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अमरीस कुमार राजपूत मंडल अध्यक्ष
आलोक राजपूत मंडल अध्यक्ष पनगीकला
अमरीस कुमार राजपूत मंडल अध्यक्ष
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- निघासन खीरी नोटिस मिलने के बाद एसआईआर फॉर्म जमा करने के लिए तहसील सभागार में भारी भीड़ ऐसे होता है एसआईआर फार्म का जमा करने की प्रक्रिया,आखिर कैसे होगा सरकार मंतव्य पूरा तहसील सभागार में सुबह से जुटी भीड़,दूर दराज से आई महिलाएं भूखे प्यासे बैठी कई महिलाओं ने बताया कि दो दिन से दौड़ रहे नहीं मिल रहे अधिकारी,बच्चों के साथ कितनी देर तक रुके बोधिया, दुबहा,खैरहनी,दर्जनों गांवों से महिलाएं व पुरुष तहसील सभागार में सुबह से बैठे,फार्म में किसी फार्म पर 12बजे तो किसी को 11बजे जमा करने का समय दर्शाया है* *ऐसे होगा एसआईआर का कार्य तो कैसे होंगे मतदाताओं का पुनरीक्षण*1
- गोला गोकर्णनाथ खीरी गुरुद्वारे के पास बिजली के खम्भे में करेंट आने से एक गौवंश की मौत हो गई। इसमें विद्युत विभाग की लापरवाही साफ नजर आ रही है जानकारी के अनुसार वार्ड के सभासद ने कई दिनों पहले ही विद्युत विभाग की जानकारी में दिया गया था मगर लापरवाही के चलते खम्भे पर करेंट आने की समस्या का हल नहीं किया गया और उसी खम्भे में चिपक कर करेंट से एक गौवंश की मौत हो गई इतना ही नहीं ये घटना किसी के भी साथ घटित हो सकती थी। विभाग की लापरवारी एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।1
- *प्रयागराज:* शंकराचार्य श्रीअविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के धरने का आज 11वां दिन. 10वें दिन गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला महाराज श्री की समर्थन करने पहुंचे। *गाय काटने वाली पार्टी का समर्थन करने वाला भी, गऊ हत्या का दोषी होता है!*1
- maa gaytri Dham kalua Moti जिला लखीमपुर खीरी ब्लॉक मितौली के ग्राम कलुआ मोती में मेला अयोजन भव्य जल यात्रा में हुए सब भक्तजन हुए शामिल1
- निघासन-खीरी किसानों का शोषण चरम सीमा पर नहर में गिरा रहे गंदा पानी दूषित पानी पीने को मजबूर जानवर लखीमपुर खीरी निघासन तहसील के ग्राम पंचायत लुधौरी में बने श्री बजरंग शुगर इंण्डट्री का दूषित पानी नहर में बहने पर शारदा बैराज से जो पानी छोड़ा जाता है वन्य जीव व खेतों में पानी लगाने हेतु जानवरों के लिए पीने के लिए उसे दूषित कर रही क्रेशर इससे कोई भी जानवर बीमार व संक्रमित हो रहा आसपास के गांव के लोग जानवरों को दूषित पानी पीलाने से कतरा रहे हैं। पर आपको बताते चलें की ग्राम पंचायत लुधौरी के श्री बजरंग शुगर इंण्डट्री के मालिक पर कोई फर्क नहीं पड़ता किसानों के साथ गन्ना खरीद के नाम पर किसानों के साथ खुली लूट का खेल चल रहा है। क्षेत्र की भोली-भाली जनता को औने-पौने दामों पर गन्ना बेचने को मजबूर हैं, जबकि मिल प्रबंधक मनमानी पर उतर आया है।क्या प्रशासन सिर्फ तमाशबीन बना रहेगा? सरकार एक ओर किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर मील मालिक और बिचौलिये किसानों का खून चूसने में लगे हैं।अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह आक्रोश बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन जागता है या फिर किसान की मेहनत यूं ही रौंदी जाती रहेगी।1
