सरगुजा के मैनपाट में सीएमडीसी की प्रस्तावित बॉक्साइट खनन परियोजना को लेकर आयोजित जनसुनवाई में स्थानीय ग्रामीणों ने भारी विरोध दर्ज कराया। मैनपाट, कमलेश्वरपुर और रोपाखार क्षेत्र के लोगों ने परियोजना पर अपनी आपत्तियां उठाते हुए खनन के खिलाफ प्रशासनिक और सीएमडीसी अधिकारियों के सामने जमकर नारे लगाए। बुधवार को हुई इस जनसुनवाई के दौरान करीब 147 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित खनन के खिलाफ 7 लोगों ने लिखित और 53 लोगों ने मौखिक रूप से, कुल 60 लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराईं। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि खनन से पर्यावरण, जलस्रोत, वन क्षेत्र और स्थानीय जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने एक स्वर में कहा कि बॉक्साइट माइंस खुलने से उनकी जल, जंगल व जमीन को खतरा है और कंपनी सिर्फ बॉक्साइट खोदकर चली जाएगी, जिससे इलाके का विकास नहीं होगा। यह भी बताया गया कि मैनपाट के रोपाखार, कमलेश्वरपुर, सरभंजा व लुरैना पथरई में सीएमडीसी को बॉक्साइट खनन के लिए लीज पर भूमि मिली है और पूर्व में भी हुई जनसुनवाई का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध करते हुए टेंट-पंडाल उखाड़ दिए थे। जनसुनवाई में मौजूद अपर कलेक्टर सुनील कुमार नायक ने बताया कि इस सुनवाई का उद्देश्य प्रस्तावित परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन करना है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्राप्त सभी आपत्तियों और सुझावों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा तथा नियमानुसार सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। नायक ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल खनन शुरू होने का कोई निर्णय नहीं हुआ है। वहीं, सीएमडीसी के रायपुर से आए अधिकारी ने कहा कि परियोजना की पूरी जानकारी लोगों तक नहीं पहुंचने के कारण विरोध की स्थिति बनी है और वे लोगों को परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
सरगुजा के मैनपाट में सीएमडीसी की प्रस्तावित बॉक्साइट खनन परियोजना को लेकर आयोजित जनसुनवाई में स्थानीय ग्रामीणों ने भारी विरोध दर्ज कराया। मैनपाट, कमलेश्वरपुर और रोपाखार क्षेत्र के लोगों ने परियोजना पर अपनी आपत्तियां उठाते हुए खनन के खिलाफ प्रशासनिक और सीएमडीसी अधिकारियों के सामने जमकर नारे लगाए। बुधवार को हुई इस जनसुनवाई के दौरान करीब 147 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित खनन के खिलाफ 7 लोगों ने लिखित और 53 लोगों ने मौखिक रूप से, कुल 60 लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराईं। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि खनन से पर्यावरण, जलस्रोत, वन क्षेत्र और स्थानीय जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने एक स्वर में कहा कि बॉक्साइट माइंस खुलने से उनकी जल, जंगल व जमीन को खतरा है और कंपनी सिर्फ बॉक्साइट खोदकर चली जाएगी, जिससे इलाके का विकास नहीं होगा। यह भी बताया गया कि मैनपाट के रोपाखार, कमलेश्वरपुर, सरभंजा व लुरैना पथरई में सीएमडीसी को बॉक्साइट खनन के लिए लीज पर भूमि मिली है और पूर्व में भी हुई जनसुनवाई का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध करते हुए टेंट-पंडाल उखाड़ दिए थे। जनसुनवाई में मौजूद अपर कलेक्टर सुनील कुमार नायक ने बताया कि इस सुनवाई का उद्देश्य प्रस्तावित परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन करना है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्राप्त सभी आपत्तियों और सुझावों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा तथा नियमानुसार सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। नायक ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल खनन शुरू होने का कोई निर्णय नहीं हुआ है। वहीं, सीएमडीसी के रायपुर से आए अधिकारी ने कहा कि परियोजना की पूरी जानकारी लोगों तक नहीं पहुंचने के कारण विरोध की स्थिति बनी है और वे लोगों को परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
- शाला प्रवेश उत्सव के दौरान एक बार फिर माहौल गरमा गया। इस कार्यक्रम में विधायक के गुस्से के कारण काफी हलचल मच गई, जिसका एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
- झारखंड के गुमला जिले के कुरूमगढ़ डरकाना स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। बताया गया है कि बरसात के दिनों में स्कूल के कमरों के अंदर पानी भर जाता है, जिसके कारण बच्चों को पढ़ने-लिखने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।1
- रतनपुर पुलिस ने एक त्वरित कार्रवाई करते हुए 70 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की है। यह कार्रवाई पुलिस द्वारा लगातार जारी अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।3
- कोरबा की नगर कोतवाली में थाना प्रभारी का पदभार महज 24 घंटे के भीतर बदल जाने से शहर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। दरअसल, 30 जून को निरीक्षक डीएन तिवारी ने नगर कोतवाली का प्रभार संभाला था, लेकिन अगले ही दिन जारी आदेश में उन्हें रक्षित केंद्र भेज दिया गया। उनकी जगह, हरदी बाजार थाना प्रभारी प्रमोद डडसेना को नगर कोतवाली की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।1
- गुमला के डुमरी प्रखंड में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने किसानों के चेहरों पर खुशी लौटा दी है। पर्याप्त वर्षा होने के कारण खेतों में नमी आ गई है, जिससे खरीफ फसलों की खेती के लिए अनुकूल माहौल बन गया है। बुधवार सुबह मिली जानकारी के अनुसार, बारिश के बाद बड़ी संख्या में किसान हल, बैल और कृषि यंत्रों के साथ अपने खेतों में जुताई का कार्य शुरू करने में जुट गए हैं। लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों का कहना है कि समय पर हुई इस वर्षा से धान की खेती को बड़ा लाभ मिलेगा। खेतों में जुताई शुरू होने के साथ ही बीज की तैयारी और रोपाई की योजनाओं ने भी गति पकड़ ली है। गांवों में सुबह से ही खेतों की ओर जाते किसानों की चहल-पहल देखने को मिल रही है। किसानों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह संतुलित बारिश होती रही तो इस वर्ष अच्छी पैदावार की उम्मीद है। इस बारिश ने न केवल खेतों में नई जान फूंकी है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी का उत्साह भी बढ़ा दिया है। पूरे क्षेत्र में खेती के अनुकूल वातावरण बनने से किसान बेहतर उत्पादन की उम्मीद के साथ खरीफ मौसम की तैयारियों में जुट गए हैं।1
- कोटा पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, पुलिस ने 284 ग्राम गांजे के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।1
- कोरबा जिले में एक घर के सामने भारी मात्रा में बारिश का पानी जमा हो गया है, जिससे वहां आवाजाही में गंभीर बाधा उत्पन्न हो रही है। यह पानी ऊपर से आकर घर के सामने एक बड़ा तालाब बना दे रहा है, जिसके कारण लोगों का घर से बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया है। इलाके में नाली की सुविधा न होने से इस पानी को निकलने का कोई रास्ता नहीं मिल पा रहा है और वह लगातार जमा होता जा रहा है। इस गंभीर जलजमाव की समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की गई है।1
- अंबिकापुर के रिंग रोड पर एक खड़ी ट्रक में आकाशीय बिजली गिरने से आग लग गई।1