4 वर्ष तथा अंशु कुमारी 3 वर्ष  की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, दोनों के सर पर गंभीर चोटे आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को चिनिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों बच्चों को बेहतर इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही चिनिया थाना प्रभारी विकु कुमार रजक के निर्देश पर एएसआई काशी भूषण पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और घायलों को बेहतर इलाज के लिए गढ़वा भेजने में सहयोग किया।
    user_Hemant Kumar.  (7294972353)
    Hemant Kumar. (7294972353)
    चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    14 hrs ago
  • भाजपा नेता किशोर पांडेय ने विश्रामपुर में चलाया जनसंपर्क अभियान भाजपा के वरिष्ठ नेता सह सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता किशोर पांडेय ने विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों का दौरा किया। इस क्रम में वे रेहला,बी-मोड़, गोदरमा,शंखा,कुड़ी,कमता,कधवन सहित दर्जन भर गांवों के लोगों से मिलकर उन्हें अभियान से जुड़ने की अपील की।
    1
    भाजपा नेता किशोर पांडेय ने विश्रामपुर में चलाया जनसंपर्क अभियान
भाजपा के वरिष्ठ नेता सह सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता किशोर पांडेय ने  विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों का दौरा किया। इस क्रम में वे रेहला,बी-मोड़, गोदरमा,शंखा,कुड़ी,कमता,कधवन सहित दर्जन भर गांवों के लोगों से मिलकर उन्हें अभियान से जुड़ने की अपील की।
    user_पब्लिक लोकल न्यूज झारखंड
    पब्लिक लोकल न्यूज झारखंड
    विश्रामपुर, पलामू, झारखंड•
    22 hrs ago
  • मृत व्यक्ति के नाम पर फर्जी दस्तावेज बना कर जमीन पर फौती नामांतरण का मामला। बलरामपुर जिले के कुसमी तहसील ग्राम पंचायत जिगनियां से जमीन के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े की खबर सामने आ रही है। मृतक के नाम पर 13 साल तक राजस्व अभिलेख में नाम चलता रहा और फिर दूसरे व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज बनाकर अपना नाम चढ़ा लिया। मामले की शिकायत अब SDM से की गई है। VO 1..मामला कुसमी अनुभाग के ग्राम जिगननिया का है। ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी कुसमी को ज्ञापन देकर शिकायत की है कि ग्राम जिगननिया के पारा अम्बाकोना में शामिल खाता में लोया आ० चकिया का नाम दर्ज था। जिसकी मृत्यु वर्ष 2012 में हो गई थी, लेकिन 2025 तक राजस्व अभिलेख में लोया के नाम से जमीन चलती आ रही थी। आरोप है कि ग्राम जलबोथा निवासी गोवर्धन पिता लेडग ने लोया की मृत्यु का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया और अपना फर्जी आधार कार्ड तैयार कर बिना वारिसदार को सूचना दिए अपना नाम फर्जी ढंग से दर्ज करा लिया। जबकि लोया का कोई पुत्र नहीं था, एक पुत्री थी जिसका विवाह गोपातु से हुआ है जो आज भी जीवित है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि 2003 की मतदाता सूची में गोवर्धन का पिता, पत्नी, भाई सभी का मतदाता सूची में पिता का नाम लेढ़गा है, लेकिन फर्जी ढंग से पुत्र बनकर अपना नाम दर्ज करा लिया। इसमें कुछ भू-अभियापियों की भी मिलीभगत की संभावना जताई गई है। अब ग्रामीणों ने SDM से मांग की है कि पूरे मामले की सत्यता की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और राजस्व अभिलेख से गोवर्धन पिता लेढ़ग का नाम विलोपित किया जाए।जमीन के नाम पर हुए इस फर्जीवाड़े से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। देखना होगा प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।
    1
    मृत व्यक्ति के नाम पर फर्जी दस्तावेज बना कर  जमीन पर फौती नामांतरण का मामला।
बलरामपुर जिले के कुसमी तहसील ग्राम पंचायत जिगनियां से जमीन के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े की खबर सामने आ रही है। मृतक के नाम पर 13 साल तक राजस्व अभिलेख में नाम चलता रहा और फिर दूसरे व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज बनाकर अपना नाम चढ़ा लिया। मामले की शिकायत अब SDM से की गई है।
