logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

यह प्रश्न सामने आया है कि आखिर ऐसी क्या घटना हुई, जिसके कारण विधायक मैडम को स्वयं अपनी नेम प्लेट हटानी पड़ी।

15 hrs ago
user_Vijay Singh
Vijay Singh
बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
15 hrs ago

यह प्रश्न सामने आया है कि आखिर ऐसी क्या घटना हुई, जिसके कारण विधायक मैडम को स्वयं अपनी नेम प्लेट हटानी पड़ी।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • यह प्रश्न सामने आया है कि आखिर ऐसी क्या घटना हुई, जिसके कारण विधायक मैडम को स्वयं अपनी नेम प्लेट हटानी पड़ी।
    2
    यह प्रश्न सामने आया है कि आखिर ऐसी क्या घटना हुई, जिसके कारण विधायक मैडम को स्वयं अपनी नेम प्लेट हटानी पड़ी।
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी में किसानों ने समिति प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि उन्हें खराब और पुरानी खाद वितरित की जा रही है। किसानों के अनुसार, पहले समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो रही थी, और अब जब खाद का वितरण शुरू हुआ है, तो जो खाद दी जा रही है वह लंबे समय से रखी होने के कारण पूरी तरह से ढेलेनुमा हो गई है। किसानों का आरोप है कि इस खराब गुणवत्ता वाली खाद से फसलों को अपेक्षित लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि इसकी गुणवत्ता पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। किसानों ने बताया कि जब वे खाद के बैग खोलते हैं, तो उसमें अधिकांश खाद बड़े-बड़े ढेलों के रूप में जमी हुई मिलती है। उनका दावा है कि समिति के कर्मचारी उन्हें यही खराब खाद लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। जब किसानों ने इस खराब खाद को लेने से इनकार किया और अच्छी गुणवत्ता वाली खाद की मांग की, तो उनकी बात नहीं सुनी गई। आरोप है कि अघोषित प्रभारी प्रबंधक ने साफ शब्दों में कह दिया कि "लेना है तो लो, नहीं तो मत लो।" किसानों की शिकायतों को गंभीरता से न लिए जाने और उन्हें मजबूरी में खराब खाद लेने के लिए विवश किए जाने से उनमें भारी नाराजगी है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल मांग की है कि समिति में उपलब्ध खाद की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जांच में खाद खराब पाई जाती है तो किसानों को तत्काल अच्छी गुणवत्ता की खाद उपलब्ध कराई जाए, अन्यथा उनकी समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
    1
    बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी में किसानों ने समिति प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि उन्हें खराब और पुरानी खाद वितरित की जा रही है। किसानों के अनुसार, पहले समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो रही थी, और अब जब खाद का वितरण शुरू हुआ है, तो जो खाद दी जा रही है वह लंबे समय से रखी होने के कारण पूरी तरह से ढेलेनुमा हो गई है। किसानों का आरोप है कि इस खराब गुणवत्ता वाली खाद से फसलों को अपेक्षित लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि इसकी गुणवत्ता पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है।

किसानों ने बताया कि जब वे खाद के बैग खोलते हैं, तो उसमें अधिकांश खाद बड़े-बड़े ढेलों के रूप में जमी हुई मिलती है। उनका दावा है कि समिति के कर्मचारी उन्हें यही खराब खाद लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। जब किसानों ने इस खराब खाद को लेने से इनकार किया और अच्छी गुणवत्ता वाली खाद की मांग की, तो उनकी बात नहीं सुनी गई। आरोप है कि अघोषित प्रभारी प्रबंधक ने साफ शब्दों में कह दिया कि "लेना है तो लो, नहीं तो मत लो।" किसानों की शिकायतों को गंभीरता से न लिए जाने और उन्हें मजबूरी में खराब खाद लेने के लिए विवश किए जाने से उनमें भारी नाराजगी है।

