चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश का असर अब जनजीवन पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बुधवार शाम करीब छह बजे चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चैनपुर-महुआडांड़ मुख्य मार्ग पर कुदाई नदी के समीप एक विशालकाय जामुन का पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। इस घटना के कारण मुख्य मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया, जिससे सड़क के दोनों ओर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों व वाहन चालकों को घंटों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना किसी देरी के स्वयं पेड़ हटाने के काम में जुट गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत करते हुए जामुन के पेड़ की डालियों को काटकर सड़क के किनारे किया, जिसके बाद मार्ग से अवरोध हटाया जा सका। ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से कुछ ही समय में आवागमन फिर से सामान्य हो गया। मार्ग खुलने के बाद जाम में फंसे सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों ने राहत की सांस ली और अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने ग्रामीणों की इस तत्परता और सहयोग भावना की जमकर सराहना की। लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र में मिट्टी ढीली होने से पेड़ों के गिरने की आशंका बढ़ गई है, ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों ने वाहन चालकों से बारिश के दौरान सावधानीपूर्वक यात्रा करने और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश का असर अब जनजीवन पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बुधवार शाम करीब छह बजे चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चैनपुर-महुआडांड़ मुख्य मार्ग पर कुदाई नदी के समीप एक विशालकाय जामुन का पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। इस घटना के कारण मुख्य मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया, जिससे सड़क के दोनों ओर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों व वाहन चालकों को घंटों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना किसी देरी के स्वयं पेड़ हटाने के काम में जुट गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत करते हुए जामुन के पेड़ की डालियों को काटकर सड़क के किनारे किया, जिसके बाद मार्ग से अवरोध हटाया जा सका। ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से कुछ ही समय में आवागमन फिर से सामान्य हो गया। मार्ग खुलने के बाद जाम में फंसे सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों ने राहत की सांस ली और अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने ग्रामीणों की इस तत्परता और सहयोग भावना की जमकर सराहना की। लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र में मिट्टी ढीली होने से पेड़ों के गिरने की आशंका बढ़ गई है, ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों ने वाहन चालकों से बारिश के दौरान सावधानीपूर्वक यात्रा करने और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
- सिमडेगा प्रखंड के गरजा पंचायत अंतर्गत डांड़टोली से सोगड़ा जाने वाले पालामड़ा नदी के समीप ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की अनदेखी से नाराज होकर एकजुटता की मिसाल पेश की है। उन्होंने आपस में चंदा एकत्र कर और श्रमदान के माध्यम से लगभग 600 मीटर लंबी कच्ची सड़क का निर्माण किया है। ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क गरजा-सोगड़ा होते हुए पाकरटांड़ प्रखंड को जोड़ने वाला एक मुख्य मार्ग है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण स्कूली विद्यार्थियों, किसानों और मरीजों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, खासकर बारिश के दिनों में तो स्थिति और भी गंभीर हो जाती थी, जिससे लोगों का आवागमन लगभग ठप हो जाता था। ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित कराया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। समस्या का समाधान न होने पर ग्रामीणों ने स्वयं चंदा जुटाकर सड़क निर्माण का निर्णय लिया, और यह सड़क किसी सरकारी फंड या योजना से नहीं, बल्कि गांव के लोगों के सहयोग और श्रमदान से तैयार की जा रही है। गौरतलब है कि यह सड़क सिमडेगा विधायक और जिला परिषद सदस्य के आवास से मात्र करीब 2.5 किलोमीटर की दूरी पर है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जब जनता को अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए खुद सड़क बनाने पर मजबूर होना पड़े, तो यह व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की घोर विफलता को दर्शाता है।1
- सांप के काटने की स्थिति में लोगों को स्पष्ट रूप से सलाह दी गई है कि वे किसी भी तांत्रिक, ओझा या भगत के चक्कर में न पड़ें। यह संदेश बार-बार दोहराया गया है कि ऐसे मामलों में तत्काल किसी भी पारंपरिक उपचारकर्ता के पास जाने से बचना चाहिए। इसके बजाय, सांप के काटने पर सीधे और तुरंत अस्पताल जाकर चिकित्सा सहायता प्राप्त करना ही प्राथमिकता होनी चाहिए।1