VO 1..मामला कुसमी अनुभाग के ग्राम जिगननिया का है। ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी कुसमी को ज्ञापन देकर शिकायत की है कि ग्राम जिगननिया के पारा अम्बाकोना में शामिल खाता में लोया आ० चकिया का नाम दर्ज था। जिसकी मृत्यु वर्ष 2012 में हो गई थी, लेकिन 2025 तक राजस्व अभिलेख में लोया के नाम से जमीन चलती आ रही थी।
आरोप है कि ग्राम जलबोथा निवासी गोवर्धन पिता लेडग ने लोया की मृत्यु का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया और अपना फर्जी आधार कार्ड तैयार कर बिना वारिसदार को सूचना दिए अपना नाम फर्जी ढंग से दर्ज करा लिया। जबकि लोया का कोई पुत्र नहीं था, एक पुत्री थी जिसका विवाह गोपातु से हुआ है जो आज भी जीवित है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि 2003 की मतदाता सूची में गोवर्धन का पिता, पत्नी, भाई सभी का मतदाता सूची में पिता का नाम लेढ़गा है, लेकिन फर्जी ढंग से पुत्र बनकर अपना नाम दर्ज करा लिया। इसमें कुछ भू-अभियापियों की भी मिलीभगत की संभावना जताई गई है।
अब ग्रामीणों ने SDM से मांग की है कि पूरे मामले की सत्यता की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और राजस्व अभिलेख से गोवर्धन पिता लेढ़ग का नाम विलोपित किया जाए।जमीन के नाम पर हुए इस फर्जीवाड़े से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। देखना होगा प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • थाना दुद्धी क्षेत्रान्तर्गत अमवार बंधे में डूबने से एक युवती की मृत्यु हो जाने के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकार दुद्धी सोनभद्र श्री विनय प्रभाकर साहनी की बाइट- थाना दुद्धी क्षेत्रान्तर्गत अमवार बंधे में डूबने से एक युवती की मृत्यु हो जाने के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकार दुद्धी सोनभद्र श्री विनय प्रभाकर साहनी की बाइट-
    1
    थाना दुद्धी क्षेत्रान्तर्गत अमवार बंधे में डूबने से एक युवती की मृत्यु हो जाने के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकार दुद्धी सोनभद्र श्री विनय प्रभाकर साहनी की बाइट-
थाना दुद्धी क्षेत्रान्तर्गत अमवार बंधे में डूबने से एक युवती की मृत्यु हो जाने के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकार दुद्धी सोनभद्र श्री विनय प्रभाकर साहनी की बाइट-
    user_Nitesh Kumar
    Nitesh Kumar
    Mandi Agent Mahuli•
    1 hr ago
  • *राजकीय मध्य विद्यालय रबदा खुरा में विद्यालय प्रबंधन समिति का शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष पुनर्गठन संपन्न* राजकीय मध्य विद्यालय रबदा खुरा में विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) का पुनर्गठन निर्धारित प्रक्रिया एवं विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं निष्पक्ष वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन विद्यालय के बेहतर शैक्षणिक विकास, विद्यार्थियों के हितों की रक्षा तथा विद्यालय एवं समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विद्यालय प्रबंधन समिति पुनर्गठन की पूरी प्रक्रिया पर्यवेक्षक संकुल साधन सेवी देवेंद्र नाथ उपाध्याय एवं सहायक शिक्षक प्रभु दयाल प्रजापति की देखरेख में संपन्न कराई गई। आम सभा में उपस्थित अभिभावकों एवं ग्रामीणों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए समिति के गठन की प्रक्रिया में उत्साहपूर्वक भाग लिया। पुनर्गठन के दौरान कुल 20 सदस्यों का चयन किया गया। इसके पश्चात उपस्थित सदस्यों की सर्वसम्मति से श्री ओम प्रकाश तिवारी को अध्यक्ष तथा श्रीमती अंजू कुमारी को उपाध्यक्ष के रूप में चयनित किया गया। सर्वसम्मति से पदाधिकारियों का चयन होना आपसी विश्वास, सहयोग एवं विद्यालय के विकास के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आम सभा की अध्यक्षता श्री पारस नाथ ओझा ने की। उन्होंने विद्यालय के सर्वांगीण विकास में विद्यालय प्रबंधन समिति की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी चयनित सदस्यों से पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता एवं समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री