पुलिस ने 2.20 लाख रुपये नगद सहित आरोपी को किया गिरफ्तार आजमगढ़। जनपद के जीयनपुर थाना क्षेत्र में साइबर फ्रॉड के एक मामले का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से 2 लाख 20 हजार रुपये नगद, एक एटीएम कार्ड, घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन तथा एक कूटरचित आधार कार्ड बरामद किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 14 फरवरी 2026 को मोहम्मद मुनौवर पुत्र शमीम अहमद, निवासी बाजार खास नगर पंचायत जीयनपुर, ने थाना जीयनपुर में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनके इंडियन बैंक शाखा जीयनपुर स्थित खाते से 10 फरवरी को 98,000 रुपये तथा 11 फरवरी को 99,999 रुपये अज्ञात व्यक्ति द्वारा निकाल लिए गए। मामले की सूचना पर थाना जीयनपुर में मु0अ0सं0 76/2026 धारा 66डी आईटी एक्ट के तहत अज्ञात के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की गई। जांच के दौरान पीड़ित के मोबाइल पर आए संदिग्ध लिंक और संबंधित मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि उक्त नंबर से विभिन्न स्थानों पर धनराशि निकाली गई थी, जिसका अंतिम ट्रांजेक्शन एक पेट्रोल पंप से हुआ। पूछताछ में गोपाल गुप्ता पुत्र ब्रम्हशंकर गुप्ता, निवासी पछौवा थाना अल्लागंज जनपद शाहजहांपुर (हाल पता दुमरी थाना जैत्रा जनपद एटा) का नाम प्रकाश में आया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अभियान के तहत 16 फरवरी को प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह व उनकी टीम ने अभियुक्त को उच्च प्राथमिक विद्यालय जीयनपुर के पास से प्रातः लगभग 04:05 बजे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह एक सोशल मीडिया ग्रुप से जुड़ा है, जिसमें खाताधारकों के खाते व पिन संबंधी जानकारी साझा की जाती थी। इसके बाद खाताधारकों के मोबाइल नंबर पर फर्जी लिंक भेजकर साइबर ठगी की जाती थी। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध धारा 66डी आईटी एक्ट के साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है। अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है। गिरफ्तारी टीम में शामिल पुलिसकर्मी: प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह, उपनिरीक्षक विश्वजीत पाण्डेय, हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश जायसवाल (साइबर सेल), हेड कांस्टेबल संदीप यादव, कांस्टेबल अजय पाठक, कांस्टेबल अक्षय प्रसाद एवं कांस्टेबल हरीकिशन मौर्य।
पुलिस ने 2.20 लाख रुपये नगद सहित आरोपी को किया गिरफ्तार आजमगढ़। जनपद के जीयनपुर थाना क्षेत्र में साइबर फ्रॉड के एक मामले का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से 2 लाख 20 हजार रुपये नगद, एक एटीएम कार्ड, घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन तथा एक कूटरचित आधार कार्ड बरामद किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 14 फरवरी 2026 को मोहम्मद मुनौवर पुत्र शमीम अहमद, निवासी बाजार खास नगर पंचायत जीयनपुर, ने थाना जीयनपुर में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि
उनके इंडियन बैंक शाखा जीयनपुर स्थित खाते से 10 फरवरी को 98,000 रुपये तथा 11 फरवरी को 99,999 रुपये अज्ञात व्यक्ति द्वारा निकाल लिए गए। मामले की सूचना पर थाना जीयनपुर में मु0अ0सं0 76/2026 धारा 66डी आईटी एक्ट के तहत अज्ञात के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की गई। जांच के दौरान पीड़ित के मोबाइल पर आए संदिग्ध लिंक और संबंधित मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि उक्त नंबर से विभिन्न स्थानों पर धनराशि निकाली गई थी, जिसका अंतिम ट्रांजेक्शन एक पेट्रोल
पंप से हुआ। पूछताछ में गोपाल गुप्ता पुत्र ब्रम्हशंकर गुप्ता, निवासी पछौवा थाना अल्लागंज जनपद शाहजहांपुर (हाल पता दुमरी थाना जैत्रा जनपद एटा) का नाम प्रकाश में आया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अभियान के तहत 16 फरवरी को प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह व उनकी टीम ने अभियुक्त को उच्च प्राथमिक विद्यालय जीयनपुर के पास से प्रातः लगभग 04:05 बजे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह एक सोशल मीडिया ग्रुप से जुड़ा है,
जिसमें खाताधारकों के खाते व पिन संबंधी जानकारी साझा की जाती थी। इसके बाद खाताधारकों के मोबाइल नंबर पर फर्जी लिंक भेजकर साइबर ठगी की जाती थी। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध धारा 66डी आईटी एक्ट के साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है। अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है। गिरफ्तारी टीम में शामिल पुलिसकर्मी: प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह, उपनिरीक्षक विश्वजीत पाण्डेय, हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश जायसवाल (साइबर सेल), हेड कांस्टेबल संदीप यादव, कांस्टेबल अजय पाठक, कांस्टेबल अक्षय प्रसाद एवं कांस्टेबल हरीकिशन मौर्य।
- जौनपुर लोचन महादेव मंदिर पर शिवरात्रि के शुभ अवसर पर मेला में जलालपुर थाना पुलिस फोर्स के साथ मौजूद1
- ग्राम #बरामनपुर ग्रामीण रोड उद्योग रोड1
