5 August San 2026 janeshwar Mishra s*** s*** Naman sapa Karyalay Lucknow जनेश्वर को क्यों कहते हैं छोटे लोहिया 5 अगस्त 1933 को बलिया के शुभ नाथहि गांव में पैदा हुए जनेश्वर मिश्रा समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया के बड़े अनुयायियों में गिने जाते हैं। छात्र जीवन में ही उनके ऊपर लोहिया के विचारों का प्रभाव पड़ गया था। समाजवादी युवजन सभा जॉइन करने के बाद मिश्रा पहली❤️ बार राम मनोहर लोहिया के संपर्क में आए। यूपी के पूर्व मंत्री नारद राय की मानें तो मिश्रा ने राम मनोहर लोहिया के साथ लंबे समय तक काम किया था। इस दौरान उन्होंने लोहिया के विचारों और उनके काम करने के तरीकों को ऐसे अपना लिया था, जैसे वह उनकी परछाईं हों। यही कारण था कि एक बार इलाहाबाद में आयोजित जनसभा में समाजवादी नेता छुन्नू ने कहा था कि जनेश्वर मिश्र के अंदर राम मनोहर लोहिया के सारे गुण हैं और इसलिए वे एक तरह से 'छोटे लोहिया' हैं। इसके बाद से ही जनेश्वर मिश्र का नाम छोटे लोहिया मशहूर हो गया। फूलपुर से बने सांसद छोटे लोहिया ने साल 1967 में अपने करियर का पहला संसदीय चुनाव लड़ा था। पहले ही चुनाव में उनकी प्रतिद्वंदी जवाहर लाल नेहरू की बहन और कांग्रेस नेता विजयलक्ष्मी पंडित थीं। इलाहाबाद की मशहूर फूलपुर लोकसभा सीट थी। यह चुनौती छोटे लोहिया के लिए बहुत मुश्किल थी और वह इसमें विफल भी हो गए लेकिन साल 1968 में विजयलक्ष्मी पंडित संयुक्त राष्ट्र चली गईं। इसके बाद फूलपुर में उपचुनाव हुआ और इस बार मिश्र ने बाजी मार ली। उन्होंने कांग्रेस के केडी मालवीय को हराकर चुनाव जीत लिया और पहली बार लोकसभा पहुंचे। फूलपुर सीट से चुनाव जीतने वाले मिश्र पहले गैर-कांग्रेसी नेता थे।
5 August San 2026 janeshwar Mishra s*** s*** Naman sapa Karyalay Lucknow जनेश्वर को क्यों कहते हैं छोटे लोहिया 5 अगस्त 1933 को बलिया के शुभ नाथहि गांव में पैदा हुए जनेश्वर मिश्रा समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया के बड़े अनुयायियों में गिने जाते हैं। छात्र जीवन में ही उनके ऊपर लोहिया के विचारों का प्रभाव पड़ गया था। समाजवादी युवजन सभा जॉइन करने के बाद मिश्रा पहली❤️ बार राम मनोहर लोहिया के संपर्क में आए। यूपी के पूर्व मंत्री नारद राय की मानें तो मिश्रा ने राम मनोहर लोहिया के साथ लंबे समय तक काम किया था। इस दौरान उन्होंने लोहिया के विचारों और उनके काम करने के तरीकों को ऐसे अपना लिया था, जैसे वह उनकी परछाईं हों। यही कारण था कि एक बार इलाहाबाद में आयोजित जनसभा में समाजवादी नेता छुन्नू ने कहा था कि जनेश्वर मिश्र के अंदर राम मनोहर लोहिया के सारे गुण हैं और इसलिए वे एक तरह से 'छोटे लोहिया' हैं। इसके बाद से ही जनेश्वर मिश्र का नाम छोटे लोहिया मशहूर हो गया। फूलपुर से बने सांसद छोटे लोहिया ने साल 1967 में अपने करियर का पहला संसदीय चुनाव लड़ा था। पहले ही चुनाव में उनकी प्रतिद्वंदी जवाहर लाल नेहरू की बहन और कांग्रेस नेता विजयलक्ष्मी पंडित थीं। इलाहाबाद की मशहूर फूलपुर लोकसभा सीट थी। यह चुनौती छोटे लोहिया के लिए बहुत मुश्किल थी और वह इसमें विफल भी हो गए लेकिन साल 1968 में विजयलक्ष्मी पंडित संयुक्त राष्ट्र चली गईं। इसके बाद फूलपुर में उपचुनाव हुआ और इस बार मिश्र ने बाजी मार ली। उन्होंने कांग्रेस के केडी मालवीय को हराकर चुनाव जीत लिया और पहली बार लोकसभा पहुंचे। फूलपुर सीट से चुनाव जीतने वाले मिश्र पहले गैर-कांग्रेसी नेता थे।
