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सीतापुर मे प्राइवेट नर्सिंग होम मे कथित डॉक्टरों की घोर लापरवाही से किशोरी की मौत, स्वास्थ्य व्यवस्था कटघरे मे, परिजनों की निगाहेँ जाँच पर टिकी, क्या होंगी निष्पक्ष जाँच या गुलाबी नोटों के आगे नतमस्तक होंगी जाँच टीम । रिपोर्ट - राम कृष्ण बाजपेई स्थान - सीतापुर यूपी मो न. 9005001059 सीतापुर जिले में एक प्राइवेट नर्सिंग होम की घोर लापरवाही ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है । आपको बता दे कि जीवन ज्योति हॉस्पिटल में बुखार के इलाज के लिए गई एक बेटी की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ग्लूकोज चढ़ते ही बच्ची की हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी सांसें थम गईं मामला यहीं नहीं रुका आरोप है कि मौत के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने चौंकाने वाली हरकत की। मृत लड़की को लखनऊ रेफर दिखाया गया, एंबुलेंस तक बुला ली गई, लेकिन परिजनों को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई। जब परिवार ने अपनी बेटी को निःशब्द हालत में देखा, तो मानो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मौके पर कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया । यह सनसनीखेज मामला रामकोट थाना क्षेत्र के काशीराम कॉलोनी के पास स्थित जीवन ज्योति हॉस्पिटल का बताया जा रहा है। सूचना मिलते ही विकास हिंदू मौके पर पहुंचे, जिसके बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। हालात बेकाबू होते देख पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है । अब सवाल यह उठता है— क्या यह लापरवाही थी या इलाज के नाम पर की गई गंभीर चूक -? जांच के बाद ही खुलेगा सच, लेकिन फिलहाल सीतापुर में यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है । वही आपको यह भी बता दे कि सीतापुर में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था कटघरे में खड़ी है । जीवन ज्योति हॉस्पिटल में डॉक्टरों की कथित लापरवाही से एक किशोरी की मौत… और उसके बाद जो हुआ, उसने सवालों को और गहरा कर दिया। आज जांच के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल तो जरूर आई, लेकिन ज़मीनी हकीकत जानने के बजाय टीम घंटों तक अस्पताल के ऑफिस में बैठकर सिर्फ संचालक से बातचीत करती रही । मासूम की मौत से टूट चुके परिजन… उनके आंसू, उनका दर्द, उनके आरोप— जांच टीम की प्राथमिकता में कहीं नजर नहीं आए । जब मीडिया ने सवाल उठाए, तो जवाब मिला— “परिजनों का बयान लेना अभी बाकी है” यानी जवाब देने से साफ बचने की कोशिश । सबसे बड़ा सवाल अब यही है— क्या जीवन ज्योति हॉस्पिटल पर कोई सख्त कार्यवाही होगी - ? या यह मामला भी फाइलों के ढेर में दबा दिया जाएगा? क्या यह जांच निष्पक्ष होगी? या फिर गुलाबी नोटों का खेल एक बार फिर इंसाफ पर भारी पड़ेगा? हैरानी की बात ये है कि जीवन ज्योति हॉस्पिटल में मौतों का सिलसिला कोई नया नहीं… फिर भी स्वास्थ्य विभाग ऐसे अस्पतालों के सामने बार-बार नतमस्तक क्यों नजर आता है? अब निगाहें सिर्फ जांच पर ही नहीं, कार्यवाही पर टिकी हैं । बाइट - प्रदीप हिन्दू पीड़ित पिता बाइट - विकास हिन्दू राष्ट्रीय अध्यक्ष हिन्दू शेर सेना

2 hrs ago
user_Ram Krishna Bajpai.
Ram Krishna Bajpai.
