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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंबिकापुर में आयोजित दो दिवसीय 'रामगढ़ महोत्सव' के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रामगढ़ की ऐतिहासिक और पौराणिक भूमि को नमन करते हुए प्रदेश के विकास और संस्कृति संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने यह महत्वपूर्ण दावा भी किया कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब कोई मुख्यमंत्री इस पावन स्थल और रामगढ़ महोत्सव में पहुँचा है। अपने दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक 'सीता बेंगरा' और 'जोगीमारा' गुफाओं का भ्रमण किया और उनके पुरातात्विक महत्व को करीब से समझा। उन्होंने रामगढ़ के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि त्रेतायुग में प्रभु श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने अपने वनवास काल का कुछ समय इस पावन भूमि पर व्यतीत किया था, जिसे उन्होंने अत्यंत सौभाग्य की बात कहा। मुख्यमंत्री साय ने समस्त क्षेत्रवासियों को रामगढ़ महोत्सव की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का आह्वान भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "रामगढ़ की यह धरती प्रभु श्री राम के चरणों से पवित्र हुई है। यहाँ की ऐतिहासिक गुफाओं और पौराणिक गाथाओं को विश्व पटल पर पहचान दिलाना हमारी प्राथमिकता है। इस महोत्सव में आना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है।" मुख्यमंत्री के इस दौरे को क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा देने और स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

13 hrs ago
user_प्रदेश उजाला
प्रदेश उजाला
अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
13 hrs ago

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंबिकापुर में आयोजित दो दिवसीय 'रामगढ़ महोत्सव' के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रामगढ़ की ऐतिहासिक और पौराणिक भूमि को नमन करते हुए प्रदेश के विकास और संस्कृति संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने यह महत्वपूर्ण दावा भी किया कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब कोई मुख्यमंत्री इस पावन स्थल और रामगढ़ महोत्सव में पहुँचा है। अपने दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक 'सीता बेंगरा' और 'जोगीमारा' गुफाओं का भ्रमण किया और उनके पुरातात्विक महत्व को करीब से समझा। उन्होंने रामगढ़ के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि त्रेतायुग में प्रभु श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने अपने वनवास काल का कुछ समय इस पावन भूमि पर व्यतीत किया था, जिसे उन्होंने अत्यंत सौभाग्य की बात कहा। मुख्यमंत्री साय ने समस्त क्षेत्रवासियों को रामगढ़ महोत्सव की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का आह्वान भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "रामगढ़ की यह धरती प्रभु श्री राम के चरणों से पवित्र हुई है। यहाँ की ऐतिहासिक गुफाओं और पौराणिक गाथाओं को विश्व पटल पर पहचान दिलाना हमारी प्राथमिकता है। इस महोत्सव में आना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है।" मुख्यमंत्री के इस दौरे को क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा देने और स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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  • छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंबिकापुर में आयोजित दो दिवसीय 'रामगढ़ महोत्सव' के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रामगढ़ की ऐतिहासिक और पौराणिक भूमि को नमन करते हुए प्रदेश के विकास और संस्कृति संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने यह महत्वपूर्ण दावा भी किया कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब कोई मुख्यमंत्री इस पावन स्थल और रामगढ़ महोत्सव में पहुँचा है। अपने दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक 'सीता बेंगरा' और 'जोगीमारा' गुफाओं का भ्रमण किया और उनके पुरातात्विक महत्व को करीब से समझा। उन्होंने रामगढ़ के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि त्रेतायुग में प्रभु श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने अपने वनवास काल का कुछ समय इस पावन भूमि पर व्यतीत किया था, जिसे उन्होंने अत्यंत सौभाग्य की बात कहा। मुख्यमंत्री साय ने समस्त क्षेत्रवासियों को रामगढ़ महोत्सव की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का आह्वान भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "रामगढ़ की यह धरती प्रभु श्री राम के चरणों से पवित्र हुई है। यहाँ की ऐतिहासिक गुफाओं और पौराणिक गाथाओं को विश्व पटल पर पहचान दिलाना हमारी प्राथमिकता है। इस महोत्सव में आना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है।" मुख्यमंत्री के इस दौरे को क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा देने और स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
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    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंबिकापुर में आयोजित दो दिवसीय 'रामगढ़ महोत्सव' के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रामगढ़ की ऐतिहासिक और पौराणिक भूमि को नमन करते हुए प्रदेश के विकास और संस्कृति संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने यह महत्वपूर्ण दावा भी किया कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब कोई मुख्यमंत्री इस पावन स्थल और रामगढ़ महोत्सव में पहुँचा है।