- 5 August San 2026 janeshwar Mishra s*** s*** Naman sapa Karyalay Lucknow जनेश्वर को क्यों कहते हैं छोटे लोहिया 5 अगस्त 1933 को बलिया के शुभ नाथहि गांव में पैदा हुए जनेश्वर मिश्रा समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया के बड़े अनुयायियों में गिने जाते हैं। छात्र जीवन में ही उनके ऊपर लोहिया के विचारों का प्रभाव पड़ गया था। समाजवादी युवजन सभा जॉइन करने के बाद मिश्रा पहली❤️ बार राम मनोहर लोहिया के संपर्क में आए। यूपी के पूर्व मंत्री नारद राय की मानें तो मिश्रा ने राम मनोहर लोहिया के साथ लंबे समय तक काम किया था। इस दौरान उन्होंने लोहिया के विचारों और उनके काम करने के तरीकों को ऐसे अपना लिया था, जैसे वह उनकी परछाईं हों। यही कारण था कि एक बार इलाहाबाद में आयोजित जनसभा में समाजवादी नेता छुन्नू ने कहा था कि जनेश्वर मिश्र के अंदर राम मनोहर लोहिया के सारे गुण हैं और इसलिए वे एक तरह से 'छोटे लोहिया' हैं। इसके बाद से ही जनेश्वर मिश्र का नाम छोटे लोहिया मशहूर हो गया। फूलपुर से बने सांसद छोटे लोहिया ने साल 1967 में अपने करियर का पहला संसदीय चुनाव लड़ा था। पहले ही चुनाव में उनकी प्रतिद्वंदी जवाहर लाल नेहरू की बहन और कांग्रेस नेता विजयलक्ष्मी पंडित थीं। इलाहाबाद की मशहूर फूलपुर लोकसभा सीट थी। यह चुनौती छोटे लोहिया के लिए बहुत मुश्किल थी और वह इसमें विफल भी हो गए लेकिन साल 1968 में विजयलक्ष्मी पंडित संयुक्त राष्ट्र चली गईं। इसके बाद फूलपुर में उपचुनाव हुआ और इस बार मिश्र ने बाजी मार ली। उन्होंने कांग्रेस के केडी मालवीय को हराकर चुनाव जीत लिया और पहली बार लोकसभा पहुंचे। फूलपुर सीट से चुनाव जीतने वाले मिश्र पहले गैर-कांग्रेसी नेता थे।1
- जॉब पाने के लिए पुरे देश के लोग बिहार में आए ऐसा बिहार बनाना है "मेरा सपना मुख्यमंत्री बनना नहीं है। मेरा सपना है कि अपने जीवनकाल में ऐसा बिहार बने, जहाँ हरियाणा, पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र से लोग नौकरी और रोजगार के लिए बिहार आएँ। तभी मानूँगा कि बिहार का विकास हुआ है।"1
- जीराबस्ती में 37वीं संकुल स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संपन्न नागा जी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, जीराबस्ती (बलिया) के प्रांगण में आयोजित 37वीं संकुल स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता उत्साह और खेल भावना के साथ संपन्न हुई। प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के 228 खिलाड़ियों ने कबड्डी, खो-खो, शतरंज और बैडमिंटन जैसी प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया। कबड्डी और खो-खो में मेजबान जीराबस्ती विद्यालय का शानदार प्रदर्शन रहा, जबकि अन्य स्पर्धाओं में भी विभिन्न विद्यालयों के प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए खेल भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। 🎉 सभी विजेता खिलाड़ियों एवं प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं। #Ballia #Jirabasti #Sports #Khelkood #SchoolSports #Kabaddi #KhoKho #Badminton #Chess #VidyaBharati #StudentLife #UttarPradesh #HindustanKiBaat #बलिया #जीराबस्ती #खेलकूद_प्रतियोगिता #कबड्डी #खोखो #शतरंज #बैडमिंटन1
