बिहारशरीफ में भाकपा माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने राजगीर में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड को लेकर 'सम्राट सरकार' की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। गंजपर, बिहारशरीफ के श्रवण पासवान और पिंटू पासवान के पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने पहुंचे भट्टाचार्य ने पूछा कि पर्यटन नगरी राजगीर का दामन कब तक गरीबों के खून से सना रहेगा। इस दौरान उनके साथ माले राज्य सचिव कुणाल, मगध जोन प्रभारी अमर, केंद्रीय कमेटी सदस्य संतोष सहर, परवेज, पाजीगंज विधायक संदीप सौरव, डुमरांव के पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा, और स्थानीय जिला कमेटी सदस्य व जिला कार्यालय सचिव नवल किशोर सहित कई नेता मौजूद थे। दीपांकर भट्टाचार्य ने 'सरकार दलितों की लाशें गिन रही है' कहते हुए आरोप लगाया कि राजगीर, जो एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी है, वहां मलमास मेला में घूमने आए नौजवान को झुनकी मंदिर के साधु-संतों ने चोरी के आरोप में हाथ-पैर बांधकर पीट-पीटकर मार डाला। उन्होंने 2026 में जैन धर्मशाला के कमरे में कर्नाटक के चार लोगों की संदिग्ध हालत में मिली लाशों का भी जिक्र किया, जहाँ कमरा अंदर से बंद था, लेकिन उनके हाथ बंधे थे और मुंह पर टेप लगी थी, जिस पर पुलिस हत्या और आत्महत्या के बीच झूल रही है। भट्टाचार्य ने सवाल उठाया कि यह कैसा सुशासन है जहाँ न पर्यटक सुरक्षित हैं, न मेले घूमने आए आम नागरिक। उन्होंने नालंदा को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह जिला बताते हुए कहा कि यहाँ अपराधी बेखौफ हैं और स्कॉर्पियो सवार बदमाश वन देवी मंदिर के पास ताबड़तोड़ फायरिंग कर फरार हो जाते हैं, जबकि पुलिस लकीर पीटती रह जाती है। पाजीगंज विधायक संदीप सौरव ने भी पुलिस की नाकामी पर सवाल उठाए, कहा कि पुलिस हत्या के बाद इंसाफ दिलाने में और सुरक्षा करने में नाकाम रही। उन्होंने बताया कि पुलिस चौकी बगल में होने के बावजूद अपराधियों ने श्रवण और पिंटू को पीट-पीटकर मार डाला। उन्होंने इसे 'डबल इंजन सरकार' का न्याय बताते हुए चिंता व्यक्त की कि जब राजधानी से 100 किमी दूर राजगीर में यह हाल है, तो सीमांचल और कोसी की स्थिति और भी खराब होगी। माले नेताओं ने दोहरे हत्याकांड की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराने, मृतक परिवारों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा और एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, राजगीर-नालंदा में पर्यटक सुरक्षा के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाने, जिले के सभी लंबित हत्या कांडों का तीन महीने में स्पीडी ट्रायल करने और राजगीर थाना प्रभारी को निलंबित कर तुरंत हटाने की पांच बड़ी मांगें रखीं। ठेला-फुटपाथ वेंडर्स यूनियन के जिलाध्यक्ष किशोर साव ने कहा कि अपराध बढ़ने से राजगीर में पर्यटकों की संख्या गिरी है, जिससे ठेला, होटल और गाइड बेरोजगार हो रहे हैं। भाकपा माले ने सरकार से सीधा सवाल किया कि राजगीर दोहरे हत्याकांड के बाद उसने क्या सबक लिया और कर्नाटक के चार लोगों की मौत के बाद पर्यटन विभाग ने कौन से सुरक्षा इंतजाम किए। नेताओं ने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी में ही लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो बिहार में निवेश और पर्यटन का दावा खोखला है। ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों में दहशत है, वनगंगा इलाके के दुकानदार शाम 6 बजे ही अपनी दुकानें बंद कर देते हैं और पुलिस गश्त केवल वीआईपी मूवमेंट पर ही दिखती है। माले के बिहार शरीफ ग्रामीण प्रभारी सुनील कुमार और हरनौत प्रभारी बिरेश कुमार ने बताया कि बिहार शरीफ थाना क्षेत्र के ऊपरौरा गांव में अपराधियों ने एक दुकानदार को सिर्फ इसलिए गोली मार दी क्योंकि उसने सामान खरीदने के बाद अपराधी को चेंज पैसे नहीं दिए, वहीं सोहसराय थाना क्षेत्र में भी निर्माण मजदूरों की हत्या कर उनके शव को खेत में फेंक दिया गया था। डबल इंजन सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है और पीड़ितों को लाठियां। यह जानकारी नालंदा जिला कार्यालय सचिव नवल किशोर द्वारा साझा की गई है।