- लातेहार जिले के महुआडार प्रखंड की चंपा पंचायत में स्थित ग्वालखाड़ गाँव मूलभूत सुविधाओं और भोजन के अभाव से जूझ रहा है। चंपा पंचायत की मुखिया सुषमा कुजूर ने बुधवार शाम 4 बजे बताया कि प्राकृतिक की गोद में बसे इस गाँव की इतनी दयनीय स्थिति है कि नक्सलियों ने भी कभी यहाँ पनाह नहीं ली। उन्होंने यह भी बताया कि ग्वालखाड़ गाँव तक पहुँचने के लिए न तो कोई सुगम रास्ता है और न ही यहाँ किसी भी विकास कार्य की आधारशिला रखी गई है।1
- लातेहार के उपायुक्त संदीप कुमार ने शनिवार को मॉर्डन महिला कॉलेज का निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त ने कॉलेज परिसर की विभिन्न व्यवस्थाओं और उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि कॉलेज का बुनियादी ढाँचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) काफी अच्छा है, लेकिन यहाँ पानी और बिजली सहित कुछ अन्य मूलभूत सुविधाओं की समस्याएँ मौजूद हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और आश्वासन दिया कि इन मुद्दों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि कॉलेज में आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाएगा और सभी मूलभूत समस्याओं का जल्द निराकरण किया जाएगा, ताकि छात्राओं को एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।1
- लातेहार नगर पंचायत क्षेत्र के चंदनडीह वार्ड संख्या 14 में नालियों के जाम होने से स्थानीय निवासियों की परेशानी काफी बढ़ गई है। जल निकासी पूरी तरह बाधित होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है और कई घरों में प्रवेश कर रहा है, जिससे हालात बिगड़ गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से नालियों की सफाई न होने के कारण यह गंभीर समस्या उत्पन्न हुई है, और लगातार हो रही बारिश ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया है। इस जलजमाव और गंदगी के कारण महिलाओं, बच्चों तथा बुजुर्गों को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बदबू और गंदे पानी के जमाव से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी काफी बढ़ गया है। ग्रामीणों में इस स्थिति को लेकर गहरी नाराजगी है, और उन्होंने नगर पंचायत से तत्काल नालियों की सफाई कराने के साथ-साथ इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।1
- सरगुजा के मैनपाट में सीएमडीसी की प्रस्तावित बॉक्साइट खनन परियोजना को लेकर आयोजित जनसुनवाई में स्थानीय ग्रामीणों ने भारी विरोध दर्ज कराया। मैनपाट, कमलेश्वरपुर और रोपाखार क्षेत्र के लोगों ने परियोजना पर अपनी आपत्तियां उठाते हुए खनन के खिलाफ प्रशासनिक और सीएमडीसी अधिकारियों के सामने जमकर नारे लगाए। बुधवार को हुई इस जनसुनवाई के दौरान करीब 147 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित खनन के खिलाफ 7 लोगों ने लिखित और 53 लोगों ने मौखिक रूप से, कुल 60 लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराईं। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि खनन से पर्यावरण, जलस्रोत, वन क्षेत्र और स्थानीय जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने एक स्वर में कहा कि बॉक्साइट माइंस खुलने से उनकी जल, जंगल व जमीन को खतरा है और कंपनी सिर्फ बॉक्साइट खोदकर चली जाएगी, जिससे इलाके का विकास नहीं होगा। यह भी बताया गया कि मैनपाट के रोपाखार, कमलेश्वरपुर, सरभंजा व लुरैना पथरई में सीएमडीसी को बॉक्साइट खनन के लिए लीज पर भूमि मिली है और पूर्व में भी हुई जनसुनवाई का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध करते हुए टेंट-पंडाल उखाड़ दिए थे। जनसुनवाई में मौजूद अपर कलेक्टर सुनील कुमार नायक ने बताया कि इस सुनवाई का उद्देश्य प्रस्तावित परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन करना है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्राप्त सभी आपत्तियों और सुझावों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा तथा नियमानुसार सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। नायक ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल खनन शुरू होने का कोई निर्णय नहीं हुआ है। वहीं, सीएमडीसी के रायपुर से आए अधिकारी ने कहा कि परियोजना की पूरी जानकारी लोगों तक नहीं पहुंचने के कारण विरोध की स्थिति बनी है और वे लोगों को परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी उपलब्ध कराएंगे।1
- छत्तीसगढ़ के शिमला कहे जाने वाले मैनपाट में जनसुनवाई के दौरान विधायक रामकुमार टोप्पो ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।1
- यह प्रश्न सामने आया है कि आखिर ऐसी क्या घटना हुई, जिसके कारण विधायक मैडम को स्वयं अपनी नेम प्लेट हटानी पड़ी।2
- लातेहार जिले के मनिका प्रखंड की सभी पंचायतों में 29 जुलाई से 4 अगस्त तक ड्राइविंग लाइसेंस कैंप का आयोजन किया जाएगा। यह कैंप मनिका के हर पंचायत में लगाया जाएगा।1