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Kamhariya sekhupur sitapur ye hamare yaha se Kashipur jane wali rode kharab hai pradhan se kai baar bol chuka hu isko sahi karwa do lekin pradhan hamare yaha ke sun nhi rahe hai ispe 4 biler nikal nhi sakti hai rode naliyo ki wajah se kharab hai krapara meri madad kare
Devendra
Kamhariya sekhupur sitapur ye hamare yaha se Kashipur jane wali rode kharab hai pradhan se kai baar bol chuka hu isko sahi karwa do lekin pradhan hamare yaha ke sun nhi rahe hai ispe 4 biler nikal nhi sakti hai rode naliyo ki wajah se kharab hai krapara meri madad kare
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- ye hamare yaha se Kashipur jane wali rode kharab hai pradhan se kai baar bol chuka hu isko sahi karwa do lekin pradhan hamare yaha ke sun nhi rahe hai ispe 4 biler nikal nhi sakti hai rode naliyo ki wajah se kharab hai krapara meri madad kare1
- Post by Saroj kumar rajpoot1
- गणतंत्र दिवस पर सीतापुर में किसानों का राष्ट्रप्रेम, भारतीय किसान यूनियन ने निकाली ऐतिहासिक तिरंगा ट्रैक्टर रैली जनपद/सीतापुर 26/01/2026 अपना आपका रिपोर्टर भाई अशोक यादव देश के पावन पर्व गणतंत्र दिवस के अवसर पर जनपद सीतापुर में भारतीय किसान यूनियन द्वारा भव्य एवं ऐतिहासिक तिरंगा ट्रैक्टर रैली का आयोजन किया गया। जिला कार्यालय से शुरू हुई इस रैली में 700 मीटर लंबे विशाल तिरंगे के साथ किसानों ने देशभक्ति, एकता और सम्मान का संदेश दिया। रैली में भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत जी से जुड़े कार्यकर्ताओं की भारी मौजूदगी देखने को मिली। कार्यक्रम का नेतृत्व मयंक सिंह चौहान के साथ हाजी रिज़वान, उमेश पांडे, भूपेंद्र सिंह, रामदास यादव, सतीश यादव, सम्मत वर्मा, शिवराज पटेल, सुशील राज, वीरेंद्र वर्मा, पवन वर्मा और अशोक यादव ने किया। ट्रैक्टरों और वाहनों की लंबी कतारों के साथ निकली इस तिरंगा रैली ने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। जिला कार्यालय से शुरू होकर रैली सीतापुर के प्रमुख मार्गों—पटेल चौक, सब्जी मंडी सहित विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए पुनः जिला कार्यालय पहुंची। तिरंगे की शान, देशभक्ति के नारों और किसानों के जोश से पूरा माहौल राष्ट्रप्रेम से सराबोर हो गया। रैली को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से पुलिस बल तैनात रहा। इस अवसर पर किसान भाइयों ने एकजुट होकर यह संदेश दिया कि किसान न केवल अन्नदाता है, बल्कि देश की एकता और अखंडता का मजबूत स्तंभ भी है।2
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- सीतापुर विकासखंड के रामपुर मथुरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत शुक्लानपुरवा में लाखों रुपए की लागत से बना सार्वजनिक स्वास्थ्य उपकेंद्र आज बदहाली और सरकारी उदासीनता का शिकार बना हुआ है। यह उपकेंद्र पिछले पांच महीनों से पूरी तरह बंद पड़ा है। न तो भवन की मरम्मत कराई गई है और न ही यहां किसी डॉक्टर या कर्मचारी की तैनाती है, जिससे पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। ग्राम प्रधान ने बताया कि, “यह उपकेंद्र लाखों रुपए की लागत से ग्रामीणों की सुविधा के लिए बनाया गया था, लेकिन पिछले पांच महीनों से यही हालत बनी हुई है। न कोई सुधार कार्य हुआ और न ही कोई कर्मचारी यहां आया। भवन यूं ही बंद पड़ा है और लोग इलाज के लिए भटक रहे हैं।” उन्होंने कहा कि कई बार विभाग को लिखित और मौखिक रूप से सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय निवासी रामस्वरूप ने बताया कि, “पहले हम इसी उपकेंद्र में इलाज कराते थे। अब मामूली बुखार या चोट लगने पर भी 15 से 20 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। गरीब परिवारों के लिए यह बहुत बड़ी परेशानी है।” गांव की महिला सरोज देवी ने कहा, “गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए यह केंद्र बहुत जरूरी था। पांच महीने से बंद होने के कारण हमें निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ता है। कई बार पैसे न होने पर इलाज टालना पड़ता है।”2
