भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर गुमला जिले में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान की शुरुआत 30 जून से हो गई है। इसी क्रम में, उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी दिलेश्वर महत्तो ने गुमला सदर अंतर्गत विभिन्न मतदान केंद्रों, जिनमें मतदान केंद्र संख्या 153, 156, 160 और 162 शामिल हैं, का निरीक्षण कर एन्यूमरेशन कार्य और प्रारंभिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बीएलओ से अभियान की प्रगति की जानकारी ली। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्धता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने बीएलओ को यह भी निर्देशित किया कि वे प्रत्येक पात्र मतदाता तक अवश्य पहुँचें और सत्यापन कार्य के दौरान आवश्यक सावधानी एवं पारदर्शिता बनाए रखें। उपायुक्त महत्तो ने घोषणा की कि इस विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ को जिला स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा। उन्होंने इस अभियान को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया और सभी पदाधिकारियों तथा कर्मियों से आपसी समन्वय, जिम्मेदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आग्रह किया, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सही और अद्यतन रूप में दर्ज हो सके। उन्होंने जिले के नागरिकों से भी अपील की कि वे अभियान के दौरान निर्वाचन कर्मियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें और मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराएं, जिससे मतदाता सूची को और अधिक सटीक एवं अद्यतन बनाया जा सके। इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी गुमला, प्रखंड विकास पदाधिकारी गुमला, निर्वाचन कार्यालय के कर्मिगण सहित बीएलओ सुपरवाइजर भी उपस्थित रहे।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर गुमला जिले में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान की शुरुआत 30 जून से हो गई है। इसी क्रम में, उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी दिलेश्वर महत्तो ने गुमला सदर अंतर्गत विभिन्न मतदान केंद्रों, जिनमें मतदान केंद्र संख्या 153, 156, 160 और 162 शामिल हैं, का निरीक्षण कर एन्यूमरेशन कार्य और प्रारंभिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बीएलओ से अभियान की प्रगति की जानकारी ली। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी
पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्धता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने बीएलओ को यह भी निर्देशित किया कि वे प्रत्येक पात्र मतदाता तक अवश्य पहुँचें और सत्यापन कार्य के दौरान आवश्यक सावधानी एवं पारदर्शिता बनाए रखें। उपायुक्त महत्तो ने घोषणा की कि इस विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ को जिला स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा। उन्होंने इस अभियान को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया और सभी पदाधिकारियों तथा कर्मियों से आपसी समन्वय, जिम्मेदारी
एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आग्रह किया, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सही और अद्यतन रूप में दर्ज हो सके। उन्होंने जिले के नागरिकों से भी अपील की कि वे अभियान के दौरान निर्वाचन कर्मियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें और मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराएं, जिससे मतदाता सूची को और अधिक सटीक एवं अद्यतन बनाया जा सके। इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी गुमला, प्रखंड विकास पदाधिकारी गुमला, निर्वाचन कार्यालय के कर्मिगण सहित बीएलओ सुपरवाइजर भी उपस्थित रहे।
- भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर गुमला जिले में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान की शुरुआत 30 जून से हो गई है। इसी क्रम में, उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी दिलेश्वर महत्तो ने गुमला सदर अंतर्गत विभिन्न मतदान केंद्रों, जिनमें मतदान केंद्र संख्या 153, 156, 160 और 162 शामिल हैं, का निरीक्षण कर एन्यूमरेशन कार्य और प्रारंभिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बीएलओ से अभियान की प्रगति की जानकारी ली। