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लातेहार जिले के महुआडार प्रखंड अंतर्गत दुरूप पंचायत में स्थित दुरूप ग्राम में नल जल योजना के तहत निर्मित जल मीनार अपने निर्माण के बाद से ही खराब पड़ा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी की गंभीर समस्या है, जिसके कारण उन्हें अपनी प्यास बुझाने के लिए नदी और नाले के पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इस मामले पर प्रखंड विकास अधिकारी संतोष कुमार बैठ ने गुरुवार की शाम 5:00 बजे जानकारी दी कि खराब पड़े इस जल मीनार की मरम्मत के लिए पत्राचार कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
Manoj dutt dev
लातेहार जिले के महुआडार प्रखंड अंतर्गत दुरूप पंचायत में स्थित दुरूप ग्राम में नल जल योजना के तहत निर्मित जल मीनार अपने निर्माण के बाद से ही खराब पड़ा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी की गंभीर समस्या है, जिसके कारण उन्हें अपनी प्यास बुझाने के लिए नदी और नाले के पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इस मामले पर प्रखंड विकास अधिकारी संतोष कुमार बैठ ने गुरुवार की शाम 5:00 बजे जानकारी दी कि खराब पड़े इस जल मीनार की मरम्मत के लिए पत्राचार कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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- सांप के काटने की स्थिति में लोगों को स्पष्ट रूप से सलाह दी गई है कि वे किसी भी तांत्रिक, ओझा या भगत के चक्कर में न पड़ें। यह संदेश बार-बार दोहराया गया है कि ऐसे मामलों में तत्काल किसी भी पारंपरिक उपचारकर्ता के पास जाने से बचना चाहिए। इसके बजाय, सांप के काटने पर सीधे और तुरंत अस्पताल जाकर चिकित्सा सहायता प्राप्त करना ही प्राथमिकता होनी चाहिए।1
- सड़कों पर क्षमता से अधिक भार लेकर दौड़ रही गाड़ियाँ लगातार दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा रही हैं। यह स्थिति चिंताजनक है, जिसके कारण हादसों की आशंका में वृद्धि हुई है।1
- रातू थाना क्षेत्र के टीपूटोला नदी के किनारे से ग्रामीणों ने एक विशालकाय अजगर को पकड़कर वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया है। यह घटना गुरुवार की सुबह करीब 4 बजे तब सामने आई, जब टीपूटोला निवासी सतीश मुंडा टंगटंग टोली जाने वाले मार्ग पर स्थित टीपू टोला नदी की ओर जा रहे थे। उसी वक्त उन्होंने नदी के किनारे एक अजगर को देखा। सतीश ने हिम्मत कर जब अजगर के पास जाकर देखा, तो वह एक विशालकाय अजगर पाया गया। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना ग्रामीणों को दी, जिसके बाद गांव वालों ने साहस दिखाते हुए इस अजगर सांप को पकड़ लिया। अजगर को गांव लाने के बाद उसकी लंबाई नापी गई, जो 17 फीट निकली। इस विशाल अजगर के मिलने की सूचना पर गांव के अन्य लोग भी वहां पहुंचे और उन्होंने वन विभाग को इसकी जानकारी दी। वन विभाग के कर्मियों के मौके पर पहुंचने पर ग्रामीणों ने उन्हें यह विशालकाय अजगर सौंप दिया।1
- गुमला जिले के सिसई प्रखंड मुख्यालय स्थित सिसई लैम्पस में किसानों के लिए 50% सब्सिडी पर उन्नत किस्म के धान बीज का वितरण शुरू किया गया है। जनप्रतिनिधि जाकिर अली ने विधिवत फीता काटकर इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। लैम्पस के अध्यक्ष महादेव उरांव ने जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को इस बार (एनएसी) बायोसीड कंपनी का धान बीज दिया जा रहा है, जिसकी पैदावार अन्य बीजों की तुलना में दुगुना से भी अधिक है, जिससे किसानों को निश्चित रूप से अधिक लाभ मिलेगा। धान बीज प्राप्त करने के लिए किसानों को अपना आधार कार्ड की फोटोकॉपी और आधार से पंजीकृत मोबाइल नंबर लैम्पस में जमा करना होगा, ताकि ओटीपी संबंधी कोई परेशानी न हो। प्रत्येक किसान को एक आधार कार्ड पर अधिकतम 10 किलो बीज दिया जाएगा। पंसस जाकिर अली ने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में लैम्पस आकर इस उम्दा किस्म के धान बीज का लाभ उठाने की अपील की। हालांकि, पूर्व 20 सूत्री अध्यक्ष और जिला कांग्रेस महासचिव गंगा उरांव