- ठगी कर निकाली गई धनराशि को पुलिस ने पीड़ित के खाते में कराया वापस बलिया।। थाना मनियर जनपद बलिया पुलिस साईबर टीम ने अज्ञात व्यक्ति द्वारा पीड़ित के बैंक खाता से धोखाधड़ी/ठगी कर निकाली गई धनराशि को होल्ड कराते हुये Money_Restoration Portal पर 106(3) BNSS के तहत फ्राड धनराशि पीड़ित के खाते में वापस कराया गया । उल्लेखनीय है कि पीड़ित/ आवेदक कमला यादव पुत्र कन्हैया यादव निवासी मनियर थाना मनियर, बलिया के बैंक खाते से दिनांक- 30.05.2026 को रु0- 1,13,861/- का फ्राड किया गया। जिसकी जानकारी होने पर पीड़ित/ आवेदक उपरोक्त द्वारा NCRP व थाना स्थानीय पर शिकायत दर्ज कराया गया। पुलिस अधीक्षक बलिया ओमवीर सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी)/नोडल साइबर सेल बलिया संजय वर्मा के निकट पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी बांसडीह जयशंकर मिश्र के मार्गदर्शन एवं थानाध्यक्ष मनियर अजय कुमार त्रिपाठी के कुशल नेतृत्व में थाना मनियर साईबर हेल्पडेस्क टीम द्वारा संबंधित बैंकिंग संस्थाओं एवं तकनीकी माध्यमों से धोखाधड़ी की गई धनराशि रु0- 1,13,861/- रुपये मे से रु0- 10,955/- को होल्ड कराया गया । तत्पश्चात MRM PORTAL पर धारा 106(3) BNSS के तहत होल्ड धनराशि 10,955/- रुपये को दिनांक 04.08.2026 को आवेदक उपरोक्त के बैंक खाते में वापस कराया गया है । अपनी धनराशि वापस प्राप्त होने पर आवेदक/ पीड़ित उपरोक्त द्वारा बलिया पुलिस एवं थाना मनियर पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सराहना की गई । थाना मनियर पुलिस टीम- 1. उ0नि0 धनन्जय सिंह प्रभारी साइबर हेल्पडेस्क थाना मनियर, बलिया 2. क0आ0 मनोज प्रजापति थाना मनियर, बलिया 3. का0 आदर्श श्रीवास्तव थाना मनियर, बलिया 4. का0 आकाश यादव थाना मनियर, बलिया1
- बांकी पुर के लोग खोजता BIP के 😆 Bib bijendra के खोजता हास्य लेकिन उनके चरित्र पर चरितार्थ!! बांकी पुर के लोग खोजता BIP के 😆 Bib bijendra के खोजता हास्य लेकिन उनके चरित्र पर चरितार्थ!!1
- दिल्ली में एक राहगीर से बात करते राहुल गांधी। इस शख़्स के दिल में हर किसी के लिए एक-सी मोहब्बत है। ❤️1
- तिरंगा यात्रा के लिए छात्र नेता रितिक रोशन ने कोचिंग व स्कूलों में चलाया कैंपेन देखें व सुनें -1
- पुलिस अधीक्षक बलिया द्वारा जनपद में यातायात व्यवस्था को आधुनिकीकरण योजना व उ0प्र0 सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत 02 इण्टरसेप्टर दो पहिया वाहन को हरी झण्डी दिखाकर किया गया रवाना बलिया।। मा0 मुख्यमंत्री उ0प्र0 के निर्देशानुसार प्रेदश में यातायात व्यवस्था को आधुनिकीकरण व उ0प्र0 सड़क सुरक्षा योजना के तहत के दृष्टिगत पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 के अनुमोदन के पश्चात् यातायात निदेशालय द्वारा प्रदेश में यातायात व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व उल्लघंन करने