24 सितंबर को होगी आरक्षण लॉटरी, कोलायत समेत 3 पंचायत समितियों में तैयारियां तेज कोलायत, हदा और बीठनोक पंचायत समितियों की ग्राम पंचायतों में आरक्षण लॉटरी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। पंचायतीराज चुनाव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। निर्वाचन विभाग के निर्देशानुसार 24 सितंबर को कोलायत पंचायत समिति सभागार में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी। निर्वाचन एवं पंजीयन अधिकारी राजेश कुमार नायक ने बताया कि कोलायत, हदा और बीठनोक पंचायत समितियों के अधीन आने वाली ग्राम पंचायतों और वार्डों की आरक्षण लॉटरी की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जानकारी के अनुसार कोलायत पंचायत समिति की 25, हदा की 19 और बीठनोक पंचायत समिति की 18 ग्राम पंचायतों में आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी। आरक्षण लॉटरी के बाद ग्राम पंचायत चुनाव को लेकर तस्वीर और अधिक स्पष्ट हो जाएगी।
24 सितंबर को होगी आरक्षण लॉटरी, कोलायत समेत 3 पंचायत समितियों में तैयारियां तेज कोलायत, हदा और बीठनोक पंचायत समितियों की ग्राम पंचायतों में आरक्षण लॉटरी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। पंचायतीराज चुनाव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। निर्वाचन विभाग के निर्देशानुसार 24 सितंबर को कोलायत पंचायत समिति सभागार में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी। निर्वाचन एवं पंजीयन अधिकारी राजेश कुमार नायक ने बताया कि कोलायत, हदा और बीठनोक पंचायत समितियों के अधीन आने वाली ग्राम पंचायतों और वार्डों की आरक्षण लॉटरी की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जानकारी के अनुसार कोलायत पंचायत समिति की 25, हदा की 19 और बीठनोक पंचायत समिति की 18 ग्राम पंचायतों में आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी। आरक्षण लॉटरी के बाद ग्राम पंचायत चुनाव को लेकर तस्वीर और अधिक स्पष्ट हो जाएगी।
- 24 सितंबर को होगी आरक्षण लॉटरी, कोलायत समेत 3 पंचायत समितियों में तैयारियां तेज कोलायत, हदा और बीठनोक पंचायत समितियों की ग्राम पंचायतों में आरक्षण लॉटरी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। पंचायतीराज चुनाव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। निर्वाचन विभाग के निर्देशानुसार 24 सितंबर को कोलायत पंचायत समिति सभागार में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी। निर्वाचन एवं पंजीयन अधिकारी राजेश कुमार नायक ने बताया कि कोलायत, हदा और बीठनोक पंचायत समितियों के अधीन आने वाली ग्राम पंचायतों और वार्डों की आरक्षण लॉटरी की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जानकारी के अनुसार कोलायत पंचायत समिति की 25, हदा की 19 और बीठनोक पंचायत समिति की 18 ग्राम पंचायतों में आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी। आरक्षण लॉटरी के बाद ग्राम पंचायत चुनाव को लेकर तस्वीर और अधिक स्पष्ट हो जाएगी।1
- बीकानेर में शुभकरण गहलोत का BJP को समर्थन, ऑडियो जारी—अब क्या होगा मेयर का गणित?1