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्धता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने बीएलओ को यह भी निर्देशित किया कि वे प्रत्येक पात्र मतदाता तक अवश्य पहुँचें और सत्यापन कार्य के दौरान आवश्यक सावधानी एवं पारदर्शिता बनाए रखें। उपायुक्त महत्तो ने घोषणा की कि इस विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ को जिला स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा। उन्होंने इस अभियान को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया और सभी पदाधिकारियों तथा कर्मियों से आपसी समन्वय, जिम्मेदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आग्रह किया, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सही और अद्यतन रूप में दर्ज हो सके। उन्होंने जिले के नागरिकों से भी अपील की कि वे अभियान के दौरान निर्वाचन कर्मियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें और मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराएं, जिससे मतदाता सूची को और अधिक सटीक एवं अद्यतन बनाया जा सके। इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी गुमला, प्रखंड विकास पदाधिकारी गुमला, निर्वाचन कार्यालय के कर्मिगण सहित बीएलओ सुपरवाइजर भी उपस्थित रहे।3
- झारखंड के गुमला जिले के कुरूमगढ़ डरकाना स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। बताया गया है कि बरसात के दिनों में स्कूल के कमरों के अंदर पानी भर जाता है, जिसके कारण बच्चों को पढ़ने-लिखने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।1
- डुमरी ग्राम स्थित आंगनबाड़ी केंद्र भवन की बदहाल व्यवस्था पहली ही बारिश में उजागर हो गई है। बारिश शुरू होते ही केंद्र की छत से पानी टपकने लगा, जिससे पूरा कमरा जलमग्न हो गया और बच्चों को बैठाकर पढ़ाना तो दूर, केंद्र का संचालन करना भी मुश्किल हो गया है। भवन की जर्जर हालत को देखते हुए आंगनबाड़ी सहायिका बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। सहायिका संपति देवी ने बताया कि केंद्र में 20 से अधिक बच्चे नामांकित हैं, लेकिन छत काफी जर्जर हो चुकी है और कई जगहों का प्लास्टर भी टूट चुका है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पानी को बाल्टी और अन्य बर्तनों में जमा करने के बावजूद पूरा कमरा पानी से भर जाता है, जिससे फर्श पर पानी फैलने के कारण बच्चों को बैठने में मुश्किल होती है। उन्होंने यह भी बताया कि भवन की मरम्मत अथवा नए भवन के निर्माण की मांग को लेकर संबंधित विभाग को कई बार लिखित और मौखिक रूप से जानकारी दी गई है, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई है। पिछले वर्ष भी बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने और प्लास्टर टूटकर गिरने के खतरे के बीच केंद्र का संचालन करना पड़ा था। इस वर्ष पहली ही बारिश में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। छत गिरने की आशंका के चलते बच्चों और अपनी सुरक्षा के लिए कई बार केंद्र की छुट्टी करनी पड़ती है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। आंगनबाड़ी सहायिका ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करने और भवन की मरम्मत या नए भवन की व्यवस्था करने की मांग की है, चेतावनी दी है कि समय रहते कार्रवाई न होने पर बरसात में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।1
- दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल को एक नया अध्यक्ष मिल गया है। इस महत्वपूर्ण नियुक्ति से क्षेत्र में सकारात्मक माहौल और खुशी का अनुभव किया जा रहा है।1
- गुमला जिले के सिसई प्रखंड मुख्यालय स्थित सिसई लैम्पस में किसानों के लिए 50% सब्सिडी पर उन्नत किस्म के धान बीज का वितरण शुरू किया गया है। जनप्रतिनिधि जाकिर अली ने विधिवत फीता काटकर इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। लैम्पस के अध्यक्ष महादेव उरांव ने जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को इस बार (एनएसी) बायोसीड कंपनी का धान बीज दिया जा रहा है, जिसकी पैदावार अन्य बीजों की तुलना में दुगुना से भी अधिक है, जिससे किसानों को निश्चित रूप से अधिक लाभ मिलेगा। धान बीज प्राप्त करने के लिए किसानों को अपना आधार कार्ड की फोटोकॉपी और आधार से पंजीकृत मोबाइल नंबर लैम्पस में जमा करना होगा, ताकि ओटीपी संबंधी कोई परेशानी न हो। प्रत्येक किसान को एक आधार कार्ड पर अधिकतम 10 किलो बीज दिया जाएगा। पंसस जाकिर अली ने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में लैम्पस आकर इस उम्दा किस्म के धान बीज का लाभ उठाने की अपील की। हालांकि, पूर्व 20 सूत्री अध्यक्ष और जिला कांग्रेस महासचिव गंगा उरांव ने लैम्पस द्वारा धान बीज वितरण में हुए विलंब पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के हितों के प्रति सजग नहीं है, जिसके कारण इतने विलंब से बीज वितरण शुरू हुआ। इस देरी के चलते किसान अपनी खेती के लिए खाद-बीज निजी दुकानों या अन्य स्रोतों से औने-पौने दामों पर खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सिसई प्रखंड में कुल 18 लैम्पस हैं, जिनमें से केवल सिसई और लरंगों के दो लैम्पस ही सक्रिय हैं, जबकि शेष 16 निष्क्रिय पड़े हैं। गंगा उरांव ने सुझाव दिया कि यदि सभी लैम्पस को सक्रिय कर दिया जाए, तो किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध हो सकेगा, जिससे वे अपनी खेतीबाड़ी समय पर कर पाएंगे। गंगा उरांव ने दावा किया कि इन सभी ज्वलंत मुद्दों से बीते वर्ष ही कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक इस पर कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। इस स्थिति ने सरकार की भूमिका पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और किसानों के प्रति सरकार की जवाबदेही को 'बिल्कुल शून्य' बताया गया है। इस दौरान पूर्व सांसद प्रतिनिधि निरंजन सिंह, पंसस जाकिर अली, पूर्व 20 सूत्री अध्यक्ष सह जिला कांग्रेस महासचिव गंगा उरांव, झामुमो महिला मोर्चा अध्यक्ष नुसरत आरा, सीताराम सिंह, बसंत जयसवाल, लैम्पस अध्यक्ष महादेव उरांव, सचिव बंधन उरांव सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।4
- झारखंड के लोहरदगा में एक ऐसी सड़क है जिसे 'विश्व का अजूबा रोड' कहा जाता है। इस खतरनाक सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं, जहाँ बाइक सवार अक्सर गिरते रहते हैं। इन लगातार हो रहे हादसों के कारण यहाँ लोगों की जान तक चली जाती है।1
- गुमला के डुमरी प्रखंड में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने किसानों के चेहरों पर खुशी लौटा दी है। पर्याप्त वर्षा होने के कारण खेतों में नमी आ गई है, जिससे खरीफ फसलों की खेती के लिए अनुकूल माहौल बन गया है। बुधवार सुबह मिली जानकारी के अनुसार, बारिश के बाद बड़ी संख्या में किसान हल, बैल और कृषि यंत्रों के साथ अपने खेतों में जुताई का कार्य शुरू करने में जुट गए हैं। लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों का कहना है कि समय पर हुई इस वर्षा से धान की खेती को बड़ा लाभ मिलेगा। खेतों में जुताई शुरू होने के साथ ही बीज की तैयारी और रोपाई की योजनाओं ने भी गति पकड़ ली है। गांवों में सुबह से ही खेतों की ओर जाते किसानों की चहल-पहल देखने को मिल रही है। किसानों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह संतुलित बारिश होती रही तो इस वर्ष अच्छी पैदावार की उम्मीद है। इस बारिश ने न केवल खेतों में नई जान फूंकी है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी का उत्साह भी बढ़ा दिया है। पूरे क्षेत्र में खेती के अनुकूल वातावरण बनने से किसान बेहतर उत्पादन की उम्मीद के साथ खरीफ मौसम की तैयारियों में जुट गए हैं।1
- चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश का असर अब जनजीवन पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बुधवार शाम करीब छह बजे चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चैनपुर-महुआडांड़ मुख्य मार्ग पर कुदाई नदी के समीप एक विशालकाय जामुन का पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। इस घटना के कारण मुख्य मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया, जिससे सड़क के दोनों ओर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों व वाहन चालकों को घंटों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना किसी देरी के स्वयं पेड़ हटाने के काम में जुट गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत करते हुए जामुन के पेड़ की डालियों को काटकर सड़क के किनारे किया, जिसके बाद मार्ग से अवरोध हटाया जा सका। ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से कुछ ही समय में आवागमन फिर से सामान्य हो गया। मार्ग खुलने के बाद जाम में फंसे सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों ने राहत की सांस ली और अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने ग्रामीणों की इस तत्परता और सहयोग भावना की जमकर सराहना की। लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र में मिट्टी ढीली होने से पेड़ों के गिरने की आशंका बढ़ गई है, ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों ने वाहन चालकों से बारिश के दौरान सावधानीपूर्वक यात्रा करने और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।1