पहाड़िया टोला और संथाली टोला के ग्रामीणों ने पुनर्वास कब्रिस्तान की मांग को लेकर आंदोलन का दिया चेतावनी पीरपैंती प्रखंड के हरिनकोल पहाड़िया टोला और संथाली टोला के ग्रामीणों ने अदानी पावर प्लांट प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। ग्रामीणों ने पुनर्वास और कब्रिस्तान की व्यवस्था की मांग की है। उनका आरोप है कि अदानी पावर प्लांट परियोजना के लिए उनकी जमीन अधिग्रहित कर ली गई है, जिससे सैकड़ों परिवार बेघर होने की कगार पर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक उनके पुनर्वास, रहने की व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है। घर और जमीन छिन जाने के बाद उनके सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो जाएगी, साथ ही छोटे बच्चों की शिक्षा को लेकर भी अभिभावकों में चिंता बढ़ रही है। ग्रामीणों ने रविवार को संध्या 4:45 पर मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि वर्तमान में उनके पास न तो पक्का घर है, न ही पीने के पानी की समुचित व्यवस्था और न ही बच्चों की पढ़ाई के लिए उचित सुविधा उपलब्ध है। वे अपनी मूलभूत जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अदानी पावर प्लांट के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक पुनर्वास की व्यवस्था नहीं होती, तब तक वे अधिग्रहित जमीन खाली नहीं करेंगे। ग्रामीण रामदेव पहाड़िया, संतोषी हेमरबन, डब्लू मुर्मू और बज्जी मुर्मू सहित अन्य लोगों ने बताया कि उनके घर अदानी पावर प्लांट परियोजना में चले गए हैं और उन्हें बार-बार घर खाली करने को कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे भूमिहीन हैं और उनके पास रहने के लिए कहीं और जमीन नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, कई अधिकारियों ने आकर उन्हें घर बनाने के लिए जमीन और कब्रिस्तान की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक घरों की गिनती तक नहीं की गई है। ये आश्वासन केवल कागजों तक ही सीमित रहे हैं।
पहाड़िया टोला और संथाली टोला के ग्रामीणों ने पुनर्वास कब्रिस्तान की मांग को लेकर आंदोलन का दिया चेतावनी पीरपैंती प्रखंड के हरिनकोल पहाड़िया टोला और संथाली टोला के ग्रामीणों ने अदानी पावर प्लांट प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। ग्रामीणों ने पुनर्वास और कब्रिस्तान की व्यवस्था की मांग की है। उनका आरोप है कि अदानी पावर प्लांट परियोजना के लिए उनकी जमीन अधिग्रहित कर ली गई है, जिससे सैकड़ों परिवार बेघर होने की कगार पर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक उनके पुनर्वास, रहने की व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है। घर और जमीन छिन जाने के बाद उनके सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो जाएगी, साथ ही छोटे बच्चों की शिक्षा को लेकर भी अभिभावकों में चिंता बढ़ रही है। ग्रामीणों ने रविवार को संध्या 4:45 पर मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि वर्तमान में उनके पास न तो पक्का घर है, न ही पीने के पानी की समुचित व्यवस्था और न ही बच्चों की पढ़ाई के लिए उचित सुविधा उपलब्ध है। वे अपनी मूलभूत जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अदानी पावर प्लांट के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक पुनर्वास की व्यवस्था नहीं होती, तब तक वे अधिग्रहित जमीन खाली नहीं करेंगे। ग्रामीण रामदेव पहाड़िया, संतोषी हेमरबन, डब्लू मुर्मू और बज्जी मुर्मू सहित अन्य लोगों ने बताया कि उनके घर अदानी पावर प्लांट परियोजना में चले गए हैं और उन्हें बार-बार घर खाली करने को कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे भूमिहीन हैं और उनके पास रहने के लिए कहीं और जमीन नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, कई अधिकारियों ने आकर उन्हें घर बनाने के लिए जमीन और कब्रिस्तान की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक घरों की गिनती तक नहीं की गई है। ये आश्वासन केवल कागजों तक ही सीमित रहे हैं।
- पत्नी पर नजर रखने के लिए चुरा लिया सीसीटीवी कैमरा, अमरपुर पुलिस ने आरोपी को दबोचा बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई मामलों में संलिप्त एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान छोटी जानकीपुर निवासी पवन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गोला चौक के समीप से चोरी किए गए सीसीटीवी कैमरे के साथ पकड़ा।1