- बंगाल जैसी कार्रवाई बीकानेर में भी? महापौर चुनाव के बीच मकसूद अहमद को पुराने मामले में नोटिस इकबाल खान, बीकानेर पश्चिम बंगाल में उपचुनाव के दौरान ममता बनर्जी की पार्टी के प्रत्याशी द्वारा नामांकन वापस लेने और इसके बाद ममता बनर्जी द्वारा कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने के घटनाक्रम के कुछ ही समय बाद कांग्रेस प्रत्याशी की पुराने मामले में गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक सवाल उठे हैं। पुलिस की ओर से गिरफ्तारी को लंबित वारंट से जुड़ी कानूनी कार्रवाई बताया गया, जबकि कांग्रेस और ममता बनर्जी खेमे की ओर से इसके समय को लेकर सवाल उठाए गए।इसी बीच बीकानेर में भी महापौर चुनाव के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व महापौर मकसूद अहमद के घर पुराने मामले में पुलिस का नोटिस पहुंचने से सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। जानकारी के अनुसार कोटगेट थाना क्षेत्र से जुड़े पुराने प्रकरण में पुलिस ने मकसूद अहमद को नोटिस जारी कर थाने में पेश होने के निर्देश दिए हैं। मामला वर्ष 2025 में एक क्लीनिक पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े प्रकरण का बताया जा रहा है।खास बात यह है कि बीकानेर नगर निगम महापौर चुनाव को लेकर पार्षदों की बाड़ाबंदी, बैठकों और राजनीतिक जोड़,तोड़ का दौर चल रहा है। मकसूद अहमद भी महापौर चुनाव की राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय बताए जा रहे हैं। ऐसे समय पुराने मामले में नोटिस पहुंचने से इसकी टाइमिंग को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या चुनावी गतिविधियों के बीच पुराने मामलों में होने वाली कानूनी कार्रवाई महज संयोग है या इसकेराजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। हालांकि, नोटिस जारी होना अपने आप में किसी राजनीतिक साजिश का प्रमाण नहीं है और बीकानेर पुलिस की कार्रवाई को पुराने प्रकरण में कानूनी प्रक्रिया के तहत बताया जा रहा है।1
- **बिरानी नाडी में गूंजे भोमिया जी महाराज के जयकारे** _भव्य जागरण में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, भक्ति, लोक संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का दिखा अनूठा संगम_ लक्ष्मण प्रजापत ** नागौर/ खींवसर- के टांकला स्थित बिरानी नाडी भोमिया जी स्थान पर भव्य जागरण का आयोजन श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ किया गया।** भोमिया जी महाराज के पावन दरबार में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं ग्रामीण पहुंचे। पूरे परिसर में भक्ति गीतों, जयकारों और धार्मिक वातावरण से आस्था की एक अलग ही छटा देखने को मिली। भेड़, ढिंगसरा, सियागो की ढाणी सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर आयोजन में भाग लिया। महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई, जिससे कार्यक्रम की रौनक और भी बढ़ गई। श्रद्धालुओं ने भोमिया जी महाराज के दर्शन कर क्षेत्र की खुशहाली एवं सुख-समृद्धि की कामना की। **भोपाओं के पारंपरिक नृत्य ने बांधा समां** जागरण के दौरान भोपाओं द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक नृत्य एवं राजस्थानी लोक संस्कृति की शानदार झलक विशेष आकर्षण का केंद्र रही। लोक परंपरा से जुड़ी प्रस्तुतियों ने उपस्थित ग्रामीणों को अपनी संस्कृति से जोड़े रखा। राजस्थानी रीति-रिवाज, लोक कला और धार्मिक आस्था का यह संगम कार्यक्रम को यादगार बना गया। **1000 पौधों का पौधारोपण बना विशेष आकर्षण** धार्मिक आयोजन के साथ पंचायत स्तर पर 1000 पौधे लगाए गए, जो कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण पहल रही। पौधारोपण के माध्यम से हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश** दिया गया। ग्रामीणों ने इस पहल में उत्साह के साथ सहभागिता निभाई और लगाए गए पौधों की देखभाल का संकल्प लिया। **महाप्रसादी में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद** इस पावन अवसर पर **महाप्रसादी का भी आयोजन** किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों ने प्रसादी ग्रहण की। आयोजन के दौरान सेवा, सहयोग और आपसी भाईचारे की भावना पूरे समय देखने को मिली। **ग्रामीणों की एकजुटता ने बढ़ाई आयोजन की शोभा** **गांव के गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण भोमिया जी स्थान की समय-समय पर सेवा और देखभाल करते आ रहे हैं।