- सीतापुर मे प्राइवेट नर्सिंग होम मे कथित डॉक्टरों की घोर लापरवाही से किशोरी की मौत, स्वास्थ्य व्यवस्था कटघरे मे, परिजनों की निगाहेँ जाँच पर टिकी, क्या होंगी निष्पक्ष जाँच या गुलाबी नोटों के आगे नतमस्तक होंगी जाँच टीम । रिपोर्ट - राम कृष्ण बाजपेई स्थान - सीतापुर यूपी मो न. 9005001059 सीतापुर जिले में एक प्राइवेट नर्सिंग होम की घोर लापरवाही ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है । आपको बता दे कि जीवन ज्योति हॉस्पिटल में बुखार के इलाज के लिए गई एक बेटी की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ग्लूकोज चढ़ते ही बच्ची की हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी सांसें थम गईं मामला यहीं नहीं रुका आरोप है कि मौत के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने चौंकाने वाली हरकत की। मृत लड़की को लखनऊ रेफर दिखाया गया, एंबुलेंस तक बुला ली गई, लेकिन परिजनों को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई। जब परिवार ने अपनी बेटी को निःशब्द हालत में देखा, तो मानो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मौके पर कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया । यह सनसनीखेज मामला रामकोट थाना क्षेत्र के काशीराम कॉलोनी के पास स्थित जीवन ज्योति हॉस्पिटल का बताया जा रहा है। सूचना मिलते ही विकास हिंदू मौके पर पहुंचे, जिसके बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। हालात बेकाबू होते देख पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है । अब सवाल यह उठता है— क्या यह लापरवाही थी या इलाज के नाम पर की गई गंभीर चूक -? जांच के बाद ही खुलेगा सच, लेकिन फिलहाल सीतापुर में यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है । वही आपको यह भी बता दे कि सीतापुर में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था कटघरे में खड़ी है । जीवन ज्योति हॉस्पिटल में डॉक्टरों की कथित लापरवाही से एक किशोरी की मौत… और उसके बाद जो हुआ, उसने सवालों को और गहरा कर दिया। आज जांच के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल तो जरूर आई, लेकिन ज़मीनी हकीकत जानने के बजाय टीम घंटों तक अस्पताल के ऑफिस में बैठकर सिर्फ संचालक से बातचीत करती रही । मासूम की मौत से टूट चुके परिजन… उनके आंसू, उनका दर्द, उनके आरोप— जांच टीम की प्राथमिकता में कहीं नजर नहीं आए । जब मीडिया ने सवाल उठाए, तो जवाब मिला— “परिजनों का बयान लेना अभी बाकी है” यानी जवाब देने से साफ बचने की कोशिश । सबसे बड़ा सवाल अब यही है— क्या जीवन ज्योति हॉस्पिटल पर कोई सख्त कार्यवाही होगी - ? या यह मामला भी फाइलों के ढेर में दबा दिया जाएगा? क्या यह जांच निष्पक्ष होगी? या फिर गुलाबी नोटों का खेल एक बार फिर इंसाफ पर भारी पड़ेगा? हैरानी की बात ये है कि जीवन ज्योति हॉस्पिटल में मौतों का सिलसिला कोई नया नहीं… फिर भी स्वास्थ्य विभाग ऐसे अस्पतालों के सामने बार-बार नतमस्तक क्यों नजर आता है? अब निगाहें सिर्फ जांच पर ही नहीं, कार्यवाही पर टिकी हैं । बाइट - प्रदीप हिन्दू पीड़ित पिता बाइट - विकास हिन्दू राष्ट्रीय अध्यक्ष हिन्दू शेर सेना4