प्रताप कुमार पांडे, सामाजिक कार्यकर्ता श्री देवेंद्र नाथ तिवारी, श्री जैनुल अंसारी, श्री सुजीत कुमार पांडे, श्री संतोष तिवारी सहित विद्यालय परिवार, अभिभावक, ग्रामीण एवं समिति के नवनिर्वाचित सदस्य उपस्थित रहे। सम्पूर्ण पुनर्गठन प्रक्रिया सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। उपस्थित सभी लोगों ने नवगठित विद्यालय प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि समिति विद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन, स्वच्छता, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, आधारभूत सुविधाओं के विकास तथा सामुदायिक सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। नवगठित समिति को विद्यालय के उज्ज्वल भविष्य एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी
    1
    *राजकीय मध्य विद्यालय रबदा खुरा में विद्यालय प्रबंधन समिति का शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष पुनर्गठन संपन्न*
राजकीय मध्य विद्यालय रबदा खुरा में विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) का पुनर्गठन निर्धारित प्रक्रिया एवं विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं निष्पक्ष वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन विद्यालय के बेहतर शैक्षणिक विकास, विद्यार्थियों के हितों की रक्षा तथा विद्यालय एवं समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विद्यालय प्रबंधन समिति पुनर्गठन की पूरी प्रक्रिया पर्यवेक्षक संकुल साधन सेवी देवेंद्र नाथ उपाध्याय एवं सहायक शिक्षक प्रभु दयाल प्रजापति की देखरेख में संपन्न कराई गई। आम सभा में उपस्थित अभिभावकों एवं ग्रामीणों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए समिति के गठन की प्रक्रिया में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पुनर्गठन के दौरान कुल 20 सदस्यों का चयन किया गया। इसके पश्चात उपस्थित सदस्यों की सर्वसम्मति से श्री ओम प्रकाश तिवारी को अध्यक्ष तथा श्रीमती अंजू कुमारी को उपाध्यक्ष के रूप में चयनित किया गया। सर्वसम्मति से पदाधिकारियों का चयन होना आपसी विश्वास, सहयोग एवं विद्यालय के विकास के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आम सभा की अध्यक्षता श्री पारस नाथ ओझा ने की। उन्होंने विद्यालय के सर्वांगीण विकास में विद्यालय प्रबंधन समिति की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी चयनित सदस्यों से पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता एवं समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री प्रताप कुमार पांडे, सामाजिक कार्यकर्ता श्री देवेंद्र नाथ तिवारी, श्री जैनुल अंसारी, श्री सुजीत कुमार पांडे, श्री संतोष तिवारी सहित विद्यालय परिवार, अभिभावक, ग्रामीण एवं समिति के नवनिर्वाचित सदस्य उपस्थित रहे।
सम्पूर्ण पुनर्गठन प्रक्रिया सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। उपस्थित सभी लोगों ने नवगठित विद्यालय प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि समिति विद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन, स्वच्छता, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, आधारभूत सुविधाओं के विकास तथा सामुदायिक सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नवगठित समिति को विद्यालय के उज्ज्वल भविष्य एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    23 hrs ago
  • मकई के खेत में मिला राजेंद्र यादव का शव, हत्या की आशंका के बीच दो मासूम बेटियों के भविष्य पर सवाल गांव निवासी राजेंद्र यादव का शव सोमवार को उनके घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित मकई के खेत के बीच से बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि राजेंद्र यादव मानसिक रूप से कुछ कमजोर थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में उनका एक बड़ा भाई कन्हाई यादव है, जो फिलहाल रायपुर में मजदूरी करने गए हुए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद कन्हाई यादव गांव के लिए रवाना हो गए हैं। राजेंद्र यादव की पत्नी का भी