राज्य सरकार के निर्देशानुसार 25 मई 2026 से 5 जून 2026 तक पूरे प्रदेश में आयोजित किए जा रहे 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' का शुभारम्भ सोमवार को नगर पालिका सीमा क्षेत्र स्थित रानी गांव तालाब पर किया गया। गंगा दशहरा के अवसर पर हुए इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पालिका अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन ने भाग लेकर जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद रानी गांव तालाब परिसर में स्वच्छता एवं जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्रमदान किया गया। पालिका अधिशाषी अधिकारी मगराज चौधरी ने बताया कि यह अभियान जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पालिका अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने तालाब के आसपास की गंदगी को साफ कर लोगों को जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आने वाले दिनों में नगर पालिका क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता, पौधारोपण, जल संरक्षण एवं जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि आमजन को जल बचाने के लिए प्रेरित किया जा सके। अभियान का लक्ष्य पारंपरिक जल स्रोतों की सफाई, संरक्षण और उनके महत्व को लेकर आमजन में जागरूकता फैलाना है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस शुभारम्भ अवसर पर सहायक अभियंता कृष्ण मुरारी शर्मा, पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष डालचन्द मेवाड़ा, पूर्व प्रतिपक्ष नेता इलियास चढ़वा, पूर्व पार्षद सीता बंजारा, नर्मदा कंवर, कपूराराम प्रजापत, पूर्व पार्षद प्रतिनिधि इन्दरसिंह राजपुरोहित, वरिष्ठ सहायक गोपालसिंह, कनिष्ठ सहायक जितेन्द्र कुमार, सफाई निरीक्षक तेजकरण मोबारसा, एमआईएस इंजीनियर मोनू कांत, कान्तिलाल, कार्यवाहक जमादार सुरेश कुमार आदिवाल, नारायण लाल आदिवाल सहित अन्य सफाई कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। न्यू राजस्थान धरा न्यूज संवाददाता भरत जीनगर ने इस खबर को कवर किया।
राज्य सरकार के निर्देशानुसार 25 मई 2026 से 5 जून 2026 तक पूरे प्रदेश में आयोजित किए जा रहे 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' का शुभारम्भ सोमवार को नगर पालिका सीमा क्षेत्र स्थित रानी गांव तालाब पर किया गया। गंगा दशहरा के अवसर पर हुए इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पालिका अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन ने भाग लेकर जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद रानी गांव तालाब परिसर में स्वच्छता एवं जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्रमदान किया गया। पालिका अधिशाषी अधिकारी मगराज चौधरी ने बताया कि
यह अभियान जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पालिका अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने तालाब के आसपास की गंदगी को साफ कर लोगों को जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आने वाले दिनों में नगर पालिका क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता, पौधारोपण, जल संरक्षण एवं जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि आमजन को जल बचाने के लिए प्रेरित किया जा सके। अभियान का लक्ष्य पारंपरिक जल स्रोतों की सफाई, संरक्षण और उनके महत्व को लेकर आमजन में जागरूकता फैलाना है। कार्यक्रम
में उपस्थित सभी लोगों ने जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस शुभारम्भ अवसर पर सहायक अभियंता कृष्ण मुरारी शर्मा, पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष डालचन्द मेवाड़ा, पूर्व प्रतिपक्ष नेता इलियास चढ़वा, पूर्व पार्षद सीता बंजारा, नर्मदा कंवर, कपूराराम प्रजापत, पूर्व पार्षद प्रतिनिधि इन्दरसिंह राजपुरोहित, वरिष्ठ सहायक गोपालसिंह, कनिष्ठ सहायक जितेन्द्र कुमार, सफाई निरीक्षक तेजकरण मोबारसा, एमआईएस इंजीनियर मोनू कांत, कान्तिलाल, कार्यवाहक जमादार सुरेश कुमार आदिवाल, नारायण लाल आदिवाल सहित अन्य सफाई कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। न्यू राजस्थान धरा न्यूज संवाददाता भरत जीनगर ने इस खबर को कवर किया।
- राज्य सरकार के निर्देशानुसार 25 मई 2026 से 5 जून 2026 तक पूरे प्रदेश में आयोजित किए जा रहे 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' का शुभारम्भ सोमवार को नगर पालिका सीमा क्षेत्र स्थित रानी गांव तालाब पर किया गया। गंगा दशहरा के अवसर पर हुए इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पालिका अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन ने भाग लेकर जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद रानी गांव तालाब परिसर में स्वच्छता एवं जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्रमदान किया गया। पालिका अधिशाषी अधिकारी मगराज चौधरी ने बताया कि यह अभियान जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पालिका अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने तालाब के आसपास की गंदगी को साफ कर लोगों को जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आने वाले दिनों में नगर