जालोर-सिरोही के सांसद लुम्बाराम चौधरी को संसद में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित “संसद रत्न पुरस्कार” से सम्मानित किया जाएगा। सांसद चौधरी का चयन देश के कुल 12 सांसदों और 4 संसदीय समितियों में से हुआ है, जिससे जालोर-सिरोही क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है। सांसद चौधरी को यह सम्मान संसद में उनकी सक्रिय भागीदारी, जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने और प्रभावी कार्यशैली के लिए दिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, उनकी कई संसदीय सत्रों में 100 प्रतिशत उपस्थिति रही है। लोकसभा में उन्होंने अब तक 246 प्रश्न पूछे हैं तथा 36 चर्चाओं और बहसों में भी भाग लिया है। इसके अतिरिक्त, सांसद लुम्बाराम चौधरी ने लोकसभा में 3 निजी विधेयक (बिल) भी पेश किए हैं। “संसद रत्न पुरस्कार” की शुरुआत वर्ष 2010 में हुई थी और यह सम्मान प्राइम पॉइंट फाउंडेशन द्वारा उन सांसदों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने संसद में उत्कृष्ट और प्रभावशाली कार्य किया हो। इस अवसर पर, सांसद चौधरी ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि जालोर-सिरोही की जनता का सम्मान है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय क्षेत्र की जनता के विश्वास और समर्थन को दिया, जिसके कारण उन्हें संसद में मजबूती से अपनी आवाज उठाने का अवसर मिला।
जालोर-सिरोही के सांसद लुम्बाराम चौधरी को संसद में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित “संसद रत्न पुरस्कार” से सम्मानित किया जाएगा। सांसद चौधरी का चयन देश के कुल 12 सांसदों और 4 संसदीय समितियों में से हुआ है, जिससे जालोर-सिरोही क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है। सांसद चौधरी को यह सम्मान संसद में उनकी सक्रिय भागीदारी, जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने और प्रभावी कार्यशैली के लिए दिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, उनकी कई संसदीय सत्रों में 100 प्रतिशत उपस्थिति रही है। लोकसभा में उन्होंने अब तक 246 प्रश्न पूछे हैं तथा 36 चर्चाओं और बहसों में भी भाग लिया है। इसके अतिरिक्त, सांसद लुम्बाराम चौधरी ने लोकसभा में 3 निजी विधेयक (बिल) भी पेश किए हैं। “संसद रत्न पुरस्कार” की शुरुआत वर्ष 2010 में हुई थी और यह सम्मान प्राइम पॉइंट फाउंडेशन द्वारा उन सांसदों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने संसद में उत्कृष्ट और प्रभावशाली कार्य किया हो। इस अवसर पर, सांसद चौधरी ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि जालोर-सिरोही की जनता का सम्मान है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय क्षेत्र की जनता के विश्वास और समर्थन को दिया, जिसके कारण उन्हें संसद में मजबूती से अपनी आवाज उठाने का अवसर मिला।
- सिरोही जिला पुलिस ने "सड़क सुरक्षा - जीवन रक्षा" अभियान के अंतर्गत आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में वाहन चालकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियमों की विस्तृत जानकारी देते हुए उनसे यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, नशे में वाहन नहीं चलाने, ओवरस्पीड से बचने और मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन नहीं चलाने जैसे महत्वपूर्ण नियमों के बारे में बताया। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं से बचाव और सुरक्षित यात्रा के लिए लोगों को जागरूक करते हुए यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियम नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यातायात नियमों का पालन करके कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। पुलिस द्वारा इस अभियान के तहत जिलेभर में लगातार जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिसका उद्देश्य आमजन में यातायात के प्रति जिम्मेदारी और सतर्कता बढ़ाना है।1
- सिरोही जिले के पिंडवाड़ा शहर में एक बार फिर बाइक चोरों की सक्रियता ने आमजन की चिंता बढ़ा दी है, जिससे पुलिस की गश्त व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। देर रात पिंडवाड़ा की गुदरिया कॉलोनी में अज्ञात चोरों ने वारदात को अंजाम दिया, जहां पालिका के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र प्रजापत के घर के बाहर खड़ी मोटरसाइकिल चोरी कर ली गई। पूरी चोरी की घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें संदिग्ध चोरों को बाइक ले जाते हुए साफ देखा जा सकता है। शहर में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों से लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरी की इन घटनाओं पर अंकुश लगाने की कड़ी मांग की है। यह मामला पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र का है, और पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुट गई है तथा पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- वंदे गंगा जल संरक्षण जन-अभियान 2026 के तहत, सोमवार, 25 मई को सुमेरपुर उपखंड के सिंदरू बांध और तखतगढ़ बांध पर एक जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण और जल संचय को एक जन-आंदोलन का रूप देकर आमजन को पानी के महत्व के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयेंद्र सिंह गलथनी, जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता राज भंवरायत और जवाई कमांड क्षेत्र संगम के अध्यक्ष नरपत सिंह सहित क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, किसानों, महिलाओं और युवाओं ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर बांध स्थल पर विधिवत जल पूजन और गंगा आरती का आयोजन किया गया। सभी उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त जीवन अपनाने की सामूहिक शपथ ली। अधिशासी अभियंता राज भंवरायत ने जल के समुचित उपयोग और उसके संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए लोगों को पानी बचाने के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि जयेंद्र सिंह गलथनी ने वर्षा जल संग्रहण और जल बचत के विभिन्न उपायों की जानकारी दी, यह बताते हुए कि जल संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान सभी ने सामूहिक श्रमदान करते हुए बांध से गाद निकालने का कार्य भी किया। बाद में आयोजित जल चौपाल में ग्रामीणों को “जल है तो कल है” का संदेश देकर जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।4
