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झारखंड के गुमला जिले के कुरूमगढ़ डरकाना स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। बताया गया है कि बरसात के दिनों में स्कूल के कमरों के अंदर पानी भर जाता है, जिसके कारण बच्चों को पढ़ने-लिखने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
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झारखंड के गुमला जिले के कुरूमगढ़ डरकाना स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। बताया गया है कि बरसात के दिनों में स्कूल के कमरों के अंदर पानी भर जाता है, जिसके कारण बच्चों को पढ़ने-लिखने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
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- झारखंड के गुमला जिले के कुरूमगढ़ डरकाना स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। बताया गया है कि बरसात के दिनों में स्कूल के कमरों के अंदर पानी भर जाता है, जिसके कारण बच्चों को पढ़ने-लिखने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।1
- सड़कों पर क्षमता से अधिक भार लेकर दौड़ रही गाड़ियाँ लगातार दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा रही हैं। यह स्थिति चिंताजनक है, जिसके कारण हादसों की आशंका में वृद्धि हुई है।1
- झारखंड के लोहरदगा में एक ऐसी सड़क है जिसे 'विश्व का अजूबा रोड' कहा जाता है। इस खतरनाक सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं, जहाँ बाइक सवार अक्सर गिरते रहते हैं। इन लगातार हो रहे हादसों के कारण यहाँ लोगों की जान तक चली जाती है।1
- गुमला के डुमरी प्रखंड में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने किसानों के चेहरों पर खुशी लौटा दी है। पर्याप्त वर्षा होने के कारण खेतों में नमी आ गई है, जिससे खरीफ फसलों की खेती के लिए अनुकूल माहौल बन गया है। बुधवार सुबह मिली जानकारी के अनुसार, बारिश के बाद बड़ी संख्या में किसान हल, बैल और कृषि यंत्रों के साथ अपने खेतों में जुताई का कार्य शुरू करने में जुट गए हैं। लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों का कहना है कि समय पर हुई इस वर्षा से धान की खेती को बड़ा लाभ मिलेगा। खेतों में जुताई शुरू होने के साथ ही बीज की तैयारी और रोपाई की योजनाओं ने भी गति पकड़ ली है। गांवों में सुबह से ही खेतों की ओर जाते किसानों की चहल-पहल देखने को मिल रही है। किसानों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह संतुलित बारिश होती रही तो इस वर्ष अच्छी पैदावार की उम्मीद है। इस बारिश ने न केवल खेतों में नई जान फूंकी है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी का उत्साह भी बढ़ा दिया है। पूरे क्षेत्र में खेती के अनुकूल वातावरण बनने से किसान बेहतर उत्पादन की उम्मीद के साथ खरीफ मौसम की तैयारियों में जुट गए हैं।1
- चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश का असर अब जनजीवन पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बुधवार शाम करीब छह बजे चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चैनपुर-महुआडांड़ मुख्य मार्ग पर कुदाई नदी के समीप एक विशालकाय जामुन का पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। इस घटना के कारण मुख्य मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया, जिससे सड़क के दोनों ओर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों व वाहन चालकों को घंटों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना किसी देरी के स्वयं पेड़ हटाने के काम में जुट गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत करते हुए जामुन के पेड़ की डालियों को काटकर सड़क के किनारे किया, जिसके बाद मार्ग से अवरोध हटाया जा सका। ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से कुछ ही समय में आवागमन फिर से सामान्य हो गया। मार्ग खुलने के बाद जाम में फंसे सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों ने राहत की सांस ली और अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने ग्रामीणों की इस तत्परता और सहयोग भावना की जमकर सराहना की। लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र में मिट्टी ढीली होने से पेड़ों के गिरने की आशंका बढ़ गई है, ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों ने वाहन चालकों से बारिश के दौरान सावधानीपूर्वक यात्रा करने और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।1