बिहारशरीफ में भाकपा माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने राजगीर में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड को लेकर 'सम्राट सरकार' की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। गंजपर, बिहारशरीफ के श्रवण पासवान और पिंटू पासवान के पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने पहुंचे भट्टाचार्य ने पूछा कि पर्यटन नगरी राजगीर का दामन कब तक गरीबों के खून से सना रहेगा। इस दौरान उनके साथ माले राज्य सचिव कुणाल, मगध जोन प्रभारी अमर, केंद्रीय कमेटी सदस्य संतोष सहर, परवेज, पाजीगंज विधायक संदीप सौरव, डुमरांव के पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा, और स्थानीय जिला कमेटी सदस्य व जिला कार्यालय सचिव नवल किशोर सहित कई नेता मौजूद थे। दीपांकर भट्टाचार्य ने 'सरकार दलितों की लाशें गिन रही है' कहते हुए आरोप लगाया कि राजगीर, जो एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी है, वहां मलमास मेला में घूमने आए नौजवान को झुनकी मंदिर के साधु-संतों ने चोरी के आरोप में हाथ-पैर बांधकर पीट-पीटकर मार डाला। उन्होंने 2026 में जैन धर्मशाला के कमरे में कर्नाटक के चार लोगों की संदिग्ध हालत में मिली लाशों का भी जिक्र किया, जहाँ कमरा अंदर से बंद था, लेकिन उनके हाथ बंधे थे और मुंह पर टेप लगी थी, जिस पर पुलिस हत्या और आत्महत्या के बीच झूल रही है। भट्टाचार्य ने सवाल उठाया कि यह कैसा सुशासन है जहाँ न पर्यटक सुरक्षित हैं, न मेले घूमने आए आम नागरिक। उन्होंने नालंदा को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह जिला बताते हुए कहा कि यहाँ अपराधी बेखौफ हैं और स्कॉर्पियो सवार बदमाश वन देवी मंदिर के पास ताबड़तोड़ फायरिंग कर फरार हो जाते हैं, जबकि पुलिस लकीर पीटती रह जाती है। पाजीगंज विधायक संदीप सौरव ने भी पुलिस की नाकामी पर सवाल उठाए, कहा कि पुलिस हत्या के बाद इंसाफ दिलाने में और सुरक्षा करने में नाकाम रही। उन्होंने बताया कि पुलिस चौकी बगल में होने के बावजूद अपराधियों ने श्रवण और पिंटू को पीट-पीटकर मार डाला। उन्होंने इसे 'डबल इंजन सरकार' का न्याय बताते हुए चिंता व्यक्त की कि जब राजधानी से 100 किमी दूर राजगीर में यह हाल है, तो सीमांचल और कोसी की स्थिति और भी खराब होगी। माले नेताओं ने दोहरे हत्याकांड की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराने, मृतक परिवारों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा और एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, राजगीर-नालंदा में पर्यटक सुरक्षा के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाने, जिले के सभी लंबित हत्या कांडों का तीन महीने में स्पीडी ट्रायल करने और राजगीर थाना प्रभारी को निलंबित कर तुरंत हटाने की पांच बड़ी मांगें रखीं। ठेला-फुटपाथ वेंडर्स यूनियन के जिलाध्यक्ष किशोर साव ने कहा कि अपराध बढ़ने से राजगीर में पर्यटकों की संख्या गिरी है, जिससे ठेला, होटल और गाइड बेरोजगार हो रहे हैं। भाकपा माले ने सरकार से सीधा सवाल किया कि राजगीर दोहरे हत्याकांड के बाद उसने क्या सबक लिया और कर्नाटक के चार लोगों की मौत के बाद पर्यटन विभाग ने कौन से सुरक्षा इंतजाम किए। नेताओं ने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी में ही लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो बिहार में निवेश और पर्यटन का दावा खोखला है। ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों में दहशत है, वनगंगा इलाके के दुकानदार शाम 6 बजे ही अपनी दुकानें बंद कर देते हैं और पुलिस गश्त केवल वीआईपी मूवमेंट पर ही दिखती है। माले के बिहार शरीफ ग्रामीण प्रभारी सुनील कुमार और हरनौत प्रभारी बिरेश कुमार ने बताया कि बिहार शरीफ थाना क्षेत्र के ऊपरौरा गांव में अपराधियों ने एक दुकानदार को सिर्फ इसलिए गोली मार दी क्योंकि उसने सामान खरीदने के बाद अपराधी को चेंज पैसे नहीं दिए, वहीं सोहसराय थाना क्षेत्र में भी निर्माण मजदूरों की हत्या कर उनके शव को खेत में फेंक दिया गया था। डबल इंजन सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है और पीड़ितों को लाठियां। यह जानकारी नालंदा जिला कार्यालय सचिव नवल किशोर द्वारा साझा की गई है।
