रंका प्रखंड के दूधवल पंचायत को जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित एक पुलिया पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। लगातार हो रही बारिश और पुलिया की जर्जर हालत के चलते स्थानीय लोगों में किसी बड़े हादसे की आशंका बढ़ गई है। इस गंभीर स्थिति को लेकर आज गुरुवार को दोपहर तीन बजे दूधवल पंचायत के मुखिया इजहार अंसारी ने चिंता व्यक्त की। मुखिया इजहार अंसारी ने बताया कि यह पुलिया काफी पुरानी है और लंबे समय से क्षतिग्रस्त थी, जिसके स्थान पर नई पुलिया का निर्माण किया जाना था। उनके अनुसार, संबंधित ठेकेदार को गर्मी के मौसम में ही इस निर्माण कार्य को पूरा कर लेना चाहिए था, लेकिन कार्य समय पर शुरू ही नहीं किया गया। अब लगातार हो रही वर्षा के कारण पुलिया की स्थिति और भी बदतर हो गई है, जिससे इस पर से गुजरना अत्यंत खतरनाक हो चुका है। वर्तमान में, मुखिया ने भारी वाहनों से इस जर्जर पुलिया से न गुजरने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भारी वाहन पुलिया से गुजरते हैं तो यह किसी भी समय ध्वस्त हो सकती है, जिससे जान-माल की भारी क्षति हो सकती है। उन्होंने छोटे वाहनों और पैदल चलने वाले राहगीरों से भी सावधानी बरतने का आग्रह किया है। स्थानीय ग्रामीण भी निर्माण कार्य में हुई इस देरी को लेकर परेशान हैं, जिसके कारण आज आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रंका प्रखंड के दूधवल पंचायत को जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित एक पुलिया पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। लगातार हो रही बारिश और पुलिया की जर्जर हालत के चलते स्थानीय लोगों में किसी बड़े हादसे की आशंका बढ़ गई है। इस गंभीर स्थिति को लेकर आज गुरुवार को दोपहर तीन बजे दूधवल पंचायत के मुखिया इजहार अंसारी ने चिंता व्यक्त की। मुखिया इजहार अंसारी ने बताया कि यह पुलिया काफी पुरानी है और लंबे समय से क्षतिग्रस्त थी, जिसके स्थान पर नई पुलिया का निर्माण किया जाना था। उनके अनुसार, संबंधित ठेकेदार को गर्मी के मौसम में ही इस निर्माण कार्य को पूरा कर लेना चाहिए था, लेकिन कार्य समय पर शुरू ही नहीं किया गया। अब लगातार हो रही वर्षा के कारण पुलिया की स्थिति और भी बदतर हो गई है, जिससे इस पर से गुजरना अत्यंत खतरनाक हो चुका है। वर्तमान में, मुखिया ने भारी वाहनों से इस जर्जर पुलिया से न गुजरने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भारी वाहन पुलिया से गुजरते हैं तो यह किसी भी समय ध्वस्त हो सकती है, जिससे जान-माल की भारी क्षति हो सकती है। उन्होंने छोटे वाहनों और पैदल चलने वाले राहगीरों से भी सावधानी बरतने का आग्रह किया है। स्थानीय ग्रामीण भी निर्माण कार्य में हुई इस देरी को लेकर परेशान हैं, जिसके कारण आज आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- सोनभद्र के विंढमगंज क्षेत्र में लंबे समय से लंबित विकास कार्य आखिरकार शुरू हो गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली है। जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाने और समाचार प्रकाशित होने के बाद रेलवे विभाग, संबंधित सरकारी विभाग और कार्यदायी ठेकेदार सक्रिय हो गए हैं, जिन्होंने मामले का संज्ञान लेकर विकास कार्य को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्रवाई शुरू की है। क्षेत्रवासियों को अधूरे पड़े कार्यों के कारण लंबे समय से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब विभागों की इस सक्रियता से लोगों में उम्मीद जगी है कि ये विकास कार्य जल्द ही पूरे होंगे और क्षेत्रवासियों को असुविधा से मुक्ति मिलेगी। ग्रामीणों ने अपेक्षा जताई है कि संबंधित विभाग कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देंगे और इसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करेंगे, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो। क्षेत्र के लोगों ने जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाए जाने के सकारात्मक परिणाम पर संतोष व्यक्त करते हुए प्रशासन से निर्माण कार्य की नियमित निगरानी कर गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग की है।1
