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सुसनेर में आकली के सरपंच प्रतिनिधि के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। यह विवाद प्लाट के बकाया पैसों के लेन-देन को लेकर हुआ था। इस घटना के बाद, पुलिस ने थाने में तीन भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
राकेश बिकुन्दीया
सुसनेर में आकली के सरपंच प्रतिनिधि के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। यह विवाद प्लाट के बकाया पैसों के लेन-देन को लेकर हुआ था। इस घटना के बाद, पुलिस ने थाने में तीन भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- नगर परिषद हरिओम के सीएमओ शर्मा ने एक विशेष अभियान चलाकर घर-घर जाकर वसूली की कार्रवाई को अंजाम दिया।1
- Post by Sharukh Shah1
- सुसनेर में आकली के सरपंच प्रतिनिधि के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। यह विवाद प्लाट के बकाया पैसों के लेन-देन को लेकर हुआ था। इस घटना के बाद, पुलिस ने थाने में तीन भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।1
- मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार द्वारा 'मुख्यमंत्री वृंदावन गांव' योजना शुरू की जा रही है, जिसके तहत राज्य के 313 विकासखंडों में से प्रत्येक में एक गांव का चयन किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य चयनित गांवों में व्यापक विकास और सुविधाएं प्रदान करना है। चयनित गांवों में सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व के स्थलों को सुरक्षित रखा जाएगा, जिनके संरक्षण के लिए सरकार फंड उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही, गांवों को स्वच्छ और आदर्श बनाने की दिशा में काम होगा, जिसमें स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की तकनीक सरकार द्वारा दी जाएगी। जल संरक्षण के प्रयासों के तहत ग्राउंड वॉटर मैनेजमेंट पर भी सरकारी स्तर पर कार्य होगा। सरकार प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों का स्वास्थ्य बेहतर हो और किसानों को भी लाभ मिले। आर्थिक अवसरों के लिए गोपालन और डेयरी से संबंधित अपार संभावनाएं पैदा होंगी, जिसमें गौशाला, मुर्रा भैंस डेयरी फार्म जैसी सुविधाएं स्थापित की जा सकेंगी। सरकार स्थानीय कलाकृतियों को बढ़ावा देगी, उनके लिए बाजार उपलब्ध कराएगी, जिससे व्यावसायिक स्तर पर बिक्री और उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा। यदि गांव में टमाटर जैसी फसलें अधिक होती हैं, तो सरकार टमाटर केचप जैसी योजनाओं का समर्थन कर सकती है। वन उपज जैसे महुआ की खरीद और उससे जुड़े उद्योग (महुए से तेल, लड्डू) भी शुरू किए जाएंगे। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और होम स्टे के लिए भी सरकार फंड प्रदान करेगी, जिससे बाहर से आने वाले पर्यटक ग्रामीणों की आमदनी बढ़ा सकेंगे। मोहन यादव सरकार की इस योजना का लक्ष्य ग्रामीण स्तर पर पर्यटन, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और कला संस्कृति को बढ़ावा देना है। ग्रामीणों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए अपने गांव को 'वृंदावन गांव' बनाने का प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।1
- झालावाड़ के डग क्षेत्र में लंबे समय से लंबित और गंभीर जनसमस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भानु) का तीव्र आक्रोश सामने आया है। संगठन के पदाधिकारियों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर के माध्यम से डग तहसीलदार को सौंपकर 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान कर दिया है। संगठन का कहना है कि डग क्षेत्र की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है और बेहद परेशान है। यूनियन के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जिनमें रामगोपाल व्यास भी शामिल हैं, ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर सरकार और प्रशासन ने इन गंभीर समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला, तो संगठन उग्र धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्वयं प्रशासन की होगी। ज्ञापन में कुल 12 प्रमुख मांगें उठाई गई हैं। इनमें डग नगर में पिछले आठ साल से जलभराव की समस्या का समाधान, उखड़ी हुई सड़कों का तत्काल सुदृढीकरण, हरनावदा चौपाटी और सिल्लेगढ़ चौपाटी पर यात्रियों के लिए सार्वजनिक शौचालयों और प्रतीक्षालयों का निर्माण शामिल है। इसके अतिरिक्त, हरनावदा चौपाटी से धतुरिया मार्ग का निर्माण और बलेडिया लड़ाका के उप-स्वास्थ्य केंद्र को पूरी तरह से चालू करने की मांग की गई है। अवैध कब्जों को हटाने के लिए बलेडिया लड़ाका के खेल मैदान, स्थानीय स्कूल की भूमि, गोचर, चारागाह, वन भूमि और PWD की जमीनों का तुरंत सीमांकन कर 'पीला पंजा' चलाने की भी मांग है। किसानों से संबंधित मांगों में कुढ़िया और धतुरिया में रिलायंस कंपनी द्वारा की जा रही तारबंदी को व्यवस्थित करना तथा सोयाबीन की फसल के मुआवजे से वंचित रह गए किसानों को तत्काल मुआवजा राशि प्रदान करना शामिल है। ज्ञापन में देश भर में गौ माता को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने की भी पुरजोर मांग की गई है। डग क्षेत्र की बदहाली पर भड़के किसानों ने स्पष्ट किया है कि यदि एक सप्ताह में उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र धरना-प्रदर्शन करेंगे।3
- बकानी तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग की टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। तहसील क्षेत्र के रिछवा में, पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुँची टीम ने जेसीबी मशीन की सहायता से रास्ते पर किए गए अतिक्रमण को हटाया। इस कार्रवाई के बाद रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कर यातायात के लिए फिर से खुलवा दिया गया।1
- मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले की सुसनेर तहसील में स्थित देहरिया गांव में हर शुक्रवार सुबह 8 बजे से पशु हाट का माहौल बन जाता है। इस गांव में सुबह से ही हाट लगना शुरू हो जाता है, जहाँ पशुओं का हाट विशेष रूप से लगता है। यह बाजार उज्जैन संभाग के अंतर्गत आने वाले देहरिया गांव, पोस्ट सोयत, तहसील सुसनेर, जिला आगर मालवा में संचालित होता है।1
- मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की जीरापुर तहसील स्थित मूंदड़ा कॉलोनी से एक हाईवोल्टेज पारिवारिक विवाद का मामला सामने आया है। बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (JE) के घर के बाहर उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब भरण-पोषण से जुड़े एक मामले को लेकर एक महिला वहां पहुंची। इस दौरान दूसरी महिला की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही विवाद और बढ़ गया, जो हाथापाई तक जा पहुंचा। घटना की सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने ले जाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह समाचार उपलब्ध स्थानीय जानकारी के आधार पर प्रस्तुत किया गया है। चूंकि मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है, इसलिए अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। लोक जीविका न्यूज ने ऐसी ही ताज़ा, विश्वसनीय और निष्पक्ष खबरों के लिए अपने दर्शकों को सब्सक्राइब करने की अपील की है।1