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दिल्ली के होलम्बी खुर्द में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ नगर निगम (MCD) की कथित लापरवाही के कारण एक सात वर्षीय बच्ची की जान चली गई। बताया जा रहा है कि एमसीडी की जरा सी लापरवाही ने इस बच्ची की जान ले ली, क्योंकि एक जर्जर सेफ्टी टैंक खुला पड़ा था। यह घटना कई सवाल खड़े करती है कि आखिर यह लापरवाही किसकी थी और क्यों एक जर्जर सेफ्टी टैंक को खुला छोड़ दिया गया।
Vinod Rastogi
दिल्ली के होलम्बी खुर्द में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ नगर निगम (MCD) की कथित लापरवाही के कारण एक सात वर्षीय बच्ची की जान चली गई। बताया जा रहा है कि एमसीडी की जरा सी लापरवाही ने इस बच्ची की जान ले ली, क्योंकि एक जर्जर सेफ्टी टैंक खुला पड़ा था। यह घटना कई सवाल खड़े करती है कि आखिर यह लापरवाही किसकी थी और क्यों एक जर्जर सेफ्टी टैंक को खुला छोड़ दिया गया।
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- दिल्ली के होलम्बी खुर्द में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ नगर निगम (MCD) की कथित लापरवाही के कारण एक सात वर्षीय बच्ची की जान चली गई। बताया जा रहा है कि एमसीडी की जरा सी लापरवाही ने इस बच्ची की जान ले ली, क्योंकि एक जर्जर सेफ्टी टैंक खुला पड़ा था। यह घटना कई सवाल खड़े करती है कि आखिर यह लापरवाही किसकी थी और क्यों एक जर्जर सेफ्टी टैंक को खुला छोड़ दिया गया।1
- शातिर अपराधियों ने टूरिस्टों को अपना निशाना बनाया था, जहां वे धक्का मारकर उनका कैश उड़ा लिया करते थे। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक हिस्ट्रीशीटर समेत दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है।1
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- जंतर-मंतर पर 'काॅक्रोच जनता पार्टी' द्वारा एक 'भयंकर आंदोलन' किया गया। इस प्रदर्शन के माध्यम से धर्मेन्द्र प्रधान को सीधी 'चेतावनी' दी गई।1
- देश में ST/SC, OBC और अल्पसंख्यक वर्गों के लिए कई स्कॉलरशिप्स में आय सीमा ₹2.5 लाख निर्धारित की गई है, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) श्रेणी के लिए यह सीमा ₹8 लाख है। इस असमानता को एक स्पष्ट पक्षपात करार देते हुए, सामाजिक वर्गों को साथ लेकर एक मजबूत मंच तैयार करने का संकल्प लिया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य संबंधित वर्गों की आवाज़ को अनसुना होने से रोकना है। जरूरत पड़ने पर इस लड़ाई को न्यायालय तक ले जाने और हर स्तर पर उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है। इसके साथ ही, एक और महत्वपूर्ण मुद्दे पर ध्यान केंद्रित किया गया है: सर्वोच्च न्यायालय का सिद्धांत कि "ज़मानत एक नियम है, जेल एक अपवाद है" (Bail is the rule, jail is the exception) का ST/SC और OBC समुदायों से जुड़े कई मामलों में समान रूप से पालन नहीं होता। इस असमान न्याय प्रणाली को भी चुनौती दी जाएगी और समान न्याय व्यवस्था की स्थापना की मांग की जाएगी।1
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