सीतापुर, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

सीतापुर मे प्राइवेट नर्सिंग होम मे कथित डॉक्टरों की घोर लापरवाही से किशोरी की मौत, स्वास्थ्य व्यवस्था कटघरे मे, परिजनों की निगाहेँ जाँच पर टिकी, क्या होंगी निष्पक्ष जाँच या गुलाबी नोटों के आगे नतमस्तक होंगी जाँच टीम । रिपोर्ट - राम कृष्ण बाजपेई स्थान - सीतापुर यूपी मो न. 9005001059 सीतापुर जिले में एक प्राइवेट नर्सिंग होम की घोर लापरवाही ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है । आपको बता दे कि जीवन ज्योति हॉस्पिटल में बुखार के इलाज के लिए गई एक बेटी की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ग्लूकोज चढ़ते ही बच्ची की हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी सांसें थम गईं मामला यहीं नहीं रुका आरोप है कि मौत के

बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने चौंकाने वाली हरकत की। मृत लड़की को लखनऊ रेफर दिखाया गया, एंबुलेंस तक बुला ली गई, लेकिन परिजनों को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई। जब परिवार ने अपनी बेटी को निःशब्द हालत में देखा, तो मानो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मौके पर कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया । यह सनसनीखेज मामला रामकोट थाना क्षेत्र के काशीराम कॉलोनी के पास स्थित जीवन ज्योति हॉस्पिटल का बताया जा रहा है। सूचना मिलते ही विकास हिंदू मौके पर पहुंचे, जिसके बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। हालात बेकाबू होते देख पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है । अब सवाल यह उठता है— क्या यह लापरवाही

थी या इलाज के नाम पर की गई गंभीर चूक -? जांच के बाद ही खुलेगा सच, लेकिन फिलहाल सीतापुर में यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है । वही आपको यह भी बता दे कि सीतापुर में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था कटघरे में खड़ी है । जीवन ज्योति हॉस्पिटल में डॉक्टरों की कथित लापरवाही से एक किशोरी की मौत… और उसके बाद जो हुआ, उसने सवालों को और गहरा कर दिया। आज जांच के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल तो जरूर आई, लेकिन ज़मीनी हकीकत जानने के बजाय टीम घंटों तक अस्पताल के ऑफिस में बैठकर सिर्फ संचालक से बातचीत करती रही । मासूम की मौत से टूट चुके परिजन… उनके आंसू, उनका दर्द, उनके आरोप— जांच टीम की प्राथमिकता में कहीं

नजर नहीं आए । जब मीडिया ने सवाल उठाए, तो जवाब मिला— “परिजनों का बयान लेना अभी बाकी है” यानी जवाब देने से साफ बचने की कोशिश । सबसे बड़ा सवाल अब यही है— क्या जीवन ज्योति हॉस्पिटल पर कोई सख्त कार्यवाही होगी - ? या यह मामला भी फाइलों के ढेर में दबा दिया जाएगा? क्या यह जांच निष्पक्ष होगी? या फिर गुलाबी नोटों का खेल एक बार फिर इंसाफ पर भारी पड़ेगा? हैरानी की बात ये है कि जीवन ज्योति हॉस्पिटल में मौतों का सिलसिला कोई नया नहीं… फिर भी स्वास्थ्य विभाग ऐसे अस्पतालों के सामने बार-बार नतमस्तक क्यों नजर आता है? अब निगाहें सिर्फ जांच पर ही नहीं, कार्यवाही पर टिकी हैं । बाइट - प्रदीप हिन्दू पीड़ित पिता बाइट - विकास हिन्दू राष्ट्रीय अध्यक्ष हिन्दू शेर सेना

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    सीतापुर मे प्राइवेट नर्सिंग होम मे कथित डॉक्टरों की घोर लापरवाही से किशोरी की मौत, स्वास्थ्य व्यवस्था कटघरे मे, परिजनों की निगाहेँ जाँच पर टिकी, क्या होंगी निष्पक्ष जाँच या गुलाबी नोटों के आगे नतमस्तक होंगी जाँच टीम  ।
रिपोर्ट - राम कृष्ण बाजपेई 
स्थान - सीतापुर यूपी
मो न. 9005001059
सीतापुर जिले में एक प्राइवेट नर्सिंग होम की घोर लापरवाही ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है ।
आपको बता दे कि जीवन ज्योति हॉस्पिटल में बुखार के इलाज के लिए गई एक बेटी की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ग्लूकोज चढ़ते ही बच्ची की हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी सांसें थम गईं मामला यहीं नहीं रुका आरोप है कि मौत के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने चौंकाने वाली हरकत की। मृत लड़की को लखनऊ रेफर दिखाया गया, एंबुलेंस तक बुला ली गई, लेकिन परिजनों को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई। जब परिवार ने अपनी बेटी को निःशब्द हालत में देखा, तो मानो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मौके पर कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया ।
यह सनसनीखेज मामला रामकोट थाना क्षेत्र के काशीराम कॉलोनी के पास स्थित जीवन ज्योति हॉस्पिटल का बताया जा रहा है। सूचना मिलते ही विकास हिंदू मौके पर पहुंचे, जिसके बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। हालात बेकाबू होते देख पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है ।
अब सवाल यह उठता है—
क्या यह लापरवाही थी या इलाज के नाम पर की गई गंभीर चूक -?