- सनराइज पब्लिक स्कूल में दावत-ए-इफ्तार का आयोजन महागामा। सनराइज पब्लिक स्कूल, सुंदरचक में डॉ. जुनेद आलम के नेतृत्व में सामूहिक दावत-ए-इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए और आपसी भाईचारे तथा सौहार्द का संदेश दिया। इफ्तार से पहले सभी लोगों ने देश और समाज की तरक्की, अमन-चैन और आपसी एकता के लिए दुआ की। इस मौके पर डॉ. जुनेद आलम ने कहा कि रमजान का पवित्र महीना आपसी प्रेम, भाईचारा और इंसानियत का संदेश देता है। ऐसे आयोजन समाज में एकता और सद्भाव को मजबूत करने का काम करते हैं। कार्यक्रम के दौरान हिंदू-मुस्लिम एकता की खूबसूरत मिसाल देखने को मिली, जहां सभी धर्मों के लोग एक साथ बैठकर इफ्तार में शामिल हुए। आयोजकों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज में भाईचारा और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा देना है। मौके पर बीस सूत्री अध्यक्ष फिरोज अख्तर, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष मिनहाज आलम, अरशद जीमल, मु. नूरुद्दीन, मुर्तजा, इंजीनियर वसीम आलम सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।1
- Post by Abhishek ranjan C E O1
- Post by Biru Kumar amritsar1
- बिहार के बनमनखी अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी का ये अंदाज देखकर लोग हैरान, जीएनएम के साथ डांस, मस्ती में भूल गए मर्यादा1
- سلنڈر لینے والے کو چاہیے کہ وہ پوری معلومات صحیح طریقے سے ریکارڈ کرے۔ ہر تاریخ پر کون شخص سلنڈر لے کر گیا، کتنے سلنڈر دیے گئے اور کب واپس آئے، اس کا واضح حساب رکھنا ضروری ہے۔ اس سے بعد میں کسی بھی قسم کی غلطی یا شکایت نہیں ہوگی۔ اگر ایک رجسٹر یا لسٹ بنا لی جائے تو اس میں نام، تاریخ اور سلنڈر کی تعداد آسانی سے درج کی جا سکتی ہے۔ اس طریقے سے سب کچھ صاف اور منظم رہے گا اور سب کو معلوم ہوگا کہ کس دن کون کتنا سلنڈر لے کر گیا تھا۔1
- पीरपैंती प्रखंड के हरिनकोल पहाड़िया टोला और संथाली टोला के ग्रामीणों ने अदानी पावर प्लांट प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। ग्रामीणों ने पुनर्वास और कब्रिस्तान की व्यवस्था की मांग की है। उनका आरोप है कि अदानी पावर प्लांट परियोजना के लिए उनकी जमीन अधिग्रहित कर ली गई है, जिससे सैकड़ों परिवार बेघर होने की कगार पर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक उनके पुनर्वास, रहने की व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है। घर और जमीन छिन जाने के बाद उनके सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो जाएगी, साथ ही छोटे बच्चों की शिक्षा को लेकर भी अभिभावकों में चिंता बढ़ रही है। ग्रामीणों ने रविवार को संध्या 4:45 पर मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि वर्तमान में उनके पास न तो पक्का घर है, न ही पीने के पानी की समुचित व्यवस्था और न ही बच्चों की पढ़ाई के लिए उचित सुविधा उपलब्ध है। वे अपनी मूलभूत जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अदानी पावर प्लांट के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक पुनर्वास की व्यवस्था नहीं होती, तब तक वे अधिग्रहित जमीन खाली नहीं करेंगे। ग्रामीण रामदेव पहाड़िया, संतोषी हेमरबन, डब्लू मुर्मू और बज्जी मुर्मू सहित अन्य लोगों ने बताया कि उनके घर अदानी पावर प्लांट परियोजना में चले गए हैं और उन्हें बार-बार घर खाली करने को कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे भूमिहीन हैं और उनके पास रहने के लिए कहीं और जमीन नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, कई अधिकारियों ने आकर उन्हें घर बनाने के लिए जमीन और कब्रिस्तान की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक घरों की गिनती तक नहीं की गई है। ये आश्वासन केवल कागजों तक ही सीमित रहे हैं।1
- दरअसल 6 मार्च 2026 को घोघा थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि दियरा क्षेत्र में एक व्यक्ति का बिना सिर का शव पड़ा हुआ है, जिसे कई टुकड़ों में काट दिया गया था। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात अपराधियों के खिलाफ घोघा थाना कांड संख्या 42/26 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।1
- अमरपुर का गोला चौक बना ‘हादसा चौक’, ई-रिक्शा पलटने से दुकानदार और सवार बाल-बाल बचे खबर: बांका जिले के अमरपुर स्थित गोला चौक पर सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। चौक पर खड़े वाहनों और जाम की स्थिति के बीच एक ई-रिक्शा (टोटो) अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस घटना में ई-रिक्शा पर सवार लोग और आसपास मौजूद दुकानदार बाल-बाल बच गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि गोला चौक पर अक्सर टोटो और ऑटो चालक सड़क किनारे ही वाहन खड़ा कर सवारी बैठाने लगते हैं। इसके कारण चौक पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क संकरी होने और वाहनों की भीड़ के कारण आने-जाने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जाम और अव्यवस्था के बीच ई-रिक्शा संतुलन खो बैठा और पलट गया। हालांकि गनीमत रही कि इस हादसे में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। स्थानीय दुकानदारों और लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गोला चौक पर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए और सड़क किनारे सवारी बैठाने पर रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।1