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किसान महापंचायत के दौरान किसानों ने एक अनूठा प्रदर्शन कर सभी का ध्यान खींचा। जहाँ आमतौर पर लोग अपनी पार्टियों में महंगे कूलर, पंखे और एसी का इस्तेमाल करते हैं, वहीं किसानों ने अपनी महापंचायत में एक ट्रैक्टर की मदद से पंखा लगाकर दिखाया। यह पंखा पुराने समय में किसानों के लिए बहुत उपयोगी होता था, जिसका उपयोग वे अपनी फसल की सफाई के लिए करते थे।
रामानंद सागर
किसान महापंचायत के दौरान किसानों ने एक अनूठा प्रदर्शन कर सभी का ध्यान खींचा। जहाँ आमतौर पर लोग अपनी पार्टियों में महंगे कूलर, पंखे और एसी का इस्तेमाल करते हैं, वहीं किसानों ने अपनी महापंचायत में एक ट्रैक्टर की मदद से पंखा लगाकर दिखाया। यह पंखा पुराने समय में किसानों के लिए बहुत उपयोगी होता था, जिसका उपयोग वे अपनी फसल की सफाई के लिए करते थे।
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- अयोध्या बार एसोसिएशन ने राम मंदिर परिसर से जुड़ी चोरी की घटनाओं के आरोपियों का केस लड़ने पर एक महत्वपूर्ण और सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। एसोसिएशन ने अपने सभी अधिवक्ताओं को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे ऐसे मामलों में आरोपी पक्ष की पैरवी न करें। बार एसोसिएशन ने इस निर्णय को जनभावनाओं का सम्मान करने और मंदिर की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक बताया है। एसोसिएशन ने यह भी साफ कर दिया है कि जो भी वकील इस आदेश का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश अयोध्या में राम मंदिर की सुरक्षा और पवित्रता से जुड़े किसी भी आपराधिक मामले, खासकर चोरी या अनधिकृत प्रवेश से संबंधित मामलों पर लागू होगा। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की श्रद्धा का प्रतीक और आस्था का केंद्र है, इसलिए ऐसे संवेदनशील मामलों में अपराधियों को कानूनी सहायता देना नैतिक रूप से गलत है। एसोसिएशन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि न्याय प्रक्रिया में कोई बाधा न आए और अपराधियों को कानून का कड़ा संदेश मिले।1
- बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र में चौकाघाट रेलवे स्टेशन के पास रेलवे लाइन किनारे झाड़ियों से एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। यह शव करीब एक सप्ताह पुराना बताया जा रहा है, जो पूरी तरह सड़ चुका था और उसमें कीड़े पड़ गए थे, जिससे तेज दुर्गंध उठ रही थी। जानकारी के मुताबिक, घाघरा पुल से लगभग एक किलोमीटर पहले दुर्गापुर मोड़ के पास चौकाघाट रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली रेलवे लाइन के किनारे यह शव पड़ा हुआ था। रेलवे विभाग में तैनात सब इंस्पेक्टर संजीव कुमार यादव की नजर इस शव पर पड़ी, जिन्होंने तुरंत इसकी सूचना चौकाघाट रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर अब्दुल्ला मंसूरी को दी। स्टेशन मास्टर ने फिर रामनगर थाना पुलिस को मामले से अवगत कराया। सूचना मिलते ही रामनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस टीम ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके पर मौजूद सब इंस्पेक्टर वीरपाल सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया शव लगभग एक सप्ताह पुराना लग रहा है। शव पूरी तरह सड़ जाने के कारण मृतक की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। पुलिस के अनुसार, मृतक के पास से कोई ऐसी वस्तु नहीं मिली जिससे उसकी शिनाख्त हो सके। हालांकि, उसके हाथ में कलावा बंधा मिला है, जिससे वह प्रथम दृष्टया हिंदू समुदाय का प्रतीत होता है। पुलिस आसपास के गांवों और क्षेत्रों में जानकारी जुटाकर मृतक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। इस मामले की जांच में सब इंस्पेक्टर वीरपाल सिंह के साथ आरक्षी सुजीत कुमार, अमित कुमार विश्वकर्मा, पुनीत कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। फिलहाल, अज्ञात शव मिलने के इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।1
- सूरत शहर में खराब मौसम के चलते लोग तेजी से अपने घरों की ओर लौट रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य यह है कि बारिश शुरू होने से पहले ही वे सुरक्षित अपने निवास स्थान तक पहुँच सकें।1
- ग्राम जलपापुर, पोस्ट मीननगर निवासी गरीब किसान हरिवंश ने एक कथित धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है। यह मामला आर्यावर्त ग्रामीण बैंक के लेनदेन से जुड़ा बताया जा रहा है। किसान हरिवंश के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रहे एक व्यक्ति ने उनके केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) खाते में ₹35,000 जमा कराने के नाम पर लिए थे। हालांकि, दो महीने बीत जाने के बाद भी यह रकम न तो खाते में जमा की गई और न ही उन्हें वापस मिली। इस घटना ने एक गरीब किसान के साथ हुई ठगी को उजागर करते हुए तत्काल न्याय की मांग उठाई है। पीड़ित किसान हरिवंश ने इस संबंध में मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई है, न्याय मिलने की उम्मीद में। इस पूरे मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस और संबंधित अधिकारियों से मांग की गई है कि वे तत्काल और निष्पक्ष जांच करें। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषी के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य गरीब किसान के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो। यह पोस्ट पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है, और मामले की जांच जारी है, जिसके बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।2
- बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर तहसील के रसूलपुर स्थित निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने इन केंद्रों पर छापेमारी की, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। छापेमारी के दौरान अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटरों (ओटी) में एक्सपायरी दवाएं मिलीं। साथ ही, बेसमेंट में चल रहे अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों में निकासी द्वार, वेंटिलेशन सहित कई आवश्यक कमियां पाई गईं। टीम को किसी भी अस्पताल या डायग्नोस्टिक सेंटर में डॉक्टर मौजूद नहीं मिले, जिससे यह उजागर हुआ कि ये संस्थान झोलाछाप डॉक्टरों के सहारे चल रहे थे। शिकायतों के अनुसार, डायग्नोस्टिक सेंटरों पर लगातार गलत रिपोर्टिंग की जा रही थी। इस छापेमारी के दौरान, ट्रॉफी डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक द्वारा अभद्रता करने पर एसडीएम ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया। इस संयुक्त कार्रवाई में आधा दर्जन से अधिक अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों को सील कर दिया गया है। एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई से अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है।1
- बाराबंकी में किसानों और आम जनता से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने गन्ना संस्थान परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इस धरने में जिले भर से आए किसानों ने कृषि, परिवहन, पेयजल और सहकारिता से संबंधित जनसमस्याओं पर अपनी आवाज बुलंद की, साथ ही संबंधित विभागों के प्रति नाराजगी भी जताई। मुख्य वक्ता के तौर पर भाकियू के जिलाध्यक्ष हौसिला प्रसाद वर्मा ने किसानों की समस्याओं को विस्तार से सामने रखा। उन्होंने बताया कि किसानों को समय पर खाद, बीज, बिजली और पानी नहीं मिल रहा है। सहकारी समितियों पर खाद की कमी, नकली खाद-बीज की बिक्री, परिवहन विभाग में कथित अनियमितताएं और जल जीवन मिशन के तहत पेयजल आपूर्ति में हो रही देरी किसानों और ग्रामीण निवासियों के लिए एक गंभीर मुद्दा बनी हुई है। वर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि ड्राइविंग लाइसेंस के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है, ओवरलोड वाहन संचालित हो रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल का गंभीर संकट बना हुआ है, इन सभी मुद्दों पर प्रशासन को तुरंत और गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो संगठन अपने आंदोलन को और भी व्यापक रूप देगा। धरने के दौरान, किसानों ने अपनी विभिन्न विभागीय मांगों को लेकर एक ज्ञापन तैयार किया, जिसे देर शाम मौके पर पहुंचीं एसडीएम नवाबगंज गुंजन अग्रवाल ने प्राप्त किया। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों की जल्द ही जिलाधिकारी के साथ बैठक कराई जाएगी और उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। इस दौरान अनिल वर्मा, उत्तम सिंह वर्मा, सतीश वर्मा रिंकू, बलराम यादव, ओम प्रकाश, फैसल मलिक, शिव नारायण सिंह, शारदा बख्श सिंह, डॉ. राम सजीवन, संजय रस्तोगी, नौमीलाल, बाबादीन, रामानंद, रईस अहमद, राजेश वर्मा और विशेष वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- बहराइच के थाना रानीपुर क्षेत्र के जींस करना जिगनिया गाँव में पति-पत्नी के विवाद ने एक दुखद मोड़ ले लिया, जहाँ ससुराल पक्ष द्वारा बेरहमी से पिटाई किए जाने से आहत होकर एक युवक ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे परिवार में कोहराम मच गया। मृतक की पहचान गुरु प्रसाद के रूप में हुई है, जिनके साले सुरेश कुमार ने बताया कि गुरु प्रसाद का अपनी पत्नी से विवाद हो गया था। पत्नी अपने मायके जाने की जिद कर रही थी, जिस बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि पत्नी ने अपने मायके वालों को फोन करके बुला लिया। आरोप है कि ससुराल से आए साले ने अपने जीजा गुरु प्रसाद की जमकर पिटाई कर दी, जिससे गुरु प्रसाद गंभीर रूप से आहत हो गए। ससुराल पक्ष की इस पिटाई से अत्यधिक दुखी होकर गुरु प्रसाद ने घर के अंदर जाकर फाँसी लगाकर अपनी जान दे दी। जब परिजनों को इस बात का पता चला तो घर में चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलने पर थाना रानीपुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने बताया है कि उन्हें अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है, लेकिन तहरीर मिलने पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस पूरे मामले की सभी पहलुओं से जाँच कर रही है।1
- किसान महापंचायत के दौरान किसानों ने एक अनूठा प्रदर्शन कर सभी का ध्यान खींचा। जहाँ आमतौर पर लोग अपनी पार्टियों में महंगे कूलर, पंखे और एसी का इस्तेमाल करते हैं, वहीं किसानों ने अपनी महापंचायत में एक ट्रैक्टर की मदद से पंखा लगाकर दिखाया। यह पंखा पुराने समय में किसानों के लिए बहुत उपयोगी होता था, जिसका उपयोग वे अपनी फसल की सफाई के लिए करते थे।1