अपने दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक 'सीता बेंगरा' और 'जोगीमारा' गुफाओं का भ्रमण किया और उनके पुरातात्विक महत्व को करीब से समझा। उन्होंने रामगढ़ के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि त्रेतायुग में प्रभु श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने अपने वनवास काल का कुछ समय इस पावन भूमि पर व्यतीत किया था, जिसे उन्होंने अत्यंत सौभाग्य की बात कहा। मुख्यमंत्री साय ने समस्त क्षेत्रवासियों को रामगढ़ महोत्सव की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का आह्वान भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "रामगढ़ की यह धरती प्रभु श्री राम के चरणों से पवित्र हुई है। यहाँ की ऐतिहासिक गुफाओं और पौराणिक गाथाओं को विश्व पटल पर पहचान दिलाना हमारी प्राथमिकता है। इस महोत्सव में आना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है।"

मुख्यमंत्री के इस दौरे को क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा देने और स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
    user_प्रदेश उजाला
    प्रदेश उजाला
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • ग्राम पंचायत नरधा में 24 जून को आयोजित ग्राम सभा की बैठक में आम जनता ने दारू भट्टी खोलने की मांग की है। इस बैठक के प्रस्ताव में शासन से दारू भट्टी की इस मांग को बाकायदा शामिल कर लिया गया है।
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    ग्राम पंचायत नरधा में 24 जून को आयोजित ग्राम सभा की बैठक में आम जनता ने दारू भट्टी खोलने की मांग की है। इस बैठक के प्रस्ताव में शासन से दारू भट्टी की इस मांग को बाकायदा शामिल कर लिया गया है।
    user_SURGUJA TIMES
    SURGUJA TIMES
    Digital News & Media Agency अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • सरगुजा के मैनपाट में सीएमडीसी की प्रस्तावित बॉक्साइट खनन परियोजना को लेकर आयोजित जनसुनवाई में स्थानीय ग्रामीणों ने भारी विरोध दर्ज कराया। मैनपाट, कमलेश्वरपुर और रोपाखार क्षेत्र के लोगों ने परियोजना पर अपनी आपत्तियां उठाते हुए खनन के खिलाफ प्रशासनिक और सीएमडीसी अधिकारियों के सामने जमकर नारे लगाए। बुधवार को हुई इस जनसुनवाई के दौरान करीब 147 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित खनन के खिलाफ 7 लोगों ने लिखित और 53 लोगों ने मौखिक रूप से, कुल 60 लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराईं। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि खनन से पर्यावरण, जलस्रोत, वन क्षेत्र और स्थानीय जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने एक स्वर में कहा कि बॉक्साइट माइंस खुलने से उनकी जल, जंगल व जमीन को खतरा है और कंपनी सिर्फ बॉक्साइट खोदकर चली जाएगी, जिससे इलाके का विकास नहीं होगा। यह भी बताया गया कि मैनपाट के रोपाखार, कमलेश्वरपुर, सरभंजा व लुरैना पथरई में सीएमडीसी को बॉक्साइट खनन के लिए लीज पर भूमि मिली है और पूर्व में भी हुई जनसुनवाई का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध करते हुए टेंट-पंडाल उखाड़ दिए थे। जनसुनवाई में मौजूद अपर कलेक्टर सुनील कुमार नायक ने बताया कि इस सुनवाई का उद्देश्य प्रस्तावित परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन करना है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्राप्त सभी आपत्तियों और सुझावों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा तथा नियमानुसार सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। नायक ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल खनन शुरू होने का कोई निर्णय नहीं हुआ है। वहीं, सीएमडीसी के रायपुर से आए अधिकारी ने कहा कि परियोजना की पूरी जानकारी लोगों तक नहीं पहुंचने के कारण विरोध की स्थिति बनी है और वे लोगों को परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
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    सरगुजा के मैनपाट में सीएमडीसी की प्रस्तावित बॉक्साइट खनन परियोजना को लेकर आयोजित जनसुनवाई में स्थानीय ग्रामीणों ने भारी विरोध दर्ज कराया। मैनपाट, कमलेश्वरपुर और रोपाखार क्षेत्र के लोगों ने परियोजना पर अपनी आपत्तियां उठाते हुए खनन के खिलाफ प्रशासनिक और सीएमडीसी अधिकारियों के सामने जमकर नारे लगाए। बुधवार को हुई इस जनसुनवाई के दौरान करीब 147 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित खनन के खिलाफ 7 लोगों ने लिखित और 53 लोगों ने मौखिक रूप से, कुल 60 लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराईं।

