कुशलगढ़ स्थित मामा बालेश्वर दयाल राजकीय महाविद्यालय में भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ और करियर काउन्सलिंग सेल ने संयुक्त रूप से एक कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला "वरिष्ठ जनों के अनुभव : सफलता व संघर्ष की प्रेरक गाथाएँ" विषय पर केंद्रित थी, जहाँ प्राचार्य महेन्द्र कुमार देपन ने वरिष्ठजनों के अनुभवों को ज्ञान का अमूल्य खजाना बताते हुए विद्यार्थियों को उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया। इस दौरान, राजस्थान पेंशनर्स समाज, कुशलगढ़ के अध्यक्ष श्री रमेशचन्द्र चौहान, संरक्षक श्री अनिल कुमार सेठ और उपाध्यक्ष श्री आनंदीलाल बसेर सहित अन्य वरिष्ठजनों ने अपने जीवन के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम, स्वाध्याय और निरंतर अभ्यास के महत्व पर जोर देते हुए मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम में श्री रमेशचन्द्र बैरागी, श्री सलीम हुसैन गौरी, श्री ईश्वरलाल परमार, श्री महेशचन्द्र चौहान और श्री अम्बालाल पंचाल ने भी विद्यार्थियों को दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए एक फलदार पौधा भी रोपित किया गया। वरिष्ठजनों के इन प्रेरक अनुभवों से विद्यार्थियों को सफलता प्राप्त करने और जीवन के संघर्षों का सामना करने की महत्वपूर्ण सीख मिली।
कुशलगढ़ स्थित मामा बालेश्वर दयाल राजकीय महाविद्यालय में भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ और करियर काउन्सलिंग सेल ने संयुक्त रूप से एक कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला "वरिष्ठ जनों के अनुभव : सफलता व संघर्ष की प्रेरक गाथाएँ" विषय पर केंद्रित थी, जहाँ प्राचार्य महेन्द्र कुमार देपन ने वरिष्ठजनों के अनुभवों को ज्ञान का अमूल्य खजाना बताते हुए विद्यार्थियों को उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया। इस दौरान, राजस्थान पेंशनर्स समाज, कुशलगढ़ के अध्यक्ष श्री रमेशचन्द्र चौहान, संरक्षक श्री अनिल कुमार सेठ और उपाध्यक्ष श्री आनंदीलाल बसेर सहित अन्य वरिष्ठजनों
ने अपने जीवन के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम, स्वाध्याय और निरंतर अभ्यास के महत्व पर जोर देते हुए मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम में श्री रमेशचन्द्र बैरागी, श्री सलीम हुसैन गौरी, श्री ईश्वरलाल परमार, श्री महेशचन्द्र चौहान और श्री अम्बालाल पंचाल ने भी विद्यार्थियों को दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए एक फलदार पौधा भी रोपित किया गया। वरिष्ठजनों के इन प्रेरक अनुभवों से विद्यार्थियों को सफलता प्राप्त करने और जीवन के संघर्षों का सामना करने की महत्वपूर्ण सीख मिली।
- कुशलगढ़ में पवित्र अधिक मास के शुभ अवसर पर सोमवार को नीलकंठ महिला मंडल ने पुरुषोत्तम मास महात्म्य एवं श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ किया। नीलकंठ महादेव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ इस दस दिवसीय धार्मिक आयोजन की शुरुआत हुई। पंडित विपिन भट्ट के आचार्यत्व में यजमान हरेंद्र पाठक और अंबिका पाठक ने व्यासपीठ पर विराजमान पंडित डॉ. महेंद्र त्रिवेदी के सानिध्य में पूजन संपन्न कराया। शाम को नीलकंठ महादेव मंदिर से भव्य पोथी शोभायात्रा निकाली गई, जिसका नगर के विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर जोरदार स्वागत किया गया। कथा के यजमान कमलेश टेलर और उनकी पत्नी पवित्र पोथी को सिर पर धारण कर यात्रा का नेतृत्व कर रहे थे। बैंड-बाजों और भक्तिमय वातावरण के बीच यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर पुनः नीलकंठ महादेव मंदिर पहुंची। इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही, जिससे पूरा नगर भक्तिमय हो उठा। शोभायात्रा के सफलतापूर्वक समापन के बाद, शाम 7 बजे व्यासपीठ से पंडित डॉ. महेंद्र त्रिवेदी ने पुरुषोत्तम मास की भागवत कथा का विधिवत शुभारंभ किया। इस 10 दिवसीय भव्य धार्मिक आयोजन के दौरान प्रतिदिन कथा, भजन-कीर्तन और प्रसादी का आयोजन किया जाएगा, जिससे श्रद्धालु धर्मलाभ ले सकेंगे।1
