भारत में जल्द ही करेंसी नोटों का स्वरूप बदलने की संभावना है, जहां आने वाले समय में कागज की बजाय प्लास्टिक के नोट चलन में आ सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में पॉलीमर यानी प्लास्टिक से बने नोट लाने की तैयारी में है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इस संबंध में संकेत दिए हैं कि प्लास्टिक नोटों को लेकर विचार किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव अभी शुरुआती चरण में है और इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। वर्तमान में भारत में इस्तेमाल होने वाले नोट मुख्य रूप से कपास-आधारित विशेष कागज से बनाए जाते हैं, जबकि पॉलीमर नोट एक खास प्रकार की प्लास्टिक सामग्री से तैयार किए जाते हैं। प्लास्टिक नोटों की शुरुआत सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया में हुई थी। इसके बाद कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, न्यूजीलैंड और सिंगापुर जैसे कई अन्य देशों ने भी इन्हें अपनाया है।
भारत में जल्द ही करेंसी नोटों का स्वरूप बदलने की संभावना है, जहां आने वाले समय में कागज की बजाय प्लास्टिक के नोट चलन में आ सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में पॉलीमर यानी प्लास्टिक से बने नोट लाने की तैयारी में है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इस संबंध में संकेत दिए हैं कि प्लास्टिक नोटों को लेकर विचार किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव अभी शुरुआती चरण में है और इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। वर्तमान में भारत में इस्तेमाल होने वाले नोट मुख्य रूप से कपास-आधारित विशेष कागज से बनाए जाते हैं, जबकि पॉलीमर नोट एक खास प्रकार की प्लास्टिक सामग्री से तैयार किए जाते हैं। प्लास्टिक नोटों की शुरुआत सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया में हुई थी। इसके बाद कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, न्यूजीलैंड और सिंगापुर जैसे कई अन्य देशों ने भी इन्हें अपनाया है।
- दिल्ली के होलम्बी खुर्द में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ नगर निगम (MCD) की कथित लापरवाही के कारण एक सात वर्षीय बच्ची की जान चली गई। बताया जा रहा है कि एमसीडी की जरा सी लापरवाही ने इस बच्ची की जान ले ली, क्योंकि एक जर्जर सेफ्टी टैंक खुला पड़ा था। यह घटना कई सवाल खड़े करती है कि आखिर यह लापरवाही किसकी थी और क्यों एक जर्जर सेफ्टी टैंक को खुला छोड़ दिया गया।1
- जंतर-मंतर पर 'काॅक्रोच जनता पार्टी' द्वारा एक 'भयंकर आंदोलन' किया गया। इस प्रदर्शन के माध्यम से धर्मेन्द्र प्रधान को सीधी 'चेतावनी' दी गई।1
- शूटर गोविंद शर्मा हत्याकांड के मास्टरमाइंड बाबूल चौधरी को दरभंगा एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में चौधरी की गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।1
- दिल्ली के सैदुलाजाब में बिल्डिंग गिरने के बाद आज भी मलबा हटाने का काम लगातार जारी है। ऐतिहातन दिल्ली पुलिस के जवान, फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस की टीमें मौके पर मौजूद हैं। इस हादसे के मद्देनजर, MCD ने दुर्घटना स्थल के आसपास की कई इमारतों को सील कर दिया है। बताया गया है कि इस सैदुलाजाब बिल्डिंग हादसे के दौरान दिल्ली पुलिस के जवानों ने कई जिंदगियों को सुरक्षित बचाने में अहम भूमिका निभाई थी।1
- दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित धर्म संसद कार्यक्रम में डॉ स्वामी कृष्णानंद महाराज जी ने एक बड़ा बयान दिया।1
- दिल्ली क्राइम ब्रांच की WR2 टीम ने एक आदतन वांछित लुटेरे को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। यह गिरफ्तारी दिल्ली के महावीर एनक्लेव इलाके में की गई, जहाँ टीम ने एक विशेष जाल बिछाया था। डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा के अनुसार, क्राइम ब्रांच को आरोपी के संबंध में एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। इसी सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने लुटेरे को धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपी पर कई मामले दर्ज होने की जानकारी भी दी गई है।1
- रविवार देर रात ईरान द्वारा इजरायल पर हमले किए जाने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को जवाबी कार्रवाई न करने का निर्देश दिया था। हालांकि, इन निर्देशों के बावजूद इजरायल की वायु सेना ने ईरान पर एयर स्ट्राइक कर दी है। इजरायली सेना ने ईरानी एयरस्पेस के भीतर दाखिल हुए बिना, उसकी हवाई सीमा के बाहर से ही मिसाइलें दागकर ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया। इजरायल ने तेहरान, इस्फहान, तबरीज और मेहराबाद एयरपोर्ट पर जबरदस्त हमले किए हैं।3
- बाहरी उत्तरी दिल्ली के होलंबी खुर्द इलाके में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ एक सरकारी शौचालय के सीवर टैंक के ऊपर बना पोल अचानक टूटकर गिर गया. इस घटना में एक सात साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में गम और गुस्से का माहौल है। यह दुखद घटना नरेला इंडस्ट्रियल एरिया थाना क्षेत्र के होलंबी खुर्द में हुई, जब बच्ची सीवर टैंक के पास खेल रही थी और अचानक पोल उस पर गिर पड़ा। स्थानीय लोगों और परिजनों ने तुरंत बच्ची को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मासूम बच्ची की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और इलाके में शोक का माहौल है। परिजनों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सरकारी शौचालय और सीवर टैंक की जर्जर हालत के बारे में संबंधित विभाग को कई बार शिकायतें दी गई थीं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि अगर समय रहते मरम्मत और सुरक्षा के इंतजाम किए जाते तो आज यह मासूम जान नहीं गँवाती। लोगों ने यह भी बताया कि घटना के बाद भी इलाके में कई जगह सीवर टैंक के ढक्कन और जर्जर दीवारें अभी भी लोगों के लिए खतरा बनी हुई हैं, और ऐसे हालात भविष्य में भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है। वहीं, परिजन दोषी अधिकारियों और संबंधित विभाग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सरकारी व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है, और यह सवाल उठ रहा है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग कब जागेगा और इस तरह की लापरवाही के लिए कौन जवाबदेह होगा। स्थानीय लोग जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और इलाके में तत्काल सुरक्षा इंतजाम किए जाने की मांग कर रहे हैं।1
- गुजरात के सूरत जिले के सायन क्षेत्र में स्थित एक टेक्सटाइल फैक्ट्री में भीषण आग लगने की खबर सामने आई है। यह आग काफी विकराल बताई जा रही है।1