- बिहारशरीफ में भाकपा माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने राजगीर में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड को लेकर 'सम्राट सरकार' की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। गंजपर, बिहारशरीफ के श्रवण पासवान और पिंटू पासवान के पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने पहुंचे भट्टाचार्य ने पूछा कि पर्यटन नगरी राजगीर का दामन कब तक गरीबों के खून से सना रहेगा। इस दौरान उनके साथ माले राज्य सचिव कुणाल, मगध जोन प्रभारी अमर, केंद्रीय कमेटी सदस्य संतोष सहर, परवेज, पाजीगंज विधायक संदीप सौरव, डुमरांव के पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा, और स्थानीय जिला कमेटी सदस्य व जिला कार्यालय सचिव नवल किशोर सहित कई नेता मौजूद थे। दीपांकर भट्टाचार्य ने 'सरकार दलितों की लाशें गिन रही है' कहते हुए आरोप लगाया कि राजगीर, जो एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी है, वहां मलमास मेला में घूमने आए नौजवान को झुनकी मंदिर के साधु-संतों ने चोरी के आरोप में हाथ-पैर बांधकर पीट-पीटकर मार डाला। उन्होंने 2026 में जैन धर्मशाला के कमरे में कर्नाटक के चार लोगों की संदिग्ध हालत में मिली लाशों का भी जिक्र किया, जहाँ कमरा अंदर से बंद था, लेकिन उनके हाथ बंधे थे और मुंह पर टेप लगी थी, जिस पर पुलिस हत्या और आत्महत्या के बीच झूल रही है। भट्टाचार्य ने सवाल उठाया कि यह कैसा सुशासन है जहाँ न पर्यटक सुरक्षित हैं, न मेले घूमने आए आम नागरिक। उन्होंने नालंदा को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह जिला बताते हुए कहा कि यहाँ अपराधी बेखौफ हैं और स्कॉर्पियो सवार बदमाश वन देवी मंदिर के पास ताबड़तोड़ फायरिंग कर फरार हो जाते हैं, जबकि पुलिस लकीर पीटती रह जाती है। पाजीगंज विधायक संदीप सौरव ने भी पुलिस की नाकामी पर सवाल उठाए, कहा कि पुलिस हत्या के बाद इंसाफ दिलाने में और सुरक्षा करने में नाकाम रही। उन्होंने बताया कि पुलिस चौकी बगल में होने के बावजूद अपराधियों ने श्रवण और पिंटू को पीट-पीटकर मार डाला। उन्होंने इसे 'डबल इंजन सरकार' का न्याय बताते हुए चिंता व्यक्त की कि जब राजधानी से 100 किमी दूर राजगीर में यह हाल है, तो सीमांचल और कोसी की स्थिति और भी खराब होगी। माले नेताओं ने दोहरे हत्याकांड की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराने, मृतक परिवारों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा और एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, राजगीर-नालंदा में पर्यटक सुरक्षा के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाने, जिले के सभी लंबित हत्या कांडों का तीन महीने में स्पीडी ट्रायल करने और राजगीर थाना प्रभारी को निलंबित कर तुरंत हटाने की पांच बड़ी मांगें रखीं। ठेला-फुटपाथ वेंडर्स यूनियन के जिलाध्यक्ष किशोर साव ने कहा कि अपराध बढ़ने से राजगीर में पर्यटकों की संख्या गिरी है, जिससे ठेला, होटल और गाइड बेरोजगार हो रहे हैं। भाकपा माले ने सरकार से सीधा सवाल किया कि राजगीर दोहरे हत्याकांड के बाद उसने क्या सबक लिया और कर्नाटक के चार लोगों की मौत के बाद पर्यटन विभाग ने कौन से सुरक्षा इंतजाम किए। नेताओं ने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी में ही लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो बिहार में निवेश और पर्यटन का दावा खोखला है। ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों में दहशत है, वनगंगा इलाके के दुकानदार शाम 6 बजे ही अपनी दुकानें बंद कर देते हैं और पुलिस गश्त केवल वीआईपी मूवमेंट पर ही दिखती है। माले के बिहार शरीफ ग्रामीण प्रभारी सुनील कुमार और हरनौत प्रभारी बिरेश कुमार ने बताया कि बिहार शरीफ थाना क्षेत्र के ऊपरौरा गांव में अपराधियों ने एक दुकानदार को सिर्फ इसलिए गोली मार दी क्योंकि उसने सामान खरीदने के बाद अपराधी को चेंज पैसे नहीं दिए, वहीं सोहसराय थाना क्षेत्र में भी निर्माण मजदूरों की हत्या कर उनके शव को खेत में फेंक दिया गया था। डबल इंजन सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है और पीड़ितों को लाठियां। यह जानकारी नालंदा जिला कार्यालय सचिव नवल किशोर द्वारा साझा की गई है।1
- दीपांकर भट्टाचार्य बिहार शरीफ पहुंच गए हैं। उनके इस आगमन के साथ ही यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति सरकार की विफलता का परिणाम है।1
- नालंदा जिले के राजगीर में मलमास मेला के दौरान हुई पिंटू पासवान और सरवन पासवान की कथित हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर भीम आर्मी ने बिहार शरीफ में एक कैंडल मार्च निकाला। इस विरोध प्रदर्शन में पीड़ितों के परिवार के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की गई और दोषियों की गिरफ्तारी की गुहार लगाई गई। कथित हत्या के इस मामले में साधुओं पर आरोप लगाए गए हैं। जन आक्रोश के बीच प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और उन्हें फांसी की सजा सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़े। यह कैंडल मार्च दलित न्याय, सामाजिक न्याय, और बहुजन समाज के मानवाधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक न्याय आंदोलन का हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य पिंटू और सरवन के पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है।1
- प्रस्तुत पोस्ट में कश्मीर के मनमोहक सौंदर्य और अद्भुत फिजा की विशेष रूप से सराहना की गई है। पोस्ट कश्मीर को एक ऐसी जगह के रूप में वर्णित करता है, जिसके प्राकृतिक वातावरण और सुंदरता को शब्दों में बयान करना मुश्किल है, मानो उसकी महिमा का वर्णन करने के लिए कोई शब्द पर्याप्त न हों।1
- नालंदा के बेन में बेन दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति लिमिटेड द्वारा एक बोनस वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समिति से जुड़े 476 किसानों को बोनस के रूप में 4.67 लाख रुपये का शुद्ध लाभ वितरित किया गया। यह लाभ समिति को वर्ष 2023 से 2025 के दौरान हुए, जब उसने किसानों से लगभग 2.35 करोड़ रुपये मूल्य का दूध खरीदा था। किसानों को नकद राशि के साथ-साथ पीतल के बर्तन और कैल्शियम व मिनरल सप्लीमेंट भी प्रदान किए गए। समारोह के दौरान, डेयरी विशेषज्ञों ने किसानों को वैज्ञानिक पशुपालन और दूध उत्पादन में वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।1
- भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जाने वाला पहला टी20 मैच बारिश के कारण रद्द हो गया, जिसके चलते इसका कोई परिणाम नहीं निकल पाया। मैच रुकने से पहले, टीम इंडिया ने अपनी बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 विकेट के नुकसान पर 189 रन का एक मजबूत स्कोर खड़ा किया था। हालाँकि, बारिश ने मैच को रोक दिया और यह आगे नहीं बढ़ सका, जिसके परिणामस्वरूप इसे समाप्त घोषित कर दिया गया और टीम इंडिया द्वारा बनाया गया स्कोर बेकार चला गया।1
- यह पोस्ट एक भक्त की गहरी आस्था और ईश्वरीय संरक्षण की तीव्र कामना को व्यक्त करती है। इसमें प्रार्थना की गई है कि उनके सिर पर सदैव परमात्मा का हाथ बना रहे और उनके आराध्य 'सावरा' (सांवरा) हमेशा उनके साथ रहें। यह हार्दिक इच्छा ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास और उनके निरंतर सान्निध्य की लालसा को दर्शाती है।1
- रोटरी क्लब नालंदा ने अपने नए रोटरी वर्ष के अवसर पर पांच विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत की है। इस पहल के तहत, क्लब ने आगामी वर्ष के लिए इन पांचों परियोजनाओं पर कार्य करने की घोषणा की है।1