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गुमला के भरनो में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के छात्रावास में छात्रा प्रियंका कुमारी की खुदकुशी के मामले में ग्रामीणों और आदिवासी समाज के अगुवाओं ने तीखा विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने प्रियंका कुमारी के लिए न्याय की मांग को लेकर भरनो थाना गेट के पास एनएच 23 रांची-गुमला मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। सभी प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और न्याय की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। भरनो थाना के पास लगभग एक घंटे तक चले इस चक्का जाम को अधिकारियों से आश्वासन मिलने और एक लिखित आवेदन स्वीकार किए जाने के बाद हटा लिया गया। इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन सामान्य हो गया।
Hemant dubey
गुमला के भरनो में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के छात्रावास में छात्रा प्रियंका कुमारी की खुदकुशी के मामले में ग्रामीणों और आदिवासी समाज के अगुवाओं ने तीखा विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने प्रियंका कुमारी के लिए न्याय की मांग को लेकर भरनो थाना गेट के पास एनएच 23 रांची-गुमला मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। सभी प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और न्याय की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। भरनो थाना के पास लगभग एक घंटे तक चले इस चक्का जाम को अधिकारियों से आश्वासन मिलने और एक लिखित आवेदन स्वीकार किए जाने के बाद हटा लिया गया। इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन सामान्य हो गया।
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- डुमरी ग्राम स्थित आंगनबाड़ी केंद्र भवन की बदहाल व्यवस्था पहली ही बारिश में उजागर हो गई है। बारिश शुरू होते ही केंद्र की छत से पानी टपकने लगा, जिससे पूरा कमरा जलमग्न हो गया और बच्चों को बैठाकर पढ़ाना तो दूर, केंद्र का संचालन करना भी मुश्किल हो गया है। भवन की जर्जर हालत को देखते हुए आंगनबाड़ी सहायिका बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। सहायिका संपति देवी ने बताया कि केंद्र में 20 से अधिक बच्चे नामांकित हैं, लेकिन छत काफी जर्जर हो चुकी है और कई जगहों का प्लास्टर भी टूट चुका है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पानी को बाल्टी और अन्य बर्तनों में जमा करने के बावजूद पूरा कमरा पानी से भर जाता है, जिससे फर्श पर पानी फैलने के कारण बच्चों को बैठने में मुश्किल होती है। उन्होंने यह भी बताया कि भवन की मरम्मत अथवा नए भवन के निर्माण की मांग को लेकर संबंधित विभाग को कई बार लिखित और मौखिक रूप से जानकारी दी गई है, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई है। पिछले वर्ष भी बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने और प्लास्टर टूटकर गिरने के खतरे के बीच केंद्र का संचालन करना पड़ा था। इस वर्ष पहली ही बारिश में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। छत गिरने की आशंका के चलते बच्चों और अपनी सुरक्षा के लिए कई बार केंद्र की छुट्टी करनी पड़ती है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। आंगनबाड़ी सहायिका ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करने और भवन की मरम्मत या नए भवन की व्यवस्था करने की मांग की है, चेतावनी दी है कि समय रहते कार्रवाई न होने पर बरसात में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।1
- गुमला जिले के सिसई प्रखंड मुख्यालय स्थित सिसई लैम्पस में किसानों के लिए 50% सब्सिडी पर उन्नत किस्म के धान बीज का वितरण शुरू किया गया है। जनप्रतिनिधि जाकिर अली ने विधिवत फीता काटकर इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। लैम्पस के अध्यक्ष महादेव उरांव ने जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को इस बार (एनएसी) बायोसीड कंपनी का धान बीज दिया जा रहा है, जिसकी पैदावार अन्य बीजों की तुलना में दुगुना से भी अधिक है, जिससे किसानों को निश्चित रूप से अधिक लाभ मिलेगा। धान बीज प्राप्त करने के लिए किसानों को अपना आधार कार्ड की फोटोकॉपी और आधार से पंजीकृत मोबाइल नंबर लैम्पस में जमा करना होगा, ताकि ओटीपी संबंधी कोई परेशानी न हो। प्रत्येक किसान को एक आधार कार्ड पर अधिकतम 10 किलो बीज दिया जाएगा। पंसस जाकिर अली ने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में लैम्पस आकर इस उम्दा किस्म के धान बीज का लाभ उठाने की अपील की। हालांकि, पूर्व 20 सूत्री अध्यक्ष और जिला कांग्रेस महासचिव गंगा उरांव ने लैम्पस द्वारा धान बीज वितरण में हुए विलंब पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के हितों के प्रति सजग नहीं है, जिसके कारण इतने विलंब से बीज वितरण शुरू हुआ। इस देरी के चलते किसान अपनी खेती के लिए खाद-बीज निजी दुकानों या अन्य स्रोतों से औने-पौने दामों पर खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सिसई प्रखंड में कुल 18 लैम्पस हैं, जिनमें से केवल सिसई और लरंगों के दो लैम्पस ही सक्रिय हैं, जबकि शेष 16 निष्क्रिय पड़े हैं। गंगा उरांव ने सुझाव दिया कि यदि सभी लैम्पस को सक्रिय कर दिया जाए, तो किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध हो सकेगा, जिससे वे अपनी खेतीबाड़ी समय पर कर पाएंगे। गंगा उरांव ने दावा किया कि इन सभी ज्वलंत मुद्दों से बीते वर्ष ही कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक इस पर कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। इस स्थिति ने सरकार की भूमिका पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और किसानों के प्रति सरकार की जवाबदेही को 'बिल्कुल शून्य' बताया गया है। इस दौरान पूर्व सांसद प्रतिनिधि निरंजन सिंह, पंसस जाकिर अली, पूर्व 20 सूत्री अध्यक्ष सह जिला कांग्रेस महासचिव गंगा उरांव, झामुमो महिला मोर्चा अध्यक्ष नुसरत आरा, सीताराम सिंह, बसंत जयसवाल, लैम्पस अध्यक्ष महादेव उरांव, सचिव बंधन उरांव सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।4
- भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर गुमला जिले में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान की शुरुआत 30 जून से हो गई है। इसी क्रम में, उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी दिलेश्वर महत्तो ने गुमला सदर अंतर्गत विभिन्न मतदान केंद्रों, जिनमें मतदान केंद्र संख्या 153, 156, 160 और 162 शामिल हैं, का निरीक्षण कर एन्यूमरेशन कार्य और प्रारंभिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बीएलओ से अभियान की प्रगति की जानकारी ली। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्धता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने बीएलओ को यह भी निर्देशित किया कि वे प्रत्येक पात्र मतदाता तक अवश्य पहुँचें और सत्यापन कार्य के दौरान आवश्यक सावधानी एवं पारदर्शिता बनाए रखें। उपायुक्त महत्तो ने घोषणा की कि इस विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ को जिला स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा। उन्होंने इस अभियान को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया और सभी पदाधिकारियों तथा कर्मियों से आपसी समन्वय, जिम्मेदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आग्रह किया, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सही और अद्यतन रूप में दर्ज हो सके। उन्होंने जिले के नागरिकों से भी अपील की कि वे अभियान के दौरान निर्वाचन कर्मियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें और मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराएं, जिससे मतदाता सूची को और अधिक सटीक एवं अद्यतन बनाया जा सके। इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी गुमला, प्रखंड विकास पदाधिकारी गुमला, निर्वाचन कार्यालय के कर्मिगण सहित बीएलओ सुपरवाइजर भी उपस्थित रहे।3
- झारखंड के गुमला जिले के कुरूमगढ़ डरकाना स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। बताया गया है कि बरसात के दिनों में स्कूल के कमरों के अंदर पानी भर जाता है, जिसके कारण बच्चों को पढ़ने-लिखने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।1
- दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल को एक नया अध्यक्ष मिल गया है। इस महत्वपूर्ण नियुक्ति से क्षेत्र में सकारात्मक माहौल और खुशी का अनुभव किया जा रहा है।1
- झारखंड के लोहरदगा में एक ऐसी सड़क है जिसे 'विश्व का अजूबा रोड' कहा जाता है। इस खतरनाक सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं, जहाँ बाइक सवार अक्सर गिरते रहते हैं। इन लगातार हो रहे हादसों के कारण यहाँ लोगों की जान तक चली जाती है।1
- गुमला के भरनो में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के छात्रावास में छात्रा प्रियंका कुमारी की खुदकुशी के मामले में ग्रामीणों और आदिवासी समाज के अगुवाओं ने तीखा विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने प्रियंका कुमारी के लिए न्याय की मांग को लेकर भरनो थाना गेट के पास एनएच 23 रांची-गुमला मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। सभी प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और न्याय की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। भरनो थाना के पास लगभग एक घंटे तक चले इस चक्का जाम को अधिकारियों से आश्वासन मिलने और एक लिखित आवेदन स्वीकार किए जाने के बाद हटा लिया गया। इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन सामान्य हो गया।1
- झारखंड के गुमला जिले में बसिया थाना क्षेत्र के कालिगा ग्राम के पास एक भीषण सड़क हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस जोरदार टक्कर में स्कूटी सवार एक युवक का पैर बुरी तरह फ्रैक्चर हो गया है। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया। मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित दशरथ साहू अपने एक दोस्त के साथ स्कूटी पर सवार होकर सिसई सॉगड़ा स्थित अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान, कालिगा ग्राम के पास बसिया की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार डोमिनार मोटरसाइकिल ने लापरवाही से चलाते हुए विपरीत दिशा (रॉन्ग साइड) में जाकर उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। डोमिनार बाइक चालक की पहचान रोशन टेटे के रूप में हुई है, जो बसिया से अपने घर कोलेबिरा जा रहा था। इस हादसे में स्कूटी और बाइक पर सवार कुल तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें दशरथ साहू के एक पैर की हड्डी टूटकर बाहर निकल आई। अस्पताल में दर्द से कराहते हुए दशरथ साहू ने बताया कि वह पहले से ही अपंग थे और उनका एक पैर खराब था, और अब इस हादसे में उनका दूसरा पैर भी टूट गया है। उन्होंने अपनी आगे की जिंदगी को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वे कितनी मुश्किलों का सामना करेंगे। दुर्घटना के बाद ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई जिन्होंने घायलों को बसिया रेफरल अस्पताल पहुँचाया। प्राथमिक उपचार के बाद, डॉक्टरों ने दो घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल रेफर कर दिया है। पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और मामले की जांच की जा रही है।2