करीब पांच से सात वर्ष पहले बीमारी के कारण निधन हो चुका है। उनकी दो बेटियां हैं, जिनके पालन-पोषण और देखभाल का एकमात्र सहारा उनके पिता राजेंद्र यादव ही थे। ऐसे में राजेंद्र यादव की मौत के बाद दोनों मासूम बेटियों के सामने सबसे बड़ा सवाल उनके भविष्य और देखभाल का खड़ा हो गया है। पुलिस ने सोमवार शाम मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और जांच शुरू की। शव पर चोट के निशान बताए जा रहे हैं। नाक से खून निकलने और जीभ बाहर निकली होने की बात भी सामने आई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध माना जा रहा है और हत्या की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। जानकारी के अनुसार आज सुबह करीब 10 बजे तक पोस्टमार्टम के बाद शव के गांव पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। लेकिन सवाल सिर्फ अंतिम संस्कार तक सीमित नहीं है। राजेंद्र यादव की मौत के बाद उनकी दोनों बेटियों का क्या होगा? उनकी देखभाल कौन करेगा? इस घटना के पीछे कौन है? राजेंद्र यादव की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई? उनका मोबाइल फोन कहां है और इस समय किसके पास है? इन तमाम सवालों के जवाब मिलना जरूरी है। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करे तथा यदि यह हत्या है तो इसके पीछे शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए। साथ ही प्रशासन को राजेंद्र यादव की दोनों बेटियों के भविष्य और सुरक्षा को लेकर भी तत्काल पहल करनी चाहिए। सिर्फ शव का अंतिम संस्कार कर देना इस घटना का समाधान नहीं है। असली सवाल यह है कि राजेंद्र यादव की मौत की सच्चाई सामने कब आएगी और उनके पीछे छूट गईं दो मासूम बेटियों को न्याय और सहारा कौन देगा? मकई के खेत में मिला राजेंद्र यादव का शव, हत्या की आशंका के बीच दो मासूम बेटियों के भविष्य पर सवाल गांव निवासी राजेंद्र यादव का शव सोमवार को उनके घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित मकई के खेत के बीच से बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि राजेंद्र यादव मानसिक रूप से कुछ कमजोर थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में उनका एक बड़ा भाई कन्हाई यादव है, जो फिलहाल रायपुर में मजदूरी करने गए हुए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद कन्हाई यादव गांव के लिए रवाना हो गए हैं। राजेंद्र यादव की पत्नी का भी करीब पांच से सात वर्ष पहले बीमारी के कारण निधन हो चुका है। उनकी दो बेटियां हैं, जिनके पालन-पोषण और देखभाल का एकमात्र सहारा उनके पिता राजेंद्र यादव ही थे। ऐसे में राजेंद्र यादव की मौत के बाद दोनों मासूम बेटियों के सामने सबसे बड़ा सवाल उनके भविष्य और देखभाल का खड़ा हो गया है। पुलिस ने सोमवार शाम मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और जांच शुरू की। शव पर चोट के निशान बताए जा रहे हैं। नाक से खून निकलने और जीभ बाहर निकली होने की बात भी सामने आई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध माना जा रहा है और हत्या की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। जानकारी के अनुसार आज सुबह करीब 10 बजे तक पोस्टमार्टम के बाद शव के गांव पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। लेकिन सवाल सिर्फ अंतिम संस्कार तक सीमित नहीं है। राजेंद्र यादव की मौत के बाद उनकी दोनों बेटियों का क्या होगा? उनकी देखभाल कौन करेगा? इस घटना के पीछे कौन है? राजेंद्र यादव की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई? उनका मोबाइल फोन कहां है और इस समय किसके पास है? इन तमाम सवालों के जवाब मिलना जरूरी है। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करे तथा यदि यह हत्या है तो इसके पीछे शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए। साथ ही प्रशासन को राजेंद्र यादव की दोनों बेटियों के भविष्य और सुरक्षा को लेकर भी तत्काल पहल करनी चाहिए। सिर्फ शव का अंतिम संस्कार कर देना इस घटना का समाधान नहीं है। असली सवाल यह है कि राजेंद्र यादव की मौत की सच्चाई सामने कब आएगी और उनके पीछे छूट गईं दो मासूम बेटियों को न्याय और सहारा कौन देगा?