वालो पर प्रभावी कार्यवाही करने हेतु प्रदेश के जनपदों को आधुनिक उपकरणों से युक्त चार पहिया व दो पहिया इण्टरसेप्टर वाहनों का आवंटन किया गया है, प्रेदश के 25 जनपदों को 02-02 इण्टरसेप्टर चार पहिया वाहन व 31 जनपदों को 02-02 इण्टरसेप्टर दो पहिया वाहन का आवंटन किया गया है। इसी क्रम में जनपद बलिया को आवंटित 02 इण्टरसेप्टर दो पहिया वाहन का मंगलवार को पुलिस अधीक्षक बलिया ओमवीर सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय बलिया से हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया । आधुनिक सुविधाओं से युक्त इण्टरसेप्टर वाहन जनपद में यातायात नियमों का उल्लघंन करने वालों पर प्रभावी कार्यवाही कर सकेगा व जनपद में लापरवाही से होने वाले सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद करेगा। इण्टरसेप्टर वाहन का उपयोग निम्नलिखित रूप से किया जायेगा- 1. ओवरस्पीडिंग की रोकथाम/प्रवर्तन की कार्यवाही 2. यातायात उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध प्रवर्तन की कार्यवाही। 3. मादक दृव्यों का सेवन करने वाले वाहन चालकों पर प्रभावी अंकुश लगाना । 4. रैश ड्राइविंग व स्टंटबाजी पर अंकुश लगाना 5. ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम । 6. जाम की सूचना प्राप्त होने पर त्वरित गति से जाम स्थल पर पहुंचकर जाम को तत्काल हटाना व यातायात को सुगम व सुचारू करना । 7. अति विशिष्ठ महानुभावों- मा० प्रधानमंत्री, भारत सरकार/मा० राष्ट्रपति, भारत सरकार/मा0 मुख्यमंत्री, उ०प्र० व मा० राज्यपाल, उ०प्र० की फ्लीट हेतु । उक्त इंटरसेप्टर वाहन आधुनिक स्पीड लेजर गन, हाई-रिजॉल्यूशन कैमरा, नाइट विजन कैमरा, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR), वीडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम, पब्लिक एड्रेस सिस्टम (PA System), ब्रेथ एनालाइज़र, अल्कोहल मीटर, लाल-नीली चेतावनी बत्ती एवं हूटर सहित विभिन्न अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित हैं। इन तकनीकों के माध्यम से यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी निगरानी एवं त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। इन इंटरसेप्टर वाहनों का उपयोग जनपद के प्रमुख मार्गों, नगर क्षेत्र तथा संवेदनशील स्थानों पर ओवरस्पीडिंग, ड्रंक एंड ड्राइव (शराब पीकर वाहन चलाना), रैश एवं स्टंट ड्राइविंग, ध्वनि प्रदूषण, प्रदूषणकारी वाहनों तथा अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्यवाही हेतु किया जाएगा। साथ ही Zero Fatality District (ZFD) अभियान के अंतर्गत जनपद के चिन्हित दुर्घटना क्षेत्र संभावित स्थलों पर विशेष प्रवर्तन अभियान संचालित कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने तथा सुरक्षित एवं सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने का कार्य किया जाएगा। इस कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी दिनेश कुमार शुक्ल, क्षेत्राधिकारी लाइन/ट्रैफिक सुश्री मंजरी राव, पुलिस अधीक्षक पीआरओ निरीक्षक चन्द्रभास्कर द्विवेदी, प्रभारी निरीक्षक ट्रैफिक अनवर अली व अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण मौजूद रहें।1