- _बारामती में हुआ हादसा । विमान में सवार सभी 6 लोगों की मौत ।_1
- जिला अधिकारी महोदया एक नजर ग्राम पंचायत बरसोला कलां की तरफ डालें विकास से कोसों दूर ग्राम पंचायत बरसोला कलां व सूरत नगर आरोप है की ग्राम प्रधान मोहम्मद मियां व ग्राम प्रधान विजय शंकर दोनों मिलकर टालमटोल कर रहे हैं काफी समय से अब देखना है सोशल मीडिया पर खबर वायरल होते ही क्या कार्रवाई होती है या नहीं तिकुनियां खीरी निघासन ब्लाक की ग्राम पंचायत बरसोला कलां व सूरत नगर में महिलाएं ग्राम प्रधान पर आरोप लगाया कि लगातार 10 वर्षों से ग्राम प्रधान नहीं बनवा रहे रोड जब ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मोहम्मद मियां व ग्राम प्रधान विजय शंकर से कहा जाता है कि रोड बनवा दीजिए तब दोनों ग्राम प्रधान प्रतिनिधि यही कहते है कि इस मोहल्ले से हमें वोट नहीं मिली दोनों ग्राम प्रधान टाल मटोल कर रहे हैं महिलाओं ने कहा की बिना बरसात से रोड पर पानी भरा हुआ बच्चे रोड पर पानी देखकर स्कूल जाने से कतराते हैं बच्चे वहीं जब इस रोड के बारे में जानकारी लेने के लिए ग्राम प्रधान मोहम्मद मियां व ग्राम प्रधान विजय शंकर से जानकारी चाही तो ग्राम प्रधान मोहम्मद मियां ने बताया कि मैं लखीमपुर किसी काम से आया हूं और ग्राम प्रधान विजय शंकर बात ही करना उचित नहीं समझते फोन काट दिया अब देखना है की सोशल मीडिया पर खबर वायरल होते ही आला अधिकारी संज्ञान लेते हैं या यूं ही ठंडे बस्ते में डाल देते हैं वा रे........... योगी सरकार ग्राम प्रधानों की भ्रष्टता में फंसी जनता बच्चो को स्कूल आने जाने मे हो रही दिक्कत। जिससे सरकार के बजट पर प्रधान डाल रहे डाका हो रहे मालामाल जिसकी कोई अधिकारी सुध्दी लेना वाला नहीं है। अब सोचने वाली बात है कि लगातार 10 वर्षों से ग्राम प्रधान प्रधानी चला रहे मोहम्मद मियां व ग्राम प्रधान विजय शंकर क्यों नहीं बनवा रहे रोड यही कारण है कि उस मोहल्ले से नहीं मिली वोट जिसकी सजा पा रहे मोहल्ला वासी एक तरह से देखा जाए तो ग्राम प्रधान कर रहे भेदभाव जबकि योगी सरकार लगातार विकास पथ पर अग्रसर है । लेकिन बरसोला कलां व सूरत नगर विकास से कोसों दूर क्यों1
- किसी भी लिखित सामग्री से है जो ब्रांडों के बजाय उपभोक्ताओं या उपयोगकर्ताओं द्वारा बनाई जाती है, जिसमें समीक्षाएं, सोशल मीडिया पोस्ट, प्रशंसापत्र और फ़ोरम टिप्पणियां शामिल हैं। यह प्रामाणिक, स्वाभाविक सामग्री सामाजिक प्रमाण के रूप में कार्य करती है, जो खरीदारी के निर्णयों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करती है और ब्रांड की विश्वसनीयता को बढ़ाती है। प्रभावी यूजीसी पाठ के प्रमुख पहलू: प्रामाणिकता: यह वास्तविक और व्यक्तिगत लगना चाहिए, जो पॉलिश किए गए विज्ञापन के बजाय वास्तविक अनुभवों को प्रतिबिंबित करे। प्लेटफ़ॉर्म: सामान्य प्रारूपों में उत्पाद समीक्षा, ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया वीडियो के लिए कैप्शनिंग और टिप्पणियाँ शामिल हैं। गुणवत्ता संकेतक: प्रभावी यूजीसी टेक्स्ट अक्सर पूर्ण, भावनात्मक होता है और अन्य उपयोगकर्ताओं द्वारा इसे "सहायक" माना जाता है।1