गाजियाबाद के मोदीनगर क्षेत्र के भोजपुर थाना इलाके के औरंगाबाद फजलगढ़ गाँव में खसरा संख्या-260 की भूमि को लेकर चल रहे जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है, जहाँ दो पक्ष आमने-सामने आ गए हैं। एक पक्ष का आरोप है कि जब वह अपनी खरीदी हुई जमीन पर पहुंचा, तो दूसरे पक्ष ने उसे रोककर न केवल जातिसूचक टिप्पणी की, बल्कि मारपीट भी की और जान से मारने की धमकी दी। विवाद बढ़ने पर डायल-112 पर सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि, पीड़ित पक्ष का दावा है कि पुलिस की मौजूदगी में भी उसके साथ मारपीट की गई, जिससे वह घायल होकर बेहोश हो गया। वहीं, दूसरे पक्ष ने भी इसी जमीन पर अपना स्वामित्व जताते हुए पुलिस में तहरीर दी है। भोजपुर थाना प्रभारी भास्कर वर्मा के अनुसार, दोनों पक्षों की शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गाजियाबाद के मोदीनगर क्षेत्र के भोजपुर थाना इलाके के औरंगाबाद फजलगढ़ गाँव में खसरा संख्या-260 की भूमि को लेकर चल रहे जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है, जहाँ दो पक्ष आमने-सामने आ गए हैं। एक पक्ष का आरोप है कि जब वह अपनी खरीदी हुई जमीन पर पहुंचा, तो दूसरे पक्ष ने उसे रोककर न केवल जातिसूचक टिप्पणी की, बल्कि मारपीट भी की और जान से मारने की धमकी दी। विवाद बढ़ने पर डायल-112 पर सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके
पर पहुंची। हालांकि, पीड़ित पक्ष का दावा है कि पुलिस की मौजूदगी में भी उसके साथ मारपीट की गई, जिससे वह घायल होकर बेहोश हो गया। वहीं, दूसरे पक्ष ने भी इसी जमीन पर अपना स्वामित्व जताते हुए पुलिस में तहरीर दी है। भोजपुर थाना प्रभारी भास्कर वर्मा के अनुसार, दोनों पक्षों की शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- गाजियाबाद में परिवहन विभाग ने स्कूली वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष अभियान चला रखा है। इसी अभियान के तहत, परिवहन विभाग की टीम ने एक स्कूल में संचालित हो रही एक प्राइवेट वैन को रोका। जाँच के दौरान पाया गया कि वाहन चालक नशे की हालत में था। मौके पर मौजूद प्रवर्तन अधिकारी राजेश्वर कुशवाहा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वाहन का ₹27,000 का चालान किया और चालक का ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।1
- फ़िल्म "काला हिरण" के निर्माता अमित जानी ने दावा किया है कि उन्हें पिछले लंबे समय से लगातार जान से मारने और आतंकी हमलों की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने इस संबंध में गृह मंत्रालय (HMO), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को एक विस्तृत पत्र भेजकर पूरे मामले की गहन जांच करने, देश भर में अपनी सुरक्षा का दायरा बढ़ाने और संबंधित आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। अमित जानी के अनुसार, उनकी फ़िल्म "काला हिरण" को हटाने, रोकने या रिलीज़ नहीं होने देने के लिए उन्हें सैकड़ों धमकियां मिली हैं। उन्होंने बताया कि पहले भी उन्हें कथित तौर पर डी कंपनी, शहज़ाद भट्टी, रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ के नाम से कॉल और वॉइस रिकॉर्डिंग के माध्यम से धमकियां दी गई थीं, जिनके संबंध में उन्होंने पुलिस थानों में शिकायतें दर्ज कराई हैं। उन्होंने अपने पत्र में 4 जुलाई 2026 को प्राप्त एक वॉइस नोट का भी उल्लेख किया, जो उन्हें पाकिस्तान के फ़ोन नंबर से मिला था। इसमें स्वयं को शहज़ाद भट्टी का भाई बताने वाले एक व्यक्ति ने कथित तौर पर उन्हें 24 घंटे के भीतर फ़िल्म उद्योग छोड़ने या उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी, साथ ही यह भी कहा था कि वे सुरक्षा बलों की मौजूदगी में भी हमला कर सकते हैं। अमित जानी को भारत सरकार द्वारा वाई प्लस (Y+) श्रेणी की सीआरपीएफ सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है, लेकिन उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश और दिल्ली में सीमित सुरक्षा होने के कारण राजस्थान और मुंबई जैसे अन्य राज्यों में जाना उनके लिए अत्यंत जोखिमपूर्ण है। उन्हें गोली, बम या ड्रोन के माध्यम से हमला होने की आशंका है, जिसके चलते उन्होंने केंद्र सरकार से अपनी सुरक्षा श्रेणी बढ़ाकर पूरे देश के लिए सुरक्षा कवरेज देने की मांग की है। अपने पत्र में अमित जानी ने अभिनेता सलमान खान के संबंध में भी कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने जांच एजेंसियों से सलमान खान के कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सऐप, ई-मेल और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने तथा आवश्यक होने पर पूछताछ के लिए नोटिस जारी करने की मांग की है। अमित जानी का आरोप है कि उनकी फ़िल्म रुकवाने में सलमान खान की रुचि है, और उन्हें मिली एक कथित कॉल