ने लैम्पस द्वारा धान बीज वितरण में हुए विलंब पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के हितों के प्रति सजग नहीं है, जिसके कारण इतने विलंब से बीज वितरण शुरू हुआ। इस देरी के चलते किसान अपनी खेती के लिए खाद-बीज निजी दुकानों या अन्य स्रोतों से औने-पौने दामों पर खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सिसई प्रखंड में कुल 18 लैम्पस हैं, जिनमें से केवल सिसई और लरंगों के दो लैम्पस ही सक्रिय हैं, जबकि शेष 16 निष्क्रिय पड़े हैं। गंगा उरांव ने सुझाव दिया कि यदि सभी लैम्पस को सक्रिय कर दिया जाए, तो किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध हो सकेगा, जिससे वे अपनी खेतीबाड़ी समय पर कर पाएंगे। गंगा उरांव ने दावा किया कि इन सभी ज्वलंत मुद्दों से बीते वर्ष ही कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक इस पर कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। इस स्थिति ने सरकार की भूमिका पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और किसानों के प्रति सरकार की जवाबदेही को 'बिल्कुल शून्य' बताया गया है। इस दौरान पूर्व सांसद प्रतिनिधि निरंजन सिंह, पंसस जाकिर अली, पूर्व 20 सूत्री अध्यक्ष सह जिला कांग्रेस महासचिव गंगा उरांव, झामुमो महिला मोर्चा अध्यक्ष नुसरत आरा, सीताराम सिंह, बसंत जयसवाल, लैम्पस अध्यक्ष महादेव उरांव, सचिव बंधन उरांव सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।4
- डुमरी ग्राम स्थित आंगनबाड़ी केंद्र भवन की बदहाल व्यवस्था पहली ही बारिश में उजागर हो गई है। बारिश शुरू होते ही केंद्र की छत से पानी टपकने लगा, जिससे पूरा कमरा जलमग्न हो गया और बच्चों को बैठाकर पढ़ाना तो दूर, केंद्र का संचालन करना भी मुश्किल हो गया है। भवन की जर्जर हालत को देखते हुए आंगनबाड़ी सहायिका बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। सहायिका संपति देवी ने बताया कि केंद्र में 20 से अधिक बच्चे नामांकित हैं, लेकिन छत काफी जर्जर हो चुकी है और कई जगहों का प्लास्टर भी टूट चुका है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पानी को बाल्टी और अन्य बर्तनों में जमा करने के बावजूद पूरा कमरा पानी से भर जाता है, जिससे फर्श पर पानी फैलने के कारण बच्चों को बैठने में मुश्किल होती है। उन्होंने यह भी बताया कि भवन की मरम्मत अथवा नए भवन के निर्माण की मांग को लेकर संबंधित विभाग को कई बार लिखित और मौखिक रूप से जानकारी दी गई है, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई है। पिछले वर्ष भी बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने और प्लास्टर टूटकर गिरने के खतरे के बीच केंद्र का संचालन करना पड़ा था। इस वर्ष पहली ही बारिश में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। छत गिरने की आशंका के चलते बच्चों और अपनी सुरक्षा के लिए कई बार केंद्र की छुट्टी करनी पड़ती है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। आंगनबाड़ी सहायिका ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करने और भवन की मरम्मत या नए भवन की व्यवस्था करने की मांग की है, चेतावनी दी है कि समय रहते कार्रवाई न होने पर बरसात में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।1
- आजादी के 75 वर्ष बीत जाने के बाद भी लातेहार जिले के पुरानडीह ग्राम के ग्रामीण बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। ग्रामीणों को आज भी इन बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। इस मामले को लेकर गुरुवार की शाम करीब 4:30 बजे दुरूप ग्राम पंचायत की मुखिया उषा खलखो से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया। हालांकि, फोन एक अन्य व्यक्ति ने उठाया, जिसने बताया कि मुखिया जी का मोबाइल चार्ज पर लगा हुआ है और वह अभी उपलब्ध नहीं हैं।1
