पाटन प्रखंड की सतौवा पंचायत के बंजारी ग्राम अंतर्गत हल्दी टोला में सड़क निर्माण न होने से ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। बरसात की शुरुआती बारिश के साथ ही लगभग दो किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क कीचड़ और जलजमाव से भर गई है, जिससे लोगों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर इकट्ठा होकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी जाहिर की और तत्काल सड़क निर्माण की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत मुखिया सहित कई जनप्रतिनिधियों को बरसात शुरू होने से पहले ही सड़क निर्माण के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन किसी ने भी इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। उनका आरोप है कि क्षेत्र के विधायक सह राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर को भी लिखित रूप से सड़क निर्माण की मांग से अवगत कराया गया था, फिर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत चुनाव के दौरान मुखिया ने सड़क बनाने का आश्वासन दिया था, लेकिन चुनाव जीतने के बाद न तो सड़क बनी और न ही कोई जनप्रतिनिधि ग्रामीणों की समस्या जानने पहुंचा। वे कहते हैं कि नेता केवल वोट मांगने के लिए आते हैं और चुनाव के बाद जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं देते। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण बच्चों की पढ़ाई, मरीजों के इलाज, किसानों के आवागमन और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में भारी कठिनाई हो रही है, जिससे बरसात के मौसम में पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित जनप्रतिनिधियों की होगी। इस दौरान पूर्व मुखिया प्रतिनिधि बाबूलाल राम, संजय पाल, कृष्ण कुमार मेहता, बीरबल मेहता, श्याम शर्मा, राजमणि महतो, जुगल महतो, विनय महतो, अमरेश महतो, बिंदेश्वरी महतो, रघुवीर महतो, लालदेव प्रजापति, सत्येंद्र महतो, श्रीराम महतो, अधीन महतो, सरफरुद्दीन अंसारी, महेंद्र प्रजापति, कलावती कुंवर, सतवंती देवी, दुर्गावती देवी, कविता देवी, सुनीता देवी, रेशमी देवी, शकुंती देवी, शांति देवी, सबीना बीबी और तैबुन बीबी सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
पाटन प्रखंड की सतौवा पंचायत के बंजारी ग्राम अंतर्गत हल्दी टोला में सड़क निर्माण न होने से ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। बरसात की शुरुआती बारिश के साथ ही लगभग दो किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क कीचड़ और जलजमाव से भर गई है, जिससे लोगों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर इकट्ठा होकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी जाहिर की और तत्काल सड़क निर्माण की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत मुखिया सहित कई जनप्रतिनिधियों को बरसात शुरू होने से पहले ही सड़क निर्माण के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन किसी ने भी इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। उनका आरोप है कि क्षेत्र के विधायक सह राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर को भी लिखित रूप से सड़क निर्माण की मांग से अवगत कराया गया था, फिर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत चुनाव के दौरान मुखिया ने सड़क बनाने का आश्वासन दिया था, लेकिन चुनाव जीतने के बाद न तो सड़क बनी और न ही कोई जनप्रतिनिधि ग्रामीणों की समस्या जानने पहुंचा। वे कहते हैं कि नेता केवल वोट मांगने के लिए आते हैं और चुनाव के बाद जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं देते। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण बच्चों की पढ़ाई, मरीजों के इलाज, किसानों के आवागमन और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में भारी कठिनाई हो रही है, जिससे बरसात के मौसम में पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित जनप्रतिनिधियों की होगी। इस दौरान पूर्व मुखिया प्रतिनिधि बाबूलाल राम, संजय पाल, कृष्ण कुमार मेहता, बीरबल मेहता, श्याम शर्मा, राजमणि महतो, जुगल महतो, विनय महतो, अमरेश महतो, बिंदेश्वरी महतो, रघुवीर महतो, लालदेव प्रजापति, सत्येंद्र महतो, श्रीराम महतो, अधीन महतो, सरफरुद्दीन अंसारी, महेंद्र प्रजापति, कलावती कुंवर, सतवंती देवी, दुर्गावती देवी, कविता देवी, सुनीता देवी, रेशमी देवी, शकुंती देवी, शांति देवी, सबीना बीबी और तैबुन बीबी सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
- पलामू जिले के मोहम्मदगंज (पिनकोड 822120) में आज बारिश दर्ज की गई, जिसके कारण दिनभर का मौसम बेहद अच्छा बना रहा। इस संबंध में, लोगों से मोहम्मदगंज के आज के मौसम के बारे में अपनी राय कमेंट करके बताने का आग्रह किया गया है।1
