सफेद पानी, अनियमित माहवारी और तेज दर्द से हैं परेशान...तो इन बातों का रखें ध्यान अगर आप भी सफेद पानी, अनियमित माहवारी और तेज दर्द से परेशान हैं तो यह खबर आपके लिए हैं। दरअसर महिलाओं में यह परेशानी अब तेजी से बढ़ रही है। शर्म के मारे किशोरियां और महिलाएं यह किसी को बताने में घबराती हैं। महिलाओं को संकोच न हो इसके लिए जिला महिला अस्पताल में साथिया केंद्र चलाया जा रहा है। यहां पर आने वाली किशोरियों और महिलाओं के लिए भरोसेमंद परामर्श का केंद्र बनता जा रहा है। यहां आने वाली किशोरियां और महिलाएं अब बिना संकोच अपनी शारीरिक, मानसिक और सामाजिक समस्याएं साझा कर रही हैं। केंद्र पर तैनात विशेषज्ञ महिला काउंसलर उन्हें संवेदनशीलता के साथ सुनते हैं और वैज्ञानिक व व्यवहारिक तरीके से समाधान सुझाते हैं। जिला महिला अस्पताल के साथिया केंद्र में मौजूद काउंसलर ने बताया कि मासिक धर्म से जुड़ी समस्याएं, पोषण की कमी, मानसिक तनाव, विवाह पूर्व परामर्श और प्रजनन स्वास्थ्य से संबंधित विषयों पर विशेष मार्गदर्शन दिया जा रहा है। काउंसलर किशोरियों को स्वच्छता, संतुलित आहार और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जागरूक कर रही हैं, जिससे उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, सही समय पर परामर्श मिलने से इन समस्याओं का समाधान संभव है और गंभीर बीमारियों से भी बचाव किया जा सकता है। किशोरियों और महिलाओं का कहना है कि साथिया केंद्र पर उन्हें गोपनीय और सुरक्षित माहौल मिलता है, जिससे वे खुलकर अपनी बात रख पाती हैं।
सफेद पानी, अनियमित माहवारी और तेज दर्द से हैं परेशान...तो इन बातों का रखें ध्यान अगर आप भी सफेद पानी, अनियमित माहवारी और तेज दर्द से परेशान हैं तो यह खबर आपके लिए हैं। दरअसर महिलाओं में यह परेशानी अब तेजी से बढ़ रही है। शर्म के मारे किशोरियां और महिलाएं यह किसी को बताने में घबराती हैं। महिलाओं को संकोच न हो इसके लिए जिला महिला अस्पताल में साथिया केंद्र चलाया जा रहा है। यहां पर आने वाली किशोरियों और महिलाओं के लिए भरोसेमंद परामर्श का केंद्र बनता जा रहा है। यहां आने वाली किशोरियां और महिलाएं अब बिना संकोच अपनी शारीरिक, मानसिक और सामाजिक समस्याएं साझा कर रही हैं। केंद्र पर तैनात विशेषज्ञ महिला काउंसलर उन्हें संवेदनशीलता के साथ सुनते हैं और वैज्ञानिक व व्यवहारिक तरीके से समाधान सुझाते हैं। जिला महिला अस्पताल के साथिया केंद्र में मौजूद काउंसलर ने बताया कि मासिक धर्म से जुड़ी समस्याएं, पोषण की कमी, मानसिक तनाव, विवाह पूर्व परामर्श और प्रजनन स्वास्थ्य से संबंधित विषयों पर विशेष मार्गदर्शन दिया जा रहा है। काउंसलर किशोरियों को स्वच्छता, संतुलित आहार और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जागरूक कर रही हैं, जिससे उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, सही समय पर परामर्श मिलने से इन समस्याओं का समाधान संभव है और गंभीर बीमारियों से भी बचाव किया जा सकता है। किशोरियों और महिलाओं का कहना है कि साथिया केंद्र पर उन्हें गोपनीय और सुरक्षित माहौल मिलता है, जिससे वे खुलकर अपनी बात रख पाती हैं।
- वाह छोरी वाह देखिए कैसे नशे में धुत लड़की टोल प्लाजा पर हंगामा कर रही है झांसी में लुहारी टोल प्लाजा का मामला1
- Post by संदीप कुमार शर्मा1
- रील का जुनून बना जानलेवा: दोस्त, झूठ और गोली. अंश की मौत के पीछे क्या है असली सच?1