- सीतापुर मे प्राइवेट नर्सिंग होम मे कथित डॉक्टरों की घोर लापरवाही से किशोरी की मौत, स्वास्थ्य व्यवस्था कटघरे मे, परिजनों की निगाहेँ जाँच पर टिकी, क्या होंगी निष्पक्ष जाँच या गुलाबी नोटों के आगे नतमस्तक होंगी जाँच टीम । रिपोर्ट - राम कृष्ण बाजपेई स्थान - सीतापुर यूपी मो न. 9005001059 सीतापुर जिले में एक प्राइवेट नर्सिंग होम की घोर लापरवाही ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है । आपको बता दे कि जीवन ज्योति हॉस्पिटल में बुखार के इलाज के लिए गई एक बेटी की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ग्लूकोज चढ़ते ही बच्ची की हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी सांसें थम गईं मामला यहीं नहीं रुका आरोप है कि मौत के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने चौंकाने वाली हरकत की। मृत लड़की को लखनऊ रेफर दिखाया गया, एंबुलेंस तक बुला ली गई, लेकिन परिजनों को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई। जब परिवार ने अपनी बेटी को निःशब्द हालत में देखा, तो मानो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मौके पर कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया । यह सनसनीखेज मामला रामकोट थाना क्षेत्र के काशीराम कॉलोनी के पास स्थित जीवन ज्योति हॉस्पिटल का बताया जा रहा है। सूचना मिलते ही विकास हिंदू मौके पर पहुंचे, जिसके बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। हालात बेकाबू होते देख पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है । अब सवाल यह उठता है— क्या यह लापरवाही थी या इलाज के नाम पर की गई गंभीर चूक -? जांच के बाद ही खुलेगा सच, लेकिन फिलहाल सीतापुर में यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है । वही आपको यह भी बता दे कि सीतापुर में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था कटघरे में खड़ी है । जीवन ज्योति हॉस्पिटल में डॉक्टरों की कथित लापरवाही से एक किशोरी की मौत… और उसके बाद जो हुआ, उसने सवालों को और गहरा कर दिया। आज जांच के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल तो जरूर आई, लेकिन ज़मीनी हकीकत जानने के बजाय टीम घंटों तक अस्पताल के ऑफिस में बैठकर सिर्फ संचालक से बातचीत करती रही । मासूम की मौत से टूट चुके परिजन… उनके आंसू, उनका दर्द, उनके आरोप— जांच टीम की प्राथमिकता में कहीं नजर नहीं आए । जब मीडिया ने सवाल उठाए, तो जवाब मिला— “परिजनों का बयान लेना अभी बाकी है” यानी जवाब देने से साफ बचने की कोशिश । सबसे बड़ा सवाल अब यही है— क्या जीवन ज्योति हॉस्पिटल पर कोई सख्त कार्यवाही होगी - ? या यह मामला भी फाइलों के ढेर में दबा दिया जाएगा? क्या यह जांच निष्पक्ष होगी? या फिर गुलाबी नोटों का खेल एक बार फिर इंसाफ पर भारी पड़ेगा? हैरानी की बात ये है कि जीवन ज्योति हॉस्पिटल में मौतों का सिलसिला कोई नया नहीं… फिर भी स्वास्थ्य विभाग ऐसे अस्पतालों के सामने बार-बार नतमस्तक क्यों नजर आता है? अब निगाहें सिर्फ जांच पर ही नहीं, कार्यवाही पर टिकी हैं । बाइट - प्रदीप हिन्दू पीड़ित पिता बाइट - विकास हिन्दू राष्ट्रीय अध्यक्ष हिन्दू शेर सेना4
- Post by Sadaf khatoon1
- बैंकिंग न्यूज बाल बाल बच्चे सीतापुर के डीएम निरीक्षक को जाते समय हुआ बड़ा हादसा। रिपोर्टर राम कृष्ण बाजपेई सीतापुर के जिला अधिकारी डॉ राजा गणपति आर . के साथ आज एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। डीएम साहब अपने सरकारी लाव-लश्कर के साथ आचौक निरीक्षण के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी गाड़ी दुर्घटना का शिकार हो गई।3