किसानों ने प्रशासन से तत्काल मांग की है कि समिति में उपलब्ध खाद की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जांच में खाद खराब पाई जाती है तो किसानों को तत्काल अच्छी गुणवत्ता की खाद उपलब्ध कराई जाए, अन्यथा उनकी समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • आज बुधवार सुबह सात बजे रंका प्रखंड के बाहारा पंचायत में तेली समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता तेली समाज के अध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद गुप्ता और संरक्षक पंकज गुप्ता ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज के विकास, संगठन को मजबूत बनाने और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा करना था। बैठक में वक्ताओं ने समाज में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया, यह कहते हुए कि बच्चों और युवाओं को बेहतर शिक्षा देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके साथ ही, दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई को पूरी तरह समाप्त कर एक दहेज मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया गया। यह भी निर्णय लिया गया कि तेली साहू समाज की मासिक बैठकें अब प्रत्येक माह नियमित रूप से होंगी, ताकि समाज से जुड़े मुद्दों पर समय-समय पर विचार-विमर्श करके आवश्यक निर्णय लिए जा सकें। समाज के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक आर्थिक फंड के गठन और उसे विधिवत स्वीकृति दिलाने पर भी सहमति बनी। सदस्यों ने विवाह, मृत्यु और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा प्रखंड, जिला और प्रदेश स्तर पर आयोजित समाज के कार्यक्रमों में सहभागिता सुनिश्चित करने का भी फैसला किया। धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में बुजुर्गों के मार्गदर्शन में समाज की भागीदारी बढ़ाने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने पर भी बल दिया गया। राजनीतिक क्षेत्र में समाज की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने, विभिन्न जनप्रतिनिधि पदों पर प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने और पंचायत स्तरीय चुनाव सहित अन्य चुनावों में आपसी एकता के साथ योग्य उम्मीदवारों का सहयोग करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अंत में, सभी सदस्यों ने समाज की एकता, संगठन और सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
    1
    आज बुधवार सुबह सात बजे रंका प्रखंड के बाहारा पंचायत में तेली समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता तेली समाज के अध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद गुप्ता और संरक्षक पंकज गुप्ता ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज के विकास, संगठन को मजबूत बनाने और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा करना था।

बैठक में वक्ताओं ने समाज में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया, यह कहते हुए कि बच्चों और युवाओं को बेहतर शिक्षा देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके साथ ही, दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई को पूरी तरह समाप्त कर एक दहेज मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया गया।

यह भी निर्णय लिया गया कि तेली साहू समाज की मासिक बैठकें अब प्रत्येक माह नियमित रूप से होंगी, ताकि समाज से जुड़े मुद्दों पर समय-समय पर विचार-विमर्श करके आवश्यक निर्णय लिए जा सकें। समाज के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक आर्थिक फंड के गठन और उसे विधिवत स्वीकृति दिलाने पर भी सहमति बनी। सदस्यों ने विवाह, मृत्यु और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा प्रखंड, जिला और प्रदेश स्तर पर आयोजित समाज के कार्यक्रमों में सहभागिता सुनिश्चित करने का भी फैसला किया। धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में बुजुर्गों के मार्गदर्शन में समाज की भागीदारी बढ़ाने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने पर भी बल दिया गया।

राजनीतिक क्षेत्र में समाज की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने, विभिन्न जनप्रतिनिधि पदों पर प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने और पंचायत स्तरीय चुनाव सहित अन्य चुनावों में आपसी एकता के साथ योग्य उम्मीदवारों का सहयोग करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अंत में, सभी सदस्यों ने समाज की एकता, संगठन और सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    15 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और हिमाचल प्रदेश के शिमला (संजौली) जैसे स्थानों पर हाल ही में स्थानीय निवासियों और पुलिस प्रशासन के बीच विवाद और विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं। अक्सर ऐसे स्थानों पर स्थानीय समस्याओं, सड़क हादसों या अतिक्रमण हटाने जैसी घटनाओं के दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए जाते हैं। हालांकि, किसी भी सटीक घटना का स्थान और कारण उस घटना के समय और संदर्भ पर निर्भर करता है। पुलिस प्रशासन को लेकर इस तरह के नारे आमतौर पर तब उपयोग किए जाते हैं जब स्थानीय लोग किसी कार्रवाई या लापरवाही से नाराज होते हैं। इस तरह की घटना की सटीक जानकारी के लिए घटना की तारीख, राज्य या उससे जुड़े किसी विशिष्ट मुद्दे (जैसे सड़क हादसा, अतिक्रमण या अन्य विवाद) का नाम आवश्यक है। बता दें कि मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश राज्य का एक शहर है, जिसकी स्थापना 1600 ईस्वी में मुगल सम्राट शाहजहां के पुत्र मुराद द्वारा की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप इस शहर को मुरादाबाद के नाम से जाना जाता है। इसी बीच, जानकारी मिली है कि एक 'छका के ग्रुप' ने प्रशासन की अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं और 'हमारी माँगें पूरी हों' का उद्घोष किया है।
    4
    उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और हिमाचल प्रदेश के शिमला (संजौली) जैसे स्थानों पर हाल ही में स्थानीय निवासियों और पुलिस प्रशासन के बीच विवाद और विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं। अक्सर ऐसे स्थानों पर स्थानीय समस्याओं, सड़क हादसों या अतिक्रमण हटाने जैसी घटनाओं के दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए जाते हैं। हालांकि, किसी भी सटीक घटना का स्थान और कारण उस घटना के समय और संदर्भ पर निर्भर करता है।