ग्रामीणों ने आशंका जताई कि खनन से पर्यावरण, जलस्रोत, वन क्षेत्र और स्थानीय जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने एक स्वर में कहा कि बॉक्साइट माइंस खुलने से उनकी जल, जंगल व जमीन को खतरा है और कंपनी सिर्फ बॉक्साइट खोदकर चली जाएगी, जिससे इलाके का विकास नहीं होगा। यह भी बताया गया कि मैनपाट के रोपाखार, कमलेश्वरपुर, सरभंजा व लुरैना पथरई में सीएमडीसी को बॉक्साइट खनन के लिए लीज पर भूमि मिली है और पूर्व में भी हुई जनसुनवाई का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध करते हुए टेंट-पंडाल उखाड़ दिए थे।

जनसुनवाई में मौजूद अपर कलेक्टर सुनील कुमार नायक ने बताया कि इस सुनवाई का उद्देश्य प्रस्तावित परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन करना है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्राप्त सभी आपत्तियों और सुझावों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा तथा नियमानुसार सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। नायक ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल खनन शुरू होने का कोई निर्णय नहीं हुआ है। वहीं, सीएमडीसी के रायपुर से आए अधिकारी ने कहा कि परियोजना की पूरी जानकारी लोगों तक नहीं पहुंचने के कारण विरोध की स्थिति बनी है और वे लोगों को परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    बतौली, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के शिमला कहे जाने वाले मैनपाट में जनसुनवाई के दौरान विधायक रामकुमार टोप्पो ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।
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    छत्तीसगढ़ के शिमला कहे जाने वाले मैनपाट में जनसुनवाई के दौरान विधायक रामकुमार टोप्पो ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।
    user_Suraj Gupta
    Suraj Gupta
    सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    16 hrs ago
  • यह प्रश्न सामने आया है कि आखिर ऐसी क्या घटना हुई, जिसके कारण विधायक मैडम को स्वयं अपनी नेम प्लेट हटानी पड़ी।
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    यह प्रश्न सामने आया है कि आखिर ऐसी क्या घटना हुई, जिसके कारण विधायक मैडम को स्वयं अपनी नेम प्लेट हटानी पड़ी।
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी में किसानों ने समिति प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि उन्हें खराब और पुरानी खाद वितरित की जा रही है। किसानों के अनुसार, पहले समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो रही थी, और अब जब खाद का वितरण शुरू हुआ है, तो जो खाद दी जा रही है वह लंबे समय से रखी होने के कारण पूरी तरह से ढेलेनुमा हो गई है। किसानों का आरोप है कि इस खराब गुणवत्ता वाली खाद से फसलों को अपेक्षित लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि इसकी गुणवत्ता पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। किसानों ने बताया कि जब वे खाद के बैग खोलते हैं, तो उसमें अधिकांश खाद बड़े-बड़े ढेलों के रूप में जमी हुई मिलती है। उनका दावा है कि समिति के कर्मचारी उन्हें यही खराब खाद लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। जब किसानों ने इस खराब खाद को लेने से इनकार किया और अच्छी गुणवत्ता वाली खाद की मांग की, तो उनकी बात नहीं सुनी गई। आरोप है कि अघोषित प्रभारी प्रबंधक ने साफ शब्दों में कह दिया कि "लेना है तो लो, नहीं तो मत लो।" किसानों की शिकायतों को गंभीरता से न लिए जाने और उन्हें मजबूरी में खराब खाद लेने के लिए विवश किए जाने से उनमें भारी नाराजगी है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल मांग की है कि समिति में उपलब्ध खाद की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जांच में खाद खराब पाई जाती है तो किसानों को तत्काल अच्छी गुणवत्ता की खाद उपलब्ध कराई जाए, अन्यथा उनकी समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
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    बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी में किसानों ने समिति प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि उन्हें खराब और पुरानी खाद वितरित की जा रही है। किसानों के अनुसार, पहले समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो रही थी, और अब जब खाद का वितरण शुरू हुआ है, तो जो खाद दी जा रही है वह लंबे समय से रखी होने के कारण पूरी तरह से ढेलेनुमा हो गई है। किसानों का आरोप है कि इस खराब गुणवत्ता वाली खाद से फसलों को अपेक्षित लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि इसकी गुणवत्ता पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है।

किसानों ने बताया कि जब वे खाद के बैग खोलते हैं, तो उसमें अधिकांश खाद बड़े-बड़े ढेलों के रूप में जमी हुई मिलती है। उनका दावा है कि समिति के कर्मचारी उन्हें यही खराब खाद लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। जब किसानों ने इस खराब खाद को लेने से इनकार किया और अच्छी गुणवत्ता वाली खाद की मांग की, तो उनकी बात नहीं सुनी गई। आरोप है कि अघोषित प्रभारी प्रबंधक ने साफ शब्दों में कह दिया कि "लेना है तो लो, नहीं तो मत लो।" किसानों की शिकायतों को गंभीरता से न लिए जाने और उन्हें मजबूरी में खराब खाद लेने के लिए विवश किए जाने से उनमें भारी नाराजगी है।