- बाँसवाड़ा जिले के वदलीपाड़ा मानजी माली क्षेत्र में लोग गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं, क्योंकि 'अलेन्ती' की पानी की टंकी बनने के बाद से आज तक उसमें पानी नहीं पहुँचा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, एक-दो दिन बाद टैंकर आने के बावजूद भी क्षेत्र में स्थिति खराब बनी हुई है और उन्हें तत्काल पेयजल की आवश्यकता है।4
- Post by Bapulal Ahari4
- राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ में महश्री वाल्मीकि के राम धाम पर राष्ट्रीय सनातन मानव धर्म रक्षा संघ की एक बैठक आयोजित की गई, जो सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस संतों और भक्तों की बैठक के दौरान सक्रिय सदस्यों के लिए आवेदन फार्म भरे गए और नरसिंह गीरी ने संगठन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। इस अवसर पर थावरचंद, धनसिंग, धिरा भगत, हिमचंद, केहरा, भुरजी भाई नागरसिंह भाई, बदरु, शांति लाल, दिनेश देवचंद्र, और विजय संतोष महाराज सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले की ग्राम पंचायत सालमगढ में सकल जैन समाज द्वारा नाकोड़ा भैरव की भक्ति का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष भक्ति कार्यक्रम में सभी भक्तों ने बड़े उत्साह और भक्तिभाव के साथ भाग लिया, और पूरी श्रद्धा के साथ भक्ति का भरपूर आनंद उठाया।1
- जयपुर शहर में अंतरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए जामडोली थाना पुलिस ने गिरोह के सरगना सोनू ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान पुलिस ने दो बाल अपचारियों को भी निरुद्ध किया है। एडिशनल डीसीपी ईस्ट आलोक सिंघल के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने 35 महंगे मोबाइल फोन बरामद करने में सफलता हासिल की है।1
- प्रतापगढ़ बस स्टैंड पर धड़ल्ले से सट्टा मटका का खेल चल रहा है, जिस पर पुलिस प्रशासन की कथित अनदेखी का आरोप है। ग्रामीण इलाकों से आने वाले अधिकतर लोग इस जुए के जाल में फँस रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। सट्टा मटका खेलने के चक्कर में ग्रामीण लोग अपने खेत, घर और अन्य सभी संपत्तियां गिरवी रख देते हैं। इस वजह से उनके परिवारों पर भारी बोझ पड़ता है, जहाँ घर चलाने वाली पत्नियाँ अक्सर निजी कंपनियों से ब्याज पर पैसा उधार लेने को मजबूर होती हैं। जब वे कर्ज का मूलधन और ब्याज नहीं चुका पाती हैं, तो मजबूरन फाँसी लगाकर अपनी जान गँवा देती हैं। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, यह माँग उठाई गई है कि पुलिस प्रशासन इस मामले का संज्ञान ले और सट्टा मटका खेलते हुए पाए जाने वाले लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दे, ताकि इस अवैध गतिविधि पर रोक लग सके। साथ ही, बस स्टैंड पर सुरक्षा गार्ड तैनात करने का भी आह्वान किया गया है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1
- कुशलगढ़ स्थित मामा बालेश्वर दयाल राजकीय महाविद्यालय में भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ और करियर काउन्सलिंग सेल ने संयुक्त रूप से एक कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला "वरिष्ठ जनों के अनुभव : सफलता व संघर्ष की प्रेरक गाथाएँ" विषय पर केंद्रित थी, जहाँ प्राचार्य महेन्द्र कुमार देपन ने वरिष्ठजनों के अनुभवों को ज्ञान का अमूल्य खजाना बताते हुए विद्यार्थियों को उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया। इस दौरान, राजस्थान पेंशनर्स समाज, कुशलगढ़ के अध्यक्ष श्री रमेशचन्द्र चौहान, संरक्षक श्री अनिल कुमार सेठ और उपाध्यक्ष श्री आनंदीलाल बसेर सहित अन्य वरिष्ठजनों ने अपने जीवन के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम, स्वाध्याय और निरंतर अभ्यास के महत्व पर जोर देते हुए मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम में श्री रमेशचन्द्र बैरागी, श्री सलीम हुसैन गौरी, श्री ईश्वरलाल परमार, श्री महेशचन्द्र चौहान और श्री अम्बालाल पंचाल ने भी विद्यार्थियों को दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए एक फलदार पौधा भी रोपित किया गया। वरिष्ठजनों के इन प्रेरक अनुभवों से विद्यार्थियों को सफलता प्राप्त करने और जीवन के संघर्षों का सामना करने की महत्वपूर्ण सीख मिली।2