पुलिस प्रशासन को लेकर इस तरह के नारे आमतौर पर तब उपयोग किए जाते हैं जब स्थानीय लोग किसी कार्रवाई या लापरवाही से नाराज होते हैं। इस तरह की घटना की सटीक जानकारी के लिए घटना की तारीख, राज्य या उससे जुड़े किसी विशिष्ट मुद्दे (जैसे सड़क हादसा, अतिक्रमण या अन्य विवाद) का नाम आवश्यक है।

बता दें कि मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश राज्य का एक शहर है, जिसकी स्थापना 1600 ईस्वी में मुगल सम्राट शाहजहां के पुत्र मुराद द्वारा की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप इस शहर को मुरादाबाद के नाम से जाना जाता है। इसी बीच, जानकारी मिली है कि एक 'छका के ग्रुप' ने प्रशासन की अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं और 'हमारी माँगें पूरी हों' का उद्घोष किया है।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंबिकापुर में आयोजित दो दिवसीय 'रामगढ़ महोत्सव' के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रामगढ़ की ऐतिहासिक और पौराणिक भूमि को नमन करते हुए प्रदेश के विकास और संस्कृति संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने यह महत्वपूर्ण दावा भी किया कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब कोई मुख्यमंत्री इस पावन स्थल और रामगढ़ महोत्सव में पहुँचा है। अपने दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक 'सीता बेंगरा' और 'जोगीमारा' गुफाओं का भ्रमण किया और उनके पुरातात्विक महत्व को करीब से समझा। उन्होंने रामगढ़ के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि त्रेतायुग में प्रभु श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने अपने वनवास काल का कुछ समय इस पावन भूमि पर व्यतीत किया था, जिसे उन्होंने अत्यंत सौभाग्य की बात कहा। मुख्यमंत्री साय ने समस्त क्षेत्रवासियों को रामगढ़ महोत्सव की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का आह्वान भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "रामगढ़ की यह धरती प्रभु श्री राम के चरणों से पवित्र हुई है। यहाँ की ऐतिहासिक गुफाओं और पौराणिक गाथाओं को विश्व पटल पर पहचान दिलाना हमारी प्राथमिकता है। इस महोत्सव में आना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है।" मुख्यमंत्री के इस दौरे को क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा देने और स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
    1
    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंबिकापुर में आयोजित दो दिवसीय 'रामगढ़ महोत्सव' के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रामगढ़ की ऐतिहासिक और पौराणिक भूमि को नमन करते हुए प्रदेश के विकास और संस्कृति संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने यह महत्वपूर्ण दावा भी किया कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब कोई मुख्यमंत्री इस पावन स्थल और रामगढ़ महोत्सव में पहुँचा है।

अपने दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक 'सीता बेंगरा' और 'जोगीमारा' गुफाओं का भ्रमण किया और उनके पुरातात्विक महत्व को करीब से समझा। उन्होंने रामगढ़ के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि त्रेतायुग में प्रभु श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने अपने वनवास काल का कुछ समय इस पावन भूमि पर व्यतीत किया था, जिसे उन्होंने अत्यंत सौभाग्य की बात कहा। मुख्यमंत्री साय ने समस्त क्षेत्रवासियों को रामगढ़ महोत्सव की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का आह्वान भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "रामगढ़ की यह धरती प्रभु श्री राम के चरणों से पवित्र हुई है। यहाँ की ऐतिहासिक गुफाओं और पौराणिक गाथाओं को विश्व पटल पर पहचान दिलाना हमारी प्राथमिकता है। इस महोत्सव में आना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है।"

