जयपुर के करणी विहार थाना क्षेत्र में चोरी की घटनाओं का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में धाबास गिरधारीपुरा कच्ची बस्ती से एक नया मामला सामने आया है, जहां बीती रात चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के जेवरात और नकदी लेकर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार, मकान मालिक किसी काम से बाहर गया हुआ था। इसी दौरान, चोरों ने घर के ताले तोड़कर अंदर प्रवेश किया और कमरों में रखी अलमारी व अन्य सामान खंगाल डाले। चोर घर में रखे लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी समेटकर मौके से भाग निकले। इस चोरी की जानकारी तब हुई जब मकान मालिक वापस घर लौटा और उसने अपने घर का सारा सामान बिखरा हुआ पाया। इसके बाद, तत्काल पुलिस को घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही करणी विहार थाना पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची और मौका मुआयना किया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है और फिलहाल अज्ञात चोरों की तलाश में जुटी हुई है। मामले की जांच अभी जारी है।
जयपुर के करणी विहार थाना क्षेत्र में चोरी की घटनाओं का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में धाबास गिरधारीपुरा कच्ची बस्ती से एक नया मामला सामने आया है, जहां बीती रात चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के जेवरात और नकदी लेकर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार, मकान मालिक किसी काम से बाहर गया हुआ था। इसी दौरान, चोरों ने घर के ताले तोड़कर अंदर प्रवेश किया और कमरों में रखी अलमारी व अन्य सामान खंगाल डाले। चोर घर में रखे लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी समेटकर मौके से भाग निकले। इस चोरी की जानकारी तब हुई जब मकान मालिक वापस घर लौटा और उसने अपने घर का सारा सामान बिखरा हुआ पाया। इसके बाद, तत्काल पुलिस को घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही करणी विहार थाना पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची और मौका मुआयना किया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है और फिलहाल अज्ञात चोरों की तलाश में जुटी हुई है। मामले की जांच अभी जारी है।
- अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ के आह्वान पर राजस्थान में कर्मचारियों का तीखा आक्रोश लगातार दूसरे दिन भी देखा गया। प्रदेश के अधिकांश जिलों और विभागों के कर्मचारियों ने सरकार द्वारा कर्मचारी हितों पर किए जा रहे कुठाराघात के विरोध में एक घंटे का सामूहिक कार्य बहिष्कार कर सांकेतिक प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। रवी शर्मा, फतेहबहादुर और पवन कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि सरकार कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों और सुविधाओं पर लगातार चोट कर रही है। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में आरजीएचएस योजना का निजीकरण रोकना, समर्पित अवकाश (सरेंडर लीव) के भुगतान पर लगी अघोषित रोक को तुरंत हटाना, बजट घोषणाओं को पूरा करना, संविदा कर्मियों और ठेका कर्मियों को नियमित करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, महासंघ का 25 सूत्री मांग पत्र, जिसमें विभिन्न संवर्ग की वेतन विसंगतियां और पदोन्नतियां शामिल हैं, को भी पूरा करने की मांग की गई है। इस सामूहिक कार्य बहिष्कार और प्रदर्शन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों और जिलों के प्रमुख पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया। महासंघ के पदाधिकारियों शेर सिंह यादव और देवेन्द्र नरूका के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में सरकार की कर्मचारी-विरोधी नीतियों की घोर निंदा की। नेताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि सरकार जल्द से जल्द कर्मचारी हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक कदम उठाए और 25 सूत्री मांग पत्र को पूरा करे। अन्यथा, आंदोलन लंबा चलेगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन की होगी। प्रदेश में लगातार तीसरे दिन भी कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार जारी रहने की बात कही गई है, जिसमें आरजीएचएस और सरेंडर लीव के भुगतान को लेकर सरकार को चेताया जा रहा है।1