पालिका क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता, पौधारोपण, जल संरक्षण एवं जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि आमजन को जल बचाने के लिए प्रेरित किया जा सके। अभियान का लक्ष्य पारंपरिक जल स्रोतों की सफाई, संरक्षण और उनके महत्व को लेकर आमजन में जागरूकता फैलाना है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस शुभारम्भ अवसर पर सहायक अभियंता कृष्ण मुरारी शर्मा, पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष डालचन्द मेवाड़ा, पूर्व प्रतिपक्ष नेता इलियास चढ़वा, पूर्व पार्षद सीता बंजारा, नर्मदा कंवर, कपूराराम प्रजापत, पूर्व पार्षद प्रतिनिधि इन्दरसिंह राजपुरोहित, वरिष्ठ सहायक गोपालसिंह, कनिष्ठ सहायक जितेन्द्र कुमार, सफाई निरीक्षक तेजकरण मोबारसा, एमआईएस इंजीनियर मोनू कांत, कान्तिलाल, कार्यवाहक जमादार सुरेश कुमार आदिवाल, नारायण लाल आदिवाल सहित अन्य सफाई कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। न्यू राजस्थान धरा न्यूज संवाददाता भरत जीनगर ने इस खबर को कवर किया।3
- फालना रानी मुख्य सड़क मार्ग पर एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गड्ढे में जा गिरी। यह घटना धणी से आगे हुई, जिसमें सौभाग्य से किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। जानकारी के अनुसार, रानी से खुडाला की ओर आ रही यह कार घणी के पास अचानक असंतुलित हो गई। इसके बाद कार सड़क से नीचे उतरकर किनारे बने एक गड्ढे में धंस गई। गनीमत रही कि कार पलटी नहीं, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, हालांकि कार में सवार लोगों के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।1
- पाली जिले के बाली में इंद्रजीत सिंह राजपुरोहित की संदिग्ध मौत के मामले में फालना थाना क्षेत्र में राजपुरोहित समाज द्वारा किया जा रहा धरना प्रदर्शन प्रशासन से वार्ता के बाद समाप्त हो गया है। समाज के लोग इस मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। फालना थाने के पास सर्कल पर आयोजित इस धरने में गोडवाड़ क्षेत्र के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए थे। परिजनों और समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि इंद्रजीत सिंह की हत्या की गई है। उल्लेखनीय है कि इंद्रजीत सिंह पिछले 11 दिनों से लापता थे और उनका शव कुछ दिन पूर्व सांडेराव थाना क्षेत्र के देवतरा गांव के निकट जंगल में मिला था। धरने के दौरान, समाज की ओर से परिवार को उचित मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान करने की मांग रखी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, बाली विधायक पुष्पेंद्र सिंह राणावत ने पाली जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात कर धरने की जानकारी दी, जिसके बाद वे स्वयं धरना स्थल पहुंचे। वहां प्रशासनिक अधिकारियों और समाज के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत शुरू हुई। इस वार्ता में बाली अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चैन सिंह महेचा, एसडीएम दिनेश कुमार विश्नोई और तहसीलदार जितेंद्र सिंह सहित समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे। समाज की ओर से विधायक पुष्पेंद्र सिंह राणावत को एक ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट की पुनः जांच जोधपुर एम्स अस्पताल से करवाने की मांग की गई। प्रशासन द्वारा मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिए जाने के बाद समाज के लोगों ने धरना समाप्त कर दिया। फिलहाल, इस मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक निर्णयों पर निर्भर करेगी।4
- वंदे गंगा जल संरक्षण जन-अभियान 2026 के तहत, सोमवार, 25 मई को सुमेरपुर उपखंड के सिंदरू बांध और तखतगढ़ बांध पर एक जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण और जल संचय को एक जन-आंदोलन का रूप देकर आमजन को पानी के महत्व के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयेंद्र सिंह गलथनी, जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता राज भंवरायत और जवाई कमांड क्षेत्र संगम के अध्यक्ष नरपत सिंह सहित क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, किसानों, महिलाओं और युवाओं ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर बांध स्थल पर विधिवत जल पूजन और गंगा आरती का आयोजन किया गया। सभी उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त जीवन अपनाने की सामूहिक शपथ ली। अधिशासी अभियंता राज भंवरायत ने जल के समुचित उपयोग और उसके संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए लोगों को पानी बचाने के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि जयेंद्र सिंह गलथनी ने वर्षा जल संग्रहण और जल बचत के विभिन्न उपायों की जानकारी दी, यह बताते हुए कि जल संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान सभी ने सामूहिक श्रमदान करते हुए बांध से गाद निकालने का कार्य भी किया। बाद में आयोजित जल चौपाल में ग्रामीणों को “जल है तो कल है” का संदेश देकर जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।4