- रिहंद बांध का शाम का एक अद्भुत नज़ारा प्रस्तुत किया गया है, जिसके बारे में दावा किया गया है कि दर्शक ने ऐसा दृश्य पहले कहीं नहीं देखा होगा। इस मनमोहक शाम के दृश्य को देखने के लिए आमंत्रित किया गया है और साथ ही चैनल को सब्सक्राइब करने का आग्रह भी किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जन्मदिन सोनभद्र के दुद्धी विधानसभा क्षेत्र में सपा कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह और जनकल्याण के संकल्प के साथ मनाया। कार्यकर्ताओं ने इस अवसर को 'सेवा और समर्पण का पर्व' बनाते हुए केक काटे, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दुद्धी में भर्ती मरीजों को फल एवं अन्य खाद्य सामग्री वितरित की, स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में बढ़-चढ़कर रक्तदान किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण भी किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान समाज सेवा, मानवता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रमुखता से देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत डीसीएफ कॉलोनी स्थित आवास पर केक काटकर अखिलेश यादव के दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना के साथ हुई। इसके बाद, समाजवादी कार्यकर्ताओं का काफिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी पहुंचा, जहां अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल एवं अन्य खाद्य सामग्री वितरित कर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई; मरीजों और उनके परिजनों ने इस पहल की सराहना की। उपरांत, सीएचसी स्थित ब्लड बैंक में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में हरिओम नारायण उर्फ राजू शर्मा ने दुर्लभ ओ (O) नेगेटिव रक्त समूह का रक्तदान कर प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया, जिसे चिकित्सकों ने आपातकालीन परिस्थितियों में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। अशरफ आलम, उमाशंकर यादव, अशरफ सिद्दीकी सहित कई समाजवादी कार्यकर्ताओं ने भी स्वेच्छा से रक्तदान कर लोगों से नियमित रक्तदान करने और जरूरतमंदों की जिंदगी बचाने के लिए आगे आने का आह्वान किया। जिला पंचायत सदस्य जुबेर आलम ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने की सोच के साथ कार्य करती रही है, और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जन्मदिन केवल उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि 'सेवा दिवस' के रूप में मनाया गया, ताकि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता का संदेश पहुंचे। म्योरपुर ब्लॉक प्रधान संघ के अध्यक्ष एवं दुद्धी के महासचिव प्रेमचंद यादव ने रक्तदान को सबसे बड़ा महादान बताते हुए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति से समय-समय पर रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान भी किया। कार्यक्रम के समापन पर, मुजीब खान, अविनाश यादव, वकालत खान, कलामुद्दीन सिद्दीकी, हरिहर यादव, बुंदेल चौबे, मोहम्मद सलीम अंसारी, मुनीर अंसारी, सूर्यमणि यादव, संजय यादव, रामचंद्र, राकेश अग्रहरि, अजय यादव, सुधीर, मुन्ना सोनी सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य का संकल्प लिया।1
- लातेहार के सदर अस्पताल में 2 जुलाई को एक सीटी स्कैन चिकित्सीय उपकरण केंद्र का शुभारंभ किया गया। चतरा के सांसद कालीचरण सिंह, राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम, मनिका के विधायक रामचंद्र सिंह और उपायुक्त संदीप कुमार ने संयुक्त रूप से इस केंद्र का उद्घाटन किया। यह सीटी स्कैन उपकरण केंद्र प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत डीएमएफटी फंड से सदर अस्पताल में स्थापित किया गया है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर किया। सांसद कालीचरण सिंह ने इसे लातेहार के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि जिले में चिकित्सा के क्षेत्र में ऐसी उपलब्धियां हासिल हो रही हैं जो प्रमंडल स्तर पर भी नहीं हैं। राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम ने भी इसे लातेहार के लिए एक सुनहरा और ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि अब सीटी स्कैन के लिए लोगों को रांची या अन्य बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि यह सुविधा उन्हें सदर अस्पताल में ही मिलेगी। इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन को बधाई दी। मनिका विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा कि कोरोना काल से ही यहां चिकित्सीय सुविधाएं बेहतर हो रही हैं और आने वाले दिनों में लातेहार जिला चिकित्सा के क्षेत्र में पूरे प्रदेश में आगे होगा। इस मौके पर उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद, सिविल सर्जन डॉ. राजमोहन खलखो, डीएमएफटी की प्रभारी पदाधिकारी मेरी मड़की के अलावा भाजपा नेता पंकज सिंह, अमलेश सिंह, अनिल कुमार सिंह, डॉ. चंदन सिंह, हरिशंकर यादव, प्रभात कुमार, सुदामा प्रसाद गुप्ता, सुशील कुमार यादव, अंकित पांडेय, साजन कुमार, चंदन कुमार और मनोज पासवान सहित कई अन्य लोग मौजूद थे।4
- गुरुवार को गारू प्रखंड कार्यालय में सुबह 11:00 बजे से एक परिवहन शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के लिए कुल 66 आवेदन प्राप्त हुए। गारू प्रखंड कार्यालय ने गुरुवार शाम 4:30 बजे एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी।1
- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और हिमाचल प्रदेश के शिमला (संजौली) जैसे स्थानों पर हाल ही में स्थानीय निवासियों और पुलिस प्रशासन के बीच विवाद और विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं। अक्सर ऐसे स्थानों पर स्थानीय समस्याओं, सड़क हादसों या अतिक्रमण हटाने जैसी घटनाओं के दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए जाते हैं। हालांकि, किसी भी सटीक घटना का स्थान और कारण उस घटना के समय और संदर्भ पर निर्भर करता है। पुलिस प्रशासन को लेकर इस तरह के नारे आमतौर पर तब उपयोग किए जाते हैं जब स्थानीय लोग किसी कार्रवाई या लापरवाही से नाराज होते हैं। इस तरह की घटना की सटीक जानकारी के लिए घटना की तारीख, राज्य या उससे जुड़े किसी विशिष्ट मुद्दे (जैसे सड़क हादसा, अतिक्रमण या अन्य विवाद) का नाम आवश्यक है। बता दें कि मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश राज्य का एक शहर है, जिसकी स्थापना 1600 ईस्वी में मुगल सम्राट शाहजहां के पुत्र मुराद द्वारा की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप इस शहर को मुरादाबाद के नाम से जाना जाता है। इसी बीच, जानकारी मिली है कि एक 'छका के ग्रुप' ने प्रशासन की अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं और 'हमारी माँगें पूरी हों' का उद्घोष किया है।4
- लातेहार जिले के महुआडार प्रखंड अंतर्गत दुरूप पंचायत में स्थित दुरूप ग्राम में नल जल योजना के तहत निर्मित जल मीनार अपने निर्माण के बाद से ही खराब पड़ा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी की गंभीर समस्या है, जिसके कारण उन्हें अपनी प्यास बुझाने के लिए नदी और नाले के पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इस मामले पर प्रखंड विकास अधिकारी संतोष कुमार बैठ ने गुरुवार की शाम 5:00 बजे जानकारी दी कि खराब पड़े इस जल मीनार की मरम्मत के लिए पत्राचार कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।1
- बलरामपुर पुलिस द्वारा वाडफ नगर में एक अंतर्राज्यीय बॉर्डर मीटिंग का आयोजन किया गया।1
- पलामू जिले के पांडू प्रखंड अंतर्गत रतनाग ग्राम पंचायत के ओबरा गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक घटना में वज्रपात की चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया है। जानकारी के अनुसार, पिछले दो दिनों से पांडू और विश्रामपुर क्षेत्र में रुक-रुक कर लगातार बारिश हो रही थी। गुरुवार को बारिश के दौरान ओबरा निवासी आनंद भुइया (पिता- ललन भुइया), सोनू भुइया (पिता- सागर भुइया) और करमू भुइया (पिता- रामश्रेयस भुइया) एक पेड़ के नीचे बैठकर मोबाइल चला रहे थे। इसी बीच अचानक तेज गर्जना के साथ वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में ये तीनों युवक आ गए। वज्रपात इतना तीव्र था कि आनंद भुइया की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि सोनू भुइया और करमू भुइया गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल घायल हुए दोनों युवकों को उपचार के लिए छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाने में जुट गई। इस त्रासदीपूर्ण घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मौसम विभाग द्वारा लगातार खराब मौसम को देखते हुए लोगों से अपील की जा रही है कि वे बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।2