- जमुवारामगढ़ उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत दंताला मीणा के निवासी और छीपाबड़ौद में तैनात सेकंड बटालियन आरएसी के पुलिसकर्मी मुकेश कुमार मीणा, जो कर्तव्य की बलिवेदी पर शहीद हुए, को पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। पुलिसकर्मी मुकेश कुमार मीणा, पुत्र श्री सीताराम मीणा, निवासी दंताला मीणा नारनोलिया की ढाणी, दंताला गुजरान नारनौलियो की ढाणी, तहसील जमुवारामगढ, जिला जयपुर, की मंगलवार सुबह लगभग 9 बजे अचानक तबीयत खराब होने के कारण मौत हो गई। वह जायसवाल पुलिस थाना छीपाबड़ौद में तैनात थे और ई कंपनी में कांस्टेबल पद पर कार्यरत थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही पुलिस विभाग और पैतृक गांव दंताला मीणा नारनोलिया की ढाणी सहित समूचे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, जिससे सभी ग्रामीण लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया। शहीद को अंतिम विदाई के दौरान पुलिस विभाग द्वारा गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया, साथ ही शोक सलामी के रूप में तीन राउंड फायर किए गए। तिरंगे में लिपटे उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न किया गया।4
- बगरू विधानसभा क्षेत्र के ग्राम ढहमी कलाँ में मनिपाल यूनिवर्सिटी के पास स्थित सड़क पिछले ढाई साल से खराब स्थिति में है। इस सड़क की बिगड़ती हालत को लेकर लगातार शिकायतें दर्ज करवाई गई हैं, लेकिन इसके बावजूद भी सड़क की मरम्मत नहीं हो पाई है। नागरिकों ने अधिकारियों से इस सड़क को जल्द से जल्द ठीक करवाने की मांग की है।3
- राजस्थान के यशस्वी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में उन पेयजल योजनाओं को गति दी गई है, जिन्हें कांग्रेस सरकार ने वर्षों तक अटकाए रखा था। प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं, और पेपर लीक माफियाओं पर सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। इसके साथ ही, सरकार माताओं-बहनों, गरीबों और समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए लगातार ऐतिहासिक कार्य कर रही है।1
- साधु-संतों ने भैराणा धाम से एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसमें उन्होंने कहा है कि जो लोग 27 तारीख को भैराणा धाम पहुंचे, केवल वही उनके अपने माने जाएंगे, और जो वहां नहीं आए, वे उनके नहीं हैं। यह बयान एक स्पष्ट और सशर्त संदेश देता है। यह घोषणा #BhairanaDham, #SaintsSupport और #RajasthanPolitics जैसे हैशटैग के साथ साझा की गई है। पोस्ट में हनुमान बेनीवाल, आरएलपी (RLP), भाजपा राजस्थान (BJP Rajasthan) और इंडियन नेशनल कांग्रेस - राजस्थान (Indian National Congress - Rajasthan) का भी उल्लेख किया गया है, जो इस संदेश को राजस्थान की राजनीतिक पृष्ठभूमि से जोड़ता है।1
- वन्देमातरम गाने का संकल्प व्यक्त किया गया है, जिसके महत्व को रेखांकित करते हुए इसे हम भारतीयों की पहचान बताया गया। इस उद्घोष को अमर शहीदों की पावन यादगार के रूप में भी सराहा गया है।1
- वन मंत्री संजय शर्मा ने एक पुलिस वाहन के ड्राइवर को उस समय कड़ी फटकार लगाई, जब वह अपनी बंद गाड़ी में एयर कंडीशनर चलाकर आराम कर रहा था। मंत्री शर्मा ने ड्राइवर को तेल की बर्बादी को लेकर लताड़ते हुए कहा कि जब एक ओर मोदीजी तेल बचाने का आह्वान कर रहे हैं, तब भी वह खड़ी गाड़ी में एसी चलाकर ईंधन बर्बाद कर रहा है।1
- राजस्थान के जयपुर जिले के सांगानेर क्षेत्र के चिन्दायका (बिन्दायक ग्राम) में कालक्या माता मंदिर स्थित है। इस प्राचीन और आस्था के प्रमुख मंदिर को माता कालक्या (जो कालिका/काली माता का स्वरूप हैं) को समर्पित किया गया है। यह मंदिर स्थानीय लोगों की गहरी श्रद्धा का केंद्र माना जाता है।1
- तिरुवनंतपुरम में पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान एलओपी पिनाराई विजयन के आवास के बाहर भारी हंगामा देखने को मिला, जहाँ सीपीआई (एम) कार्यकर्ताओं ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों के एक वाहन पर हमला कर दिया। यह विरोध केंद्रीय एजेंसी के खिलाफ था, जो कोच्चि मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड से संबंधित पिनाराई विजयन के आवासों सहित केरलम में कुल 10 परिसरों में तलाशी अभियान चला रही थी। इस केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई से आक्रोशित श्रमिक ईडी अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। केरल में ईडी की इन रेड के दौरान, वहाँ मौजूद भीड़ ने अधिकारियों के वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।1