मुख्यमंत्री के इस दौरे को क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा देने और स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
    user_प्रदेश उजाला
    प्रदेश उजाला
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • गढ़वा जिले में सुनील चौधरी की मौत के मामले की जांच में अब तेजी लाई गई है। इस घटनाक्रम में परिजनों ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है।
    1
    गढ़वा जिले में सुनील चौधरी की मौत के मामले की जांच में अब तेजी लाई गई है। इस घटनाक्रम में परिजनों ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है।
    user_SAMACHAR TV GLOBAL
    SAMACHAR TV GLOBAL
    गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    15 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश पुलिस ने श्री राम मंदिर में चढ़ावे और दान की चोरी के मामले में दर्ज प्राथमिकी में 8 लोगों के नाम शामिल किए हैं, जिन पर पैसे चुराने का आरोप है। पुलिस ने इन सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, लवकुश मिश्रा, अनिकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, राम शंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव हैं। चोरी का तरीका यह था कि इन आरोपियों को मंदिर में आने वाले नकद दान और कीमती सामानों की गिनती का काम सौंपा गया था। टिन्नू यादव के पास काउंटिंग रूम की चाबी होती थी, और आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर इन लोगों ने बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से दान की रकम में बड़ी हेराफेरी की। जांच के दौरान, पुलिस ने आरोपियों के घरों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में नकदी भी बरामद की है। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब एक ओर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी के विचार, भाव, और सच्चे कर्म निष्ठा एक पहचान बनाते हैं, वहीं दूसरी ओर इसी भारत देश में श्री राम भगवान के नाम की राशि को चोरी कर लिया गया।
    3
    उत्तर प्रदेश पुलिस ने श्री राम मंदिर में चढ़ावे और दान की चोरी के मामले में दर्ज प्राथमिकी में 8 लोगों के नाम शामिल किए हैं, जिन पर पैसे चुराने का आरोप है। पुलिस ने इन सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, लवकुश मिश्रा, अनिकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, राम शंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव हैं।

चोरी का तरीका यह था कि इन आरोपियों को मंदिर में आने वाले नकद दान और कीमती सामानों की गिनती का काम सौंपा गया था। टिन्नू यादव के पास काउंटिंग रूम की चाबी होती थी, और आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर इन लोगों ने बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से दान की रकम में बड़ी हेराफेरी की।

जांच के दौरान, पुलिस ने आरोपियों के घरों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में नकदी भी बरामद की है। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब एक ओर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी के विचार, भाव, और सच्चे कर्म निष्ठा एक पहचान बनाते हैं, वहीं दूसरी ओर इसी भारत देश में श्री राम भगवान के नाम की राशि को चोरी कर लिया गया।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    11 hrs ago
  • गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र अंतर्गत चिनिया–कदवा मुख्य सड़क पर स्थित छतैलिया गांव में बुधवार शाम करीब 6 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में चिखुरा पत्थर टोला, चिनिया मुख्यालय निवासी 45 वर्षीय मुन्ना कोरवा अपनी टीवीएस मोपेड से बिजली सब स्टेशन के समीप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बिजली के पोल से जा टकराए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मुन्ना कोरवा कदवा रोड से अपने घर लौट रहे थे, तभी बिजली सब स्टेशन के पास उनकी मोपेड अचानक अनियंत्रित हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह सड़क पर गिर पड़े। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने मानवता दिखाते हुए घायल को संभाला और एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस पहुंचने के बाद, ग्रामीणों की मदद से घायल मुन्ना कोरवा को चिनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहाँ यह बताया गया कि दोपहर 3 बजे के बाद चिकित्सक उपलब्ध नहीं थे, जिसके चलते एंबुलेंस में मौजूद दोनों एएनएम ने घायल का प्राथमिक उपचार किया। गंभीर स्थिति को देखते हुए, प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के बाद, क्षेत्र के लोगों ने सड़क सुरक्षा बढ़ाने और स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि डॉक्टर समय पर मौजूद होते, तो घायल को तत्काल बेहतर चिकित्सकीय सुविधा मिल सकती थी।
    1
    गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र अंतर्गत चिनिया–कदवा मुख्य सड़क पर स्थित छतैलिया गांव में बुधवार शाम करीब 6 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में चिखुरा पत्थर टोला, चिनिया मुख्यालय निवासी 45 वर्षीय मुन्ना कोरवा अपनी टीवीएस मोपेड से बिजली सब स्टेशन के समीप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बिजली के पोल से जा टकराए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मुन्ना कोरवा कदवा रोड से अपने घर लौट रहे थे, तभी बिजली सब स्टेशन के पास उनकी मोपेड अचानक अनियंत्रित हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह सड़क पर गिर पड़े। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने मानवता दिखाते हुए घायल को संभाला और एंबुलेंस को सूचना दी।

एंबुलेंस पहुंचने के बाद, ग्रामीणों की मदद से घायल मुन्ना कोरवा को चिनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहाँ यह बताया गया कि दोपहर 3 बजे के बाद चिकित्सक उपलब्ध नहीं थे, जिसके चलते एंबुलेंस में मौजूद दोनों एएनएम ने घायल का प्राथमिक उपचार किया। गंभीर स्थिति को देखते हुए, प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के बाद, क्षेत्र के लोगों ने सड़क सुरक्षा बढ़ाने और स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि डॉक्टर समय पर मौजूद होते, तो घायल को तत्काल बेहतर चिकित्सकीय सुविधा मिल सकती थी।
    user_Hemant Kumar
    Hemant Kumar
    चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    14 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.