में शहज़ाद भट्टी ने ड्रोन और ग्रेनेड से हमला करने की धमकी दी थी यदि फ़िल्म नहीं रोकी गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। अमित जानी ने यह भी बताया कि उनका बेटा मुंबई में अकेला रहता है और उनका घर व कार्यालय भी वहीं है, लेकिन वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था मुंबई तक लागू न होने के कारण वे अपने परिवार के साथ वहां रहने में असमर्थ हैं। उन्हें आशंका है कि धमकी देने वाले अब उनके परिवार को निशाना बनाकर फ़िल्म रोकने का दबाव बनाना चाहते हैं। हाल ही में 8 जुलाई 2026 को अमित जानी ने रामपुर जनपद के कोतवाली थाना में एक और लिखित तहरीर देकर नई धमकी की शिकायत दर्ज कराई। तहरीर के अनुसार, 8 जुलाई की सुबह लगभग 9 बजे जब वे रामपुर के होटल मोगा में थे, तो उन्हें +91 9974921224 नंबर से एक अज्ञात व्हाट्सऐप कॉल आई, जिसे उन्होंने नहीं उठाया। इसके लगभग 27 मिनट बाद उसी नंबर से एक ऑडियो संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें कथित तौर पर धमकी दी गई: "अमित जानी, सुन ले। रोहित भाई ने लास्ट वार्निंग दी थी, तुम नहीं माने। अब चारों तरफ से घिर चुके हो। फ़िल्म रिलीज़ होने से पहले ही तेरे साथ बहुत बड़ा होगा।" अमित जानी ने अपनी शिकायत में लिखा है कि यह ताज़ा ऑडियो संदेश भी गैंगस्टर रोहित गोदारा, आतंकी शहज़ाद भट्टी और उनके सहयोगियों द्वारा फ़िल्म "काला हिरण" के कारण दी जा रही लगातार धमकियों का हिस्सा है, जिसकी शिकायत वे पहले भी जोधपुर, गाज़ियाबाद, नोएडा और दिल्ली में कर चुके हैं। उन्होंने धमकी देने वाले को अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर रोहित गोदारा का गुर्गा बताया है और उसकी जांच की मांग की है, साथ ही एफबीआई द्वारा रोहित गोदारा पर कार्रवाई किए जाने की जानकारी सार्वजनिक होने से अपनी सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता का भी उल्लेख किया है। उन्होंने पुलिस से उक्त मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच कर धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान करने तथा उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। अमित जानी ने यह भी कहा है कि यदि भविष्य में उनकी, उनके परिवार या "काला हिरण" परियोजना से जुड़े किसी भी व्यक्ति की हत्या होती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हाल ही में एक कथित शहज़ाद भट्टी आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसकी जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं। हालांकि, किसी भी जांच एजेंसी ने अब तक उस प्रकरण और अमित जानी के आरोपों या उन्हें मिली धमकियों के बीच सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक संबंध स्थापित नहीं किया है। अमित जानी ने केंद्र सरकार से अपनी सुरक्षा संबंधी मांगों और लगातार मिल रही धमकियों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।3
- गाजियाबाद के मोदीनगर की गोविंदपुरी स्थित मानवतापुरी कॉलोनी में बुधवार को बारिश के दौरान एक मकान पर आकाशीय बिजली गिरने से अफरा-तफरी मच गई। यह बिजली तेज धमाके के साथ गिरी और मकान के बिजली मीटर से होती हुई छत को चीरकर निकल गई। घटना के समय परिवार के सभी सदस्य एक ही कमरे में मौजूद थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, परिवार की एक किशोरी इस बिजली की चपेट में आने से हल्की झुलस गई, जिसे परिजनों ने तुरंत प्राथमिक उपचार दिया। इस घटना के कारण बिजली का मीटर और घर के कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे परिवार को आर्थिक नुकसान हुआ है। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी तुरंत मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने इस बात को चमत्कार बताया कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद कोई जनहानि नहीं हुई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।3
- गाजियाबाद के मोदीनगर क्षेत्र के भोजपुर थाना इलाके के औरंगाबाद फजलगढ़ गाँव में खसरा संख्या-260 की भूमि को लेकर चल रहे जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है, जहाँ दो पक्ष आमने-सामने आ गए हैं। एक पक्ष का आरोप है कि जब वह अपनी खरीदी हुई जमीन पर पहुंचा, तो दूसरे पक्ष ने उसे रोककर न केवल जातिसूचक टिप्पणी की, बल्कि मारपीट भी की और जान से मारने की धमकी दी। विवाद बढ़ने पर डायल-112 पर सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि, पीड़ित पक्ष का दावा है कि पुलिस की मौजूदगी में भी उसके साथ मारपीट की गई, जिससे वह घायल होकर बेहोश हो गया। वहीं, दूसरे पक्ष ने भी इसी जमीन पर अपना स्वामित्व जताते हुए पुलिस में तहरीर दी है। भोजपुर थाना प्रभारी भास्कर वर्मा के अनुसार, दोनों पक्षों की शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।2