- गुरुवार को हटिया विधायक नवीन जायसवाल और उनके समर्थकों ने रातू प्रखंड के पाली पंचायत के पाली गाँव में एक नए सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इस अवसर पर विधायक नवीन जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि यह सामुदायिक भवन ग्रामीणों के सामाजिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के संचालन के लिए एक आवश्यक केंद्र साबित होगा। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोगों को संगठित करके ग्रामीण परंपराओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक बैठकों के लिए एक स्थायी स्थान उपलब्ध कराना है, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। विधायक ने यह भी दोहराया कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, बेहतर आधारभूत सुविधाओं और जनहित के कार्यों के लिए उनके प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। उन्होंने स्थानीय सड़कों, पेयजल व्यवस्था और स्वास्थ्य-साक्षरता संबंधित पहलों को प्राथमिकता देने का भी विश्वास दिलाया। इस कार्यक्रम में पंचायत सदस्य, ग्रामीण नेता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।1
- गुमला के भरनो में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के छात्रावास में छात्रा प्रियंका कुमारी की खुदकुशी के मामले में ग्रामीणों और आदिवासी समाज के अगुवाओं ने तीखा विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने प्रियंका कुमारी के लिए न्याय की मांग को लेकर भरनो थाना गेट के पास एनएच 23 रांची-गुमला मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। सभी प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और न्याय की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। भरनो थाना के पास लगभग एक घंटे तक चले इस चक्का जाम को अधिकारियों से आश्वासन मिलने और एक लिखित आवेदन स्वीकार किए जाने के बाद हटा लिया गया। इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन सामान्य हो गया।1
- पाटन प्रखंड की सतौवा पंचायत के बंजारी ग्राम अंतर्गत हल्दी टोला में सड़क निर्माण न होने से ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। बरसात की शुरुआती बारिश के साथ ही लगभग दो किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क कीचड़ और जलजमाव से भर गई है, जिससे लोगों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर इकट्ठा होकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी जाहिर की और तत्काल सड़क निर्माण की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत मुखिया सहित कई जनप्रतिनिधियों को बरसात शुरू होने से पहले ही सड़क निर्माण के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन किसी ने भी इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। उनका आरोप है कि क्षेत्र के विधायक सह राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर को भी लिखित रूप से सड़क निर्माण की मांग से अवगत कराया गया था, फिर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत चुनाव के दौरान मुखिया ने सड़क बनाने का आश्वासन दिया था, लेकिन चुनाव जीतने के बाद न तो सड़क बनी और न ही कोई जनप्रतिनिधि ग्रामीणों की समस्या जानने पहुंचा। वे कहते हैं कि नेता केवल वोट मांगने के लिए आते हैं और चुनाव के बाद जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं देते। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण बच्चों की पढ़ाई, मरीजों के इलाज, किसानों के आवागमन और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में भारी कठिनाई हो रही है, जिससे बरसात के मौसम में पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित जनप्रतिनिधियों की होगी। इस दौरान पूर्व मुखिया प्रतिनिधि बाबूलाल राम, संजय पाल, कृष्ण कुमार मेहता, बीरबल मेहता, श्याम शर्मा, राजमणि महतो, जुगल महतो, विनय महतो, अमरेश महतो, बिंदेश्वरी महतो, रघुवीर महतो, लालदेव प्रजापति, सत्येंद्र महतो, श्रीराम महतो, अधीन महतो, सरफरुद्दीन अंसारी, महेंद्र प्रजापति, कलावती कुंवर, सतवंती देवी, दुर्गावती देवी, कविता देवी, सुनीता देवी, रेशमी देवी, शकुंती देवी, शांति देवी, सबीना बीबी और तैबुन बीबी सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।1