जांच के बाद ही खुलेगा सच, लेकिन फिलहाल सीतापुर में यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है ।
वही आपको यह भी बता दे कि सीतापुर में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था कटघरे में खड़ी है ।
जीवन ज्योति हॉस्पिटल में डॉक्टरों की कथित लापरवाही से एक किशोरी की मौत… और उसके बाद जो हुआ, उसने सवालों को और गहरा कर दिया।
आज जांच के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल तो जरूर आई,
लेकिन ज़मीनी हकीकत जानने के बजाय टीम घंटों तक अस्पताल के ऑफिस में बैठकर सिर्फ संचालक से बातचीत करती रही ।
मासूम की मौत से टूट चुके परिजन…
उनके आंसू, उनका दर्द, उनके आरोप—
जांच टीम की प्राथमिकता में कहीं नजर नहीं आए ।
जब मीडिया ने सवाल उठाए,
तो जवाब मिला— “परिजनों का बयान लेना अभी बाकी है”
यानी जवाब देने से साफ बचने की कोशिश ।
सबसे बड़ा सवाल अब यही है—
क्या जीवन ज्योति हॉस्पिटल पर कोई सख्त कार्यवाही होगी - ?
या यह मामला भी फाइलों के ढेर में दबा दिया जाएगा?
क्या यह जांच निष्पक्ष होगी?
या फिर गुलाबी नोटों का खेल एक बार फिर इंसाफ पर भारी पड़ेगा?
हैरानी की बात ये है कि जीवन ज्योति हॉस्पिटल में मौतों का सिलसिला कोई नया नहीं…
फिर भी स्वास्थ्य विभाग ऐसे अस्पतालों के सामने बार-बार नतमस्तक क्यों नजर आता है?
अब निगाहें सिर्फ जांच पर ही नहीं, कार्यवाही पर टिकी हैं ।
बाइट - प्रदीप हिन्दू पीड़ित पिता 
बाइट - विकास हिन्दू राष्ट्रीय अध्यक्ष हिन्दू शेर सेना
    user_Ram Krishna Bajpai.
    Ram Krishna Bajpai.
    सीतापुर, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Sumit kumar Kumar
    1
    Post by Sumit kumar Kumar
    user_Sumit kumar Kumar
    Sumit kumar Kumar
    Sitapur, Uttar Pradesh•
    22 hrs ago
  • निघासन खीरी नोटिस मिलने के बाद एसआईआर फॉर्म जमा करने के लिए तहसील सभागार में भारी भीड़ ऐसे होता है एसआईआर फार्म का जमा करने की प्रक्रिया,आखिर कैसे होगा सरकार मंतव्य पूरा तहसील सभागार में सुबह से जुटी भीड़,दूर दराज से आई महिलाएं भूखे प्यासे बैठी कई महिलाओं ने बताया कि दो दिन से दौड़ रहे नहीं मिल रहे अधिकारी,बच्चों के साथ कितनी देर तक रुके बोधिया, दुबहा,खैरहनी,दर्जनों गांवों से महिलाएं व पुरुष तहसील सभागार में सुबह से बैठे,फार्म में किसी फार्म पर 12बजे तो किसी को 11बजे जमा करने का समय दर्शाया है* *ऐसे होगा एसआईआर का कार्य तो कैसे होंगे मतदाताओं का पुनरीक्षण*
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    निघासन खीरी
नोटिस मिलने के बाद एसआईआर फॉर्म जमा करने के लिए तहसील सभागार में भारी भीड़
ऐसे होता है एसआईआर फार्म का जमा करने की प्रक्रिया,आखिर कैसे होगा सरकार मंतव्य पूरा
तहसील सभागार में सुबह से जुटी भीड़,दूर दराज से आई महिलाएं भूखे प्यासे बैठी
कई महिलाओं ने बताया कि दो दिन से दौड़ रहे नहीं मिल रहे अधिकारी,बच्चों के साथ कितनी देर तक रुके बोधिया, दुबहा,खैरहनी,दर्जनों गांवों से महिलाएं व पुरुष तहसील सभागार में सुबह से बैठे,फार्म में किसी फार्म पर 12बजे तो किसी को 11बजे जमा करने का समय दर्शाया है*
*ऐसे होगा एसआईआर का कार्य तो कैसे होंगे मतदाताओं का पुनरीक्षण*
    user_Lakhimpur समाचार
    Lakhimpur समाचार