- ASTv24 digital शाहिद लखाही लखीमपुर खीरी के पढुआ थाना क्षेत्र के बैरिया गांव में शनिवार दोपहर अचानक लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवाओं के चलते आग इतनी तेजी से फैली कि करीब 25 घर इसकी चपेट में आकर जलकर राख हो गए। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी जमील के घर से दोपहर में अचानक आग भड़क उठी। उस समय तेज हवा चल रही थी, जिसने आग को और ज्यादा भड़का दिया। कुछ ही देर में आग ने आसपास के कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की तेज लपटों को देखकर गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाकर घरों से बाहर निकल आए। आग से हुए नुकसान को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। लेखपाल के अनुसार आग में 8 बकरियां जलकर मरी हैं, जबकि ग्रामीणों का दावा है कि लगभग 18 बकरियों की जान गई है। हालांकि प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की जनहानि या पशुहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहा और राहत एवं बचाव कार्य में जुटा रहा। राजस्व विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया। लेखपाल द्वारा रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। निघासन के एसडीएम राजीव निगम ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आग से करीब 25 घर जलकर राख हो गए हैं। उन्होंने कहा कि राहत की बात यह है कि किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई है। प्रशासन द्वारा आग के कारणों की जांच की जा रही है। एसडीएम ने भरोसा दिलाया कि सभी प्रभावित परिवारों को शासन की ओर से हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। फिलहाल, आग से बेघर हुए ग्रामीणों के सामने अपने आशियाने को दोबारा बसाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।1
- *थाना मोहम्मदी पुलिस द्वारा, 01 नफर वांछित अभियुक्त कुवंरपाल सिंह पुत्र भरत सिंह को गिरफ्तार किया गया*1
- बालू और मिट्टी के अवैध खनन का तांडव: स्थानीय प्रशासन की 'मेहरबानी' से सड़कों पर दौड़ रहे मौत के सौदागर! लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी तहसील क्षेत्र में : प्रदेश में भले ही सरकार अवैध खनन पर नकेल कसने के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन मोहम्मदी तहसील क्षेत्र में धरातल पर हकीकत बेहद खौफनाक है। मोहम्मदी नगर से लेकर पूरे तहसील क्षेत्र में बालू और मिट्टी का अवैध खनन माफियाओं के लिए सोने का अंडा देने वाली मुर्गी बन गया है। रसूखदार नेताओं और स्थानीय प्रशासन की कथित मिलीभगत से यह काला कारोबार अब 'मौत के व्यापार' में तब्दील हो चुका है। पकड़ा गया ओवरलोड ट्राला 'गायब', प्रशासन के इकबाल पर सवाल हैरतअंगेज मामला तब सामने आया जब दो दिन पहले शाहजहाँपुर की ओर से आ रहे बालू से भरे एक विशालकाय ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्राले को पकड़ा गया था। अमीर नगर की ओर जा रहे इस अवैध ट्राले को कार्रवाई के लिए रोका गया था, लेकिन आज जो हुआ उसने सबको चौंका दिया। बिना किसी कानूनी प्रक्रिया या जुर्माने के, उस बालू से लदे ओवरलोड ट्राले को छोड़ दिया गया। सबसे शर्मनाक मंजर तब दिखा जब वह ट्राला मोहम्मदी तहसील गेट और प्रशासनिक अधिकारियों के आवास के सामने से सीना तानकर गुजरा। यह सीधा संदेश था कि मोहम्मदी में कानून का नहीं, बल्कि खनन माफियाओं का सिक्का चलता है। शारदा नहर बनी माफियाओं की चरागाह, बसपा नेता का नाम चर्चा में सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस अवैध साम्राज्य की जड़ें कोतवाली पसगवा क्षेत्र के शारदा नहर तक फैली हुई हैं। बताया जा रहा है कि एक रसूखदार बसपा नेता के संरक्षण में शारदा नहर से बालू का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है। मिट्टी और बालू के इस खेल में न केवल पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँचाया जा रहा है, बल्कि सरकारी राजस्व को भी प्रतिदिन लाखों की चपत लगाई जा रही है। मिट्टी और बालू के ओवरलोड डंपर: राहगीरों की जान आफत में मोहम्मदी की सड़कों पर दिन हो या रात, मिट्टी और बालू से भरे ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्राले और डंपर यमराज बनकर दौड़ रहे हैं। इन वाहनों की रफ्तार और ओवरलोडिंग का आलम यह है कि राहगीर सड़क पर चलने से कतराने लगे हैं। * खतरनाक ड्राइविंग: माफियाओं के चालक बिना किसी डर के भीड़भाड़ वाले इलाकों से वाहन गुजारते हैं। * सड़कों की बदहाली: मिट्टी और बालू के भारी बोझ से करोड़ों की लागत से बनी सड़कें धंस रही हैं। * दुर्घटना का अंदेशा: स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है। सरकार की नीति और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली में विरोधाभास एक तरफ सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट आदेश दे रखे हैं कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं, मोहम्मदी का स्थानीय प्रशासन इन माफियाओं के सामने नतमस्तक नजर आ रहा है। पकड़े गए वाहनों को छोड़ देना और खुलेआम हो रहे खनन पर आंखें मूंद लेना, यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी हैं। आखिर कब जागेगा प्रशासन? आम जनता में इस बात को लेकर गहरा रोष है कि आखिर क्यों 'मौत के इन सौदागरों' को खुली छूट दी गई है? क्या प्रशासन किसी मासूम की जान जाने के बाद जागेगा? या फिर सफेद बालू और मिट्टी के इस काले खेल में शामिल बड़े चेहरों को बेनकाब किया जाएगा? मोहम्मदी तहसील क्षेत्र की जनता अब शासन और जिला प्रशासन से गुहार लगा रही है कि इस बालू और मिट्टी के अवैध सिंडिकेट को ध्वस्त कर क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जाए।1
- पलिया-निघासन मार्ग पर ग्राम तिलकुरवा के पास शनिवार को एक वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गया। हादसे में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। वाहन चालक गुड्डू ने बताया कि वो बरेली से मुर्गी लादकर निघासन गए थे। वहां से वापस लौटते समय तिलकुरवा के पास अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और पिकअप सड़क से नीचे उतर गई। बताया जा रहा है कि पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा सड़क किनारे खोदकर एकत्र की गई मिट्टी पर वाहन चढ़ गया, जिससे चालक नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी खाई में पलट गई। हादसे के बाद मौके पर आसपास के लोग एकत्र हो गए। चालक सुरक्षित बच निकला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार विभाग से रेड वेरिकेटिंग लगवाने की मांग की है। तीन दिन पूर्व एक कार भी पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा खोदकर एकत्र की गयी मिट्टी पर चढ़ने से पलट गयी थी, जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयी थी।1
- "ये किसी थाने का थर्ड डिग्री ट्रीटमेंट नहीं है.. एक मदरसे में छात्र की नॉर्मल पिटाई है.." मदरसा है सहारनपुर के गंगोह का.. वीडियो में दिख रहे हैं तीन लोग.. दो हाफिज हैं, एक मासूम बच्चा है.. पहले बच्चे को पेट के बल लिटा कर डंडे से पीट रहे हैं.. फिर उसके दोनों पैर उठवाकर तलवों पर डंडे चला रहे हैं.. जैसा अक्सर फिल्मों में हमने थानों की हवालात में अपराधियों के साथ होते देखा है.. अजब हाल हैं मदरसों में पढ़ने वाले मासूमों के.... वीडियो में देखिए कैसे धार्मिक गुरु इन मासूमो को इस तरह निर्ममता से पीट रहे हैं- दया भी नही आ रही जालिमो को मुकदमा दर्ज हो गया है1