    1
    मकई के खेत में मिला राजेंद्र यादव का शव, हत्या की आशंका के बीच दो मासूम बेटियों के भविष्य पर सवाल

गांव निवासी राजेंद्र यादव का शव सोमवार को उनके घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित मकई के खेत के बीच से बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

बताया जाता है कि राजेंद्र यादव मानसिक रूप से कुछ कमजोर थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में उनका एक बड़ा भाई कन्हाई यादव है, जो फिलहाल रायपुर में मजदूरी करने गए हुए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद कन्हाई यादव गांव के लिए रवाना हो गए हैं।

राजेंद्र यादव की पत्नी का भी करीब पांच से सात वर्ष पहले बीमारी के कारण निधन हो चुका है। उनकी दो बेटियां हैं, जिनके पालन-पोषण और देखभाल का एकमात्र सहारा उनके पिता राजेंद्र यादव ही थे। ऐसे में राजेंद्र यादव की मौत के बाद दोनों मासूम बेटियों के सामने सबसे बड़ा सवाल उनके भविष्य और देखभाल का खड़ा हो गया है।

पुलिस ने सोमवार शाम मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और जांच शुरू की। शव पर चोट के निशान बताए जा रहे हैं। नाक से खून निकलने और जीभ बाहर निकली होने की बात भी सामने आई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध माना जा रहा है और हत्या की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

जानकारी के अनुसार आज सुबह करीब 10 बजे तक पोस्टमार्टम के बाद शव के गांव पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।

लेकिन सवाल सिर्फ अंतिम संस्कार तक सीमित नहीं है। राजेंद्र यादव की मौत के बाद उनकी दोनों बेटियों का क्या होगा? उनकी देखभाल कौन करेगा? इस घटना के पीछे कौन है? राजेंद्र यादव की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई? उनका मोबाइल फोन कहां है और इस समय किसके पास है? इन तमाम सवालों के जवाब मिलना जरूरी है।

ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करे तथा यदि यह हत्या है तो इसके पीछे शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए। साथ ही प्रशासन को राजेंद्र यादव की दोनों बेटियों के भविष्य और सुरक्षा को लेकर भी तत्काल पहल करनी चाहिए।

सिर्फ शव का अंतिम संस्कार कर देना इस घटना का समाधान नहीं है। असली सवाल यह है कि राजेंद्र यादव की मौत की सच्चाई सामने कब आएगी और उनके पीछे छूट गईं दो मासूम बेटियों को न्याय और सहारा कौन देगा?
मकई के खेत में मिला राजेंद्र यादव का शव, हत्या की आशंका के बीच दो मासूम बेटियों के भविष्य पर सवाल
गांव निवासी राजेंद्र यादव का शव सोमवार को उनके घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित मकई के खेत के बीच से बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
बताया जाता है कि राजेंद्र यादव मानसिक रूप से कुछ कमजोर थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में उनका एक बड़ा भाई कन्हाई यादव है, जो फिलहाल रायपुर में मजदूरी करने गए हुए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद कन्हाई यादव गांव के लिए रवाना हो गए हैं।
राजेंद्र यादव की पत्नी का भी करीब पांच से सात वर्ष पहले बीमारी के कारण निधन हो चुका है। उनकी दो बेटियां हैं, जिनके पालन-पोषण और देखभाल का एकमात्र सहारा उनके पिता राजेंद्र यादव ही थे। ऐसे में राजेंद्र यादव की मौत के बाद दोनों मासूम बेटियों के सामने सबसे बड़ा सवाल उनके भविष्य और देखभाल का खड़ा हो गया है।
पुलिस ने सोमवार शाम मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और जांच शुरू की। शव पर चोट के निशान बताए जा रहे हैं। नाक से खून निकलने और जीभ बाहर निकली होने की बात भी सामने आई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध माना जा रहा है और हत्या की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
जानकारी के अनुसार आज सुबह करीब 10 बजे तक पोस्टमार्टम के बाद शव के गांव पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।
लेकिन सवाल सिर्फ अंतिम संस्कार तक सीमित नहीं है। राजेंद्र यादव की मौत के बाद उनकी दोनों बेटियों का क्या होगा? उनकी देखभाल कौन करेगा? इस घटना के पीछे कौन है? राजेंद्र यादव की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई? उनका मोबाइल फोन कहां है और इस समय किसके पास है? इन तमाम सवालों के जवाब मिलना जरूरी है।
ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करे तथा यदि यह हत्या है तो इसके पीछे शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए। साथ ही प्रशासन को राजेंद्र यादव की दोनों बेटियों के भविष्य और सुरक्षा को लेकर भी तत्काल पहल करनी चाहिए।
सिर्फ शव का अंतिम संस्कार कर देना इस घटना का समाधान नहीं है। असली सवाल यह है कि राजेंद्र यादव की मौत की सच्चाई सामने कब आएगी और उनके पीछे छूट गईं दो मासूम बेटियों को न्याय और सहारा कौन देगा?
    user_Men of jharkhand
    Men of jharkhand
    Court reporter धुरकी, गढ़वा, झारखंड•
    16 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.