** सामूहिक सहयोग और वर्षों से चली आ रही आस्था के चलते यह पावन स्थान क्षेत्र के लोगों के लिए श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। **जागरण के दौरान उमड़ी भीड़, महिलाओं की भागीदारी, भोपाओं की पारंपरिक प्रस्तुति, महाप्रसादी और 1000 पौधों का पौधारोपण—इन सभी ने मिलकर कार्यक्रम को विशेष बना दिया।** पूरे आयोजन में **धर्म, संस्कृति, प्रकृति और सामाजिक एकता** का सुंदर संदेश देखने को मिला।3
- श्री पंचमुखी बालाजी संघ पुनासर से खरनाल रखाना व नारसींग पुरा पांचौड़ी से लीलण संघ रवाना पंचमुखी बालाजी संग भुवनेश्वर से एक ड्रेस में राजस्थानी संस्कृति यह पहनावे की झलक दिखने को मिली3
- तेजा भक्तों पर बरसे फूल, मुस्लिम समाज ने माला-साफा पहनाकर किया स्वागत पादूकलां(नागौर)डोडियाना में हिंदू-मुस्लिम एकता और 36 कौम के भाईचारे क अनूठी मिसाल पादूकलां क्षेत्र के ग्राम डोडियाना में तेजाजी महाराज की ज्योत लेने सुरसुरा के लिए रवाना हुए तेजा भक्तों के जत्थे का भव्य स्वागत किया गया। गाजे-बाजे के साथ निकले तेजा भक्तों के गांव पहुंचने पर मुस्लिम समाज के लोगों ने भक्तों एवं तेजाजी के भोपा जी को माला और साफा पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का गर्मजोशी से अभिनंदन किया गया। स्वागत करने वालों में बाबू खां, अलादीन खां, हाकम खां, भंवरलाल खां, ईकबाल खां, महबूब खां, सवाई खां, इब्राईम खां, अनवर खां, सिकन्दर खां, मुराद खां, मुबारिक खां सोनू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। वहीं डोडियाना गांव के 36 कौम के लोगों ने भी आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव की मिसाल पेश करते हुए तेजा भक्तों का माला-साफा पहनाकर एवं पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। नन्दकिशोर गटियाला, रामदेव माट, पुनाराम चौयल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण इस दौरान मौजूद रहे। गाजे-बाजे के साथ गांव की गलियों से गुजरते तेजा भक्तों ने तेजाजी महाराज के जयकारे लगाए। जयकारों से पूरा गांव भक्तिमय नजर आया और ग्रामीणों में तेजाजी महाराज की ज्योत को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।तेजा भक्त कल सुबह तेजाजी महाराज की ज्योत लेकर डोडियाना वापस पहुंचेंगे। इसके बाद शाम को भव्य तेजा गायन कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण और तेजा भक्त शामिल होंगे। डोडियाना में आस्था के साथ हिंदू-मुस्लिम एकता और 36 कौम के भाईचारे की यह तस्वीर सामाजिक सौहार्द का संदेश देती नजर आई। बाईट समाज सेवी नंदकिशोर गटियला4
- कॉकरोच जनता पार्टी ने पंजाब की सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया कॉकरोच जनता पार्टी को जिसमें पंजाब में सरकारी स्कूल बहुत ही अच्छे लगे और बहुत ही अच्छे थे आप भी वीडियो में देख सकते हैं सरकारी स्कूल बहुत ही बेहतर है1
- टीकाराम जूली कांग्रेस नेता द्वारा मुख्यमंत्री जी, यह अति है। यह तानाशाही है। यह सत्ता का दुरुपयोग है और लोकतंत्र की हत्या है।जब निर्वाचित पार्षदों को ही पुलिस प्रशासन के दबाव, धमकी और ताकत के दम पर उठाना है, तो फिर चुनाव करवाने का क्या मतलब है?1