- राजस्थान के पाली शहर में रविवार को जिला महिला कांग्रेस कमेटी ने "नारी न्याय सम्मेलन एवं पदभार ग्रहण समारोह" के माध्यम से राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। यह आयोजन राजीव गांधी स्मृति भवन से शुरू होकर जिला कलेक्ट्रेट तक एक विशाल रैली और विरोध प्रदर्शन में बदल गया। राजस्थान प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष सारिका सिंह चौधरी के मुख्य आतिथ्य और नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर आवाज उठाई गई। महिला कांग्रेस की नवनियुक्त जिलाध्यक्ष ऐश्वर्या सांखला ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाना था। महिलाओं ने "नारी वंदन अधिनियम 2023" को देश में तत्काल लागू करने की मांग की, साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस अधिनियम के तहत ओबीसी महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण कोटा निर्धारित करने की पुरजोर वकालत की। महिला आरक्षण विधेयक को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए कलेक्ट्रेट पर जोरदार नारेबाजी की गई। सम्मेलन के दौरान हालिया शैक्षिक विवादों और पेपर लीक मामलों को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा गया। महिला कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के चेयरमैन के इस्तीफे की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर उग्र प्रदर्शन किया और उनका पुतला फूंका। प्रदर्शन के बाद, महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। इस दौरान महिला आरक्षण के समर्थन में एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पोस्टकार्ड अभियान भी शुरू किया गया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने देश में लगातार बढ़ रही पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला और बढ़ती महंगाई पर गहरा रोष व्यक्त किया। इस बड़े आयोजन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी, जिनमें लोकसभा प्रत्याशी एवं पूर्व राज्यमंत्री संगीता बेनीवाल, प्रदेश महासचिव एवं जिला सह प्रभारी श्रवण पटेल, भुराराम सिरवी, प्रदेश सचिव डिंपल राठौड़, पूर्व विधायक खुशवीरसिंह जोजावर, प्रदेश कांग्रेस सदस्य महावीरसिंह सूकरलाई, ब्लॉक अध्यक्ष हकीम भाई, यशपालसिंह शिवतलाव, राकेश चौहान, रोहट प्रधान सुनीता कंवर राजपुरोहित, रानी उपप्रधान शिलासिंह राजपुरोहित, अनिता परिहार, आमिना बानो, ब्यावर जिलाध्यक्ष ईशिका जैन, प्रदेश कांग्रेस सदस्य शोभा सोलंकी, नीलम बिड़ला, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मेहबूब टी, प्रकाश सांखला, जीवराज बोराणा, जोगाराम सोलंकी, जिला महासचिव आमीन अली रंगरेज, भवर राव, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोरधन देवासी, ओमा चौधरी, अंकिता बोहरा, सुरबाला चौधरी और संतोष दुबे सहित सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और कार्यकर्ता शामिल थे, एकजुट नजर आए। समारोह के समापन पर जिलाध्यक्ष ऐश्वर्या सांखला ने सभी जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का इतनी बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस न्याय मुहिम को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया।4
- पाली में, जैन समाज ने पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख के नेतृत्व में एक ज्ञापन सौंपकर रीवा में हुई सड़क दुर्घटना के दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। यह दुर्घटना आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की शिष्या आर्यिका श्री 105 उपशममति माताजी एवं आर्थिका श्री 105 श्रुतमति माताजी के देवलोकगमन का कारण बनी थी। जैन समाज ने इस गंभीर मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ संत समाज को भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाने के लिए सुरक्षा प्रदान करने की भी पुरजोर मांग की है।1
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- फालना पुलिस थाना क्षेत्र के खुडाला निवासी इंदर सिंह राजपुरोहित की बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। उनकी मौत के बाद से ही समाज और परिवार ने शव लेने से इनकार कर दिया है, जिसकी मुख्य मांग यह है कि जब तक मौत के कारणों का खुलासा नहीं होता, तब तक शव नहीं लिया जाएगा। इस मांग को लेकर आज सुबह से ही फालना पुलिस थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन जारी है। जानकारी के अनुसार, गत 19 तारीख को समाज और प्रशासन के बीच विभिन्न मुद्दों पर सहमति बनी थी, जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। हालांकि, पोस्टमार्टम के बाद भी समाज और परिवार ने शव लेने से इनकार कर दिया। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु से पहले शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं पाया गया है, जबकि रिपोर्ट में जानवरों द्वारा शव के कुछ हिस्सों को खाने की पुष्टि हुई है। आज सुबह से ही अलग-अलग गाड़ियों में भरकर लोग फालना पुलिस थाने के बाहर पहुंच रहे हैं और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। एक दिन पहले समाज के कुछ प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी सौंपा था। इसके बाद भी कई दौर की वार्ताएं हुईं, लेकिन वे सफल नहीं हो पाईं।1