किसानों ने प्रशासन से तत्काल मांग की है कि समिति में उपलब्ध खाद की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जांच में खाद खराब पाई जाती है तो किसानों को तत्काल अच्छी गुणवत्ता की खाद उपलब्ध कराई जाए, अन्यथा उनकी समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामकुमार टोप्पो अपनी अनूठी कार्यशैली के कारण लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। हाल ही में उन्होंने एक सरकारी स्कूल की 100 से अधिक छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए, जिसमें उन्होंने विशेष रूप से 'नानचाकू' चलाने का प्रशिक्षण दिया। इस पहल के तहत विधायक ने छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा खुद करने के लिए प्रेरित किया और उन्हें नानचाकू चलाने की तकनीक समझाई। रामकुमार टोप्पो केवल दूसरों को प्रशिक्षण ही नहीं देते, बल्कि वे स्वयं भी अपनी गाड़ी में हमेशा 'नानचाकू' साथ रखते हैं, जो युवाओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। विधायक बनने से पहले रामकुमार टोप्पो भारतीय सेना में कार्यरत थे और सेना की नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने चुनावी राजनीति में कदम रखा। वे प्रतिदिन अपने क्षेत्र के युवाओं को पुलिस और फौज में भर्ती होने के लिए शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण भी देते हैं, ताकि वे देश सेवा में अपना योगदान दे सकें। विधायक रामकुमार टोप्पो ने अपने इस प्रयास के बारे में कहा, "युवाओं और छात्राओं का सशक्त होना बहुत जरूरी है। सेना में जो अनुशासन और सुरक्षा की तकनीक मैंने सीखी, वही मैं अपने क्षेत्र के बच्चों को सिखाना चाहता हूँ ताकि वे निडर होकर अपना भविष्य संवार सकें।" विधायक की यह पहल क्षेत्र के युवाओं और छात्राओं में आत्मविश्वास भरने के साथ-साथ उन्हें अनुशासित जीवन जीने के लिए प्रेरित कर रही है। सीतापुर में विधायक का यह 'फौजी अंदाज' काफी सराहा जा रहा है।
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    छत्तीसगढ़ के सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामकुमार टोप्पो अपनी अनूठी कार्यशैली के कारण लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। हाल ही में उन्होंने एक सरकारी स्कूल की 100 से अधिक छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए, जिसमें उन्होंने विशेष रूप से 'नानचाकू' चलाने का प्रशिक्षण दिया।

इस पहल के तहत विधायक ने छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा खुद करने के लिए प्रेरित किया और उन्हें नानचाकू चलाने की तकनीक समझाई। रामकुमार टोप्पो केवल दूसरों को प्रशिक्षण ही नहीं देते, बल्कि वे स्वयं भी अपनी गाड़ी में हमेशा 'नानचाकू' साथ रखते हैं, जो युवाओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। विधायक बनने से पहले रामकुमार टोप्पो भारतीय सेना में कार्यरत थे और सेना की नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने चुनावी राजनीति में कदम रखा। वे प्रतिदिन अपने क्षेत्र के युवाओं को पुलिस और फौज में भर्ती होने के लिए शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण भी देते हैं, ताकि वे देश सेवा में अपना योगदान दे सकें।

विधायक रामकुमार टोप्पो ने अपने इस प्रयास के बारे में कहा, "युवाओं और छात्राओं का सशक्त होना बहुत जरूरी है। सेना में जो अनुशासन और सुरक्षा की तकनीक मैंने सीखी, वही मैं अपने क्षेत्र के बच्चों को सिखाना चाहता हूँ ताकि वे निडर होकर अपना भविष्य संवार सकें।" विधायक की यह पहल क्षेत्र के युवाओं और छात्राओं में आत्मविश्वास भरने के साथ-साथ उन्हें अनुशासित जीवन जीने के लिए प्रेरित कर रही है। सीतापुर में विधायक का यह 'फौजी अंदाज' काफी सराहा जा रहा है।
    user_प्रदेश उजाला
    प्रदेश उजाला
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • अंबिकापुर के रिंग रोड पर एक खड़ी ट्रक में आकाशीय बिजली गिरने से आग लग गई।
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    अंबिकापुर के रिंग रोड पर एक खड़ी ट्रक में आकाशीय बिजली गिरने से आग लग गई।
    user_Guru Reality Show
    Guru Reality Show
    पटना, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
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