- लोकप्रिय यूट्यूबर श्री मनीष कश्यप जी की 2026 मॉडल टोयोटा कार भारत में खराब पेट्रोल मिलने की वजह से 10,000 किलोमीटर सर्विस के बाद खराब हो गई है, जिससे ईंधन में एथेनॉल के मिश्रण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वर्तमान में, भारत के पेट्रोल पंपों पर E20 ईंधन उपलब्ध है, जिसमें 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल शामिल होता है। सरकार पर्यावरण संरक्षण और कच्चे तेल के आयात को कम करने के उद्देश्य से पेट्रोल में एथेनॉल मिलाती है। पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण के विभिन्न स्तरों में E10 (10% एथेनॉल), वर्तमान मानक E20 (20% एथेनॉल), और कुछ देशों में प्रयुक्त होने वाला E85 (85% एथेनॉल) शामिल है, जिसके लिए विशेष डिज़ाइन किए गए इंजन की आवश्यकता होती है। यह भी बताया गया है कि पेट्रोल में एथेनॉल की अधिक मात्रा मिलाने से कारों का प्रदर्शन घटने लगा है। ईंधन की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए, पेट्रोल भरवाते समय उसकी डेंसिटी (घनत्व) की जांच करना महत्वपूर्ण है। 15 डिग्री सेल्सियस तापमान पर पेट्रोल का घनत्व आमतौर पर 720 से 775 किलोग्राम/मी³ के बीच होना चाहिए, जो शुद्ध ईंधन का मानक है। भारत के फ्यूल सेक्टर में जल्द ही बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे, क्योंकि सरकार ने E22, E25, E27 और E30 जैसे नए फ्यूल ब्लेंड स्टैंडर्ड जारी किए हैं, जिसका अर्थ है कि भविष्य में पेट्रोल में 30% तक एथेनॉल मिलाया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य तेल आयात कम करना, किसानों की आय बढ़ाना, प्रदूषण घटाना और भारत को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।4
- डॉ. यासीन अंसारी ने यह बात कही है कि हमारी संस्कृति हमेशा से विकास करने और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने वाली रही है।1
- गढ़वा जिले से सामने आ रही जानकारी के अनुसार, एक पीड़ित ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि उसे रंगदारी की रकम का भुगतान न करने पर जान से मारने की और उसके घर को उड़ा देने की धमकी दी गई है।1
- भोजपुरी गायक शिवेश मिश्रा की गाड़ी रात के समय श्मशान घाट के रास्ते में बुरी तरह फंस गई थी। यह घटना रात करीब 1 बजे हुई, जिसके बाद 112 पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरी रात वहीं खड़े रहकर उनकी मदद की। इस घटना की पूरी जानकारी और पुलिस द्वारा की गई मदद से जुड़ा एक वीडियो भी उपलब्ध है। इसके साथ ही, यह भी पूछा गया है कि क्या पाठक शिवेश मिश्रा से जुड़े किसी अन्य हादसे या विवाद के बारे में जानना चाहते हैं, जैसे कि सुपौल से बांका जाते समय हुए एक्सीडेंट के बारे में।2
- पाटन प्रखंड की सतौवा पंचायत के बंजारी ग्राम अंतर्गत हल्दी टोला में सड़क निर्माण न होने से ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। बरसात की शुरुआती बारिश के साथ ही लगभग दो किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क कीचड़ और जलजमाव से भर गई है, जिससे लोगों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर इकट्ठा होकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी जाहिर की और तत्काल सड़क निर्माण की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत मुखिया सहित कई जनप्रतिनिधियों को बरसात शुरू होने से पहले ही सड़क निर्माण के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन किसी ने भी इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। उनका आरोप है कि क्षेत्र के विधायक सह राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर को भी लिखित रूप से सड़क निर्माण की मांग से अवगत कराया गया था, फिर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत चुनाव के दौरान मुखिया ने सड़क बनाने का आश्वासन दिया था, लेकिन चुनाव जीतने के बाद न तो सड़क बनी और न ही कोई जनप्रतिनिधि ग्रामीणों की समस्या जानने पहुंचा। वे कहते हैं कि नेता केवल वोट मांगने के लिए आते हैं और चुनाव के बाद जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं देते। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण बच्चों की पढ़ाई, मरीजों के इलाज, किसानों के आवागमन और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में भारी कठिनाई हो रही है, जिससे बरसात के मौसम में पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित जनप्रतिनिधियों की होगी। इस दौरान पूर्व मुखिया प्रतिनिधि बाबूलाल राम, संजय पाल, कृष्ण कुमार मेहता, बीरबल मेहता, श्याम शर्मा, राजमणि महतो, जुगल महतो, विनय महतो, अमरेश महतो, बिंदेश्वरी महतो, रघुवीर महतो, लालदेव प्रजापति, सत्येंद्र महतो, श्रीराम महतो, अधीन महतो, सरफरुद्दीन अंसारी, महेंद्र प्रजापति, कलावती कुंवर, सतवंती देवी, दुर्गावती देवी, कविता देवी, सुनीता देवी, रेशमी देवी, शकुंती देवी, शांति देवी, सबीना बीबी और तैबुन बीबी सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।1