- सड़क हादसे में एकलौते पुत्र की दर्दनाक मौत - अंबेडकर नगर में भीषण सड़क हादसा - पल्सर सवार युवक को कार ने रौंदा - घटना स्थल पर मौजूद रहे डीएम अनुपम शुक्ला - पीड़ित परिवार को बधाया धड़ास1
- धनघटा थाना क्षेत्र के माड़पौना ग्राम पंचायत के औराहवा टोला में 35 वर्षीय महिला शारदा पत्नी टप्पू की संदिग्ध परिस्थितियों में रविवार को मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही धनघटा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लेकिन घटना के बाद पुलिस की भूमिका और क्षेत्र में धड़ल्ले से बिक रही कच्ची शराब को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार शारदा अपने चार बच्चों—12 वर्षीय काजल, 9 वर्षीय आंचल, 7 वर्षीय लाजो और 5 वर्षीय बेटे अंकुल—के साथ एक जर्जर मकान में किसी तरह गुजर-बसर कर रही थी। पति रोजी-रोटी की तलाश में बाहर प्रदेश में रहकर काम करता है। ऐसे में महिला और उसके बच्चों की सुरक्षा पर पहले से ही सवाल थे। मृतका की बेटी काजल ने पुलिस को बताया कि गांव के ही एक युवक का शारदा के घर आना-जाना था। काजल के अनुसार, तीन-चार दिन पहले जब वह सहेली के साथ बाहर गई थी, लौटने पर उक्त युवक ने उसके साथ मारपीट की और विवाद हुआ। आरोप है कि घटना से एक दिन पहले भी उसने शारदा के साथ मारपीट की थी। काजल का आरोप है कि घटना वाले दिन सुबह वह युवक गांव में बिक रही कच्ची शराब लेकर घर पहुंचा, शारदा को शराब पिलाई और फिर नशे की हालत में लकड़ी के डंडे व सबल से बेरहमी से पीटा, जिससे शरीर पर कई चोटों के निशान बन गए। बच्चों के बचाव में आने पर उन्हें भी गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी देकर घर से भगा दिया गया। बाद में गांव की दो महिलाएं मौके पर पहुंचीं, तब तक आरोपी फरार हो चुका था। परिजनों का यह भी आरोप है कि घर में रखे करीब 10 हजार रुपये नकद और सामान भी गायब है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गांव में खुलेआम बिक रही कच्ची शराब पर समय रहते सख्ती होती, तो शायद यह घटना टल सकती थी। सवाल यह भी उठ रहा है कि पहले से विवाद और मारपीट की जानकारी के बावजूद पुलिस ने एहतियाती कदम क्यों नहीं उठाए? पुलिस का कहना है कि पंचनामा की कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा। हालांकि, क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि कच्ची शराब के अवैध कारोबार और पुलिस की कथित ढिलाई ने एक महिला की जान ले ली। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी, या यह मामला भी कागजी कार्रवाई तक सिमट कर रह जाएगा? पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर पूरे क्षेत्र की नजरें टिकी हुई हैं।1
- जंग जीतोगे हौसला बुलंद करके संघर्ष करो किन्तु त्याग दो उन रिश्तों को जो अपना होने का सिर्फ दिखावा करते हैं।1
- भोलेनाथ का गाना2
- आजमगढ़। जनपद के जीयनपुर थाना क्षेत्र में साइबर फ्रॉड के एक मामले का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से 2 लाख 20 हजार रुपये नगद, एक एटीएम कार्ड, घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन तथा एक कूटरचित आधार कार्ड बरामद किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 14 फरवरी 2026 को मोहम्मद मुनौवर पुत्र शमीम अहमद, निवासी बाजार खास नगर पंचायत जीयनपुर, ने थाना जीयनपुर में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनके इंडियन बैंक शाखा जीयनपुर स्थित खाते से 10 फरवरी को 98,000 रुपये तथा 11 फरवरी को 99,999 रुपये अज्ञात व्यक्ति द्वारा निकाल लिए गए। मामले की सूचना पर थाना जीयनपुर में मु0अ0सं0 76/2026 धारा 66डी आईटी एक्ट के तहत अज्ञात के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की गई। जांच के दौरान पीड़ित के मोबाइल पर आए संदिग्ध लिंक और संबंधित मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि उक्त नंबर से विभिन्न स्थानों पर धनराशि निकाली गई थी, जिसका अंतिम ट्रांजेक्शन एक पेट्रोल पंप से हुआ। पूछताछ में गोपाल गुप्ता पुत्र ब्रम्हशंकर गुप्ता, निवासी पछौवा थाना अल्लागंज जनपद शाहजहांपुर (हाल पता दुमरी थाना जैत्रा जनपद एटा) का नाम प्रकाश में आया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अभियान के तहत 16 फरवरी को प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह व उनकी टीम ने अभियुक्त को उच्च प्राथमिक विद्यालय जीयनपुर के पास से प्रातः लगभग 04:05 बजे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह एक सोशल मीडिया ग्रुप से जुड़ा है, जिसमें खाताधारकों के खाते व पिन संबंधी जानकारी साझा की जाती थी। इसके बाद खाताधारकों के मोबाइल नंबर पर फर्जी लिंक भेजकर साइबर ठगी की जाती थी। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध धारा 66डी आईटी एक्ट के साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है। अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है। गिरफ्तारी टीम में शामिल पुलिसकर्मी: प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह, उपनिरीक्षक विश्वजीत पाण्डेय, हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश जायसवाल (साइबर सेल), हेड कांस्टेबल संदीप यादव, कांस्टेबल अजय पाठक, कांस्टेबल अक्षय प्रसाद एवं कांस्टेबल हरीकिशन मौर्य।4
- जौनपुर त्रिलोचन मंदिर पर जलालपुर थाना ब्राह्मण पर1
- ग्राम #बरामनपुर1