    मितौली, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • ye hamare yaha se Kashipur jane wali rode kharab hai pradhan se kai baar bol chuka hu isko sahi karwa do lekin pradhan hamare yaha ke sun nhi rahe hai ispe 4 biler nikal nhi sakti hai rode naliyo ki wajah se kharab hai krapara meri madad kare
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    ye hamare yaha se Kashipur jane wali rode kharab hai pradhan se kai baar bol chuka hu isko sahi karwa do lekin pradhan hamare yaha ke sun nhi rahe hai ispe 4 biler nikal nhi sakti hai rode naliyo ki wajah se kharab hai krapara meri madad kare
    user_Devendra
    Devendra
    बिसवां, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • Post by Saroj kumar rajpoot
    1
    Post by Saroj kumar rajpoot
    user_Saroj kumar rajpoot
    Saroj kumar rajpoot
    बिसवां, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • *प्रयागराज:* शंकराचार्य श्रीअविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के धरने का आज 11वां दिन. 10वें दिन गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला महाराज श्री की समर्थन करने पहुंचे। *गाय काटने वाली पार्टी का समर्थन करने वाला भी, गऊ हत्या का दोषी होता है!*
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    *प्रयागराज:* शंकराचार्य श्रीअविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के धरने का आज 11वां दिन. 10वें दिन गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला महाराज श्री की समर्थन करने पहुंचे।
*गाय काटने वाली पार्टी का समर्थन करने वाला भी, गऊ हत्या का दोषी होता है!*
    user_Awadh News
    Awadh News
    Local News Reporter Mitauli, Lakhimpur Kheri•
    8 hrs ago
  • maa gaytri Dham kalua Moti जिला लखीमपुर खीरी ब्लॉक मितौली के ग्राम कलुआ मोती में मेला अयोजन भव्य जल यात्रा में हुए सब भक्तजन हुए शामिल
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    maa gaytri Dham kalua Moti जिला लखीमपुर खीरी ब्लॉक मितौली के ग्राम कलुआ मोती में मेला अयोजन भव्य जल यात्रा में हुए सब भक्तजन हुए शामिल
    user_Shivam Kumar
    Shivam Kumar
    मितौली, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • बैंकिंग न्यूज बाल बाल बच्चे सीतापुर के डीएम निरीक्षक को जाते समय हुआ बड़ा हादसा। रिपोर्टर राम कृष्ण बाजपेई सीतापुर के जिला अधिकारी डॉ राजा गणपति आर . के साथ आज एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। डीएम साहब अपने सरकारी लाव-लश्कर के साथ आचौक निरीक्षण के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी गाड़ी दुर्घटना का शिकार हो गई।
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    बैंकिंग न्यूज
बाल बाल बच्चे सीतापुर के डीएम निरीक्षक को जाते समय हुआ बड़ा हादसा।
रिपोर्टर राम कृष्ण बाजपेई 
सीतापुर के जिला अधिकारी  डॉ राजा गणपति आर . के साथ आज एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। डीएम साहब अपने सरकारी लाव-लश्कर के साथ आचौक निरीक्षण के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी गाड़ी दुर्घटना का शिकार हो गई।
    user_Ram Krishna Bajpai.
    Ram Krishna Bajpai.
    Sitapur, Uttar Pradesh•
    7 hrs ago
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