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पलामू जिले के मोहम्मदगंज (पिनकोड 822120) में आज बारिश दर्ज की गई, जिसके कारण दिनभर का मौसम बेहद अच्छा बना रहा। इस संबंध में, लोगों से मोहम्मदगंज के आज के मौसम के बारे में अपनी राय कमेंट करके बताने का आग्रह किया गया है।
Ayush Raj sinha
पलामू जिले के मोहम्मदगंज (पिनकोड 822120) में आज बारिश दर्ज की गई, जिसके कारण दिनभर का मौसम बेहद अच्छा बना रहा। इस संबंध में, लोगों से मोहम्मदगंज के आज के मौसम के बारे में अपनी राय कमेंट करके बताने का आग्रह किया गया है।
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- पलामू जिले के मोहम्मदगंज (पिनकोड 822120) में आज बारिश दर्ज की गई, जिसके कारण दिनभर का मौसम बेहद अच्छा बना रहा। इस संबंध में, लोगों से मोहम्मदगंज के आज के मौसम के बारे में अपनी राय कमेंट करके बताने का आग्रह किया गया है।1
- लोकप्रिय यूट्यूबर श्री मनीष कश्यप जी की 2026 मॉडल टोयोटा कार भारत में खराब पेट्रोल मिलने की वजह से 10,000 किलोमीटर सर्विस के बाद खराब हो गई है, जिससे ईंधन में एथेनॉल के मिश्रण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वर्तमान में, भारत के पेट्रोल पंपों पर E20 ईंधन उपलब्ध है, जिसमें 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल शामिल होता है। सरकार पर्यावरण संरक्षण और कच्चे तेल के आयात को कम करने के उद्देश्य से पेट्रोल में एथेनॉल मिलाती है। पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण के विभिन्न स्तरों में E10 (10% एथेनॉल), वर्तमान मानक E20 (20% एथेनॉल), और कुछ देशों में प्रयुक्त होने वाला E85 (85% एथेनॉल) शामिल है, जिसके लिए विशेष डिज़ाइन किए गए इंजन की आवश्यकता होती है। यह भी बताया गया है कि पेट्रोल में एथेनॉल की अधिक मात्रा मिलाने से कारों का प्रदर्शन घटने लगा है। ईंधन की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए, पेट्रोल भरवाते समय उसकी डेंसिटी (घनत्व) की जांच करना महत्वपूर्ण है। 15 डिग्री सेल्सियस तापमान पर पेट्रोल का घनत्व आमतौर पर 720 से 775 किलोग्राम/मी³ के बीच होना चाहिए, जो शुद्ध ईंधन का मानक है। भारत के फ्यूल सेक्टर में जल्द ही बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे, क्योंकि सरकार ने E22, E25, E27 और E30 जैसे नए फ्यूल ब्लेंड स्टैंडर्ड जारी किए हैं, जिसका अर्थ है कि भविष्य में पेट्रोल में 30% तक एथेनॉल मिलाया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य तेल आयात कम करना, किसानों की आय बढ़ाना, प्रदूषण घटाना और भारत को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।4
- डॉ. यासीन अंसारी ने यह बात कही है कि हमारी संस्कृति हमेशा से विकास करने और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने वाली रही है।1
- गढ़वा जिले से सामने आ रही जानकारी के अनुसार, एक पीड़ित ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि उसे रंगदारी की रकम का भुगतान न करने पर जान से मारने की और उसके घर को उड़ा देने की धमकी दी गई है।1
- भोजपुरी गायक शिवेश मिश्रा की गाड़ी रात के समय श्मशान घाट के रास्ते में बुरी तरह फंस गई थी। यह घटना रात करीब 1 बजे हुई, जिसके बाद 112 पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरी रात वहीं खड़े रहकर उनकी मदद की। इस घटना की पूरी जानकारी और पुलिस द्वारा की गई मदद से जुड़ा एक वीडियो भी उपलब्ध है। इसके साथ ही, यह भी पूछा गया है कि क्या पाठक शिवेश मिश्रा से जुड़े किसी अन्य हादसे या विवाद के बारे में जानना चाहते हैं, जैसे कि सुपौल से बांका जाते समय हुए एक्सीडेंट के बारे में।2
- पलामू जिले के ऊटारी रोड प्रखंड अंतर्गत जोगा पंचायत स्थित जोगा रेलवे फाटक की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सामने आई है। हाल ही में फाटक का एक हिस्सा खुला रह गया, जबकि दूसरा बंद था, जिसके बाद गेटमैन को स्वयं आकर इसे खोलना पड़ा। यह घटना संबंधित विभाग की घोर लापरवाही और अव्यवस्था को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। ऊटारी रोड प्रखंड के जिला परिषद प्रत्याशी अरविंद कुमार रवि ने इस स्थिति को जनता की जान से खिलवाड़ बताया। उन्होंने कहा कि जोगा रेलवे फाटक पर वर्षों से फ्लाईओवर या अंडरपास के निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और संबंधित विभाग केवल कोरे आश्वासन देते रहे हैं। इस लापरवाही के कारण क्षेत्र की जनता को प्रतिदिन लंबा जाम झेलना पड़ता है, जिससे मरीजों को अस्पताल पहुँचने में देरी होती है और स्कूली बच्चों, किसानों, मजदूरों तथा आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। रवि ने चेतावनी दी कि यदि इस अव्यवस्था के कारण कोई बड़ा हादसा होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की होगी। अरविंद कुमार रवि ने रेलवे प्रशासन, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल जोगा रेलवे फाटक पर फ्लाईओवर या अंडरपास के निर्माण को स्वीकृति देने और फाटक की संचालन व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है, ताकि जनता को इस गंभीर समस्या से स्थायी राहत मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब जनता केवल वादे नहीं, बल्कि ज़मीन पर काम देखना चाहती है। यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।2