- सोमवार को आबूरोड के लुनियापुर स्थित डीएफसी रेलवे ट्रैक के पास अचानक भीषण आग लगने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। आग की ऊंची लपटें उठती देख रेलवे महकमा तुरंत हरकत में आया और नगर पालिका फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान फायर कर्मी मोहम्मद युनुस, चिराग परिहार, अरुण चांवरिया, कमलेश मारू और नवीन कुमार ने आग बुझाने में अहम भूमिका निभाई, जिससे समय रहते आग पर नियंत्रण पाकर एक बड़ा हादसा टल गया।1
- फालना रानी मुख्य सड़क मार्ग पर एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गड्ढे में जा गिरी। यह घटना धणी से आगे हुई, जिसमें सौभाग्य से किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। जानकारी के अनुसार, रानी से खुडाला की ओर आ रही यह कार घणी के पास अचानक असंतुलित हो गई। इसके बाद कार सड़क से नीचे उतरकर किनारे बने एक गड्ढे में धंस गई। गनीमत रही कि कार पलटी नहीं, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, हालांकि कार में सवार लोगों के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।1
- पाली जिले के बाली में इंद्रजीत सिंह राजपुरोहित की संदिग्ध मौत के मामले में फालना थाना क्षेत्र में राजपुरोहित समाज द्वारा किया जा रहा धरना प्रदर्शन प्रशासन से वार्ता के बाद समाप्त हो गया है। समाज के लोग इस मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। फालना थाने के पास सर्कल पर आयोजित इस धरने में गोडवाड़ क्षेत्र के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए थे। परिजनों और समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि इंद्रजीत सिंह की हत्या की गई है। उल्लेखनीय है कि इंद्रजीत सिंह पिछले 11 दिनों से लापता थे और उनका शव कुछ दिन पूर्व सांडेराव थाना क्षेत्र के देवतरा गांव के निकट जंगल में मिला था। धरने के दौरान, समाज की ओर से परिवार को उचित मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान करने की मांग रखी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, बाली विधायक पुष्पेंद्र सिंह राणावत ने पाली जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात कर धरने की जानकारी दी, जिसके बाद वे स्वयं धरना स्थल पहुंचे। वहां प्रशासनिक अधिकारियों और समाज के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत शुरू हुई। इस वार्ता में बाली अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चैन सिंह महेचा, एसडीएम दिनेश कुमार विश्नोई और तहसीलदार जितेंद्र सिंह सहित समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे। समाज की ओर से विधायक पुष्पेंद्र सिंह राणावत को एक ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट की पुनः जांच जोधपुर एम्स अस्पताल से करवाने की मांग की गई। प्रशासन द्वारा मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिए जाने के बाद समाज के लोगों ने धरना समाप्त कर दिया। फिलहाल, इस मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक निर्णयों पर निर्भर करेगी।4
- राज्य सरकार के निर्देशानुसार 25 मई 2026 से 5 जून 2026 तक पूरे प्रदेश में आयोजित किए जा रहे 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' का शुभारम्भ सोमवार को नगर पालिका सीमा क्षेत्र स्थित रानी गांव तालाब पर किया गया। गंगा दशहरा के अवसर पर हुए इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पालिका अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन ने भाग लेकर जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद रानी गांव तालाब परिसर में स्वच्छता एवं जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्रमदान किया गया। पालिका अधिशाषी अधिकारी मगराज चौधरी ने बताया कि यह अभियान जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पालिका अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने तालाब के आसपास की गंदगी को साफ कर लोगों को जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आने वाले दिनों में नगर पालिका क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता, पौधारोपण, जल संरक्षण एवं जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि आमजन को जल बचाने के लिए प्रेरित किया जा सके। अभियान का लक्ष्य पारंपरिक जल स्रोतों की सफाई, संरक्षण और उनके महत्व को लेकर आमजन में जागरूकता फैलाना है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस शुभारम्भ अवसर पर सहायक अभियंता कृष्ण मुरारी शर्मा, पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष डालचन्द मेवाड़ा, पूर्व प्रतिपक्ष नेता इलियास चढ़वा, पूर्व पार्षद सीता बंजारा, नर्मदा कंवर, कपूराराम प्रजापत, पूर्व पार्षद प्रतिनिधि इन्दरसिंह राजपुरोहित, वरिष्ठ सहायक गोपालसिंह, कनिष्ठ सहायक जितेन्द्र कुमार, सफाई निरीक्षक तेजकरण मोबारसा, एमआईएस इंजीनियर मोनू कांत, कान्तिलाल, कार्यवाहक जमादार सुरेश कुमार आदिवाल, नारायण लाल आदिवाल सहित अन्य सफाई कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। न्यू राजस्थान धरा न्यूज संवाददाता भरत जीनगर ने इस खबर को कवर किया।3
- सिरोही जिले के पिंडवाड़ा नगर पालिका क्षेत्र में साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था को लेकर आमजन में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। नगर पालिका कार्यालय के ठीक सामने, पोस्ट ऑफिस के पास स्थित क्षेत्र में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय लोग खासे परेशान हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यहाँ पहले नाला था, जिसे तोड़कर कई बार नई नालियाँ बनाई गईं, लेकिन आज तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया। उनके अनुसार, करोड़ों रुपये के टेंडर जारी होने के बावजूद सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। नालियों की नियमित सफाई न होने के कारण गंदा पानी जमा रहता है और आसपास लगातार दुर्गंध फैल रही है, जिससे आमजन को आवाजाही में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों ने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि जब स्वच्छ भारत अभियान के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, तो आखिर जमीनी स्तर पर सफाई कौन करेगा। लोगों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन केवल निर्माण कार्यों तक ही सीमित है, जबकि रखरखाव और सफाई पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा। क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल सफाई अभियान चलाने, नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।3